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Ana Sayfaya Dön

सुनिए IIT बॉम्बे के छात्र ख़ुद बता रहे हैं कि वहाँ जातिवाद होता है या नहीं

100,744 görüntüleme • 7 gün önce •via X (Twitter)

21 Yorum

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Rohan7 gün önce

जातिवाद हिंदुओं को तोड़ कर रख दिया है। SC/ ST एक्ट देश तोड़ देगा।

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Rohan7 gün önce

देश क्यो गुलाम हुआ अब भी लोग नहीं समझ पाए तो दुर्भाग है। SC/ST वालों को अपना स्वार्थ है, नेताओं का वोट का स्वार्थ है, ऐसे में में स्वार्थी मिलकर देश तोड़ रहे हैं।

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Barun7 gün önce

यह भी एक उदाहरण है

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Ram7 gün önce

Minorities, cast systems are bigger pain in the ass, created by congress and Britishes, to PIN down any development in this country. We need immediate 10 year MAO ZEDONG , treatment to reset and then only meaning to any development or future..4 this country. Jai Hind.

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Vijay kumar Gupta7 gün önce

विपक्ष अपने प्लान में कामयाब होता दिख रहा है हिंदुओं को जातियों में बांटने के लिए।

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Er.Ravi Shankar7 gün önce

Is bande ka bhi name puchh lo jara mahraj kya hai title kyu nahi likha hai

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𝕸 𝕼 𝕬𝖍𝖘𝖆𝖓 🦚 🇮🇳 Proud INDIAN 🇮🇳 🦚7 gün önce

बस एक या दो ही छात्र सारा कहानी बता देंगे वाह रे रिपोर्टिंग ।

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RESERVATION_HATAO_ANDOLAN_सत्यसनातन१०८ @रघुवंशी१०८7 gün önce

हे जुमलेश्वर, नीलप्रिये, तुमको अब दे नहिं तूल सकेंगे। आम लगा कर आँगन में हम सींच कभी न बबूल सकेंगे। लाख प्रयास करो तब भी ये सवर्ण नहीं मिल धूल सकेंगे। खेल रचे अस लीचड़ ने हम कीचड़ फूल न भूल सकेंगे। कीचड़ फूल =🪷 #UGCROLLBACK #आरक्षणहटाओंदेशबचाओं #मोदीअधिनियम #चुनावबहिष्कार

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Vikash Upreti7 gün önce

तो सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलट के किसने इसको मजबूत किया re दलाल???

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Pushpendra Kumar7 gün önce

Distinguished faculty and experts at the IITs and IIMs ought to tender their resignations. To end caste discrimination, the Teachers and students must be given right to choose, respectively, Students and Teachers! Will the Social Justice Campaign accept this???

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Khan Irfan7 gün önce

Did you or your reporter go there? Just tell the news; no need to put in your views.

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सिन्हा_उवाच (GC)7 gün önce

ये आपके परम पूजनीय परम आदरणीय श्री श्री 1008 महामानवजी को सुनवाओ । हमको तो सब पहल से ही पता है ।

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virendra Ranjan Das7 gün önce

अरे तुम कहना क्या चाहता हैं। भारत अभी सबसे बड़ा जाती वाद है तू पूरा बोल खुल कर बोल तुमको कोई नहीं रोका है

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RKS7 gün önce

Kahin par jaatiwaad nahi hota.. lekin jab sc st ban key jab uska laabh layainge to kaisey nahi unko koyi sc st nahi samjhega aur aisa hoga to jaatiwaad kaisey nahi hoga

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𝕾𝖚𝖒𝖆𝖓✨7 gün önce

😂🤣

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prabhanjan Chaudhary7 gün önce

दुल्ला को दूल्हा बना दिया sc/st act मे 🤣🤣🤣🤣

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Pakhi Shukla7 gün önce

मोदी के विकसित भारत की यही परिभाषा है समाज को इतना विखंडित करो कि मोदी के संन्यास के बाद #भाजपा ही समाप्त हो जाए 👇👇👇 #BJP #Modi #India #UPRise2026 #Jamui #Bihar #POSCO

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A. Kamal Khan7 gün önce

तेरी पाठशाला में इसका ज़िक्र होगा कि नहीं. अरे अभी शायद तू पाठशाला का टीचर नहीं रहा. फिर भी.

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Dr.Harsh jATAV (शोधार्थी)7 gün önce

Ye khon hai sale chor

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चुन चुनाहट 😝7 gün önce

हरामखोर एक बच्चा मर गया ओर तू bs@dk अपनी जाति का बचाव कर रहा है डूब मर तू दल्ले । Iit बॉम्बे का माफीनामा पद हराम खोर मु मत चला यहां। जातिवादी कुत्ते

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Ravi Kumar7 gün önce

आप लोगों ने पीड़ित पक्ष को पहले ही कटघरे में खड़ा कर रखा है अब और क्या साबित करना बाकी रह गया है। किसी की जान चली गई, बच्चा इस दुनिया में नहीं रहा और ये हैं कि पीड़ित पक्ष को ही बदनाम करने में लगे हैं। शर्मनाक

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“मैं ख़ुद सवर्ण हूँ, और सवर्ण होने के बावजूद मैं जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ा हूँ या जहाँ भी पढ़ा हूँ वहाँ देखा है वहाँ इस तरह के भेदभाव होते हैं” ये बात ख़ुद SC ST का व्यक्ति नहीं बल्कि ख़ुद सवर्ण समाज का व्यक्ति स्वीकार कर रहा हैं कि स्कूलों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव होता हैं। यूजीसी बिल का विरोध अधिकतर वही लोग कर रहे हैं जो समानता की भावना नहीं रखते हैं ना वो जाति के आधार पर भेदभाव एवं उत्पीड़न पर रोकने की बात नहीं करते हैं न बोलते हैं। क्योंकि UGC बिल में बड़े बड़े अक्षरों में लिखा है कि जो छात्र के साथ जातिगत भेदभाव या शोषण करता है तो बदले में उस पर मुक़दमा होगा लेकिन उससे पहले उस मामले की जाँच होगी और अगर जाँच दोषी साबित होंगे तो दोषी करार दिए जाएँगे। अब बताओ एक शोषणकर्ता को सज़ा मिले इससे क्या होगा और इसलिए जातिगत आधार पर उत्पीड़न को रोकने के लिए ये कानून लाया गया है।

Jitu Rajoriya

79,404 görüntüleme • 8 ay önce