Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

स्पाइसजेट ने भारतीय सेना के इमरजेंसी लीव पर जा रहे अधिकारी को परेशान किया। आर्मी ऑफिसर ने आख़िरी पल तक अपना धैर्य बनाए रखा। हर किसी की सहनशीलता की एक सीमा होती है। स्पाइसजेट को क्लीन चिट देने वालों को यह 👇 वीडियो भी देखना चाहिए जिसमें 1200 रुपए...

158,353 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 0

Нет доступных комментариев

Здесь появятся комментарии из оригинального поста

Похожие видео

बेहद गलत! 18-20 साल के एक अदना से टोलबूथ कर्मचारी ने आर्मी ऑफिसर को डांट लगा दी ! भाई ये देश किधर जा रहा है ! टोल कर्मचारी खुद को आर्मी से ऊपर तो नहीं समझने लगे कि हम टोल लेते हैं, सरकार को पैसा मिलता है, फिर आर्मी लोगों को सैलरी जाती है! असल में होना तो ये चाहिए सारे टोल बूथ पर आर्मी के लोगों के लिए एक अलग लाइन हो ! फूलों से स्वागत हो। कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा हो सकती है तो आर्मी पर क्यों नहीं! साथ में टोल ही क्यों, पेट्रोल पंप पर भी आर्मी वालों को मुफ्त पेट्रोल-डीजल देना चाहिए। बात पैसे की नहीं, उनके समय और सम्मान की होनी चाहिए! वे हैं तभी देश हैं! रेस्टोरेंट में उन्हें खाना भी फ्री मिलनी चाहिए !

Abhishek Anand

45,408 просмотров • 6 месяцев назад

“'सर तन से जुदा' नारा भारत की संप्रभुता के खिलाफ, 'सशस्त्र विद्रोह' भड़काता है!” बरेली हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने कहा कि ऐसे नारे लोगों को "सशस्त्र विद्रोह" के लिए उकसाते हैं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत दंडनीय हैं। जज ने कहा कि यह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस नारे का कुरान या मुसलमानों के किसी अन्य धार्मिक ग्रंथ में कोई जिक्र नहीं है। इसके बावजूद, कई मुसलमान इसके सही अर्थ और प्रभाव को जाने बिना इस नारे का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ये टिप्पणियां हाईकोर्ट ने रिहान नाम के एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कीं, जिसे बरेली के कोतवाली इलाके में विरोध प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था।

Muslim Spaces

35,022 просмотров • 8 месяцев назад

ये वीडियो मुझे सेना के एक अधिकारी ने भेजा.. स्पाइस जेट के कर्मचारियों का एक फौजी को पीटते हुए जो वायरल वीडियो अपने देखा, वो किसी सामान्य फौजी का नहीं, सेना के एक बड़े अफसर का है.. और सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि सेना का वो अफ़सर मेडिकल इमरजेंसी में जा रहा था.. अब मैंने जो पोस्ट किया है, वो मारपीट के वीडियो से कुछ सेकेंड पहले का है.. सैन्य अफसर का स्पाइस जेट के कर्मचारियों को मारते हुए वीडियो आपने देखा.. ये भी देखा कि स्पाइस जेट ने इस देश की सेना के एक अफसर को पीटकर, उसे बदनाम कर सारी हमदर्दी बटोर ली. लेकिन हकीकत क्या है, ये आपको इस वीडियो में दिखेगा.. देखिए झगड़ा कैसे शुरू हुआ.. वीडियो के शुरुआती 7 सेकंड में ही आपको दिख जाएगा कि स्पाइस जेट के कर्मचारियों ने कैसे हमारे देश की आन-बान-शान सैन्य अफसर के साथ मारपीट की.. सफेद शर्ट वाले ने सेना के अफसर को थप्पड़ मारा, उसके बाद सबने मिलकर अफसर की पिटाई की.. मेरे देश की सेना के जवानों और अफसरों का मैं एहतराम (सम्मान) करता हूं.. वो अपनी पत्नी, बच्चों, घर, परिवार, समाज और पूरी दुनिया छोड़कर हमारे आपके लिए ड्यूटी करते हैं.. अनुशासित होते हैं.. धैर्य रखते हैं.. आपा नहीं खोते.. जब स्पाइस जेट के कर्मचारियों ने हमारी सेना के अफसर को थप्पड़ मारे, उसके बाद उन्होंने आत्मसम्मान, जमीर और खुद्दारी के लिए उन पर हाथ उठाया.. मैं सेना के अफसर के साथ हूं.. उन पर कोई कार्रवाई हुई तो देश के साथ, सेना के साथ अन्याय होगा.. स्पाइस जेट वालों शर्म करो, धिक्कार है तुम पर.. इस देश के संसाधनों का दोहन करते हो.. और देश की रक्षा करने वाले सच्चे देशभक्त को बदनाम करते हो.. स्पाइस जेट, तुमको माफ नहीं किया जाएगा.. #SpiceJet #SpiceJetIncident #spicejetstaff #ARMY #airport #viralvideo

Vivek K. Tripathi

44,424 просмотров • 1 год назад

1. भारतीय सशस्त्र बलों पर हम गर्व करते हैं, जिन्होंने ‘Operation Sindoor’ के तहत पाकिस्तान और PoK के आतंकी ठिकानों पर साहसिक और निर्णायक कार्रवाई करते हुए मुहंतोड़ जवाब दिया है। हम अपने जाँबाज़ सैनिकों के साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति को सलाम करते हैं। 2. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दिन से ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने साफ़ तौर पर सशस्त्र बलों और सरकार के साथ एकजुटता से खड़े होकर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ हर निर्णायक कार्रवाई का समर्थन किया था। 3. ⁠पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिग्रहित कश्मीर (PoK) से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के सभी रूपों के विरुद्ध भारत की राष्ट्रीय नीति बहुत स्पष्ट और अडिग है। 4. महान भारत देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सभी स्तर पर एकजुटता की सर्वाधिक जरूरत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश के वीर जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। 5. इतिहास गवाह है कि हमारे नायकों ने हमेशा राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए, देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी शहादत तक दी है। जय हिंद

Mallikarjun Kharge

104,932 просмотров • 1 год назад

दिल्ली में रह कर नीट की तैयारी कर रहा सिर्फ़ 21 साल का आर्यन वर्मा भारतीय सेना का नक़ली ब्रिगेडियर बन कर घूम रहा था वर्दी, सेना की गाड़ी, ड्राइवर और दो महंगे बाऊंसर जिन्हें वो नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडो बताता था इस फ़र्ज़ीवाड़े पर इस बेरोज़गार युवक ने तक़रीबन 50 लाख रुपया ख़र्च किया आम तौर पर ब्रिगेडियर पद पर पहुँचने वाले फ़ौजी 52-55 वर्ष की एज ग्रुप में होते हैं जिनकी 25-30 साल की सेवा हो जाती है पर आर्यन को इतना सब्र कहाँ था, तो उसने शुरुआत ही ब्रिगेडियर से की और यदि पकड़ा न जाता तो जल्दी ही देश को एक और CDS मिल जाता 😉 आर्यन वर्मा को फंसाने के लिए सेना के अधिकारी ने एक सिविलियन बनकर फोन किया और मोटिवेशनल स्पीच देने के लिए बुलाया यह पूरा कार्यक्रम शहीद म्यूजियम में रखा गया था जहां वो एकदम सज-धजकर पहुंच गया और “वीरगति” प्राप्त की 😎 वैसे आर्यन के माँ बाप से भी पूछताछ होनी चाहिए जो उसे इतना पैसा दे रहे थे और उसकी हरकतों से आँखें मूँदे हुए थे

ANUPAM MISHRA

44,311 просмотров • 2 месяцев назад

8 से 9 मई 2025 की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायु क्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 स्थानों पर 300-400 ड्रोन का इस्तेमाल घुसपैठ का प्रयास करने के लिए किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने Kinetic व Non Kinetic साधनों का उपयोग करके इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया। इतने बड़े पैमाने पर हवाई घुसपैठों का संभावित उद्देश्य वायु रक्षा प्रणालियों का परीक्षण करना और खुफिया जानकारी इकट्ठा करना था। ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वे तुर्की के Asisguard Songar ड्रोन हैं। इसके उपरांत रात में पाकिस्तान के एक सशस्त्र UAV ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की, जिसे पकड़ा गया और उसे निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में 4 हवाई रक्षा स्थलों पर सशस्त्र ड्रोन्स लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उरी, पुंछ, मेंढर, रजौरी, अखनूर और ऊधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन्स का उपयोग करके नियंत्रण रेखा के पार गोलीबारी भी की। जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए और घायल हुए। भारतीय जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा पाकिस्तान का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार फिर से सामने आया। 7 मई 2025 को रात 8.30 बजे एक असफल-अकारण ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद पाकिस्तान ने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान अपने नागरिक विमानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। जबकि उसे अच्छी तरह से पता है कि भारत पर उसके हमले से हवाई रक्षा की तीव्र प्रतिक्रिया होगी। ये भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित नागरिक उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं है। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया और इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमान सेवा की सुरक्षा सुनिश्चित की। : कर्नल सोफिया कुरैशी

Congress

38,988 просмотров • 1 год назад

आज सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा हो रही है, लेकिन यह विधेयक किसी भी तरह से सुधारात्मक कदम नहीं है। बल्कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावहीन बनाने के लिए है। साथ ही CISF, CRPF, BSF, ITBP, SSB के काडर व अधिकारियों के साथ हो रहे प्रणालीगत अन्याय को बनाए रखने का सुनियोजित विधायी प्रयास है, जिसे समाप्त करने की कोशिश सुप्रीम कोर्ट ने की थी। इन बलों में ज्यादातर अधिकारी वे हैं, जो डिप्टी कमांडेंट पद पर भर्ती हुए, अब उन्हीं पदों से रिटायर हो रहे हैं। सवाल है- कोई भी डिप्टी कमांडेंट, DG क्यों नहीं बन सकता? सेना में भी अग्निवीर जैसी व्यवस्था लाई गई। अगर देश में स्थिति ऐसी रहेगी तो सेनाओं और सशस्त्र बलों में जवान किस इंटेंशन के साथ भर्ती होना चाहेंगे। BJP सरकार आज उस वर्ग से अन्याय कर रही है, जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक देने की हिम्मत रखते हैं। इसलिए मेरी मांग है कि इस बिल को वापस लिया जाए। : राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा पर @digvijaya_28 जी का पूरा वक्तव्य-

Congress

15,127 просмотров • 5 месяцев назад