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समाज में पुरानी मान्यताएं इतनी आसानी से खत्म नहीं होती हैं Join Free 10-Day MBA Program- #ConfirmationBias #CaseStudy #NewCaseStudy #ViralReel #TrendingNow #DrVivekBindra #BadaBusiness

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हमारे बिश्नोई समाज में एक सामाजिक बैंकिंग सिस्टम काम करता है… “बान बैंकिंग सिस्टम” इस सिस्टम के अंतर्गत समाज का हर व्यक्ति अपने घर में शादी विवाह जैसे बड़े आयोजन आसानी से कर पाता हैं… इतने बड़े आयोजन के लिए उसे आर्थिक, मानसिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता… समाज के जिस भी परिवार में कोई शादी विवाह का कार्यक्रम होता है… उस कार्यक्रम में सम्मिलित सभी लोग अपनी तरफ़ से बान ( पैसे ) जमा करवाते हैं… उस परिवार के नज़दीकी रिश्तेदार लाखों में बान जमा करवाते हैं… थोड़े दूर के रिश्तेदार हज़ारों में बान जमा करवाते हैं… और इसके अलावा समाज के जितने भी लोग शादी विवाह में सम्मिलित होते हैं… वो एक हज़ार से लेकर अधिकतम कितना भी जमा करवा सकते हैं… इन सब पैसों का पूरा रिकॉर्ड रहता हैं… जिस परिवार की तरफ़ से अपने घर में 5000/- रुपये बान आयी हुई हैं… जब उस परिवार में कोई शादी विवाह का काम पड़ेगा तो हमें 5000/- रुपये में कुछ रुपये जोड़कर भरवाने होंगे…. साधारण से साधारण परिवार में भी 15-20 लाख रुपये जमा हो जाते है… बच्चों की शादी करना किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ी आर्थिक और मानसिक परेशानी होती हैं… लेकिन हमारे समाज में किसी को आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता… क्योंकि उसे पता है कि जितना खर्च होगा… उतने पैसे घर में आ भी जाएँगे….!!!

kapil bishnoi

22,984 views • 5 months ago

बांदा रविवार को एक बार फिर देश का सबसे गर्म जिला रहा। पारा 46.4°C रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 27 अप्रैल को बांदा देश में सबसे गर्म जिला बना था। तब पारा 47.6 °C पर पहुंचा था। यह अचानक नहीं हुआ। एक्सपर्ट मानते हैं- बांदा के नेचुरल रिसोर्सेज को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। 10 साल में बांदा की 20% से 25% पहाड़ियां या तो खत्म हो गईं या उनका 50% से ज्यादा हिस्सा तोड़ दिया गया। केन नदी से हर दिन 2000 ट्रक रेत निकाली जा रही। यह हर दिन करीब 57 हजार टन होती है। साइंस मैगजीन ‘जर्नल ऑफ एक्सटेंशन सिस्टम्स’ की स्टडी के मुताबिक, बांदा में हर साल जंगल का 13.72% हिस्सा काट दिया जाता है। इतनी संख्या में नए पेड़ नहीं लगाए जा रहे। रिसोर्सेज को ऐसे ही खत्म किया गया, तो 20-25 सालों में यह जिला बंजर हो जाएगा। पूरी खबरः

Rajesh Sahu

22,499 views • 3 months ago

दो दिन पहले मैं एक इंजीनियरिंग के स्टूडेंट से मिला तो वो कैलिफोर्निया से था, उसने बोला कि पूरी दुनियां में सबसे सस्ती पढ़ाई इंजीनियरिंग की बिहार में होती है इसलिए मैं बिहार इंजीनियर बनने आया हूं। पिछले कुछ महीनों में इतना विकाश हो गया है बिहार में की अब रहीसी से दम घुटने लगा है, बिहार में — >इंजीनियरिंग की पढ़ाई ₹10 में >डॉक्टर की पढ़ाई MBBS ₹15 में >पॉलिटेक्निक की पढ़ाई ₹5 में >MBA तो सिर्फ ₹12 में हीं हो जाता है बाकी बिहार में स्टेट हाइवे पर toll tax भी नहीं लगता है, गरीब लोगों से ₹1200 हाउस tax भी नहीं लिया जाता, क्राइम जीरो हो चुका है आप दो किलो सोना सड़क पड़ छोड़ दो तो अगले दिन पुलिस वाले आपके घर पर सोना पहुंचा देंगे.... इतना हीं नहीं, एक भी बिहार के माननीय नेतागण काफिलों में नहीं चलते और न हीं मुख्यमंत्री की बीवी किसी डिग्री कॉलेज में जाकर अधिकारियों को आदेश देती हैं। बिहार में बहुत तरक्की है, अमेरिका, जर्मनी, चीन, जापान से बच्चे आते हैं पढ़ाई करने हमारे यहां। और हमारे मुख्यमंत्री इतने महान आदमी हैं कि कोई बिना उनसे मिले तो बिहार से बाहर जाता हीं नहीं है।

Gautam Thakur

76,161 views • 1 month ago

हमारे मारवाड़ में रेलवे का इतना विकास नहीं हुआ है… इसलिए ये स्लीपर बसें ही आम जनता के लिए आवागमन का सबसे आसान उपलब्ध विकल्प है… जोधपुर, स्लीपर बसों की बॉडी बनाने का सबसे बड़ा सेंटर हैं….. यहाँ दर्जनों कारख़ाने हैं बसो को मॉडिफाई करने के… सामान्यतः यहाँ की बसों में…. 15 सीट होती हैं बैठने के लिए…. 10 सिंगल स्लिपर होते हैं… 5 डबल स्लीपर होते हैं… नियमानुसार 35 सवारियाँ बैठ सकती है… लेकिन इन बसों में हमने 100 से ज़्यादा सवारियाँ भी जाते देखी है मेले के समय…. बाक़ी आम दिनों में 60-70 सवारियाँ तो रोज़ाना बैठती हैं…!! RTO वाली गाड़ी के सामने से टॉप गियर में हॉर्न बजाते हुए निकलती हैं ये बसें…. RTO वाले बेचारे बिना हेलमेट वालों को पकड़ने में मशगूल रहते हैं…. उन्हें कहाँ इतनी छोटी सी बस नज़र आती हैं…. राजस्थान में एक भी रोडवेज़ बस मुनाफ़े में नहीं हैं…. लेकिन सारी प्राइवेट बसों के मालिक करोड़पति हैं…. सब मिल बाँट कर खाते है… चाहे पैसे हो या मौत….!!!

kapil bishnoi

96,853 views • 10 months ago

इस वर्ष भी #नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में आदिवासियों ने जमकर लूटा अन्नकूट..!! दिवाली 🪔 के दूसरे दिन कई प्रकार के व्यंजनों से तैयार किया अन्नकूट भगवान #श्रीनाथजी को चढ़ाया जाता है फ़िर सदियों पुरानी इस #परंपरा के तहत #आदिवासी श्रीनाथ जी मंदिर🚩 में सैकड़ों की संख्या में पहुंचते हैं तथा प्रसाद और चावल को लूट कर मटकी और झोली में डालकर घर जाते हैं. खास बात यह है कि इस समय मंदिर के द्वार सिर्फ आदिवासियों के लिए ही खोले जाते हैं. माना जाता है कि इस महाप्रसाद को #आदिवासी समाज वर्ष भर सहेज कर रखते है जिससे मां #अन्नपुर्णा देवी कृपा बनीं रहती हैं व घर में #अन्न की कमी नहीं होती...!! #हमारी_परम्परा_हमारी_विरासत #राजस्थानी Vinod Bhojak #Nathdwara#Udaipur #Rajasthan #culture #Tradition

Vinod Bhojak

110,805 views • 10 months ago

"संजौली में मस्जिद बंद करो, मुल्ले मौलवी नहीं चलेंगे" संजौली, शिमला में इस मुस्लिम विरोधी नफरत के लिए केवल आप बीजेपी को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं! समाज में रहने वाली एक बड़ी गिनती मुसलमान के वजूद से ही नफरत की प्रकाष्ठा पर पहुंच चुकी है। उनको मुसलमानों के अपने बगल में होने से ही तकलीफ है। उनको मुसलमान के नमाज पढ़ने से तकलीफ है, उनको मुसलमान के धार्मिक स्थलों से तकलीफ है, उनको मुसलमान के जिंदा होने से तकलीफ है, उनको मुसलमान के केवल होने भर से भी तकलीफ है! भाजपा ने तो केवल इन नफरती लोगों की इस नफरत का फायदा उठाया है, उसके सहारे अपनी राजनीति को चमकाया है और सत्ता के मजे उठा रही है। वरना तो इन लोगों के दिलों में नफरत तो कई सालों से है जो मुसलमान के केवल होने भर से ही घबराने लगते हैं, कुंठित हो जाते हैं, मुसलमान के वजूद को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। यह वही लोग हैं जो दुबई और इस्तांबुल में जाकर तो दुनिया भर की अय्याशी करने में रत्ती भर भी गुरेज नहीं करते है मगर जैसे ही भारत में पहुंचेंगे तो उनके लिए मुसलमान "मुल्ला"हो जाएगा। जिसके दिल में इतनी नफरत भरी हो उसके सुधरने की उम्मीद अपने आप में ही बेमानी है! फिर कह रहा हूं कि सिर्फ भाजपा दोषी नहीं है! दर्द पेट में है और सर दर्द की दवा खाकर इलाज नहीं होगा। एक 40 फ़ीसदी आबादी मुसलमानों की चूड़ी टाइट होने के नाम पर ही एक पार्टी विशेष भाजपा को वोट देता है। जिसके मन को मुसलमानों के खून को देखकर ही तृप्ति होती है। मुसलमान के वजूद से घबराने वाली ये आबादी समाज में जाकर ढोंग करती है कि हम तो बहुत बड़े लिबरल और सामाजिक सोहार्द के अलमबरदार हैं जबकि हकीकत तो यही है कि ये जोम्बिज कल भी मुसलमान से बेइंतहा नफरत करते थे, आज भी करते हैं और आगे भी करते रहेंगे! अब ढोंग का पर्दा हट चुका है!

Ansar Imran SR

145,003 views • 2 years ago

रवीश शुक्ला एक शानदार पत्रकार हैं, फ़िलहाल एनडीटीवी में है. मेरे तमाम मित्र इस वक्त गोदी कहे जाने वाले चैनलों में काम कर रहे हैं. आज रवीश से जंतर मंतर पर मिला. तक़रीबन दो सौ नवयुवक उनको और उनके चैनल को घेरकर हूट कर रहे थे. दरअसल वो जानते नहीं कि रवीश ने अपने जर्नलिज्म से देश और समाज को क्या दिया है. दरअसल यह समाज जानने की कोशिश नहीं करता कि उसके इर्द गिर्द कौन ऐसा है जो अपने नाम की पहचान की परवाह किए बिना बस खबरों के लिए जिया है. टीवी ने पत्रकारों को चेहरे से पहचानने की आजादी दी है लेकिन जर्नलिज्म को आप इतनी आसानी से नहीं जान सकते. बेरोजगारी का दर्द मैंने झेला है अब तक झेल रहा हूँ . कोई भी आकर कुछ भी कह जाता है. इस सरकार ने, दलाली ने, कोविड ने पत्रकारों से बहुत कुछ छीना है. हर कोई अंजना, रुबिका सुधीर नहीं होता ना रवीश, अजीत और विनोद होता है. पत्रकारों का एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो खामोशी से बस जीविकोपार्जन कर रहा है. वह बहुतों से बेहतर है लेकिन उसके लिए उसके अपनों की उदासी का भी मतलब है. रवीश जैसों से प्यार करिए अगर ख़बरों से प्यार करते हैं तो जर्नलिज्म में तो जो नौकरी देगा वो यह सोचकर रखता है कि अपमान भी करेगा.

Awesh Tiwari

171,759 views • 1 month ago

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों ने एक फैसला दिया है, जिसमें उन्होंने SC-ST वर्ग के लोगों के सब-कैटेगराइजेशन के साथ ही क्रीमी लेयर की भी बात की है। भारत में दलित समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण बाबासाहेब के पूना पैक्ट के माध्यम से मिला था। बाद में पंडित जवाहरलाल नेहरू जी और महात्मा गांधी जी द्वारा रिजर्वेशन पॉलिसी को जारी रखा गया। राजनीतिक आरक्षण के साथ ही शिक्षा और रोजगार में भी आरक्षण एक जरूरी मुद्दा था, लेकिन अब SC-ST के लोगों को क्रीमी लेयर का कहकर आरक्षण से बाहर निकालना, उनके ऊपर एक बड़ा प्रहार है। BJP का आरक्षण खत्म करने का जो इरादा है, वो अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। आज PSUs को प्राइवेट हाथों में सौंपकर सरकारी नौकरी और आरक्षण खत्म किया जा रहा है। एक तरफ देश में लाखों सरकारी नौकरियां हैं, जिनमें भर्तियां नहीं की जा रही हैं, दूसरी तरफ आप क्रीमी लेयर लाकर दलित समाज को कुचल रहे हैं। मैं इसका विरोध करता हूं मैं खुलकर कह सकता हूं कि SC-ST का ये जो मुद्दा उठा है, उसमें दलितों-वंचितों के बारे में नहीं सोचा गया। जब तक इस देश में Untouchability है, तब तक आरक्षण रहना चाहिए और रहेगा। उसके लिए हम लड़ते रहेंगे। मेरी अपील है कि सभी मिलकर इस क्रीमी लेयर के फैसले को मान्यता न दें। कर्नाटक में आज भी ऐसे कुछ गांव हैं, जहां लोगों को अंदर आने नहीं दिया जाता। जब तक देश में ऐसी चीजें चल रही हैं, आप आरक्षण खत्म नहीं कर सकते। हर राज्य में SC-ST की लिस्ट अलग होती है। इसलिए इस लिस्ट से किसको कितना फायदा होता और किसको नुकसान होता है, इस विषय में हम बारीकी से सोचकर आगे कदम बढ़ाएंगे। इस मुद्दे पर राहुल गांधी जी भी सोच रहे हैं, उन्होंने कई बुद्धिजीवियों को बुलाकर इस विषय में चर्चा भी की है। हम दलितों-वंचितों की हिफाजत के लिए जो भी कर सकते हैं, वह करेंगे। आज आरक्षण होते हुए भी हाईकोर्ट में दलित समाज के लोग नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट में भी नाम मात्र के लोग हैं। वहीं अफसरों के बड़े पदों पर भी कोई नहीं है। इतना सारा बैकलॉग होने के बावजूद आप क्रीमी लेयर कैसे लगा सकते हैं? हम इस बात को कभी सहन नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम इसे हाथ नहीं लगाएंगे। अगर ऐसा था तो आपको तुरंत ही कहना चाहिए था कि यह लागू नहीं होगा। इसे संसद में लाकर आपको सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट नकार देना चाहिए था। लेकिन आज 10-15 दिन हो चुके हैं, पर इसके लिए आपके पास वक्त नहीं है। इस विषय पर हम कंसल्टेशन कमेटी बनाएंगे। इस मुद्दे पर में NGOs से मिलेंगे और उनकी राय लेंगें और सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। कांग्रेस चाहती है कि हम ऐसे NGOs को भी इसमें शामिल करें, जो कई साल से इस विषय पर काम कर रहे हैं। इसलिए हम सबकी राय लेकर आगे बढ़ेंगे। : कांग्रेस अध्यक्ष श्री Mallikarjun Kharge

Congress

119,363 views • 2 years ago

हमें लगता है इस तरह से हिन्दू समुदाय को अपमानित करने के लिए धार्मिक जुलूसों में नए ट्रेंड चलाए जा रहे हैं। कोई भी सभ्य समाज हो वो ऐसे भद्दे और वल्गर गाने जो इतनी आपत्ति जनक हो।। वह ऐसे धार्मिक जुलूसों में त्यौहारों में शादियों में कभी नहीं बजाएगा।। क्यूंकि आपकी सभ्यता आपकी संस्कृति बहुत बड़ी पहचान होती है , जिसे आप जिन्दा रखने के लिए सड़कों पर जुलूस निकालते हैं त्योहार मनाते हैं।। इस तरह से आपत्तिजनक शब्दों वाले भद्दे गाने पर अपनी बच्चियों को बहनों को माताओं को नचवा कर आप अपने पूर्वजों की बनी बनाई विरासतों को तार तार कर रहे हैं।। मैं तमाम अधिकारियों से भी अनुरोध करता हूँ जो मौके पर तैनात होते हैं, अगर आपके सामने किसी भी तरह के भद्दे गाने बजाए जाते हों तो आप उनकी वीडियो बना कर अपने थाने को भेजें साथ ही मौके पर गाने बन्द करवा कर अपना कर्तव्य निभाए।।

Team Rising Falcon

18,337 views • 5 months ago