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सामाजिक न्याय का पहला कदम है- जातिगत जनगणना

38,113 views • 1 year ago •via X (Twitter)

9 Comments

टिक्कु 💙 🚩🚩🚩🚩🚩 (मोदी का परिवार)'s profile picture
टिक्कु 💙 🚩🚩🚩🚩🚩 (मोदी का परिवार)1 year ago

सत्ता के लिए थूक कर चाटने लगा ये नचनिया का पिल्ला 🤬😡🤬👇

राष्ट्रभक्त's profile picture
राष्ट्रभक्त1 year ago

राहुल गांधी भाजपा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जब ये बंदा राजनीति में है भाजपा को हराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है क्योंकि ये जब भी मुंह खोलता है कांग्रेस का नुक़सान ही करता है इसलिए भाजपाई ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि ये इसी प्रकार अंट शंट बोलकर भाजपा का फायदा करता रहे

C. B. Shukla's profile picture
C. B. Shukla1 year ago

इसकी क्या जाति है ?

Battle of Yavin's profile picture
Battle of Yavin1 year ago

Christians are 2.5% of the country. They should not get one fraction of fraction more than that.

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Dulal Jhao1 year ago

पूरी दुनिया मुसलमानों को बदनाम करने में ही क्यों लगे हैं , 🫠 कोई उत्तर है इसका ? 🥰

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abbudi1 year ago

Wo sab jane do, pehle jay shah ko hatao

Poongodi Suganth (Modi Ka Parivar)'s profile picture
Poongodi Suganth (Modi Ka Parivar)1 year ago

தேச துரோகி இந்த ராகுல்

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fREE sPIRIT1 year ago

It's just Vote Bank politics.

KumarAnshul's profile picture
KumarAnshul1 year ago

Ye BC party to le dooba ab desh bhi dubayega

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देश में सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना एक क्रांतिकारी कदम होगा, क्योंकि हमें तभी पता चलेगा कि किसकी कितनी भागीदारी है और देश का धन किसके हाथ में हैं। अगर देश के 90% लोगों को भागीदारी दिलाना है तो गिनती जरूरी है, इसीलिए जातिगत जनगणना हमारा मिशन है। कांग्रेस पार्टी का वादा है, देश में…👇 ✅ जातिगत जनगणना होगी ✅ सोशल इकोनॉमिक सर्वे होगा ✅ इंस्टीट्यूशनल सर्वे होगा ✅ आरक्षण में 50% की सीमा हटेगी अगर आप महिला, दलित, महादलित, पिछड़े, अति पिछड़े, पसमांदा, EWS या अल्पसंख्यक वर्ग से हैं, या इन वर्गों का नेतृत्व करते हैं– तो हमारे ‘संविधान लीडरशिप प्रोग्राम’ से जुड़ें। अपने अधिकारों की रक्षा, जाति जनगणना से सामाजिक न्याय और अपनी भागीदारी की लड़ाई को मज़बूत करने के लिए साथ आएं। हमारे संविधान लीडरशिप प्रोग्राम से जुड़ने के लिए क्लिक करें: या 9999812024 पर मिस्ड कॉल दें।

Congress

12,716 views • 1 year ago

BJP का DNA ही जातिगत जनगणना विरोधी है। नरेंद्र मोदी और BJP ने वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़क तक, गरीबों, दलितों, वंचितों, शोषितों और पिछड़ों को उनकी गिनती के अधिकार से वंचित किया। गरीबों और मेहनतकशों के दो नारे हैं - 'जितनी आबादी उतना हक', और 'जितनी आबादी उतनी हिस्सेदारी'। जातिगत जनगणना वक्त की मांग भी है और सामाजिक न्याय की धुरी भी। यह सामाजिक बदलाव और समानता दोनों का उद्घोष है- जिसका समय आ गया है। कांग्रेस का सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कांग्रेस की सामाजिक न्याय की सोच के केंद्र बिंदु में सदैव जातिगत जनगणना का भाव रहा है। कांग्रेस की इसी सोच के चलते, देश में आजादी के बाद पहली बार UPA-कांग्रेस की सरकार ने 19 मई 2011 को देश में जातिगत जनगणना करवाने का निर्णय लिया। 3 जुलाई 2015 को रिपोर्ट भी आ गई, लेकिन साजिश के तहत प्रधानमंत्री मोदी और मोदी सरकार ने, जातिगत जनगणना की उस गिनती को, उन सब आंकड़ों को कूड़ेदान में डाल दिया। यह लड़ाई 2011 में शुरू हुई थी, जो 15 साल से चल रही है। 11 साल से राहुल गांधी जी जातिगत जनगणना को अपने जीवन का मिशन बनाकर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। BJP-RSS दोनों पहले दिन से जातिगत जनगणना के विरोधी है, क्योंकि उनके DNA में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, शोषित और गरीब विरोध है। BJP-RSS ने 2011 की जातिगत जनगणना रिपोर्ट को खारिज कर, कूड़ेदान में डाल दिया। सार्वजनिक तौर से, अदालत में जातिगत जनगणना का विरोध किया। जब कुछ नहीं बचा, तो लाचार होकर उन्हें गरीबों, दलितों, वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, आदिवासियों के आगे झुकना पड़ा। 23 मई 2010 और 6 जून 2010 को भैया जी जोशी ने बयान जारी करके कहा कि RSS जनगणना में जाति गिनने के खिलाफ है और यह बयान RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर समेत कई अखबारों में छपा था। : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍बिहार

Congress

11,371 views • 1 year ago

नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी बिहार के दरभंगा में सामाजिक न्याय को लेकर शिक्षा 'न्याय संवाद' के तहत छात्रों और युवाओं के संवाद करेंगे। राहुल गांधी जी लगातार जातिगत जनगणना की मांग उठा रहे थे, जिसे लेकर केंद्र सरकार झुकी और अब फैसला लिया है कि जातिगत जनगणना कराई जाएगी। हमारी मांग है : • जातिगत जनगणना को जल्द से जल्द कराया जाए • आरक्षण में 50% की सीमा को भी खत्म किया जाए • निजी शिक्षण संस्थानों और प्राइवेट कंपनियों में भी आरक्षण को लागू किया जाए राहुल गांधी जी का बिहार में एक और कार्यक्रम है, जिसमें वह सामाजिक न्याय की आवाज उठाने वाले लोगों के साथ ‘फुले फिल्म’ भी देखेंगे। : Bihar Congress अध्यक्ष श्री Rajesh Kumar

Congress

15,240 views • 1 year ago

हमने पूरे देश में जमीनी स्तर पर 'जातिगत जनगणना' के लिए अभियान चलाया, जिसका नतीजा सरकार का यह फैसला है। जातिगत जनगणना पहला कदम है, ये दरवाजा खोलने का तरीका है। उसके बाद विकास का काम शुरू होगा। तेलंगाना में जातिगत सर्वे से हमें जो जानकारी आ रही है, उसमें कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के मैनेजमेंट या बड़े पदों पर आपको दलित, OBC और आदिवासी वर्ग के लोग नहीं मिलेंगे। यानी 90% भारत की वहां भागीदारी ही नहीं है। लेकिन अगर गिग वर्कर की लिस्ट देखेंगे, तो इसमें आपको दलित, OBC और आदिवासी वर्ग के लोग मिलेंगे। यानी देश में दो तरह की स्ट्रीम बन रही हैं। एक में मजदूरी, गरीबी, बेरोजगारी है, जहां दलित, OBC और आदिवासी वर्ग के लोग शामिल हैं। वहीं, दूसरी स्ट्रीम में कुछ Elite लोग हैं, जिनमें अंबानी-अडानी हैं, जो पूरे सिस्टम को कंट्रोल कर रहे हैं। ऐसे में, इस पूरी प्रक्रिया को बदलने का पहला कदम जातिगत जनगणना है। : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 दिल्ली

Congress

15,830 views • 1 year ago

भारत में जनगणना बहुत पहले से होती आ रही है। भारत की सरकारों ने अनुभव और समझदारी से जनगणना करवाई है। लेकिन आप BJP सरकार की नीयत देखिए- जहां जनगणना कराने में 8-10 हजार करोड़ रुपए खर्च होते हैं, वहां सरकार ने 570 करोड़ रुपए बजट में आवंटित किए हैं। सरकार लोगों के सामने कह रही है कि वह जातिगत जनगणना कराएगी, लेकिन औपचारिक नोटिफिकेशन से यह बात गायब है। जातिगत सर्वे का काम तेलंगाना सरकार ने बहुत बेहतरीन तरीके से किया है। उन्होंने अपने सर्वे के लिए सरकारी अफसरों को ना लेकर NGO और टेक्निकल लोगों को जोड़ा। जातिगत जनगणना पहला पड़ाव है, जिससे हमें लोगों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पता चलेगी, लेकिन मोदी सरकार की मंशा जातिगत जनगणना करवाने की नहीं दिख रही है। : कांग्रेस महासचिव Sachin Pilot जी

Congress

41,282 views • 1 year ago