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Ana Sayfaya Dön

'सरासर झूठ ये सरासर झूठ है तुम बेखबर थे तुम्हें सब कुछ पता था मणिपुर जल रहा था और तुम खामोश थे चुप थे ' मणिपुर के हाल पर गौहर रजा साहब की ये नज़्म मोदी जी को समर्पित है . #ManipurHorror #ManipurViralVideo #ManipurVoilence Link में बाकी

120,490 görüntüleme • 3 yıl önce •via X (Twitter)

7 Yorum

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Birendra Sharma3 yıl önce

जब द्रौपदी का चीर हरण हो रहा था। तब धीरिस्ट्राज, भीषमपितामा, विदूर, संजय और सारे दरबारी मोंन थे और चीर हरण होते देख रहे थे। आज भी वही दुबारा हो रहा है और #बीजेपी सरकार चूप है। खामियाज़ा पुरे कौरब बंश का सफाया होगा था। कोई भी नहींं बचा था। अब #बीजेपी का भी सफाया तय है गया है ।🤔

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yogi🗨️3 yıl önce

अंजुम तुमको याद तो होगी यह बेइज्जती 👇

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محمد فرمان انصاری3 yıl önce

#चीन को लाल #आंखें कर के दिखाने की बात करने वाले कायर ने आज #मणिपुर की धरती को ही #लाल कर डाला, अपनी गंदी राजनीति की प्रयोगशाला बना डाला. #ManipurBurnPMMum #ShameOnBJP

देवी प्रसाद द्धिवेदी #(प्रशासक समिति) profil fotoğrafı
देवी प्रसाद द्धिवेदी #(प्रशासक समिति)3 yıl önce

इतना गुस्सा ,आत्महत्या को उकसाता प्रतीत होता है 😂

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kksingh3 yıl önce

पत्रकारिता कलंक जी क्या राजस्थान पश्चिम बंगाल झारखंड और छत्तीसगढ़ बिहार इन मुख्यमंत्रियों से कौन सी रिश्तेदारी है इनका. नाम लेने में क्या जीभ में छाले पड़ जाते हैं बेशर्मी की हद है और एक कहावत है लाद ली तो लाज क्या

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अवधेश तिवारी3 yıl önce

आखिर क्यू राजेंद्र को पार्टी से बाहर निकला और क्या कहानी है अजमेर92 @ajitanjum कभी इस पर भी खुल बोलो यूट्यूब पर

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Sonu Tyagi3 yıl önce

@aapsur चिचा मणिपुर जाके धैड धैड रिपोर्टिंग ठोक के मोदी की नाक में दम कर दो😁

Benzer Videolar

👉हिंसा भड़कने के ढाई साल बाद आख़िरकार इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मणिपुर जा रहे हैं 👉लेकिन सनद रहे • वो आज भी वहां पर लोगों के आंसू पोंछने, विस्थापितों से मिलने, जिन महिलाओं को नोचा गया- उनका हाल जानने या शांति की अपील करने के लिए नहीं • बल्कि रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने जा रहे हैं • और शायद इसीलिए मणिपुर में उनके आगमन का विरोध हो रहा है ▪️भला कौन भूल सकता है - जलते हुए मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ कर मोदी जी दुनिया नाप रहे थे ▪️कौन भूल सकता है कि जब तक अपनी सरकार पर नहीं आ गई, तब तक मणिपुर में राष्ट्रपति शासन तक नहीं लगाया ▪️कौन भूल सकता है कि मोदी जी मणिपुर के प्रतिनिधियों तक से नहीं मिले ▪️कौन भूल सकता है आदमखोरों की भीड़ ने महिलाओं के साथ क्या किया - और कैसे प्रधानमंत्री 78 दिन बाद महज़ 36 सेकंड बोल पाये थे ▪️कौन भूल सकता है कि विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा - वरना मोदी जी सदन में मणिपुर पर बोलने के लिए तैयार ना थे - और मणिपुर पर बोले भी तो सिर्फ 2 मिनट ▪️कौन भूल सकता है कि बिरेन सिंह की पुलिस आर्मी से उलझ रही थी और उनके ऊपर हमला भी किया ▪️कौन भूल सकता है कि हथियारों की अनवरत सप्लाई बनी रही, और लोग खुलेआम बंदूक लहरा रहे थे 🔺आशा है आज प्रधानमंत्री फीता काटने के बाद - वहां खड़े होकर मणिपुर से हाथ जोड़कर माफी मांगेंगे 🔺माफी मांगेंगे मणिपुर को त्यागने के लिए, महिलाओं के साथ जो बर्बरता हुई उसके लिए, मासूम बच्चों की जो हत्याएं हुईं उसके लिए 🔺माफी मांगेंगे एक ऐसे मुख्यमंत्री को बचाने के लिए जो ऑडियो पर बम फोड़ने की बात कर रहा था 🔺माफी मांगेंगे उन हज़ारों विस्थापित लोगों से जिनका सब कुछ उजड़ गया - और आप मूकदर्शक बने रहे मुझे हमेशा इस बात का फ़क्र रहेगा कि जब मोदी जी ने मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ दिया था, तब राहुल गांधी जी ने बार-बार मणिपुर जाकर लोगों को गले लगाया और यह विश्वास दिलाया कि यह देश उनके साथ है। : AICC- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन Supriya Shrinate जी

Congress

23,662 görüntüleme • 1 yıl önce

ये बच्चे दिल्ली सिर्फ़ एक PG में रहने नहीं आए थे। ये Delhi University में अपने सपने बनाने आए थे। किसी को नौकरी करनी थी, किसी को आगे पढ़ना था, किसी को अपने मां-बाप की उम्मीदों को सच करना था। आज कुछ परिवार अस्पतालों और मलबे के बीच अपने बच्चों को तलाश रहे हैं। और BJP की पूरी व्यवस्था कहेगी कि उसे कुछ पता ही नहीं था? इलाके में PG चल रहा था, MCD को नहीं पता? स्थानीय प्रशासन को नहीं पता? पुलिस को नहीं पता? BJP के MLA, MP और मुख्यमंत्री की पूरी मशीनरी को नहीं पता? ये बात किसी के गले नहीं उतरती। और ये पहला हादसा भी नहीं है। दिल्ली में हर कुछ हफ्तों में कभी बिल्डिंग गिरती है, कभी आग लगती है, कभी कोई बेसमेंट मौत का जाल बन जाता है। हर बार सिर्फ़ पता बदलता है। मलबा, मौतें और BJP की “जांच कराएंगे” वाली स्क्रिप्ट वही रहती है। इस बार उस मलबे के नीचे Delhi University के हमारे बच्चे हैं। वही DU जहां कल प्रधानमंत्री देश के बच्चों को Urban Naxal बता रहे थे। देश जवाब चाहता है, उन्हें वहां मरने के लिए किसका भ्रष्टाचार छोड़ गया?

Indian Youth Congress

21,101 görüntüleme • 23 gün önce

👉हिंसा भड़कने के ढाई साल बाद आख़िरकार इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मणिपुर जा रहे हैं 👉लेकिन सनद रहे • वो आज भी वहाँ पर लोगों के आँसूँ पोंछने, विस्थापितों से मिलने, जिन महिलाओं को नोचा गया उनका हाल जानने या शांति की अपील करने के लिये नहीं • बल्कि रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने जा रहे हैं • और शायद इसीलिए मणिपुर में उनके आगमन का विरोध हो रहा है ▪️भला कौन भूल सकता है - जलते हुए मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ कर मोदी जी दुनिया नाप रहे थे ▪️कौन भूल सकता है कि जब तक अपनी सरकार पर नहीं आ गई तब तक मणिपुर में राष्ट्रपति शासन तक नहीं लगाया ▪️कौन भूल सकता है कि मोदी जी मणिपुर के प्रतिनिधियों तक से नहीं मिले ▪️कौन भूल सकता है आदमखोरों की भीड़ ने महिलाओं के साथ क्या किया - और कैसे प्रधानमंत्री 78 दिन बाद महज़ 36 सेकंड बोल पाये थे ▪️कौन भूल सकता है कि विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा - वरना मोदी जी सदन में मणिपुर पर बोलने के लौए तैयार ना थे - और मणिपुर पर बोले भी तो सिर्फ़ 2 मिनट ▪️कौन भूल सकता है कि बिरेन सिंह की पुलिस आर्मी से उलझ रही थी और उनके ऊपर हमला भी किया ▪️कौन भूल सकता है कि हथियाओं की अनवरत सप्लाई बनी रही, और लोग खुलेआम बन्दूकें लहरा रहे थे 🔺आशा है आज प्रधानमंत्री फीता काटने के बाद - वहाँ खड़े हो कर मणिपुर वे हाथ जोड़कर माफ़ी माँगेंगे 🔺माफ़ी माँगेंगे मणिपुर को त्यागने के लिए, महिलाओं के साथ जो बर्बरता हुई उसके लिए, मासूम बच्चों की जो हत्याएं हुईं उसके लिए 🔺माफ़ी माँगेंगे एक ऐसे मुख्यमंत्री को बचाने के लिए जो ऑडियो पर बम फोड़ने की बात कर रहा था 🔺माफ़ी माँगेंगे उन हज़ारों विस्थापित लोगों से जिनका सब कुछ उजड़ गया - और आप मूकदर्शक बने रहे मुझे हमेशा इस बात का फ़क्र रहेगा कि जब मोदी जी ने मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ दिया था तब राहुल गांधी जी ने बार बार मणिपुर जा कर लोगों को गले लगाया और यह विश्वास दिलाया कि यह देश उनके साथ है

Supriya Shrinate

44,739 görüntüleme • 1 yıl önce

हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू में कहा- मेरी Epstein से ज्यादा बात नहीं हुई। एक दो इमेल हुए और तीन-चार बार मुलाकात हुई। ये सरासर झूठ है। हरदीप सिंह पुरी ने एक और इंटरव्यू में कहा- मैंने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा। ये बात भी झूठ है, क्योंकि हरदीप पूरी खुद पूछते थे 👇 Jeff, Can I See You? Jeff, Are You In Town? जब हरदीप सिंह पुरी ने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा तो फिर ये सब क्या था। क्या आप पर मोदी का दबाव था कि जाइए और Epstein से मिलिए। 2014-16 के बीच भारत के 3 राजदूत अमेरिका में रहे। सवाल है- आखिर किसके निर्देश पर रिटायर हो चुके हरदीप सिंह पुरी को Epstein से मिलने भेजा जाता था। : AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन Pawan Khera 🇮🇳 जी

Congress

32,931 görüntüleme • 7 ay önce