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सलमान खान : मुझे यह देखना है कि आप सुपरहिट गाने पहचान पाती हो कि नहीं ? प्रीति जिंटा : मतलब ? सलमान खान : अगर suppouse मैने आपको मैने एक 🪝 हुक स्टेप दिखाया तो आप गाना पहचान पाओगी प्रीति जिंटा : of course I think so आप...

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ये जो मीडिया वाले बेतुके सवाल पूछ रहे हैं,क्या ये मानसिक बीमार है,अभी अभी उसे पहचान बनी हैं,और ये लोग शादी तक पहुंच गए,, अरे भाई इनकी अभी उम्र नहीं निकलीं हैं, मोनालिसा अपने जीवन का फैसला खुद लेगी,,जब करेगी तो पता लग जाएगा। अगर आपको सामाजिक विकास की इतनी चिंता है,तो आप सलमान भाई से पूछे कि वो क्यों शादी नहीं करना चाहते हैं, शायद मीडिया की नजर में सलमान खान की शादी लायक उम्र नहीं हुई हैं। यार हद्द है आप कही भी कुछ भी सवाल पूछ लेते हो, आजकल पत्रकारों की बाढ़ सी आई हुई है,,जिसे देखो माइक लेकर कुछ भी कही भी पूछ लेता हैं, कुंभ में बहुत खिलेगा, आराध्य से लेकर, भारत के ⭐ स्टार तक।

Uzma Parveen

66,346 次观看 • 1 年前

मुझे पता है कि आप एक सख्त अधिकारी हैं, आप चाहे मंत्री हो या संतरी हो किसी को कानून से ऊपर नहीं समझते, बड़े से बड़े मामलों में जहां अधिकारी नेताओं के बच्चों को बचाने की चापलूसी करते हैं , ऐसे में आप छोटे से मगर जरूरी मुद्दे पर सीधे पुलिस को टैग करके एक उदाहरण पेश कर रहे हैं कि देश में कानून से ऊपर कुछ भी नहीं है , इस बार इनकी चालान कॉपी पूरे देश में वायरल होनी चाहिए , ताकि किसी भी विधायक सांसद मंत्री और अधिकारी का लड़का उछल कूद मचाने से पहले दस बार सोचें, अगर आप मंत्री जी के छपरी लौंडे की फेसबुक प्रोफाइल का डिजिटल भ्रमण करेंगे तो तो आपको एक उभरता हुआ सलमान खान नजर आएगा , ये महाशय पिताजी के नाम का सहारा लेकर , पूरे प्रोटोकॉल के साथ अस्पताल का निरीक्षण करने किस अधिकार से पहुंचते है ? समाज सेवा या रील बाजी ? धन्यवाद।

खुरपेंच

29,586 次观看 • 9 个月前

नासिक टीसीएस कांड में पीड़ित दलित हिंदू लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया है और जो पुलिस ने अपनी पूरी FIR में लिखी है वह बेहद चौंकाने वाली है पूरा मुस्लिम इकोसिस्टम निदा खान का यह कहकर बचाव कर रहा है कि वह HR मैनेजर नहीं थी लेकिन वह HR मैनेजर हो की ना हो वह जो भी थी उसका गुनाह सबसे महत्वपूर्ण है कि उसने कितना खतरनाक गुनाह किया ऑफिस के अंदर उस दलित हिंदू लड़की का निदा खान ने चार मुस्लिम लड़कों से यौन शोषण एवं उत्पीड़न करवाया ऑफिस के अंदर निदा खान ने उसे दलित हिंदू लड़की से कहा कि अगर तुम बुर्का पहनती तो बलात्कार से बच जाती ऑफिस के अंदर निदा खान उसको हमेशा हिंदू देवी देवताओं को गंदा बताती थी उनकी अपमान करती थी ऑफिस के अंदर निदा खान उसे जबरदस्ती गौ मांस खिलाती थी और वह मांस नहीं खाने पर उसकी वर्क असेसमेंट नेगेटिव करती थी आप यह पूरा वीडियो देखिए आप ही जाएंगे और आप यह सोचिए कि कांग्रेसी और जिहादी मुस्लिम इकोसिस्टम किस तरह से उसे निदा खान को एक से एक बहाने बता कर बचाने में लगा है
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नासिक टीसीएस कांड में पीड़ित दलित हिंदू लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया है और जो पुलिस ने अपनी पूरी FIR में लिखी है वह बेहद चौंकाने वाली है पूरा मुस्लिम इकोसिस्टम निदा खान का यह कहकर बचाव कर रहा है कि वह HR मैनेजर नहीं थी लेकिन वह HR मैनेजर हो की ना हो वह जो भी थी उसका गुनाह सबसे महत्वपूर्ण है कि उसने कितना खतरनाक गुनाह किया ऑफिस के अंदर उस दलित हिंदू लड़की का निदा खान ने चार मुस्लिम लड़कों से यौन शोषण एवं उत्पीड़न करवाया ऑफिस के अंदर निदा खान ने उसे दलित हिंदू लड़की से कहा कि अगर तुम बुर्का पहनती तो बलात्कार से बच जाती ऑफिस के अंदर निदा खान उसको हमेशा हिंदू देवी देवताओं को गंदा बताती थी उनकी अपमान करती थी ऑफिस के अंदर निदा खान उसे जबरदस्ती गौ मांस खिलाती थी और वह मांस नहीं खाने पर उसकी वर्क असेसमेंट नेगेटिव करती थी आप यह पूरा वीडियो देखिए आप ही जाएंगे और आप यह सोचिए कि कांग्रेसी और जिहादी मुस्लिम इकोसिस्टम किस तरह से उसे निदा खान को एक से एक बहाने बता कर बचाने में लगा है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

159,109 次观看 • 3 个月前

राहुल गांधी और योगी के मंत्री के बीच जमकर हुई बहस, मीटिंग में भड़क गए दिनेश प्रताप सिंह. राहुल गांधी ने कहा कि मीटिंग मैं चेयर कर रहा हूं। अगर आपको कुछ कहना है तो पहले पूछिए फिर मैं आपको बोलने का मौका दूंगा। इस पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भड़क गए और दोनों के बीच बहस शुरु हो गई। राहुल गांधी ने एक मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे पहले से पूछना चाहिए था। इसी पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि आप अध्यक्ष जरूर हैं, लेकिन मैं आपकी हर बात मानने के लिए बाध्य नहीं हूं। आप तो खुद स्पीकर की बात भी नहीं मानते। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच गर्मागर्म बहस शुरू हो गई. #RahulGandhi #DineshPratapSingh #Raebareli | #ZeeNews

Zee News

41,149 次观看 • 10 个月前

विराट कोहली क्यों अध्यातमिक बन रहे हैं ? इसको bahut सुंदर तरीके से समझाया है डॉ विकास Divyakirti जी ने !! "फितूर होता है हर उम्र में जुदा जुदा .. खिलौने,माशूका ,रुतबा और फिर .. खुदा.!" पूरा संवाद ! "जिंदगी में फेजिस आते हैं। शुरू में आप सुखों के पीछे भागते हैं, अंधेरों के भागते हैं, कि मुझे ये खाना है, ये पीना है, सेक्स चाहिए, ये चाहिए, वो चाहिए। ये सब चीज़ें बहुत एट्रेक्ट करती हैं कुछ समय के लिए, लेकिन जब आप इससे बाहर निकलते हैं, आपको गिल्ट नहीं तो कम से कम यह लगता है कि इतना क्यों पागल हो गए थे इसके पीछे। धीरे धीरे आप नैतिक जीवन की ओर बढ़ते हैं। फिर नैतिक जीवन से भी ऊब होने लगते हैं, फिर आप स्पिरिच्वल लाइफ की ओर बढ़ते हैं।" तो आपके खिलोने की उमर चली गई है, माशूका आप कह रहे हैं कि एक बार ब्रेक अप हो गया है। एक बार नहीं, जाधा बार हो गया है। मुल्टिपल ब्रेक अप्स हो गया है। रुत्बा आपके पास है ही, तो बस ता खुदा ही है। सिरे सी बात है कि अब आपके मन में वही चीज आएगी। प्रेम के बाद होता है एस्ट्रीम, इज्जत , रुत्बा, जो आपको बहुत जल्दी मिल गया, कई लोगों को ता उम्र नहीं मिल पाता है, किसी को लेट मिलता है। जब इज्जत भी मिल गई, प्रेम भी मिल गया, सेफ़्टी भी है, पेट भरा हुआ है, तो जो नीट पैदा होती है, उसको सेल्फ एक्शुलाइजेशन बोलते हैं, जिसको गीता की भाषा में कहें स्वधर्म, कि मैं किस चीज के लिए पैदा हूँ."

Khari Baat

36,803 次观看 • 1 年前

केजरीवाल साहब उन लोगों में से हैं जो यह कहते हैं कि वकील भी हम हैं, गवाह भी हम हैं और जज भी हम हैं। सब कुछ वही हैं, तो इस न्याय व्यवस्था की जरूरत क्या है? जिस तरीके से वह व्यवहार कर रहे हैं कि मैं कोर्ट नहीं जाऊंगा। आपने एक न्यायमूर्ति पर जो इल्जाम लगाए, जो सवाल खड़े किए, क्या यह आपको शोभा देता है? एक culprit, एक गुनहगार, जो शराब घोटाले में लिप्त है, जिसके ऊपर इतनी बड़ी चार्जशीट है, वह व्यक्ति न्याय स्तंभ पर आवाज उठाकर कहे कि यह मेरे खिलाफ कुछ निर्णय ले सकते हैं, और उसकी उस सोच के साथ जज बदल दिया जाए, कोर्ट बदल दी जाए? बाहर बैठकर आप कहें कि मैं सत्याग्रही हो गया हूं, तो मुझे लगता है कि यह केवल एक घटिया मजाक है, जिस मजाक को न जनता पसंद करती है और न ही हमारी न्याय व्यवस्था इसकी परमिशन देती है।

Rekha Gupta

16,058 次观看 • 3 个月前

श्रीमान स्वाइन जी Lokapati Swain.. ये जो बड़ी बड़ी बातें आप कर रहे हैं उसकी कोई ख़ास वजह? ख़ैर..आपकी जो भी वजह हो लेकिन इस वीडियो में कही गई आपकी कुछ बातों को सुनके हमारे मन में कुछ सवाल आ रहे हैं..कृपया आप उन सवालों का जवाब देने का कष्ट करें🙏🏻 1️⃣ पहली बात कि आपका कहना है कि आपके तरफ़ से अगर कॉल जाता है तो काम करना ही होगा वो चाहे छुट्टी का दिन भी क्यों ना हो.. तो आप ये जवाब दीजिए कि आप बैंक के किस नियम के तहत स्टाफ को छुट्टी में बुला रहे हैं और ऐसी कौन सी रिकवरी है जो बाक़ी दिन ना होके छुट्टी के दिन ही होगी? 2️⃣ दूसरी बात जो अपने कही कि "भाड़ में जाए तेरा फ़ैमिली..मेरा क्या जाता है" तो आप ये बतायें कि बैंक के किस नियम ने आपको ये हक़ दिया कि आप किसी स्टाफ के फ़ैमिली के बारे में ये कह सकते हैं? आपकी इतनी हिम्मत कैसे हुई? 3️⃣ तीसरी बात जो आपने कही कि "बैंक ने तुमको नौकरी दिया काम करने के लिए,फ़ैमिली लेके घूमने के लिए नहीं" तो आप थोड़ा ये बताने का कष्ट करें कि बैंक के कौन से नियम में यह कहा गया कि जो बैंक की नौकरी करेगा वो अपने फ़ैमिली के साथ रह नहीं सकता या घूम नहीं सकता? आदमी नौकरी क्यों करता है..आप जैसे वाहियात लोगों को ग़ुलामी करने के लिए या अपने फ़ैमिली को एक अच्छी लाइफ देने के किए? 4️⃣ चौथी बात आपने कही कि "I don't care about your family,I don't care about my family also" बहुत अच्छी बात कही आपने..आप दूसरो की फ़ैमिली का नहीं सोचते तो कोई बात नहीं..वैसे भी दूसरों की फ़ैमिली के बारे में सोचने का हक़ आपका है भी नहीं और उनको इसकी ज़रूरत भी नहीं है..आप उनके फ़ैमिली के लिये इतना मायने रखते भी नहीं..आप बेकार का ख़ुद को इतना भाव दे रहे हैं.. हाँ,पर एक बात बताइए कि आप ख़ुद की फ़ैमिली का नहीं सोचके कोई बड़ा तीर मार लिए हैं क्या? आपको क्या लगता है कि आपकी फ़ैमिली का नहीं सोचके आप बैंक के पिता बन गये हैं या बैंक आपको इसके लिए कोई बहुत बड़ा मेडल दे देगा? ये बोलके आप ख़ुद की गिरी हुई मानसिकता दिखा रहे हैं और बैंक को भी कहीं ना कहीं ये पता है कि जो अपनी फ़ैमिली का नहीं सोचता वो बैंक का भी नहीं सोचेगा इसलिए आप भी तैयार रहिएगा,जिस दिन बैंक को आपसे भी बड़ा अमानवीय सोच वाला कर्मचारी मिलेगा तो वहीं बैंक आपको लात मारके हटा देगा। 5️⃣ पाँचवी और आख़िरी बात..आपने कहा कि "चाहे कोई दिन भी हो,saturday हो sunday हो..अगर कोई आपका नाम यूज़ करेगा तो किसी को भी respond करना ही होगा" बैंक में ऐसा कोई नियम है क्या जिसके तहत आप आपके नाम का इस्तेमाल अपने ही कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए कर सकते हैं? और आख़िर हम Canara Bank से यहीं बात पूछना चाहते हैं कि आपके बैंक के किस नियम ने स्वाइन जी को इतना अधिकार दिया कि वो ऐसी बातें करें? क्या इनकी ये बातें बैंक के नियम के अंतर्गत आती हैं? कुछ साल पहले ही इन्होंने ट्विटर पर अपने ट्रांसफ़र को लेके अपनी PF id के साथ एक पोस्ट किया था..क्या ये बैंक के नियम के मुताबिक़ सही था? जहाँ तक हमारी जानकारी है उसके हिसाब से कोई भी कर्मचारी इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर नहीं कर सकता। क्या बैंक इनके ख़िलाफ़ कुछ करेगा या बैंक को भी कोई फ़र्क़ पड़ता अपने ही नियमों का उल्लंघन होते देखके?

Vijaya Sharma

29,551 次观看 • 2 年前

जीत के बाद झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने उमर खालिद के बारे में बोला! हेमंत सोरेन ने कहा– "बिना ट्रायल उमर खालिद को 4 साल से जेल में रखा हुआ है" पत्रकार– "ट्रायल ही नहीं ज़मानत की सुनवाई तक नहीं हुई" आगे हेमंत सोरेन ने कहा– "एक समय जब लोग जेल जाते थे न, तो लोगो को गर्व महसूस होता था कि मैं जेल देश और समाज के लिए जा रहा हूं! चाहे भगत सिंह हो और भी वीर लोग है! चाहे गोली चला दी गई या फांसी चढ़ा दी गई! पहले आप जब आंदोलन करते थे, संघर्ष करते थे, तो उस समय आप कई चीज़ हंसिल भी करते थे और आप लोगो को लगता था कि जेल जाना एक रिवाज़ है! आज हम उन आंदोलनकारी लोगो को सम्मान भी करते है! अब आज अगर आप आंदोलन करते है तो आपको जेल में डाल दिया जाता है! आज जेल जाने का मतलब है, आपके करियर, आपके उद्देश्य, आपके लक्ष्य, आपके जज़्बात को तोड़ना और आपको पूरी तरह खत्म करना"

Sadaf Afreen صدف

170,260 次观看 • 1 年前

500TH SHOW OF KUCH BHI HO SAKTA HAI! 😍😎🏆 आज जयपुर में मैं अपने autobiographical नाटक “कुछ भी हो सकता है” का 500वाँ शो #RajasthanInternationalCentre में करने जा रहा हूँ। यह सोचकर ही मन भावनाओं से भर जाता है कि 23 साल पहले शुरू हुआ यह सफ़र आज इस मुकाम तक पहुँच गया है।😍 यह नाटक मेरे जीवन की कहानी है। मेरे संघर्षों की, मेरी असफलताओं की, मेरे सपनों की और उन लोगों की जिन्होंने मेरी यात्रा को आकार दिया। इस नाटक में जिन-जिन लोगों का ज़िक्र है—मेरे माता-पिता, मेरे दोस्त, मेरे शिक्षक, मेरे साथी कलाकार, मेरे निर्देशक, निर्माता और जीवन में रास्ते में मिले अनगिनत लोग—मैं आप सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। आप सबके बिना यह कहानी कभी पूरी नहीं हो सकती थी।🙏😍 मैं हमेशा कहता हूँ कि यह नाटक मेरी असफलताओं की कहानी है। लेकिन शायद मेरी सबसे बड़ी पहचान यही है कि मैं अपनी असफलताओं की ही एक सफलता की कहानी हूँ। सबसे बड़ा धन्यवाद मैं दुनिया भर के उन दर्शकों और प्रशंसकों को देना चाहता हूँ जिन्होंने पिछले 23 वर्षों में इस नाटक को इतना प्यार दिया कि मैं आज 500 शो तक पहुँच पाया। आपकी तालियाँ, आपकी हँसी, आपकी भावनाएँ और आपका प्यार ही इस नाटक की असली ताकत है। आज मंच पर खड़े होकर मैं एक ही बात सोचूँगा कि अगर दर्शकों का साथ यूँ ही मिलता रहा, तो शायद एक दिन हम 1000 शो का जश्न भी मनाएँगे। क्योंकि आखिरकार…“कुछ भी हो सकता है।”🎭#500ThShow #Gratitude #ThankYou

Anupam Kher

21,616 次观看 • 5 个月前

FWICE द्वारा एक्टर रणवीर सिंह पर हाल ही में लगाए गए बैन पर, एक्ट्रेस और BJP सांसद कंगना रनौत कहती हैं, "जब आपका कद बढ़ता है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। बिना कुछ दुश्मन बनाए आपका असर बढ़ना नामुमकिन है। ''रणवीर सिंह को इस बात पर गौर करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि अगर उनके इतने सारे आलोचक हैं, तो उन्होंने कितना बड़ा मुकाम हासिल किया है। जब आप ज़िंदगी में आगे बढ़ते हैं, तो आपको कई रुकावटों का सामना करना पड़ता है। आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि ज़िंदगी हमेशा एक आसान सफ़र होगी। मैंने खुद भी बहुत कुछ अनुभव किया है, और आज मैं अच्छा कर रही हूँ। मेरा करियर भी अच्छा चल रहा है। ऐसी बातों से ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता। कोई बात नहीं—आखिरकार सब ठीक हो जाएगा।" #RanveerSingh #KanganaRanaut #FWICE #Ban | #ZeeNews

Zee News

51,798 次观看 • 2 个月前

प्रदेश के वर्तमान हालात पर मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर बातचीत की : दिक्कतें ही दिक्कतें हैं चारों ओर। सरकार बनते ही ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ कि दो चार महीने के अंदर ही लोग कहने लगे गवर्नेंस नहीं हो रही, शासन नहीं हो रहा। कुशासन चल रहा है और मैं बराबर आग्रह करता हूं मुख्यमंत्री जी से, वो इसे लेते आलोचना और हम चाहते हैं कि सुधार हो जिससे कि पब्लिक को फायदा मिले। अगर सरकार इन्हीं को रहनी है मान लीजिए इनकी मेजॉरिटी है तो शासन तो यही करेंगे। मगर कुशासन होगा तो पब्लिक में काम नहीं होंगे। आप कल्पना कीजिए कि क्या हालत बने, करप्शन की हदें पार हो गई। चाल, चेहरे, चरित्र एक्सपोज हो गए इनके पर उसके अलावा भी जिस प्रकार से पेमेंट नहीं हो रहे हैं कोई डिपार्टमेंट के अंदर तो फिर क्या हो रहा है? शिक्षा में, स्वास्थ्य सेवाएं तो चरमरा गई है। आप बताइए जिस प्रकार से शिक्षा की स्थिति बनी है, वो तो बड़ी अजीब सी बन गई है। स्कूलें बंद हो रही है, टीचर्स नहीं है और साथ में आपका यह स्वास्थ्य, RGHS का पता ही नहीं है। लोग खुद दुखी हो गए तो चारों ओर से आकर शिकायतें करते जो आप बात पूछ रहे थे हैं वही उसी बात। तो कहने का मतलब है कि हम बार बार कहते हैं मुख्यमंत्री जी को कि कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट, रेप अलग हो रहे हैं, डकैती अलग हो जाती है, फायरिंग करके मार देते हैं ज्वेलर्स को या किसी को। एक के बाद एक घटना, इतने सारे मुद्दे एक साथ हो गए हैं कि विपक्ष की पार्टी भी क्या क्या मुद्दा उठाए? सरकार जब तक खुद आगे नहीं आएगी, पूरा मंत्रिमंडल जब तक उस ढंग से बिहेव नहीं करेगा, जनता के साथ में डिपार्टमेंट की पकड़ नहीं करेंगे, मजबूती से डिपार्टमेंट को कसेंगे नहीं वो, तो नीचे तक जो हालात होते हैं वो बदलेंगे नहीं और नुकसान क्या होगा पब्लिक का। हमें चिंता पब्लिक की है। बाकी तो देखिए शासन तो आते जाते रहते हैं, उन्नीस बीस तो देखो हर शासन में होता है करप्शन तो यह मैं दावा नहीं कर सकता, लेकिन कांग्रेस शासन होते तब नहीं होता है, होता है, पूरे देश में होता है, सब जगह होता है। पर जो इस बार जो जिस रूप में हो रहा है ना तो आम जनता से पूछ लीजिए, मालूम पड़ेगा। स्थिति बड़ी नाजुक है। मैं चिंता कर रहा हूं कि वो ठीक होनी चाहिए।

Ashok Gehlot

42,886 次观看 • 2 天前