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संविधान बड़ा या धर्म? Deepak Kumar को सुनें !
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अमेरिका के राष्ट्रपति का पोप के दरबार में जाना सेक्युलरिज्म के विरुद्ध नहीं है, इंग्लैंड के राजा का राज्याभिषेक पादरियों द्वारा कराया जाना सेक्युलरिज्म के विरुद्ध नहीं है। लेकिन, भारतीय संस्कृति का संरक्षण कर रहे एक संत के पास भारत का कोई अधिकारी चला जाता है तो ये सेक्युलरिज्म के विरुद्ध है। इसी को कहते हैं - Sickularism.

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@deepakdialogues अरे चादरमोद 🐕 क्या जज को संविधान धार्मिक आजादी नहीं देता है क्या ? इसलिए कहता हूं कि भूसरी वालों पहले संविधान को अच्छे से पढ़ लो , संविधान वैसा नहीं है जैसा तुम फर्जी अंबेडकरवादी सोचते हो ।

@deepakdialogues संविधान से हजारों साल पुराना मेरा धर्म है इस लिए बकचोदी मत कर और गाली देने पर मजबूर भी मत कर

@deepakdialogues ले जवाब, बोल तेरी हिम्मत है इनको कुछ बोलने की , नहीं होगी क्योंकि दोगले सिर्फ हिन्दुओं को टारगेट करते हैं, और हा जो तूने पोस्ट की है उसका भी बताता हूं, आध्यात्मिक गुरु, एक बार पढ़ ले क्या होता है समझा , और आध्यात्मिक गुरु कोई किसी को मान सकता है, चाहे गुरु जीवित हो न हो, पढ़ ले

@deepakdialogues दुर्भाग्य से तुम लोगों के पास वह विवेक नहीं है जिससे तुम महाराज जी के वचनों को समझ सको इसमें साफ-साफ उन्हें कर्तव्य निर्वहन के लिए संदेश दे रहे हैं पूरा वीडियो 5 मिनट का है यूट्यूब पर है आप देख सकते हो

@deepakdialogues देश के सिस्टम पर 99% मनुवादियों का कब्जा है इसलिए देश गर्त में है अमेरिका चीन इसीलिए हमसे बहुत आगे।

@deepakdialogues हर व्यक्ति को अपने आस्था, धर्म के पालन की आजादी हमारे संविधान ने दी है। जज साहब को भी संविधान ने वही अधिकार दिया है। क्या तुच्छ बात करते हो। जज धार्मिक नहीं हो सकता, और जो धर्म का पालन करता है वो अन्याय नहीं करता।

@deepakdialogues हे भीमटो और नवबौद्धों तुमसे बुद्धि की आशा करना तो वैसे बेकार है लेकिन फिर भी बता रहा हूं कि संविधान की मूलप्रति के पहले पृष्ठ पर राजा रामचंद्र की तस्वीर है और हे चमन चूतियों इंसान ने जो भी नैतिकता और नीति सीखी है वो धर्म ने ही सिखाई है चाहे वो फिर कोई भी धर्म हो।

@deepakdialogues सोशलमीडिया का जमाना है यहां 10th फैल भी इंटरनेशनल रिलेशन के बारे में ज्ञान देते है ऐसे ही ये लड़का सकल से भड़वा लगता है लेकिन धर्मगुरु और जस्टिस के वार्तालाप को गलत बता रहा है सिर्फ व्यूअर्स के लिए किसी और गुरु के बारे में बोलता तो में सुन भी लेता पर प्रेमानंद जी के बारे में नही

@deepakdialogues धर्म बड़ा। धर्म का अर्थ कोई उपासना नहीं बल्कि व्यक्ति के अपने देश,समाज,परिवार के प्रति कर्तव्य है और जिनमे कर्तव्य बोध हो वही नियम,कानून,संविधान का सम्मान करेगा। जिस दिन हिंदु अल्पसंख्यक हुआ सबसे पहले राइस बैग और समुदाय विशेष इस संविधान को जलाएंगे और तुम जैसे का पिछ लाल करेंगे।
