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स्वामी अविमुक्तेशवरानंद जी को ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए
35,542 görüntüleme • 8 ay önce •via X (Twitter)
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शर्म आनी चाहियें आपकॊ इतनी चाटुकारिता महादेव से डरो कोई सीमा होती हें चाटने की

शंकराचार्य जी को स्नान के लिए परमिशन लेनी पड़ेगी.. वाह यह है बीजेपी का हिन्दुराष्ट्र

वो शंकराचार्य हैं। कृपया संबोधन सीखिए।

भीमेंद्र भाई का कितना चाटेंगे त्रिपाठी जी?

आप उस आचरण की वीडियो बना कर डाल देते , आप लोग तो ऐसे कर रहे हो कि मोदी नहीं तो तुम भूखे थे, वो जूता मारे तो खालों, वो यूजीसी लाए तो झेल लो, वो SC ST में सड़ा दे तो सड़ लो

जो आदमी भाजपा के प्रोपगेंडा को सूट नहीं करता उसको बदनाम करने के लिए सारे भाजपा के चमचे मैदान में उतर जाते हैं चाहे वह शंकराचार्य ही क्यों नहीं हो? त्रिपाठी तुम खुद को पत्रकार कहते हो कभी खुद से पूछना पत्रकारिता के लायक हो तुम या भाजपा के चमचे हो?

शंकराचार्य परमिशन लेंगे इन चुनावी नेताओं की!!!! 😆😆😆 अरे तुमने जो किया है मोदी, तुमने सिद्ध किया है कि तुम सनातन वैदिक परंपरा पर कुठाराघात करना चाहते हो और इसका परिणाम प्रलय ही होना है, पहले शंकर का अपमान फिर शंकराचार्यों का अपमान, प्रत्येक हिंदू देख रहा है औरंगज़ेब मोदी को।

त्रिपाठी अब त्रिपाठी जी कहने में शर्म आने लगी है अगर कुछ अच्छा नहीं बोल सकते तो अपना मुँह पर टेप चिपका लिया करो ताकि कुछ गलत न बोल पाओ

अरे तेरपाठी जी चाटने में भी इतना जीभ नहीं लपकाना चाहिए

@Sanjay_Dixit Pehle Apne aachran dekh le tripathi … doormat 🐶🐕of BJpeee

आदि शंकराचार्य ने चार मठ स्थापित कर गुरु-शिष्य परंपरा से उत्तराधिकार तय किया। कोई लिखित नियमावली नहीं, परंपरा ही मार्गदर्शक रही कुंभ/माघ मेले में शंकराचार्यों का स्नान शाही सम्मान से होता है—पालकी, छत्रप और जुलूस उनके पद की गरिमा का प्रतीक हैं। यह व्यक्तिगत नियम नहीं है

सतुआ बाबा की चाटो जाओ ! तुम जैसों के आदर्श हैं वो ! धर्म की आड में धन संचय !

पुलिस सरकार ने बदला ले लिया

Sankaracharya ko seekhane wale ye do kauri ke nalle koon hain?

ये चोर लुटेरे जो कहे वो सही , इसको पूछना इसने आज तक कितनी ईमानदारी से नौकरी की है ,

अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ up पुलिस को सख्त धाराओं में केस दर्ज करना चाहिए,, कारण की इस तरह के आचरण से भगदड़ हो सकती है,,।

इस ढ़ोगी के बारे में भी दो शब्द बोलो @MediaHarshVT कब तक चरण चाटते रहोगे,, तुमको तो अब ब्राह्मण क्या हिन्दू कहने मे भी शर्म आ रही है, मन मैला, तन उजरा , बगुला कपटी अंग तासो तो कौवा भला तन मन एक हीं रंग

सही कह रहे हो त्रिपाठी जी आप उन बाबा जी के चेले हो जो कुछ महीनों मैं ४० दिन के लिए जेल से बाहर आ जाते हैं आप जैसे भक्तों और आपके मालिक को दर्शन देने के लिए।शंकराचार्य जी का आचरण आपको पसंद नहीं आयेगा नहीं आपके मालिक को आता है।

बकवास बंद कर अपनी आज संगम नगरी प्रयागराज के कुंभ मेले में जो पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो कुछ भी हुआ वो बर्दाश्त से बाहर है सकपाली भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है

जो आदमी भाजपा के प्रोपगेंडा को सूट नहीं करता उसको बदनाम करने के लिए सारे भाजपा के चमचे मैदान में उतर जाते हैं चाहे वह शंकराचार्य ही क्यों नहीं हो? त्रिपाठी तुम खुद को पत्रकार कहते हो कभी खुद से पूछना पत्रकारिता के लायक हो तुम या भाजपा के चमचे हो?

@Sanjay_Dixit युरेशिन दल्ले, बहुत दलाली कर ली तूने।

ये झूठ बोल रही हैं। एक व्यक्ति के रूप मेें उनके विचार से हम सहमत या असहमत हो सकते हैं लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद एक व्यक्ति नहीं हजारों वर्षों की शंकराचार्य परंपरा के वाहक हैं। आज वे हैं कल कोई और होगा। प्रयागराज मेला प्रशासन ने उस परंपरा को अपमानित व विखंडित किया है। यह अक्षम्य है।

कितना चाटोगे त्रिपाठी जी शर्म करो भगवान को भी जवाब देना है

क्या करोड़ों की भीड़ पहली बार हुई है ऐसे समय पर , शंकरचार्यजी महाराज पहली बार आए है। इतना अहंकार कहा से आया कि हमारे साधु संतों का अपमान कर रहे है। ?

शंकराचार्य स्वामी जी से वैचारिक भिन्नता हो सकती है उनकी बातों पर असहमत हुआ जा सकता है लेकिन उनके के साथ ऐसा आचरण करना बिल्कुल शोभा नहीं देता है उनकी नहीं तो कम से कम उनके उसे पद की तो इज़्ज़त करिए जिस पद पर वह विभूषित हैं

आप लोग जैसे नीच लोगो ने हीं सवर्णो की यह दुर्गति की है दुष्ट कहीं के एक ब्राह्मण की शिखा पड़कर के घसीट दिया गया तुमको शर्म नहीं आती है अपने औरस पिता के बारे में बोलते हुए😡😡😡😡

ये कोंग्रेसी दल्ला योगी जी महाराज जी को बदनाम करने के लिए इस तरह की गंदी राजनीति कर रहा है शंकराचार्य के पद और गरीमा को बहोत ही हल्का कर रहा है। साधु संत के एसे आचरण समाज को क्या संदेश देगा।

अंग्रेजी और मुगलई काल में भी शंकराचार्य को संगम स्नान के लिए अनुमति नहीं लेनी पड़ती थी, ये शासन गुलामी के दिनों से भी अधिक बदतर हो चुका है।

Aapko pranam h tripathi ji aapki samjh ke liye 😠😠

तू ई सब पोस्ट कर के अपने बचे खुचे समर्थको के भावनाओ का ,अपना सबकुछ लूटा तो नही दिया तिवारी? कम से कम सतुआ बाबा से राय तोशजान लिया होता ?

पुलिस ने बड़ा सम्मानित कार्य किया है, किसी भी स्थिति में यह उचित नहीं है। बाबू और सरकार धर्म के मालिक बन गए हैं।।

शर्म आनी चाहिए शंकराचार्य पर झूठे आरोप लगाते हुए ऐसे अधिकारियों के नकरापन के चलते ही अव्यवस्था फैली!!!!!!

योगी जी, सिर्फ एक मठ के मठाधीश हैं, पर अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज हिन्दू धर्म के धर्म रक्षक और ध्वजा वाहक शंकराचार्य हैं, ये जो भी हो रहा है, बहुत ही गलत हो रहा है, धर्माचार्यों को अपना सम्मान बचाने के लिए भी बीजेपी से सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा क्या?
Benzer Videolar
महराजगंज के लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए था, कड़ी निंदा करता हूं,
ANIL
94,285 görüntüleme • 1 yıl önce
