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संस्कार उम्र से बड़े है। ❤️
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लालची नहीं है बच्ची बाँट कर ख़ाना जानती है

#behavior

भोगा न भुक्ता वयमेव भुक्ताः तपो न तप्तं वयमेव तप्ताः । कालो न यातो वयमेव याताः तृष्णा न जीर्णा वयमेव जीर्णाः ॥ - भावार्थ: भोगों को हमने नहीं भोगा, बल्कि उन्होंने हमें भोग लिया। तपस्या हमने नहीं की,बल्कि हम स्वयं तप गए। काल कहीं नहीं गया बल्कि हम चले गए । तृष्णा नहीं गयी बल्कि हम जीर्ण हो गए।

बहुत सुन्दर

इसी लिए कहा गया है जब घर का नेव सही रहेगा तो दीवार भी सही दिशा में जायेगा यह आज हम देख रहे हैं यह सत्य बात है👍

अति सुंदर

श्रेष्ठता संस्कारों से मिलती है और व्यवहार से सिद्ध होती है।

संस्कार परिवार से आते है।बहुत बढ़िया संस्कार है इस परिवार में। समाज की अच्छी वीडियो डालने के लिए मैडम जी आपका धन्यवाद।

It's good to see that little Champ respects their grandparent and elders & knows that sharing is caring. Respect for our elders is the first thing that should be taught.

great
