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संसद के बाहर आवाज उठाई 🔥
155,043 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)
10 Kommentare

संसद के बाहर आवाज़ उठाने के लिए नही बने है चंद्रशेखर। उनको जनता ने संसद के अंदर भेजा है और उनकी आवाज़ मतलब जनता की आवाज है। उनको मौका नही देना संसद में बैठे स्पीकर महोदय के लिए शर्म की बात है। दलित और पिछड़े की आवाज़ आजादी से लेकर आज तक दबाई जा रही है। इसको रोकेगा कौन?

तेलंगाना की कहानी देखिए ! SC का बजट 64% घटा दिया ST का बजट 9% घटा दिया। अल्पसंख्यकों के बजट 36% बढ़ा दिया। इसपर कब क्या वो sc st भाई हमारे भाई नहीं हैं? वहाँ का दर्द भी देखिए

दलितों की सबसे ज्यादा 90% हत्या मुस्लिम प्रजाति वालों द्वारा होती है लेकिन खुद को दलित नेता मानने वाले जय भीम जय मीम का नारा एक साथ गाते हैं ओर जालीदार टोपी पहन कर दलितों का अपमान करते हैं

हमे गर्व है अपने नेता पर

एक इकलौता ही काफी है संसद में

संसद में सर्कस का नया जोकर आया है 😂😂

अगर सभी सांसद इस प्रकार आवाज़ उठाएं तो शायद ये गली सड़ी व्यवस्था खत्म हो जाए।

दलित तलवार भाला त्रिशूल रखना शुरू कर दें 🤬 ये हत्याएँ तभी बंद होंगी जब दलित भी बदला लेना शुरू कर देंगे अब वो दिन दूर नहीं है सब एक दूसरे को मारने लगेंगे! ये शिवपाल जी का जो हत्यारा है वो बहुत बड़ा नीच है कायर है तलवार लेकर एक निहत्य को मारा है ! इन हत्यारों को फ़ाँसी दो 😡

झाड़ू वालो की कमी है पार्लियामेंट में

@sukhsamrudhi22 महान नेता भाई चन्द्रशेखर आझाद
