Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

हाँ मैं बिहार से हूँ और गर्व से कहता हूँ मैं बिहारी हूँ. जय बिहार❤

34,630 просмотров • 3 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

Фото профиля Socialist Gopal
Socialist Gopal3 лет назад

माता सिताका जन्म नेपाल स्थित जनकपुर मे हुवा ।

Фото профиля Mohammad Asif Iqubal
Mohammad Asif Iqubal3 лет назад

Nothing, but celebrating the backwardness.

Фото профиля Deepak Maurya
Deepak Maurya3 лет назад

सिर्फ इतिहास पर हजारों कविता लिख दिया हैं सब वर्तमान पर भी एक दो सौ लिखों भाई लोग

Фото профиля Prince kumar
Prince kumar3 лет назад

Haa Bihari hu

Фото профиля CHANDAN
CHANDAN3 лет назад

#6ठे_चरण_प्राथमिक_शिक्षक_नियोजन मे अभी भी बहुत वैसे नियोजन ईकाई है,जहाँ एक बार भी काउंसलिंग नही हुआ है,वहाँ काउंसलिंग का सेड्यूल जारी करे महोदय

Фото профиля Smita Kumar
Smita Kumar3 лет назад

Great

Фото профиля Mast Naam Hai
Mast Naam Hai3 лет назад

हाँ 'हम' उस बिहार से हैं कहते तो अउर बन्हिया लगता ...वैसे ई भी ठीके है😊

Фото профиля pratima yadav
pratima yadav3 лет назад

❤️ ko chu gye Lin...

Фото профиля Prince Yadav
Prince Yadav3 лет назад

I am bihari

Фото профиля GANESH KUMAR
GANESH KUMAR3 лет назад

❤️❤️Jay Bihar ❤️❤️🇮🇳

Похожие видео

तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ
0:50

Sensitive content

तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ

तृप्त ...🖤

49,998 просмотров • 2 лет назад