Загрузка видео...
Не удалось загрузить видео
हिंदुस्तान नफरत का नहीं बल्कि मोहब्बत का देश है ❤️
111,183 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)
Комментарии: 7

@RahulGandhi, Is the 1984 Sikh massacre an exception to your statement?

मोहब्बत का देश है सही कहा।। सिक्ख दंगे,कश्मीर नरसंहार,देश में अराजकता, प्रोपोगंडा चलाना,सब मोहब्बत है ।।

सही कहा 100% जिस देश का राजा मोदी जी जैसा हो 👇👇👇👇👇👇👇👇👇

हम कांग्रेस को लड़ते देखना चाहते हैं,पर उसकी ढाल बनने को तैयार नहीं । हम चाहते हैं वो तलवार बन जाए, पर उसे धार देने को कोई हथौड़ा नहीं बनना चाहता। --- राघिब मोहम्मद की यह बात कोई ट्वीट नहीं, यह एक समय के अंतरात्मा की पुकार है। कांग्रेस किससे लड़े? ◆ सत्ता से ◆ संगठन से ◆ संघ से ◆ संकीर्णता से, ◆ टॉमी मीडिया से ◆ संवेदनहीनता से ◆ जोम्बी बन चुके अपने ही देशवासियों से और ये लड़ाई सिर्फ़ मोदी-शाह या अडाणी-अंबानी से नहीं है... ये उस विचार से है जो कहता है, डरो, बंटो, झुको! --- हम कहते हैं कांग्रेस लड़ क्यों नहीं रही??? क्योंकि जब वो लड़ती है, तो हम कहते हैं, कांग्रेस तो हिन्दू विरोधी है। कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। कांग्रेस अंग्रेजों की पार्टी है। जब कांग्रेस किसान के साथ खड़ी होती है, तो उसे अर्बन नक्सल कहा जाता है। जब छात्र के साथ खड़ी होती है ,तो उसे देशद्रोही बताया जाता है। जब सैनिक के हक़ की बात करती है, तो उसे सर्जिकल स्ट्राइक का अपमान बताकर चुप कराया जाता है। --- सच कहें? हमें कांग्रेस से प्यार नहीं, कांग्रेस की बलि चाहिए , ताकि हम उसकी मूर्ति खड़ी करके उसे फूल माला चढ़ा लिया करें। --- कांग्रेस लड़ी है... ◆ जलियाँवाला बाग़ से लेकर लाठी-गोली तक, ◆ भारत छोड़ो आंदोलन से लेकर मंडेला तक, ◆ मोरारजी से लेकर मोदीराज तक, ◆ कश्मीर से कन्याकुमारी तक ,वो हर बार लड़ी है। मगर अकेले योद्धा भी कभी-कभी थक जाते हैं। अगर हम साथ नहीं ,तो लड़ने वाले भी सवाल पूछते हैं — किसके लिए लड़ें? --- लड़ाई सिर्फ़ कांग्रेस की नहीं है — ये हमारी आत्मा की है, हमारे संविधान की है, हमारे बच्चे की किताबों, बुज़ुर्ग की दवा की है। माता बहनों की लाज की है। उनके अधिकार की है। --- अब तय हमें करना है कांग्रेस को अकेला लड़ने दें, या भारत को मिलकर बचा लो। क्योंकि अगर हम चुप रहे, तो कल बच्चे पूछेंगे —जब भारत को बाँटा जा रहा था, तब तुम कहाँ थे... #VijayShukla

देश में सबसे ज्यादा हत्याएं कांग्रेस के जमाने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहयोग से ही हुई। गांधी जी की हत्या के बाद 5000 से ज्यादा महाराष्ट्र के पंडितों की हत्याएं। इंदिरा जी की हत्या के बाद 10000 के करीब सिख्खों का नरसंहार। बंटबारे के समय लाखो हत्याएं नफरती तुम हो कांग्रेसियों।

Thik hai, phir. Pappu ko mohabbat denge. Aur Modi ji ko vote.

@RahulGandhi ...did you succeed ...you have so much of mohabbat for the terrorists ...
