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"हम आजादी का 75वा अमृतमहोत्सव मना रहे है" - सुनिये एक बुजुर्ग की पीड़ा

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सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में होली मना रहे थे। वे बिना किसी मर्यादा का ध्यान दिए, दूसरों को परेशान कर रहे थे, सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील वीडियो बना रहे थे और शोर-शराबा कर रहे थे। एक जगह तो एक परिवार परेशान होकर बाहर आया। बुजुर्ग ने कहा, “हमारे घर में संस्कार और सम्मान की परंपरा है। आप अपने मनोरंजन के लिए किसी और की शांति क्यों छीन रहे हो?” उस दिन रमेश और सीमा ने अपनी बेटी को यह सिखाया कि त्योहार का असली मजा केवल रंगों में नहीं, बल्कि मर्यादा और सामाजिक जिम्मेदारी में है। वे सोशल मीडिया पर वायरल होने के लालच में अपने संस्कार न भूलें। रंगों की मस्ती तो जरूरी है, लेकिन दूसरों का सम्मान और परिवार की परंपराएं और भी ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।

RIYA🌸🌸

17,759 Aufrufe • vor 6 Monaten

बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के दौरान अनशन पर बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की तबीयत बिगड़ना बेहद चिंताजनक है। राजस्थान में संभवतः यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग एक वृक्ष को बचाने के लिए अनशन जैसे कठोर कदम पर बैठे हैं। यह आंदोलन अब केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कृति और जनआस्था का प्रश्न बन चुका है। भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर अनेक जनप्रतिनिधियों द्वारा इस आंदोलन को समर्थन मिलना बताता है कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर जनहित का विषय बन चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे शीघ्र इस पीड़ा को समझें, एक वार्ता दल गठित कर आंदोलनकारियों से संवाद की पहल करें, ताकि किसी अनहोनी से पहले समाधान का रास्ता निकले।

Dinesh Bohra

18,194 Aufrufe • vor 7 Monaten