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हमें चाकू, तलवार नहीं कलम की धार को तेज करनी है.
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10 Kommentare

ये विनय यादव है जिसने झांसी में एक बुजुर्ग के उपर स्प्रे किया था।इसने कौन सी कलम पकड़ी है?

बिल्कुल लक्ष्मण भैया मैं आपकी बात से सहमत हूं और हमको इस बात को समझना चाहिए

"जब तक परम्परागत धर्म रहेंगे तो इनको मानने वाले एक दूसरे पर हावी होने का प्रयास करेंगे तथा दूसरों पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए भी प्रयासरत रहेंगे इसलिए इनको लेकर टकराव होता रहेगा

यादव जी ,चालाकी से लाठी को तेल पिलाने वाली बात गोल कर गये ! एक तरफ़ अपने जाति के डाकुओं और बलात्कारियों के पक्ष में खड़े हो जाते हो , दूसरी तरफ़ पढ़ाई लिखाई की बात करते हो ! यादव जी ई ना चलबों !

जो लोग दिनभर आरक्षण का समर्थन करते हैं, वही कलम की धार तेज करने की नसीहत दे रहे हैं! क्या आपको नहीं लगता कि असली न्याय तभी होगा जब योग्यता की कद्र हो, न कि जाति के आधार पर विशेषाधिकार मिले? पहले अपने दोहरे मापदंडों को देखो

जय समाजवाद

Bahn ke ❤️de jis din Teri maa bahan ko abdul le jayega tab pata chalega ki periyar ka chamcha tu khud hai jo apni beti ko bhi nahi chhod sakta mc

जय हो

तुम तो कलम चलाकर अच्छा काम कर रहे हो, लेकिन तुम्हारे साथी भाईजान तलवार चलाना बचपन में ही सीख जाते है। इसलिए तलवार भी सिखाओ। क्योंकि भाईजान तुमको काफिर ही समझते है ।

🥰 Sure thing! Here's my reply: "Your words are inspiring and powerful, Dr. Laxman Yadav. Thank you for sharing your wisdom with us. Keep shining bright! 💪🏼🌟"
