Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

हम फटी "जींस" पर लड़ते रहे, वो "धोती" पहन कर आ गए ..!! हमने "भगवद गीता" खोली भी नहीं, वो " पूरा श्लोक" सुना गये ..!! हम सीखते रहे गुड मॉर्निंग, गुड नाइट, हेलो-हाय वो हाथ जोड़कर हमसे जय श्री राम बुलवा गए. हमारी संस्कृति 🚩 हमारा गौरव सनातन...

13,903 görüntüleme • 4 ay önce •via X (Twitter)

10 Yorum

Shashikant Rai profil fotoğrafı
Shashikant Rai4 ay önce

@Pratyancha007 जयतु सनातन धर्म 🚩

Shashi Bhushan Prasad profil fotoğrafı
Shashi Bhushan Prasad4 ay önce

@EkNoGhamandi 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Om Prakash Rastogi profil fotoğrafı
Om Prakash Rastogi4 ay önce

जयतु सनातन

सनातनी बिश्नोई 29भाजपा profil fotoğrafı
सनातनी बिश्नोई 29भाजपा4 ay önce

@SureshA74732559 जय श्री कृष्णा राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे

Shrishriguruji ( सनातनी हिन्दू) profil fotoğrafı
Shrishriguruji ( सनातनी हिन्दू)4 ay önce

@narpat_rat18280 जय जय हो जय जय सत्य सनातन धर्म संस्कृति 🔥🔥

Phool singh Nagar profil fotoğrafı
Phool singh Nagar4 ay önce

जय सनातन धर्म की

☆♡☆💕😍बीirendre135😘💞☆♡☆ profil fotoğrafı
☆♡☆💕😍बीirendre135😘💞☆♡☆4 ay önce

🌹🌷🌺🌼🌸🙌🌼🌼🌺🌷🌹

लोहार profil fotoğrafı
लोहार4 ay önce

जय श्री राम कृष्ण 💕

bap king profil fotoğrafı
bap king4 ay önce

Mere Bhaiya Agar Main Sahi Hun To Hamesha Aisi Bimari hai jismein Skin ka color Utar jata hai mere pados mein bhi Ek Ladki Hai Jo bilkul angreji dikhti hai per uske andar Bimari hai

प्रत्यंचा अमोघ 🚩🇮🇳🇮🇳🚩 profil fotoğrafı
प्रत्यंचा अमोघ 🚩🇮🇳🇮🇳🚩4 ay önce

वाह!!

Benzer Videolar

एक बार एक ज्योतिषी हमारे घर आए पिताजी का इंतजार कर रहे थे तो मैं वहां से गुजर रही थी मेरा हाथ देखकर बोले तुम एक दिन इस देश की प्रधानमंत्री बनोगी.. पिताजी ने ये सुना तो मुझे बहुत डांटा कि तुम ये क्या कर रही हो। हमें सत्ता नहीं चाहिए हम कोई राजा महाराजा नहीं है हम भी साधारण जीवन जीते हैं। 12 साल की उम्र में हमारी दादी को मार दिया हमारे घर में उनकी हत्या की आज वो घर म्यूजियम है मेरी मां उन्हें हॉस्पिटल लेकर गई वो सालों तक सदमे में रहीं । 7 साल बाद हमारे पिता जी की हत्या कर दी गई हमने जीवन में बहुत कुछ खोया है। राहुल गांधी बचपन से गहरे इंसान रहे है वो हमेशा न्याय की लड़ाई लड़ते हैं हमेशा सच बोलते है।

Jeetu Besla

253,435 görüntüleme • 3 ay önce

आज जब श्री राम मंदिर अयोध्या की बात आती है इस बार कुछ अप्रत्याशित घटित हुआ, अयोध्या में जब हमें वांछित सफलता नहीं मिली तो विपक्ष के लोगों के चेहरे पर अलग से चमक दिखाई दे रही है , हमारे विरोधी बता क्या रहे हैं, चित्रकूट बस्ती रामटेक रामेश्वरम सारी सीटें गिना रहे है कि जहाँ जहाँ भगवान राम के स्थान थे थे वहाँ वहाँ भाजपा हार गई । यानि जो कभी अयोध्या में भी भगवान राम का अस्तित्व नहीं मानते थे, वो आज ख़ुद पूरे देश में भगवान राम के स्थानों का प्रमाण दे रहे हैं। श्री राम प्रभु की लीला आप समझ नहीं पाए वे हमें हरवाना नहीं चाहते थे, नहीं! भगवान राम आपको अपना अस्तित्व मनवाना चाहते थे। भगवान राम को भी एक बार नागपाश लगा था हनुमान जी को उनकी शक्तियां याद दिलाने के लिए। एक बार यूपी में भी ये नारा भी लगा था कि मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जयश्रीराम पर तब वो भी हम अपने विचार और निष्ठा से डिगे नहीं थे और केवल तीन साल बाद हमने केंद्र में सरकार बनाकर दिखा दी थी। हमारे लिए श्री राम चुनावी हार-जीत का विषय नहीं है। हम दो सीट पर भी वैसे ही खड़े थे 282 पर भी 303 पर भी, और आज भी 240 पर वैसे ही खड़े हैं।

Dr. Sudhanshu Trivedi

110,925 görüntüleme • 2 yıl önce

आज हम यमुना किनारे पहुँचे थे। सोचा था कि दिल्ली के भूतपूर्व LG Delhi विनय सक्सेना भी आएंगे और चाय पर चर्चा होगी — यमुना की हालत पर, प्रदूषण पर और दिल्ली के लोगों से किए गए वादों पर। उपराज्यपाल साहब का सरकारी फेयरवेल हुआ था, लेकिन उसमें हमें नहीं बुलाया गया। इसलिए हमने सोचा कि हम ही उन्हें यमुना किनारे निमंत्रण दें, क्योंकि यमुना से उनके “प्यार” की बात हम सबने कई बार सुनी है। हमने यहीं चाय की व्यवस्था की, सब साथी इकट्ठा हुए और उनका इंतज़ार भी किया। लेकिन भूतपूर्व उपराज्यपाल साहब नहीं आए। सोचा था कि आते तो यमुना की मौजूदा हालत देखकर दिल्ली की जनता को बताते कि जो बड़े-बड़े वादे किए गए थे — यमुना सफाई, प्रदूषण कम करने और दिल्ली को राहत देने के — वो अब तक पूरे क्यों नहीं हुए। खैर, उम्मीद है कि हमारा यह संदेश उन तक पहुँचेगा। हम आज भी उनके जवाब का इंतज़ार कर रहे है।

Sanjeev Jha

57,670 görüntüleme • 6 ay önce

हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है- यतो धर्मस्ततो जयः! यानी, जय का शक्ति का मूल धर्म है। धर्म यानी, Duty, Justice, धर्म यानी, स्वभाव, सम्भाव, धर्म यानी, संवाद, संवेदना। और यही Nation First की भावना में भी समाहित है। भारत अपनी पावर को इसी लेंस से देखता है, इसी तराजू पर तौलता है। भारत की एक और विशेषता है, और अब तो दुनिया ने भी मान लिया है। हम किसी क्षणिक घटना पर उतावले होने वाले देश नहीं हैं। हम वो हैं, जिसने विकास और विनाश देखा भी है, झेला भी है। हम वो देश हैं, जिसके जेहन में युगों की मेमोरी चिप लगी हुई है। इसलिए भारत जो कर रहा है- वह आने वाले 1,000 वर्ष का Future लिखने वाला है, और यही दुनिया के लिए सबसे बड़ी भारत की गारंटी है। भारत, Fast-Growing Economy भी है और एक Credible Economy भी है, और भारत rising power के साथ-साथ reliable power है। - पीएम श्री Narendra Modi पूरा वीडियो देखें:

BJP

39,048 görüntüleme • 3 ay önce

केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल का उत्तर तथा संजीवनी के पीड़ितों के विषय में मेरे विचार : तो मैंने कब मना किया, हम कुछ नहीं कर रहे हैं, हमें तो जैसे ही मालूम पड़ा कि एमएलए फंड का नहीं है हमनें खुद ने ही मना कर दिया। जानबूझ कर इनके पास में कहने को कुछ है नहीं तो इश्यू बना रहे हैं। कोई जरूरी है मैं उद्घाटन करूं वहां जा कर के, मैनें कभी कहा भी नहीं है, न्यूज़ तब बनती है जब हम कह दें हम तो करेंगे और सरकार कह दे कि आप नहीं करोगे, ये तो बात ही नहीं हुई है तो इनको कहो कि कोई इश्यू जो हम उठाते हैं उनका जवाब दे। जवाब उसका दे नहीं रहे हैं और आप राइट एंड लेफ्ट कर रहे हैं तो ये कोई तरीका नहीं हुआ। वो उन्होंने मेरे खिलाफ केस कर रखा है, डिफेमेशन का केस कर रखा है मैं तो उम्मीद कर रहा था अब ये समझ गए होंगे मेरी भावना क्या थी उस वक्त तो डिफेमेशन केस मेरे खिलाफ कर रखा है वो वापस ले लेंगे, मैं तो ये उम्मीद कर रहा हूं उनसे, और वो उल्टा नया इश्यू खड़ा कर रहे हैं, ये बात है। आज मैं फिर कहना चाहूंगा, जो लोग, वो आपका जो कौन सा इश्यू था, वो हैं न जिसमें जेल गए थे कई लोग, क्या नाम था उसका ? संजीवनी, संजीवनी घोटाला, मैं चाहूंगा वो यहां आकर अभी देखें दो तीन बार बन गए एमपी बन गए, और उनको कैबिनेट मंत्री बनाया गया है दिल्ली के अंदर। कैबिनेट मंत्री कोई मामूली बात नहीं होती है , कैबिनेट मंत्री बनना बड़ी बात है वो सरकार के पार्ट हैं वहां पर उनको चाहिए वो आगे आएं, हम लोग आपस में बात करें , अगर उनको निर्दोष है जैसा वो दावा करते हैं तो हमें खुशी होगी कि आप निर्दोष साबित हों, नंबर एक। नंबर दो मैं चाहूंगा कि वो आगे आएं, हम लोग आपस में बातचीत करें बैठ के चर्चा करें और जो लोग पीड़ित बेचारे हैं ,किसी के पचास लाख, अस्सी लाख, एक करोड़, पच्चीस लाख, कोई कल्पना नहीं कर सकते,ऐसे लोग जिनकी पूरी पेंशन की पेंशन गायब हो गई ,गहने बेच के दे दिए, उधार दे दिए कि भई ब्याज अच्छा मिल जाएगा , ऐसे ऐसे लोग मेरे पास आए हैं डेढ़ डेढ़ सौ लोग ,अपन बात सोच नहीं सकते किस प्रकार से वो तकलीफ में हैं उन तकलीफ को हम हटाएं। हमारा कोई एम नहीं है किसी को टारगेट बनाने का, हम चाहते हैं उनकी जो समस्या हैं वो कैसे हल हो इसलिए हम चाहेंगे कि गजेंद्र सिंह शेखावत जी खुद बात करें आपस में बात करें और एक कमेटी जो काम कर रही है संघर्ष समिति उसको बुला लें और जो पीड़ित लोग हैं उनमें पांच दस लोगों को बुलाएं बैठ कर बातचीत करें कि भई इनकी समस्या या हैं इनके आरोप ये ये हैं।

Ashok Gehlot

14,486 görüntüleme • 1 yıl önce

अंता उप चुनाव को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में : अंता का चुनाव जीतेंगे, अंता का चुनाव जीतेंगे, प्रमोद जैन भाया पहले उम्मीदवार थे अब हमारे रंधावा साहब आ रहे हैं दिल्ली से, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी सब आपस में बैठकर बातचीत करेंगे, अब कौन उम्मीदवार हो उसका फैसला भी आजकल में जल्दी होने की उम्मीद है और उसके बाद में सब लोग लग जाएंगे काम में और सीट निकाल लेंगे हम लोग। मीडिया द्वारा श्री नरेश मीणा को लेकर प्रश्न के जवाब में : वो नौजवान आदमी है, उनको थोड़ा सब्र रखना चाहिए, उनका लंबा कैरियर है, लंबा कैरियर है, मुझ से भी एक बार वो मिले थे, मैं चाहूंगा कि वो भी थोड़ा शांत स्वभाव रखें अपना, लंबी रेस का घोड़ा हो सकता है वो पर अपने जो उनका गुस्सा है उसको वो ठंडा कर लें, शांत दिमाग से बात करें सब को साथ लेकर चलने की बात करें तो उनका लंबा कैरियर है, वो हो सकता है कि वो कामयाब भी हों। जल्दबाजी करेंगे तो वो आप जानते हो जल्दबाजी करता है वो ठोकर खा जाता है ,हम चाहेंगे वो ठोकर नहीं खाएं।

Ashok Gehlot

106,832 görüntüleme • 11 ay önce

महिपाल सिंह मकराना बोले ; हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया" स्वर्ण समाज को ओबीसी से टाइड जा रहा है, SC -ST को हमसे 80 साल लगले अलग कर दिया गया। आज वे हिंदू ना होकर बौद्ध हो गए हैं, क्रिश्चियन हो गए है, मुस्लिम हो गए हैं। उसने हिंदू देवी - देवताओं को गालियां निकलवाई जा रही है। अब हमें मूल ओबीसी का जो समाज है, जो हमारे जीवन से मृत्यु तक साथ रहने वाली कौम है। अब उनको हमसे दूर करने के लिए ये ये लोग UGC लेकर आए हैं। हम लोग यहां गांधीवादी तरीके से आए है, आपको हमारी 24 दिन की 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा आखिर क्यों रास नहीं आई ? क्या आपको उसी तरह के आंदोलन पसंद है जिसमें आपकी बहन -बेटियों को गाली निकाली जाए ? आपकी मातृ शक्ति को गाली दी जाए ? गंदे - गंदे स्लोगन लिखे पोस्टर लाए जाएं ? पुलिस के मुठभेड़ की जाए ? ऐसे लोग जो हाथापाई करे ? वो ही पसंद है ? मकराना ने कहा कि हम हाथ में गीता और संविधान लेकर चल रहे थे। इनको संविधान से चलना है या लाठी - भाटे से चलना है ? मकराना का आरोप है कि "हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए इन्होंने हर एक वो हथकंडा अपनाया।" मकराना ने कहा कि लेकिन, हमने इनको वापस प्रतिउत्तर नहीं दिया....हालांकि, हम उनको प्रतिउत्तर देने के लिए इनसे 20 गुना ज्यादा थे। अगर, हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी। लेकिन, हम संविधान से चलने वाले लोग है, इसलिए रुक गए।

Dinesh Bohra

104,778 görüntüleme • 1 ay önce

स्व. श्री भैरोंसिंह शेखावत की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब : जोधपुर की बात छोड़ो, मेरे संबंध उनसे अच्छे हो गए थे। वो बत्तीस पर आ गए, मैं 156 पर आ गया। तब भी हमारा उस वक्त से ही संबंध अच्छे रहे। सीधा मैं शपथ लेकर उनके घर गया। वो लंबी कहानी छोड़ दो। मैं कह चुका हूं। मीडिया द्वारा पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को डिले करने को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब: आज फिर खबर पढ़ी मैंने कि OBC का जो रिकमेंडेशन है उसके लिए तो अपने हिसाब से करेंगे। नीयत खराब है, हाईकोर्ट दो बार कह चुका, इस सरकार को भंग करने लायक सरकार है ये। मैंने पहले भी कहा, ऐसी सरकार जो संविधान की पालना नहीं कर रही है। हमने प्रयास किया, नहीं माना स्ट्राइक के वक्त में हमें चुनाव करवाने पड़े। हम भी कोई बहाना ढूंढ लेते। आज ये चुनाव नहीं कराने के बहाने ढूंढते हैं। इतनी घबराई हुई है कि साफ हो जाएंगे हम नगर निकायों में, पंचायतों में। को-ऑपरेटिव में चुनाव नहीं करवा रहे। कल आए को-ऑपरेटिव वाले मेरे पास में। राजस्थान के अंदर स्थिति बड़ी गंभीर है, हर वर्ग असंतुष्ट है। ऐसी सरकार आजादी के बाद में कभी आई नहीं होगी, यह मैं कह सकता हूं। ये मंत्री जी हैं न आपके जो इनको मैं कहना चाहूंगा अगर आप ये दस साल में मेरे साथ दो-तीन बार चाय पी लेते तो इनको कम से कम मैं सुझाव देता काम कैसे कराए जाते हैं। ब्रॉड गेज आ गई जोधपुर के अंदर, दो ट्रेन चलती थी, अब पचास चलती होंगी। हिंदुस्तान भर में जुड़ गए हम लोग, पानी लेकर हम आ गए। क्या-क्या काम उस वक्त नहीं हुआ बताइए आप। एयरपोर्ट भी उस वक्त बना था। सब कुछ हमारे वक्त में काम हुए और काम भी इस प्रकार से हो गए जो लोग कल्पना नहीं करते थे। लोग मांग नहीं करते थे, उसके पहले काम हो जाते थे। यह हमारी अप्रोच थी। अब यह पता नहीं अपने को तीस मार खां समझते होंगे कि सब अक्ल मेरे में ही है इसलिए किसी को सलाह करते नहीं हैं। अरे हम भी यहां के एमपी रहे हुए हैं। हमसे बातचीत करते, बैठ के बातचीत करते, चाय पर बुलाते, चाय पर आते, कुछ करते तो हम भी अपने जो अनुभव थे, शेयर करते हम लोग। हो सकता है राजस्थान का या जोधपुर का भला ज्यादा होता। ये अपनी भूमिका पूरे राजस्थान में निभा सकते थे। पर ये तो ये तो यही हैं। बड़ी-बड़ी मीठी बातें करते रहते हैं और काम पास कर रहे हैं। तो भाई इनको समझाओ कम से कम जोधपुर में आपकी बारह साल में क्या उपलब्धि है। बारह साल हो गए मोदी जी को, बारह साल इनको हो गए। इनको बताओ एक उपलब्धि, बताएं कि मेरे वक्त में उपलब्धि हो गई। ये ओवर ब्रिज बन रहा है, पता नहीं कब बनेगा, वो भी मैंने गडकरी जी को कह करके इसको सेंक्शन करवाया। ठीक है वो केंद्रीय मंत्री हैं तो मुझे एतराज नहीं है। पर मेरा सुझाव था क्योंकि मैंने कहा स्टेट गवर्नमेंट से एक हज़ार करोड़ के मैंने सेंक्शन कर दिए इसके लिए, तो मुझे पता था कि ये जो आपका एरिया है, क्या बिल्डिंग का नाम क्या है, हैदर बिल्डिंग, यहां हमें तकलीफ आएगी क्योंकि अंडर ब्रिज बन सकता है ओवर ब्रिज भी हो सकता है, तो मैंने कहा ये काम, ये एक्सपर्टाइज़ करते हैं गडकरी जी और इनका डिपार्टमेंट। वो बनाएं इस बात को लेकर, डीपीआर करवा दी और मेरे ख्याल से मोदी जी ने शिलान्यास भी कर दिया, मैंने सुना है। पता नहीं आगे काम कितना बढ़ रहा है।

Ashok Gehlot

21,582 görüntüleme • 3 ay önce

वर्धमान जिले में इस बार भी हम ममता बनर्जी AITC 16 की 16 सीट जीतेंगे – सयानी घोष अभिनव पाण्डेय – ये आपके कौनसी नंबर रैली है आप गिनती कर पा रही है पर डे कितनी रैली होती...? सयानी घोष – नोट रियली बट 80 से 85 के बीच होगी, रोज 4 – 5 मीटिंग रैली होती हैं...। अभिनय पांडेय – जय श्री राम के समकक्ष आपका जय बांग्ला नारा है...? सयानी घोष – जय श्री राम तो पोलिटिकल नारा हो नहीं सकता, वो रिलीजन स्लोगन है, जय बांग्ला हमारा नारा है बंगाल का AITC नारा है...! हमको भगवान् राम जी नाम लेकर राजनीति नहीं करनी पड़ती इतने बुरे दिन AITC के नहीं आए...! मैं 16 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में गई 16 साल काम किया फिर पॉलिटिक्स में आई अभी में AITC की यूथ विंग की प्रदेश अध्यक्ष हु....।

Ratan acharya

131,456 görüntüleme • 4 ay önce

शिव प्रभात! 🚩 "शहादत की वो दीवार आज भी पूछ रही है—हमने तो गर्दन कटा ली, क्या तुम अपनी रीढ़ की हड्डी भी बचा पाओगे?" 🚩🔥 ​सुनो ओ जीवित लाशों! उन साहिबजादों की रगों में वो रक्त था जो मौत के जबड़े में हाथ डालकर हिंदू संस्कृति का गौरव छीन लाया। ⚔️ उनका स्वाभिमान अरावली की विशालता को भी छोटा कर देता था, जिन्होंने दीवार में चुनते वक्त जल्लादों की आँखों में आँखें डालकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी। 🧱🔥 ​आज तुम दीपू दास जैसे वीर के बलिदान पर बिलों में घुसे बैठे हो? धिक्कार है तुम्हारी उस नपुंसक शांति पर! साहिबजादों ने धर्म के लिए अपनी चमड़ी तक उधड़वा ली, पर तुम आज अपने भाइयों के जनाजे पर मौन रहकर अपनी कायरता का प्रमाण पत्र दे रहे हो। आँखों के आँसू पोंछो मत, उन्हें तेजाब बनाओ, क्योंकि तुम्हारे पूर्वज शेर थे और तुम गीदड़ों की तरह जीना सीख गए हो! 🙏🛡️ ​#VeerBalDiwas #HinduPride #Aravalli #brand_khushi 🕉️

खुशी 🚩 सनातनी लड़की 🚩

16,339 görüntüleme • 8 ay önce