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Ana Sayfaya Dön

हम महाराणा प्रताप , मंगल पांडे , सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर तिवारी आज़ाद के वंशज है , लाठी डा डंडों से डरने वाले नहीं हैं , हमने आज़ादी दिलाई हम आरक्षण , एससी एसटी एक्ट और यूजीसी से भी आज़ादी दिलायेंगे , मोदी जी अभी आज ये ट्रेलर है...

13,750 görüntüleme • 3 gün önce •via X (Twitter)

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हर्ष दुबे इस आंदोलन का नेता नहीं , ये आंदोलन समस्त सवर्ण समाज के लोग कर रहे हैं , भाजपा इस आंदोलन को नष्ट करना चाहती है , ब्रजेश पाठक कभी ब्राह्मणों के समर्थन में खड़े नहीं होते । ब्रजेश पाठक एक बार बोल दें की जातिगत आरक्षण , एससी एसटी एक्ट और यूजीसी एक्ट ग़लत है मैं मान लूंगा की वो हमारे शुभ चिंतक हैं । जो व्यक्ति एक शब्द बोल नहीं सकता वो कैसे हमारी बात मोदी तक पहुँचा सकता है , हर्ष को फ्लाइट से लखनऊ बुला कर और बिना सबकी सहमति लिए इस तरह से प्रेस करना पीठ में छुरा मारने जैसा है अब हम इसको भूलेंगे नहीं । #यूजीसी_रोलबैक #एससी_एसटी_एक्ट_रोलबैक #जातिगत_आरक्षण_वापस_लो

Swami Anand Swaroop

53,017 görüntüleme • 3 gün önce

6 आर्टिफिशियल दलितों ने मेरे दो बुआ के लड़कों पर लाठी से अटैक किया था पहले उन लोगों ने ही मारा था उसके बाद सिर्फ दो लोगों ने इनको ऐसा सबक सिखाया की जिंदगी भर याद रखेंगे ये होती है राजपूत पावर यह बात अलग है कि दोनों आज एससी एसटी एक्ट में मुकदमा झेल रहे हैं और वह आर्टिफिशियल दलित सरकार से मुआवजा ऐंठ चुके हैं सिवान में भी मुझे लगता है अपने लोग एससी एसटी एक्ट के डर से नहीं निकले होगे और ये अंबेडकर वादी गुंडे गांव में संतोष जी को नंगा करके घुमाते रहे जितनी बार वीडियो देखते हैं उतनी बार खून खौलता है SC ST एक्ट जजिया से भी ज्यादा खतरनाकहै हम राजपूत जजिया के बाद भी सरवाइव कर गए पर इससे बचना मुश्किल है थैंक्यू Narendra Modi

क्षत्रिय इतिहास RAJPUT HISTORY

21,553 görüntüleme • 6 gün önce

गलती तो हुई है सवर्णों से............ अगर एससी-एसटी एक्ट का विरोध किया होता तो आज यूजीसी न आता ... 2018 में फर्जी केसों की बढ़ती संख्या देखकर उच्चतम न्यायालय ने एससी-एसटी एक्ट में बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक लगाकर एंटीसिपेटरी बेल की इजाजत दे दी, लेकिन कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार ने संसद पटल में पलट दिया ..... अगर उसी समय सवर्ण समाज सड़कों पर उतरा होता तो आज यूजीसी रेगुलेशंस देखने की नौबत न आती। लेकिन नहीं हमने उन्हें लोकसभा में तीन सौ से अधिक सीटें जिता दी । जाहिर है उन्हें लगा कि इन गुलामो पर तो कोई असर पड़ना नहीं है तो एससी-एसटी एक्ट मजबूत करने से भी पक्ष में न आए दलितों को यूजीसी के नाम पर पक्ष में कर लिया जाए और यूजीसी रेगुलेशंस ले आए लेकिन उस पर कोर्ट ने रोक लगा दी अब क्या करें तो दलित एक्ट लगाने वालों की ईनामी राशि 40% बढ़ाने जा रहे हैं । कहावत है बच्चा न रोये तो मां भी दूध नहीं पिलाती है अगर विरोध किया होता तो बजट में भी कुछ हासिल हो जाता, दमन को बर्दाश्त करने पर दमनकारी के हौंसले बुलंद हो जाते हैं। "मोदी है तो मुमकिन है" highlight

सूर्य प्रकाश मिश्र

11,634 görüntüleme • 9 gün önce

संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि ये जीवन जीने का एक माध्यम है और इसकी भावना हमेशा एक समान रहती है। ~ बाबासाहेब डॉ अंबेडकर संविधान सभा के सभी महान नेताओं के बहुमूल्य योगदान को हम याद करतें हैं। महात्मा गाँधी, पंडित जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आज़ाद, राजेंद्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू व बाबासाहेब अंबेडकर जैसे अनगिनत राष्ट्रनायकों ने नवीन भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत संविधान के बुनियादी सिद्धांतों — न्याय, समानता, आज़ादी, परस्पर भाईचारा, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद को बचाने की है। आज संविधान दिवस पर हम यह पुनः प्रण लेते हैं कि हम देश की एकता और अखंडता के लिये, प्रेम और भाईचारे के लिए, सौहार्द और सद्भाव के लिए लोकतंत्र और संविधान की स्वतंत्रता क़ायम रखेंगे। जय हिंद #ConstitutionDay

Mallikarjun Kharge

47,394 görüntüleme • 9 ay önce

#WATCH | दिल्ली: नगीना से निर्दलीय सांसद और आज़ाद समाज पार्टी - कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, "अभिव्यक्ति की आज़ादी है, कोई किसी के लिए भी पुरस्कार की मांग कर सकता है। मोहन भागवत तो सरकार से मालिक हैं उन्हें मांग करने की क्या जरूरत है... वे कह देंगे तो कौन मना करेगा?... देश की आज़ादी में किसका कितना बड़ा योगदान है यह किसी से छिपा नहीं है। हम लंबे समय से कांशीराम साहब को भारत रत्न दिया जाए इसकी मांग कर रहे हैं... 1857 क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर उनके लिए भी हमने भारत रत्न की मांग की है... लेकिन ऐसे महापुरुषों को भारत रत्न न देकर सरकार इन वर्गों का अपमान कर रही है, यह हमारे लोग होने नहीं देंगे और वोट से इसका बदला लेंगे।"

ANI_HindiNews

26,947 görüntüleme • 6 ay önce