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हम विश्वरूप नहीं क़र्ज़ गुरू हैं ॥ देश का सत्यानाश हो चुका है ॥

12,053 просмотров • 4 месяцев назад •via X (Twitter)

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सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर क्यों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को AI Summit के अंदर Compromised PM के खिलाफ आवाज़ उठाने की जरूरत पड़ी? जिस देश का मीडिया, सिस्टम और खुद प्रधानमंत्री ही compromised हो चुके हों, उसके खिलाफ आवाज़ उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है? सड़कों पर प्रदर्शन करें तो रोक दिया जाता है। IT Rules की आड़ में सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट हटवाई जाती हैं। मीडिया सरकार का भोंपू बन चुका है। तो फिर हमारे पास क्या जरिया बचता है? हम AI Summit के खिलाफ नहीं हैं। हम भारत के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं। जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते साइन हो रहे हों, युवाओं को बेरोज़गार रखकर नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा हो, तो क्या हम खामोश रहें? नहीं। शायद यह संभव नहीं। यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है। अगर प्रधानमंत्री compromised हों, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि जनता खामोश हो जाए। हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ता पर अगर चलना जानते हैं, तो सरदार भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर भी चलना जानते है। देश के युवाओं, किसानों के हितों का सौदा कतई नही होने देंगे। इंकलाब जिंदाबाद। 🇮🇳✊

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