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हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि स्थानीय प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें...
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Jai Shree Ram 🙏

राम राम भाई सारा नै 🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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आप के नेतृत्त्व पर हमें गर्व है। एक निवेदन है मेरा की एक अवसर और ग्रामीण जनता को दी जाती तो छूटे लोग भी निःशुल्क बिजली के कनेक्शन प्राप्त कर लेते। अभी भी बहुत से गरीब बंचित हैं।

Jay siyaram har har mahadev 🌹🚩🚩🚩🚩

सत्ता के संरक्षण मे लूट करते हुए प्राइवेट अस्पताल आम आदमी के जीवन मे अगर सबसे कुछ ज्यादा जरूरी है तो वो होता है उसके परिवार के लिए दो वक़्त की रोटी, बच्चों की पढ़ाई लिखाई और घर मे कोई बीमार हो जाए तो उसके लिए समय से दवाई!! लेकिन आज के दौर मे देखा जाए तो एक तरफ तो बढ़ती हुई महंगाई मे इंसान दो वक्त की रोटी का जुगाड़ ही बड़ी मुश्किल से कर पा रहा है क्यूंकि खाने पीने से रहने तक़ की चीज़ो मे जो महंगाई की आग लगी हुई है उस से पार पाना आसान नहीं, उसके बाद आता है बच्चों की पढ़ाई तो अब उसमे भी ये है कि पढ़ाई जरूरी तो है लेकिन उसके लिए समझौता किया जा सकता है कि बढ़िया स्कूल कॉलेज ना सही थोड़ा सस्ता चल जायगा और वो भी नहीं तो सरकारी स्कूल भी चल जायगा और वो भी नहीं तो बिना पढे ऐसा नहीं कि इंसान की जान चली जायगी वो फिर भी जीवित रहकर अपना जीवन यापन कर सकता है!! लेकिन ज़ब बात दवाई की आती है तो यहां आकर इंसान लाचार और बेबस नजर आता है, होता क्या है कि एक तरफ तो सरकार की तरफ से बड़े बड़े वादे किए जाते है कि फ़लानी योजना ढिकानी योजना, फलाना कार्ड ढिकाना कार्ड लेकिन सरकार द्वारा जनहित मे चलाई जा रही योजनाओं को भी प्राइवेट अस्पताल अपने निजी हित के लिए उन योजनाओं को पलीता लगा रहा है जबकि अगर एक आम आदमी के जीवन से जुडी हुई सच्चाई की तह तक़ जाओ तो आप क्या पाते हो कि जैसे तैसे खेती किसानी मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले इंसान के घर मे ज़ब कोई बीमार हो जाता है और जेब मे उसकी नाम मात्र के पैसे होते है तो उसको यमराज और भगवान दोनों एक साथ याद आने लगते है क्यूंकि वो जानता है कि सरकारी अस्पताल मे उचित इलाज मिलेगा नहीं और प्राइवेट अस्पताल मे चला गया तो वहाँ जो सत्ता संरक्षित चिकित्सा माफिया बैठे हुए है उनके द्वारा बेड चार्ज, दवाइयो पर ओवर प्रिंटिंग, डॉक्टर की अनावश्यक दिन मे चार चार विजिट,अस्पताल की बनाई हुई ख़ुद की लेब मे की जाने वाली अनावश्यक सेम्पल जाँच के नाम पर मुझसे जो रंगदारी वसूली जायगी उसको मै अपनी जमीन जायजाद और यहाँ तक़ की ख़ुद को भी बेच दूंगा तो चुका नहीं पाऊँगा!! चूंकि सारे डॉक्टर और सारे प्राइवेट अस्पतालो मे ये रंगदारी नहीं वसूली जाती लेकिन ज्यादातर जो सत्ता से जुड़े हुए लोग है उनके द्वारा इस तरह का कृत्य बड़े स्तर पर सिर्फ इसलिए किया जा रहा है कि आका ऊपर सरकार मे बैठे है कुछ को हिस्सा भेज दिया जाता है कुछ को अन्य तरीके से फायदा पहुंचाया जाता है और कई अस्पतालो मे तो सत्ता मे बैठे हुए लोगो की हिस्सेदारी भी होती है जिस वजह से ये लूट प्राइवेट अस्पतालो के द्वारा बड़े स्तर पर मचाई जा रही है!! एक समय डॉक्टर्स को भगवान का रूप माना जाता था लेकिन आज के समय कुछ लोगो ने डॉक्टरी को व्यवसाय बना लिया है और उसमे उनका एक मात्र एजेंडा सिर्फ पैसा कमाना रह गया है पैसे के सामने उनके लिए कोई चीज मायने नहीं रखती, वही दूसरी तरफ कुछ अच्छे डॉक्टर और अस्पताल ऐसे है भी जिनके लिए डॉक्टरी आज भी समाज सेवा है ना कि व्यवसाय!! कई बार देखा जाता है कि मरीज को सिर्फ इसलिए इलाज समय से नहीं मिल पाता कि उसके परिजन एडवांस मे पैसे की व्यवस्था नहीं कर पाते है और अपने सामने अपने करीबी घर परिवार के सदस्य को मरता हुए देखते है चाह कर भी वो उस अस्पताल के खिलाफ कुछ नहीं कर पाते है क्यूंकि आम आदमी की इतनी हैसियत नहीं होती कि अकेले इन माफियों से लड़ सके या इनका सामना कर सके अगर कोई हिम्मत करके इनके खिलाफ आवाज़ उठाये या विरोध करे तो सत्ता मे बैठे इन माफियों के आका के इशारे पर पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है!! इसलिए प्राइवेट अस्पतालो के द्वारा जो लूट जाँच के नाम पर, बार बार विजिट के नाम पर, बेड चार्ज के नाम पर, मरीज को भर्ती करने से पहले एडवांस के नाम पर की जा रही है इसको नहीं रोका गया और सरकार के द्वारा इनकी वाजिब फीस निर्धारित नहीं की गयी और इस से संबंधित आदेश जारी नहीं किया गया तो आने वाले समय मे ये तय है कि इस देश के अंदर एक बड़ा आंदोलन प्राइवेट अस्पतालो की लूट के खिलाफ होना तय है!! ✍️विपिन नागर एड0

भाजपा अगर श्री राजीव दीक्षित जी के विचारों को अनुसरण करेगी, तो जल्द ही हस्पतालों से भीड़ कम हो जायेगी एवं अंग्रेजियत की वजह से जो भारतीय टेलेंट गांव में खत्म होता जा रहा है, वो बच जायेगा।

Local products like drugs,desi daru, cow steaks etc ..?

Jai shree Ram ji


