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हमारा कितना नैतिक पतन हो गया है?

259,086 views • 1 year ago •via X (Twitter)

10 Comments

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AnchorAdventurer1 year ago

और यह नैतिक पतन किया किसने , आखिर हम ही तो जिम्मेदार है इसके ।

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Rohit1 year ago

साचोर धोरिमना के area ने इस मामले मे record बना रखे है मैने आज ही इस area की ऐसी news पढ़ी चचेरे भाई बहिन ऐसा करते है फिर जब गलती का अहसास होता है तो वो पेड़ पर कुंवे मे, नस कटे हुवे मिलते है अशोक जी ने छोटी छोटी बचियो के हाथो मे फोन थमा दिये गलती की उम्र मे गलती कर जाते है बच्चे

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joga Ram1 year ago

धान की जगह तुम लोगो ने मांस खाना शुरू किया पतन तो होना ही है

अजय जांगिड़'s profile picture
अजय जांगिड़1 year ago

सच कहा सर ने, पतन तो हुआ है समाज का।

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Jabar Singh Barhath 🇮🇳1 year ago

राजवीर सा जमीन से जुड़े हुए हैं हमें उनसे सीखना चाहिए

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🇮🇳Nathu Singh Bhati1 year ago

अशोक जी आप सर के धीरे धीरे फेंन बैन रहे

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Harish Choudhary (Balotra/Barmer)1 year ago

Bilkul right 👍👍 @RajveerChalkoi

Ranveer Singh Rathore 🦅's profile picture
Ranveer Singh Rathore 🦅1 year ago

बहुत ही शानदार तरीके से राजवीर सा ने अपने विचार रखे हैं आज के सभी युवाओ से निवेदन है इनसे जरूर सीखे 🙏🏻

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Achla Ram Jani1 year ago

राजवीर चारकोली जी की बात सोचने पर मजबूर करती है। समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास चिंता का विषय है। हमें पुराने संस्कारों को सहेजते हुए, नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने की ज़रूरत है।

सुरेश कुमार 'विद्रोही''s profile picture
सुरेश कुमार 'विद्रोही'1 year ago

समाज की बौद्धिकता का पतन होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज की नेतृत्व कर पीढ़ी ने सामाजिक चेतना के नाम पर अपने हित साधे हैं, उनके व्यक्तिगत हित में समाज ने बौद्धिक अहित झेला है। पश्चिम की संस्कृति ने भारतीय संस्कृति का बेड़ा ग़र्क करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

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