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हमारा कितना नैतिक पतन हो गया है?
259,086 views • 1 year ago •via X (Twitter)
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और यह नैतिक पतन किया किसने , आखिर हम ही तो जिम्मेदार है इसके ।

साचोर धोरिमना के area ने इस मामले मे record बना रखे है मैने आज ही इस area की ऐसी news पढ़ी चचेरे भाई बहिन ऐसा करते है फिर जब गलती का अहसास होता है तो वो पेड़ पर कुंवे मे, नस कटे हुवे मिलते है अशोक जी ने छोटी छोटी बचियो के हाथो मे फोन थमा दिये गलती की उम्र मे गलती कर जाते है बच्चे

धान की जगह तुम लोगो ने मांस खाना शुरू किया पतन तो होना ही है

सच कहा सर ने, पतन तो हुआ है समाज का।

राजवीर सा जमीन से जुड़े हुए हैं हमें उनसे सीखना चाहिए

अशोक जी आप सर के धीरे धीरे फेंन बैन रहे

Bilkul right 👍👍 @RajveerChalkoi

बहुत ही शानदार तरीके से राजवीर सा ने अपने विचार रखे हैं आज के सभी युवाओ से निवेदन है इनसे जरूर सीखे 🙏🏻

राजवीर चारकोली जी की बात सोचने पर मजबूर करती है। समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास चिंता का विषय है। हमें पुराने संस्कारों को सहेजते हुए, नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने की ज़रूरत है।

समाज की बौद्धिकता का पतन होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज की नेतृत्व कर पीढ़ी ने सामाजिक चेतना के नाम पर अपने हित साधे हैं, उनके व्यक्तिगत हित में समाज ने बौद्धिक अहित झेला है। पश्चिम की संस्कृति ने भारतीय संस्कृति का बेड़ा ग़र्क करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

