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हमारे मदरसे सर्वोच्च संस्थान हैं, हम बच्चों को बहादुर बनाते है, ताकि वो ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हो। 💚💪

46,724 views • 2 years ago •via X (Twitter)

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गलती मास्टरों की भी है वो बच्चों को तो निडर होने का पाठ पढाते है पर स्वयं सरकार के समक्ष जरा सी बात रखने से डरते है।हमारे इस विधालय के आगे से कल राजस्थान के राज्यपाल गुजरे।शिक्षक अगर जरा भी निडर होते तो बच्चों को राज्यपाल के रास्ते में ज्ञापन देने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े कर देते।लेकिन उपर से आदेश आया मास्टरजी को कि एक भी बच्चा स्कूल के बाहर दिखा तो तुम्हें घर भेज देगें।अब ये अराबा का विद्यालय ग्राम पंचायत के कमरों में चल रहा है चाहे बच्चों को ठूँस ठूँस कर बिठाना पड़े।राज्यपाल देखते बच्चों की स्कूल तो बहुत असर होता।पर शिक्षक क्रांति कारी नही बन सकते।अरे सस्पेंड तो अब वो भी हो गये।इसलिए गलत के खिलाफ बोलिए अध्यापकों।इतना भी मत डरिये।

Thar_Desert_Photography

23,800 views • 1 year ago

आज एक दर्दनाक क्षण हमारे बहादुर पायलट की शहादत के साथ हमारे सामने आया, जब दुबई एयर शो के दौरान हमारी अपनी तकनीक, हमारी उड़ान संभावना, यानी #Tejas विमान जो देश की शक्ति व समर्पण का प्रतीक है जो #DubaiAirShow में इस प्रकार धराशाही हो गया जैसे ये हकीकत नहीं किसी फ़िल्म का scene हो…. लगभग ₹600 करोड़ का ये तेजस विमान सिर्फ़ कोई मशीन नहीं बल्कि हमारी मेहनत, हमारी उम्मीद और राष्ट्र की रक्षा-शक्ति का प्रतीक तथा देश का गौरव था…. और आज उस प्रतीक के साथ-साथ एक होनहार पायलट(योद्धा) को खोना हमारे लिए सिर्फ वित्तीय क्षति नही, बल्कि राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति है। हम इस कठिन घड़ी में उस पायलट के परिवार के साथ खड़े हैं उस महान योद्धा को हमारा सलाम विनम्र आदरांजलि…. और हम सरकारों से ये माँग करते हैं, की उक्त घटना की पूरी, निष्पक्ष जांच हो, कारण सामने आएँ, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृति को रोका जा सके।

Abhishek Kumar Jatav ( बहुजन शायर )

147,121 views • 10 months ago

प्रिय देशवासियों, मैं आज आपके सामने एक दर्दभरी पुकार लेकर खड़ा हूँ। यह पुकार उन जंगलों की है, जिन्होंने हमें पीढ़ियों से अपनी गोद में पाला है। यह पुकार उन आदिवासी समुदायों की है, जिनकी संस्कृति, परंपराएँ और जीवन यापन हमारे इन जंगलों से जुड़े हुए हैं। हम, भारत के आदिवासी, आज एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जहाँ हमारे जंगलों का अस्तित्व खतरे में है, और इसके साथ ही हमारे जीवन का भी। अडानी और मोदी सरकार की नीतियों ने हमारे जंगलों का विनाश तेज़ कर दिया है। बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स के नाम पर पेड़ों को काटा जा रहा है, वन्य जीवों के घरों को उजाड़ा जा रहा है, और हमारी जड़ों को उखाड़ फेंकने की कोशिश की जा रही है। यह वही जंगल हैं, जो हमारे पूर्वजों ने सदियों तक अपनी जान की परवाह किए बिना बचाए रखे थे। आज जब विकास के नाम पर हमारे जंगलों को मिटाया जा रहा है, तो यह सिर्फ आदिवासियों का नुकसान नहीं है, यह पूरे देश का नुकसान है। क्योंकि ये जंगल सिर्फ हमारे नहीं, ये हमारे देश की प्राकृतिक धरोहर हैं। इनकी रक्षा करने का जिम्मा सिर्फ आदिवासियों का नहीं, बल्कि हम सभी का है। जब जंगल कटते हैं, तो हमारी धरती की साँसें धीमी हो जाती हैं। जलवायु संकट बढ़ता है, और इसका असर हम सभी पर पड़ता है। हमने वर्षों तक संघर्ष किया, लड़ाइयाँ लड़ीं, और विरोध की आवाज़ उठाई, लेकिन हमारी आवाज़ें अनसुनी रह गईं। बड़ी-बड़ी कंपनियों के मुनाफे के आगे हमारे जंगल, हमारी जमीन और हमारी जिंदगी बेबस खड़े हैं। मैं आप सबसे, हमारे देश के जागरूक नागरिकों से, एक आखिरी गुहार लगाता हूँ – हमारे साथ खड़े होइए। #SaveHasdeo

Hansraj Meena

41,627 views • 2 years ago