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हीरो हांडा पे घूमे या ना घूमे, स्टेज पर आईं तो सबकी नज़रें अपनी तरफ घुमा लीं!

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कैराना की सांसद इकरा हसन ने पोलिटिकल साइंस और लॉ की पढ़ाई की हैं। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया वह फेमिनिस्ट हैं औरतों के लिए बहुत कुछ करना चाहती हैं पितृसत्ता को खत्म करना चाहती हैं। उन्होंने बताया जब वह राजनीति में नहीं थी तो सर पे डुपट्टा नहीं रखती थीं उन पर ज्यादा बंदिशें नहीं थी। अब वह राजनीति में हैं तो बंदिशें हैं जिसके चलते सर पे डुपट्टा रखना पड़ता हैं हालाकि वह अपनी मर्जी से ऐसा करती हैं। इकरा सांसद हो कर भी अपनी बंदिशें नहीं तोड़ पाई जब कि वह खुद फेमिनिस्ट हैं। पितृसत्ता एक सांसद तक पर हावी हैं। यही हमारे समाज की हकीकत हैं एक महिला शीर्ष पद तक क्यों ना पहुच जाए फिर भी उसकी डोर एक मर्द के हाथ मे ही रहती हैं। वह पति,पिता,भाई या पुत्र कुछ भी हो सकता हैं।

Gaurav Pal

173,460 Aufrufe • vor 1 Jahr

झूठी शिकायत क्यों स्वीकार हो ? और झूठी शिकायत करने वाला क्यों दंडित ना हो ? वह किसी जाति का हो,वर्ग का हो ,समाज का हो, अगड़े का हो, पिछड़े का हो, दलित हो आदिवासी हो जो झूठी शिकायत करे उसे तो दंड मिलना ही चाहिए। "वो clause हटा दिया.." यानी दुरुपयोग के लिए यह व्यवस्था हाईवे पर आ गई,,, दुरुपयोग के एक्सेस वे पर आ गई, यहां कोई गति अवरोधक है ही नहीं। जिसका जो मन आए वह चाहे किसी के खिलाफ शिकायत ठोंक दे,, मान लो शिकायत फर्जी भी निकली तो अपना पान खाए और मस्त घूमे। क्योंकि उसके खिलाफ तो कुछ हो नहीं सकता। इसके पीछे लगता है कुछ माइंडसेट भी काम कर रहा है एक अलग किस्म का। सारी चीजें यदि यथा स्थिति पर भी मान लें तो भी यदि इतना ही होता बहुत स्पष्ट ढंग से कि झूठी पाई गई शिकायत तो खैर नहीं। यदि यह होता तो भी हम मान लेते कि चलो ठीक है। Amitabh Agnihotri 🔥 #UGC_RollBack #DesiGaay #NationalGirlChildDay

Subrat Upadhyay 🕊️ ✪

60,035 Aufrufe • vor 7 Monaten

ये पोस्ट सभी समाज के लिए है। जिस तरह से लड़कियां भाग कर कोर्ट मैरिज कर रही है। माँ बाप जिंदा मार रही है। एक बार काम,नौकरी,व्यापार धंधे से फुर्सत मिल जाये तो देख लेना कि आपकी बेटी,बहन लाइन सही है ? 1. कोचिंग ही जा रही है ना 2. मोबाइल में पासवर्ड तो नहीं है ना 3. स्नेप_चेट का इस्तेमाल कर रही हो तो चेट डिलीट का आप्शन तो नहीं है फेसबुक इंस्टाग्राम पर कौन से फ्रेंड हैं और किस बात हो रही है 4. घंटों अपने कमरे में या अपने दोस्तों के साथ तो समय नहीं बिता रही है। 5. प्रोजेक्ट है, प्रोजेक्ट है कहकर दोस्तों के घर बार बार तो नहीं जा रही है ना 6. अगर आपकी बेटी, बहन का स्कूल आपसे सच्चाई कहे तो स्कूल की बात गंभीरतापूर्वक सुनें न कि गुस्सा हों। 7. कपडे और पहनावा मर्यादा मे तो हैं ना। 8. देर रात तक फोन का इस्तेमाल तो नही किया जा रहा है ना। 9. अगर बेटी, बहन कंही बाहर हॉस्टल मे रहती है तो बिना बताए अचानक कभी-कभार मिलने पहुच जाए। 10. बेटी, बहन की सहेलियो से बेटी, बहन के बारे मे फीडबैक ले रहे हो ना। 11. शापिंग के लिए भले ही सहेलिया साथ मे जा रही हो लेकिन परिवार का कोई न कोई सदस्य भी साथ मे जा रहा है ना 12. एक्स्ट्रा क्लास के नाम पर विशेष सतर्क रख रहे हो ना। 13. बेटी, बहन के दोस्त और सहेलिया कौन है उनका व्यवहार चरित्र और चाल चलन कैसा है इसपर विशेष नजर रख रहे हो ना। 14.एकाद दिन बिना बताएं उनका मोबाइल अपने पास रख कर देखें किसके फोन आ रहे हैं किसके मैसेज उनको भी चेक कर रहे हो ना। 15. शांतिप्रियो से मित्रता पर रोक लगा रहे हो ना। 16. समाज मे घट रही श्रद्धा जैसी घटनाओ से उन्हे अवगत करावा रहे हो ना। 17. अपनी लड़की को जरूर पढाएँ,आजादी दें मगर इतनी भी नहीं कि वो जंगलों में टुकड़े हो जाए, अन्तर्जातीय संबंध और विवाह रोके। 18.आपकी सतर्कता ही बचाव है अन्यथा ये एक ऐसी उम्र होती है कि कोई भी बहक सकता है। 19. यह एक ऐसी उम्र है जिसपर भरोसा तो बिल्कुल भी नही किया जा सकता है। 20. आप अपनी बेटी पर आँख मुक कर विश्वास करना छोड़ दीजिए। आपकी सतर्कता बहुत जरूरी है। अन्यथा जिस हिसाब से कोर्ट मेर्रिज की खबरें अखबार में पढ़ते हैं या टीवी पर सुनते हैं। ऐसा ना हो अपने घर की बेटी की ख़बर दुनिया वाले ना पढ़ लेवें। नोट :- लड़कियां पर माता पिता की अनदेखी अकेले में स्पेस देना, अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा आजादी देना, अकेले में घर से बाहर भेजना, उनका फ़ोन चेक ना करना। ऐसी बहुत सारी बातें हैं। माता पिता की पूरी जिम्मेदारी है। बेटी या बेटे का 21 की उम्र में विवाह कर देना चाहिए।

𝐒𝐚𝐦𝐚𝐧𝐭 𝐒𝐡𝐞𝐤𝐡𝐚𝐰𝐚𝐭

12,121 Aufrufe • vor 2 Monaten

माँ तो माँ है सबकी एक जैसी है वो चाहे कांग्रेस वालो की हो भाजपा वालो की हो मेरी माँ हो या प्रेम शुक्ला की माँ हो या फिर भारत माँ हो। मेरी मरी हुई माँ को गाली देकर भाजपा ने अपनी वैचारिक दरिद्रता दिखा दी है। जब भाजपा प्रवक्ता के पास तर्क खत्म हो गये तो पहले तो वह राहुल गांधी Rahul Gandhi जी को गाली देने लग गये फिर जब मैंने वो ही शब्द भाजपा के नेता के लिये कहे तो भाजपा प्रवक्ता मेरी मरी हुई माँ को बड़ी ही नीच गाली देने लग गये। तर्क पर आइये भाजपा वालो मेरी मरी हुई माँ को गाली देकर तुमने अपनी माँ को गाली खाने के लिये चौराहे पर खड़ा कर दिया है। इस से पहले AajTak की इसी बहस में जब भाजपा प्रवक्ता #ceasefire पर और महिला सम्मान पर विजय शाह के बाबत प्रश्न पूछा तो वो बराक ओबामा पर पहुँच कर मनमोहन सिंह जी को गाली देने लगे उसके जवाब में जब हमने उन्हें याद दिलाया कि भाजपा वाले हमेशा ही विदेशियों को अपना मानस बाप क्यो मानते है तो उस वक्त भी वैचारिक दरिद्रता का परिचय देते हुए गाली गलौज पर उतर आए। भाजपा स्पष्ट करे क्या वो मेरी माँ को गाली देकर “महिला सम्मान”कर रहे है या नारी अपमान कर रहे हैं। भोपाल में तो आज श्री नरेंद्र मोदी जी महिला सम्मान पर बड़ी बड़ी बात कह रहे थे और उनके प्रवक्ता माता को गाली से तौल रहे थे।

Surendra Rajput ‏

1,384,897 Aufrufe • vor 1 Jahr