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𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐜𝐞𝐥𝐞𝐛𝐫𝐚𝐭𝐞𝐬: 𝐀 𝐭𝐞𝐞𝐧𝐚𝐠𝐞𝐫 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐥𝐞𝐭𝐞𝐬 𝐃𝐚𝐧𝐝𝐚𝐤𝐫𝐚𝐦𝐚 𝐏𝐚𝐫𝐚𝐲𝐚𝐧𝐚𝐦 - 𝐚 "𝐩𝐢𝐧𝐧𝐚𝐜𝐥𝐞-𝐥𝐞𝐯𝐞𝐥" 𝐩𝐚𝐫𝐚𝐲𝐚𝐧𝐚𝐦 - 𝐚𝐧 𝐚𝐜𝐜𝐨𝐦𝐩𝐥𝐢𝐬𝐡𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐚𝐜𝐡𝐢𝐞𝐯𝐞𝐝 𝐛𝐲 𝐨𝐧𝐥𝐲 𝐚 𝐫𝐚𝐫𝐞 𝐟𝐞𝐰 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐚𝐬𝐭 𝐬𝐞𝐯𝐞𝐫𝐚𝐥 𝐜𝐞𝐧𝐭𝐮𝐫𝐢𝐞𝐬. वाराणसी में आयोजित एक ऐतिहासिक समारोह में 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को शुक्ल यजुर्वेद (माध्यंदिन शाखा) के अत्यंत कठिन दण्डक्रम पारायण को...

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महाराष्ट्र के 19 वर्षीय युवा वैदिक साधक श्री देवव्रत महेश रेखे जी ने अद्वितीय साधना और अद्भुत स्मरण शक्ति से 2000 वैदिक मंत्रों को कंठस्थ करते हुए जो अभूतपूर्व उपलब्धि अर्जित की है, वह पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए प्रेरणा का नव-दीप है। शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 'दण्डकर्म पारायणम्' को 50 दिनों तक अखंड, शुद्ध और पूर्ण अनुशासन के साथ संपन्न करना, हमारी प्राचीन गुरु-परंपरा के गौरव का पुनर्जागरण है। मेरे लिए विशेष गर्व का विषय है कि यह वैदिक अनुष्ठान पवित्र काशी की ही दिव्य धरा पर सम्पन्न हुआ। उनके परिवार, आचार्यों, संत-मनीषियों और उन सभी संस्थाओं का हृदय से अभिनंदन, जिनके सहयोग से यह तपस्या सिद्धि को प्राप्त हुई। देवव्रत जी, आपकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ बने, ऐसी मंगलकामना के साथ हार्दिक बधाई।

Yogi Adityanath

482,800 views • 9 months ago

विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 साल! माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की जनकल्याण व्यवस्था ने ऐसा परिवर्तन देखा है जिसने शासन को सीधे जनजीवन से जोड़ दिया है। अंत्योदय, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच के सिद्धांत ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न होकर, हर जरूरतमंद तक वास्तविक रूप से पहुंचे। 'मोदी की गारंटी' के माध्यम से जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा व नई आशा का संचार किया है। जहां पहले अभाव था, वहां अब अवसर है और जहां संघर्ष था, वहां अब स्थिरता है। साथ ही डीबीटी ने भी व्यवस्था को पारदर्शी बनाकर जन-जन के विश्वास को मजबूत किया है। ‘विकसित भारत’ की यह यात्रा हर नागरिक के जीवन में सम्मान, गरिमा और उज्ज्वल भविष्य के विश्वास को सशक्त करने की एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक यात्रा है। #12YearsOfGaribKalyan

Dharmendra Pradhan

12,951 views • 3 months ago

प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi की उज्बेकिस्तान यात्रा ऐतिहासिक रही है। क्योंकि पूरा देश जानता है कि यही ताशकंद वह धरती है, जहां हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी रहस्यमय परिस्थितियों में सदा के लिए हमसे विदा हो गए थे। माना जाता है कि उस दौर में कई ऐसी प्रतिगामी शक्तियां भी थीं, जो भारत की परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों के पक्ष में नहीं थीं। आज, लगभग 60 वर्ष बाद, उसी ताशकंद की धरती से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता किया है। यह भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह बदलाव केवल एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि बीते छह दशकों में भारत की वैश्विक स्थिति और रणनीतिक क्षमता किस तरह बदल गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति के साथ-साथ व्यापार को वर्तमान लगभग 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 5 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य तय किया गया। साथ ही, क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ। भारत और उज्बेकिस्तान के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों की दृष्टि से भी यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही। उज्बेकिस्तान के तेरमेज़ क्षेत्र में भगवान बुद्ध से जुड़े विरासत स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा लिया जाना, हमारी साझा सभ्यतागत विरासत को नई मजबूती देता है। उज्बेकिस्तान द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भी एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल प्रधानमंत्री मोदी जी का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, पहचान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को अब 36 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। यह भारत के लिए गौरव का विषय है और हर भारतीय के लिए गर्व एवं हर्ष का क्षण है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

26,412 views • 18 days ago

#HBDHoodaJi Congress Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra Bhupinder Singh Hooda Deepender Singh Hooda Udai Bhan जन्मदिन की पूर्व संध्या पर ब्राह्मण समाज ने दिया हुड्डा साहब को आशीर्वाद पूरे हरियाणा से ब्राह्मण समाज के मौजिज लोग पहुंचे जन्मदिन की बधाई देने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर पूरे हरियाणा से ब्राह्मण समाज उन्हें आशीर्वाद देने के लिए पहुंचा। प्रदेश के सभी जिलों से ब्राह्मण समाज के मौजिज लोग, नेता, प्रतिनिधिमंडल और विप्र फाउंडेशन के लोग हुड्डा को बधाई देने के लिए पहुंचे। इस मौके पर पार्टी विधायक नीरज शर्मा और कुलदीप वत्स भी मौजूद रहे। हजारों की तादाद में लोगों की मौजूदगी ने बधाई समारोह का रूप ले लिया, जिसका आयोजन हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज और विप्र फाउंडेशन ने किया। कार्यक्रम में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। ब्राह्मण समाज की तरफ से इन दोनों को भी आशीर्वाद दिया गया और सम्मानित किया गया। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने समाज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की तरफ से कुछ मुद्दे उनके समक्ष रखे गए हैं। इनमें चाहे आरक्षण का मुद्दा हो, धौली की जमीन का मुद्दा हो, आयोग या फिर सरकार में प्रतिनिधित्व का मुद्दा, कांग्रेस सरकार बनने पर पहले भी सभी पर विशेष तौर पर जोर दिया गया है और भविष्य में भी इसे अमल में लाया जाएगा। कांग्रेस सरकार के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया था। सरकार में भागीदारी से लेकर एचएसएससी, एचपीएससी, बोर्डो में नियुक्ति समेत हर क्षेत्र में समाज को विशेष स्थान दिया गया था। हुड्डा ने कहा कि समाज ने जिस तरह जन्मदिन के मौके पर और लगातार कांग्रेस के कार्यक्रमों में आशीर्वाद दिया है वह खाली नहीं जाएगा। आने वाले समय में हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बना तय है। इस मौके पर कुलदीप वशिष्ठ, पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा, सुमन शर्मा, राजकुमार शर्मा और हर जिले से ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। जन्मदिन की पूर्व संध्या पर ब्राह्मण समाज ने दिया हुड्डा साहब को आशीर्वाद पूरे हरियाणा से ब्राह्मण समाज के मौजिज लोग पहुंचे जन्मदिन की बधाई देने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर पूरे हरियाणा से ब्राह्मण समाज उन्हें आशीर्वाद देने के लिए पहुंचा। प्रदेश के सभी जिलों से ब्राह्मण समाज के मौजिज लोग, नेता, प्रतिनिधिमंडल और विप्र फाउंडेशन के लोग हुड्डा को बधाई देने के लिए पहुंचे। इस मौके पर पार्टी विधायक नीरज शर्मा और कुलदीप वत्स भी मौजूद रहे। हजारों की तादाद में लोगों की मौजूदगी ने बधाई समारोह का रूप ले लिया, जिसका आयोजन हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज और विप्र फाउंडेशन ने किया। कार्यक्रम में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। ब्राह्मण समाज की तरफ से इन दोनों को भी आशीर्वाद दिया गया और सम्मानित किया गया। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने समाज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की तरफ से कुछ मुद्दे उनके समक्ष रखे गए हैं। इनमें चाहे आरक्षण का मुद्दा हो, धौली की जमीन का मुद्दा हो, आयोग या फिर सरकार में प्रतिनिधित्व का मुद्दा, कांग्रेस सरकार बनने पर पहले भी सभी पर विशेष तौर पर जोर दिया गया है और भविष्य में भी इसे अमल में लाया जाएगा। कांग्रेस सरकार के दौरान ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया था। सरकार में भागीदारी से लेकर एचएसएससी, एचपीएससी, बोर्डो में नियुक्ति समेत हर क्षेत्र में समाज को विशेष स्थान दिया गया था। हुड्डा ने कहा कि समाज ने जिस तरह जन्मदिन के मौके पर और लगातार कांग्रेस के कार्यक्रमों में आशीर्वाद दिया है वह खाली नहीं जाएगा। आने वाले समय में हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनना तय है ।

Jitender Kumar Bhardwaj

62,739 views • 3 years ago

प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi की उज्बेकिस्तान यात्रा ऐतिहासिक रही है। क्योंकि पूरा देश जानता है कि यही ताशकंद वह धरती है, जहां हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी रहस्यमय परिस्थितियों में सदा के लिए हमसे विदा हो गए थे। उस दौर में कई ऐसी प्रतिगामी शक्तियां भी थीं, जो भारत की परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों के पक्ष में नहीं थीं। आज, लगभग 60 वर्ष बाद, उसी ताशकंद की धरती से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता किया है। यह भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह बदलाव केवल एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि बीते छह दशकों में भारत की वैश्विक स्थिति और रणनीतिक क्षमता किस तरह बदल गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति के साथ-साथ व्यापार को वर्तमान लगभग 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 5 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य तय किया गया। साथ ही, क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ। भारत और उज्बेकिस्तान के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों की दृष्टि से भी यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही। उज्बेकिस्तान के तेरमेज़ क्षेत्र में भगवान बुद्ध से जुड़े विरासत स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा लिया जाना, हमारी साझा सभ्यतागत विरासत को नई मजबूती देता है। उज्बेकिस्तान द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना भी एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल प्रधानमंत्री मोदी जी का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, पहचान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को अब 36 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। यह भारत के लिए गौरव का विषय है और हर भारतीय के लिए गर्व एवं हर्ष का क्षण है। - डॉ. Dr. Sudhanshu Trivedi

BJP

46,279 views • 18 days ago

यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। श्रीराम लल्ला की मूर्ति का निर्माण करते समय, अरुण योगीराज जी ने एक अत्यंत विशेष और अनुशासित प्रक्रिया का पालन किया, जो नौ महीने तक चली। इस दौरान, हर दिन दो बार, श्रीराम की मूर्ति के समक्ष नित्य पूजा और मंत्रों का जाप किया गया। यह पवित्र कार्य प्रतिष्ठित आचार्यों द्वारा किया गया, जिनकी उपस्थिति और आशीर्वाद से मूर्ति में दिव्य ऊर्जा का संचार हुआ। नित्य पूजा का यह विशेष आयोजन न केवल मूर्ति के निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा था, बल्कि यह आत्मिक शुद्धता और श्रद्धा का प्रतीक भी था। आचार्यगण मंत्रोच्चारण के माध्यम से वातावरण को शुद्ध करते हुए श्रीराम के दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए लगातार साधना में जुटे रहे। इस ध्यानपूर्ण प्रक्रिया ने मूर्ति को न केवल रूप बल्कि आध्यात्मिक बल भी प्रदान किया, जिससे यह मूर्ति अत्यधिक पवित्र और महिमामयी बन पाई। #viral #viralvideo

UttarPradesh.ORG News

291,535 views • 1 year ago

हर साल भारतीय जनता पार्टी की ओर से 17 सितंबर को आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाता है। मोदी जी का व्यक्तित्व ही ऐसा है, जिसमें हर क्षण सेवा में लगे रहने की भावना है। इस वर्ष एक विशेष संयोग है। 7 अक्टूबर 2001 को आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस वर्ष 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक जीवन की इस ऐतिहासिक यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसी महत्वपूर्ण अवसर को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने तय किया है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ को इस वर्ष और व्यापक स्वरूप देते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में एक माह तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से मोदी जी के व्यक्तित्व में निहित सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। - श्री Vinod Tawde पूरा वीडियो देखें:

BJP

39,261 views • 27 days ago

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी को जनसेवा के ऐतिहासिक 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन! यह तिथि भारतीय लोकतंत्र और संविधान के उच्च मूल्यों को स्थापित करते हुए आपके ढाई दशक के अखंड सेवा-यज्ञ की स्वर्णिम यात्रा का प्रतीक है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री के रूप में आपके नेतृत्व में जनसेवा, पारदर्शिता और विकास की दिशा में एक नई शुरुआत हुई, जिसने वह मजबूत नींव रखी, जिस पर आज सशक्त भारत का भव्य भवन खड़ा है। आपके अथक परिश्रम और दूरदर्शी नेतृत्व ने सुशासन का एक नया मानक स्थापित किया है। प्रधानमंत्री के रूप में आपकी नीतियों ने 'अंत्योदय' के संकल्प को साकार करते हुए समाज के सबसे वंचित वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाई। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' और अब 'सबका प्रयास' इन मंत्रों ने भारत को एकजुट करते हुए समावेशी प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया। आज भारत आपके नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ते हुए, वैश्विक मंच पर एक मजबूत, विश्वसनीय और सम्मानित राष्ट्र के रूप में उभर चुका है। आपकी लोकप्रियता देशवासियों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। दिल्ली की जनता की ओर से, हम आपके राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित नेतृत्व और 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने की आपकी दृढ़ संकल्प का भी अभिनंदन करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और अनंत यश प्रदान करे, ताकि आपकी सेवा-यात्रा यूं ही निरंतर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती रहे।

Rekha Gupta

11,901 views • 11 months ago

सर्वप्रथम तो मैं आज 14 नवंबर है। और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का आज जन्म दिवस है। और जिसे हम बचपन से बाल दिवस के रूप में मनाते रहे हैं। और सवेरे सवेरे नीतीश कुमार जी के ट्वीट पर बहुत से लोगों ने अपनी हसरतों का महल सवेरे की किरण के साथ बनाना शुरू किया था शाम होते होते वह नाकामी के मजार में तब्दील होता चला गया। और मैं बाल दिवस की विशेष रूप से शुभकामना दूंगा पूरे देश को कांग्रेस पार्टी को और अत्यंत विशेष रूप से श्री राहुल गांधी जी को भी और तेजस्वी जी को भी। और मैं किसी का नाम नहीं ले रहा हूं, दर्शक अपने स्वविवेक से निर्णय लें। इस चुनाव ने बाल दिवस के दिन दिखाया है कि ‘बाल बुद्धि’ की ‘उच्छंखलता’और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और नीतीश कुमार जी के शासन की ‘परिपक्वता’ दोनों के बीच का अंतर बिहार की जनता भली-भांति समझती है। परंतु कई बातें इस चुनाव में ऐसी हुईं हैं जो भविष्य के लिए चिंता भी उत्पन्न करते हैं। प्रधानमंत्री जी की माता जी को गाली देने से लेकर सेना तक में जाति का विषय लाना, सारे परिवारों को एक सरकारी नौकरी देना तो कही Gen Zee के नाम पर अराजकता का आह्वान करना।कुर्सी के लिये कहाँ तक विपक्ष चला गया यह विचार का विषय है। परंतु बिहार की वह धरती जो माता सीता जी की धरती और भगवान बुद्ध की धरती है, बुद्ध की धरती को बुद्धू बनाने का जो प्रयास किया गया, मुझे लगता है उसका मुंह तोड़ जवाब जनता ने दिया है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

25,691 views • 10 months ago

भजन गायक श्री कन्हैया मित्तल जी के आग्रह से संकल्प तक, और संकल्प से अब साकार होती खाटू श्याम यात्रा। 22 अप्रैल 2026 को सरोजनीनगर में आयोजित धर्म उत्सव के दौरान सुप्रसिद्ध भजन गायक एवं श्याम भक्त श्री KANHIYA MITTAL जी ने मुझसे आग्रह किया था कि हमारे क्षेत्र से भी रामराज श्रवण यात्रा अयोध्या दर्शन यात्रा की तर्ज पर खाटू श्याम यात्रा प्रारंभ की जाए। मैंने उसी समय इस आग्रह को स्वीकार करते हुए इसे साकार करने का संकल्प लिया था। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि कल से सरोजनीनगर से खाटू श्याम जी के पावन धाम तक खाटू श्याम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। श्री कन्हैया मित्तल जी ने इस पहल की सराहना करते हुए यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं और सभी श्याम भक्तों को इस पावन यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। यह यात्रा सरोजनीनगर के श्याम भक्तों को बाबा श्याम के पावन धाम से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बाबा श्याम की कृपा से यह यात्रा मंगलमय हो और सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ पूर्ण हों। जय श्री श्याम!

Rajeshwar Singh

45,886 views • 5 days ago

पंजाब की जिस युवा पीढ़ी ने अपने परिश्रम और संघर्ष से किसान परिवारों, वहां की संस्कृति और उद्योगों को पूरे देश में एक पहचान दिलाई, उसे नशे की गर्त में धकेल कर पूरी तरह दिशाहीन कर दिया गया। जो युवा पीढ़ी पंजाब के सम्मान और उसके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का प्रतीक बन सकती थी, उसे पथभ्रष्ट कर दिया गया। यहां के राजनीतिक दलों ने केवल सत्ता पाने के लिए नशे का मुद्दा उठाया, लेकिन सत्ता में आते ही इसे अपने व्यापार का जरिया बना लिया। सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे इस तंत्र के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी अब जनआंदोलन में उतर रही है। प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi ने 2 अगस्त को देशभर में नशे के खिलाफ जिस जनआंदोलन का आह्वान किया है, उसी कड़ी में पंजाब भाजपा भी एक यात्रा निकालने जा रही है। इस यात्रा में हम उन पीड़ित परिवारों को साथ लेकर चलेंगे, जिन्होंने अपने स्वजनों को खोया है और इस दर्द को सहा है, और इस यात्रा के माध्यम से पंजाब के लोगों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे। - श्री Nitin Nabin

BJP

17,081 views • 9 hours ago

वाल्मीकि जयंती के इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए आइए देखते हैं कि कैसे पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दिखाई है और वाल्मीकि समुदाय के उत्थान के लिए कैसे कार्य किए है। पीएम मोदी की महर्षि वाल्मीकि के प्रति हमेशा से ही गहरी श्रद्धा रही है और यही वजह है कि उन्होंने अयोध्या हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा। राम मंदिर के लिए वर्षों से चली आ रही प्रतीक्षा की पराकाष्ठा ही महर्षि वाल्मीकि को सच्ची श्रद्धांजलि है। राम मंदिर के निर्माण के दौरान, पीएम मोदी ने विशेष रूप से इस परिसर के भीतर महर्षि वाल्मीकि को समर्पित एक मंदिर शामिल करने का सुझाव दिया था। श्री राम जन्म भूमि के महासचिव चंपत राय बताते हैं, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के ट्रस्टियों को भगवान राम के जीवन में सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया और मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि का उचित स्थान का रचना करने का सुझाव दिया।" पीएम मोदी ने हमेशा से ही वाल्मीकि समुदाय के उत्थान के लिए गहरी चिंता दिखाई है। आरएसएस प्रचारक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कार्यकर्ताओं से वाल्मीकि बस्तियों में संपर्क करने, इस समुदाय के विकास के लिए कार्य करने और उनकी सामाजिक प्रगति में मदद करने का आग्रह किया। गुजरात आरएसएस कार्यकर्ता सूर्यकांत सागर अपने संस्मरण में साझा करते हैं की ''नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि संघ ने 1925 में समाज को एकजुट करने का जो मिशन शुरू किया था, वह तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक हम वाल्मीकि समुदायों की समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं करते।" प्रधानमंत्री मोदी आज भी यह मानते हैं कि देश की प्रगति सभी समुदायों के समान योगदान पर निर्भर करती है। यही कारण है कि 2014 में पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू करने के लिए दिल्ली के पंचकुइयां रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर को चुना था। इस कार्यक्रम ने स्वच्छता कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान को बढ़ाया, जिन्हें पीएम मोदी ने "स्वच्छाग्रही" कहकर संबोधित किया। वाल्मीकि मंदिर के मुख्य महंत कृष्ण शाह विद्यार्थी बताते हैं "2 अक्टूबर 2014 को पीएम मोदी महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करने के लिए दिल्ली के पंचकुइयां रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर आए। मोदी ने स्वयं सफाई करके 140 करोड़ जनता को यह संदेश दिया की स्वच्छता केवल वाल्मीकि समाज की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे देश की है।" पीएम मोदी ने भारत में मैला ढोने (manual scavenging) की प्रथा को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और हमेशा ही सफाई कर्मचारियों की गरिमा पर जोर दिया है। 2019 कुंभ मेले में, उन्होंने सफाई कर्मचारियों के पैर धोए और उन्हें कर्म योगी कह कर संबोधित किया। अनुच्छेद 370 को निरस्त करना एक और महत्वपूर्ण कदम था जिसने जम्मू-कश्मीर के वाल्मीकि समुदाय को मुख्यधारा में ला दिया। पीएम मोदी ने 2019 में सफाई कर्मचारी कॉर्पस फंड में अपनी व्यक्तिगत बचत से ₹21 लाख का दान भी दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, उन्होंने सफाई कामगार विकास निगम की स्थापना की और वाल्मीकि समुदाय के कल्याण के लिए कई ठोस कदम उठाए। अहमदाबाद में स्वच्छता कार्यकर्ताओं के लिए एक सत्र के दौरान, मोदी ने प्रसिद्ध रूप से कहा, "जो लोग इस शहर को साफ करते हैं वे सफाई कर्मचारी नहीं हैं, वे शहर के पुजारी हैं।" नरेंद्र मोदी गुजरात में भाजपा के संगठन मंत्री के रूप में रहे हों या अलग-अलग प्रदेशों के बीजेपी प्रभारी के रूप में, उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि चुनाव लड़ने के लिए वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों को पार्टी का टिकट दिया जाए और पार्टी संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिले। मोदी सरकार ने विभिन्न पहलों के माध्यम से, वाल्मीकि समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है, विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय में – पीएम मोदी के लिए यह एक मिशन है जो उन्होंने अपने प्रचारक दिनों के दौरान शुरू किया था और आज भी जारी रखा है। #ValmikiJayanti2024 #ModiStory

Modi Story

26,493 views • 1 year ago

आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया। लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं। संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है। आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है। हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया। जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है। - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री Nitin Nabin जी

Sambit Patra

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आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया। लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं। संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्रकार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है। आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है। हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया। जिन मुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है। - श्री Nitin Nabin

BJP

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वैदिक गणित का गौरवशाली पुनर्जागरण! श्री भारती कृष्ण विद्या विहार स्कूल मैदान, नागपुर में आयोजित वैदिक गणित पुस्तक विमोचन समारोह में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक प. पू. डॉ. मोहन भागवत इनके साथ जगदगुरु शंकराचार्य भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज द्वारा रचित 'वैदिक मैथेमेटिक्स बेसिक टू एडवांस लेवल 1, 2 एंड 3 तथा वैदिक गणित सूत्र अरिथमैटिक' इन पुस्तकों का विमोचन किया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य सदस्यों को संबोधित किया। जगदगुरु शंकराचार्य भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज इन्होंने 16 सूत्र और 13 उपसूत्रों के माध्यम से वैदिक गणित की रचना कर संपूर्ण गणित को बेहद सरल बनाने का अतुलनीय कार्य किया। असाधारण व्यक्तित्व के धनी जगदगुरु जी ने अपना पूरा जीवन अध्यात्म के साथ समाज और देशसेवा के लिए समर्पित कर दिया। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में भी उन्होंने अमूल्य योगदान दिया। दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं से पहले भी हमारी संस्कृति और हमारी सभ्यता का अस्तित्व दिखता है। हमारी संस्कृति में हमें अपने ज्ञान को मुद्रित स्वरूप में संभालकर रखना चाहिए था, लेकिन हम संभाल नहीं पाए। इन पुस्तकों के माध्यम से यह ज्ञान फिर हमारे पास आ रहा है और अब आने वाली पीढ़ियों के पास इसे ले जाने का कार्य बेहद सराहनीय है। हमारी संस्कृति में विकसित स्वरूप में दिखने वाले शास्त्रों एवं पंचांगों की नींव गणित के आधार पर रखी गई है। इतने वर्षों में अखंडित रूप से हमें ज्ञान देने वाली सनातन संस्कृति के ज्ञान को पुनः प्राप्त कर दुनिया के कल्याण के लिए उसका उपयोग करना जरूरी है। इस हेतु श्री भारती कृष्ण विद्या विहार (नागपुर) में वैदिक गणित आधारित गुणवत्ता केंद्र स्थापित करने में महाराष्ट्र सरकार पूरी मदद करेगी। इस अवसर पर डॉ. श्रीराम चौथाईवाले, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के सीईओ शैलेश जोगलेकर, विश्व पुनर्निर्माण संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार काणे सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे। Mohan Bhagwat RSS #Maharashtra #Nagpur #VedicMaths

Devendra Fadnavis

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वीडियो में दिखाई दे रही महिला शशि सिंह हैं, जो एक फौजी की पत्नी हैं। उन्नाव रेप केस के दौरान देश की मीडिया ने उनके साथ गंभीर अन्याय किया। पहले उन्हें गलत तरीके से पुरुष बताया गया और बाद में महिला होने की पुष्टि होने पर उन्हें दलाल की संज्ञा दे दी गई। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के साथ शशि सिंह, उनकी बेटी निधि सिंह और उनके पुत्र शुभम सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। बाद में अदालत ने शशि सिंह को बाइज्जत बरी कर दिया और उनके पुत्र शुभम सिंह को भी निर्दोष पाया गया क्योंकि वे घटना के समय बीटेक की पढ़ाई के कारण क्षेत्र से बाहर थे। इसके बावजूद मीडिया ट्रायल के जरिए शशि सिंह और उनके पूरे परिवार का चरित्र हनन किया गया। शशि सिंह एक मां, पत्नी और बेटी हैं, लेकिन उन्हें ऐसे अपराध के लिए बदनाम किया गया जो कभी हुआ ही नहीं था। एक सैनिक की पत्नी होने के बावजूद उनके पति को भी दलाल बताकर अपमानित किया गया और उनके बच्चों को सामाजिक कलंक के साथ जीने के लिए मजबूर किया गया। सीबीआई जांच से उन्हें न्याय की उम्मीद थी, लेकिन चार्जशीट में भी सच्चाई को नजरअंदाज किया गया। जेल में रहते हुए उन्हें यह तक सुनने को मिला कि न्याय से ज्यादा जरूरी राजनीति और चुनाव हैं। लंबे समय तक चले इस झूठे आरोप और मीडिया ट्रायल ने उनका आत्मसम्मान, पारिवारिक जीवन और बच्चों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित किया। अंत में जब अदालत से न्याय मिला, तब भी सवाल यह रह गया कि क्या उनका खोया हुआ सम्मान, उनके बेटे की छूटी पढ़ाई और उनके सैनिक पति की गरिमा उन्हें वापस मिल पाएगी। यह पूरा मामला दिखाता है कि किस तरह नारी सम्मान की बात करने वाला समाज और मीडिया कभी-कभी एक निर्दोष महिला को ही सबसे बड़ा शिकार बना देता है।

The Thakur Force

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एक बार एक फौजी की पत्नी के साथ कुछ मनचलों ने छेड़खानी कर दी थी। फौजियों ने उनको पकड़ा और अंडरवियर में सबके सामने उनकी परेड करवाकर माफी मंगवाई। ये मनचला पंजाब के तत्कालीन ताकतवर मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरो का बेटा था। आज कांवड़ियों के भेष में कुछ गुंडों ने एक सीआरपीएफ जवान के साथ मारपीट की लेकिन अभी तक DG की एक बयान देने की भी हिम्मत नहीं हुई। 1959,अमृतसर भारतीय सेना के कुछ अधिकारी और उनकी पत्नियाँ अपने एक सहकर्मी को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन गए। कुछ मनचलों ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की और उनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की. सेना के अधिकारियों ने उन गुंडों का पीछा किया जो पास के सिनेमा थिएटर में शरण लिए हुए थे। मामले की सूचना कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ज्योति मोहन सेन को दी गई थी। घटना के बारे में जानने पर, कर्नल ने सिनेमा हॉल को सैनिकों से घेरने का आदेश दिया। सभी गुंडों को घसीट कर बाहर निकाला गया और गुंडों का सरदार इतना मदमस्त और सत्ता के नशे में चूर था; जो कोई और नहीं बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के करीबी सहयोगी और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के बेटे थे।_ सभी गुंडों को उनके अंडरवियर उतारकर अमृतसर की सड़कों पर घुमाया गया और बाद में छावनी में नजरबंद कर दिया गया। अगले दिन, मुख्यमंत्री क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने बेटे को भारतीय सेना की कैद से छुड़ाने की कोशिश की।_ तुम्हें पता है क्या हुआ? उनके वाहन को वीआईपी वाहन के रूप में छावनी में जाने की अनुमति नहीं दी गई, उन्हें कर्नल से मिलने के लिए पूरे रास्ते पैदल चलने के लिए मजबूर किया गया। क्रोधित मुख्यमंत्री कैरों ने पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से की।_ वे दिन अलग थे, लोकतंत्र नवजात अवस्था में था, शक्तिशाली होते हुए भी नेताओं में कुछ संकोच और नैतिकता थी। हैरान, तथाकथित भारत रत्न प्रधान मंत्री नेहरू ने अपने विश्वासपात्र प्रताप सिंह कैरों से सवाल करने के बजाय, अपने अधिकारियों के आचरण के लिए सेना प्रमुख जनरल थिमैया से स्पष्टीकरण मांगा। आपको पता है क्या उत्तर दिया? "यदि हम अपनी मां,बहनों के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकते, तो आप हमसे अपने देश के सम्मान की रक्षा की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?" नेहरू अवाक रह गये। वह एक बहादुर सैनिक की कहानी थी जिसने अपनी सेना के लिए प्रधान मंत्री को चुनौती दी थी।

Ravindra Singh Sheoran

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📍नागपुर 21 से 24 नवंबर 2025 तक नागपुर में आयोजित मध्य भारत की सबसे बड़ी कृषि प्रदर्शनी 'Agrovision' के 16वें संस्करण का आज देश के कृषि मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री श्री Dattatray Bharane जी, कृषि राज्यमंत्री श्री Adv.Ashish jaiswal जी, सहकार राज्यमंत्री श्री Pankaj Rajesh Bhoyar जी, मदर डेअरी के चेयरमन श्री मीनेश शाह जी, श्री पाशा पटेल जी, विधायक श्री चरण सिंह ठाकुर जी, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के कुलगुरू प्रा डॉ श्री गडाख जी, डॉ. श्री पाटील जी, श्रीमती डॉ. खोडे जी, श्रीमती कोमल शाह जी, श्री विजय जाधव जी, Agrovision के पदाधिकारी श्री गिरीश गांधी जी, डॉ श्री सी डी माई जी तथा सांसदों, विधायकों, सहयोगी संस्थाओं के अधिकारी, Agrovision आयोजन के अन्य पदाधिकारी और गणमान्यों की उपस्थिति में उद्घाटन किया। विदर्भ के किसानों को कृषि क्षेत्र की नई तकनीक और व्यवसाय अवगत हो, उनकी आय में वृद्धि हो, किसान कृषि की नई तकनीक से जुड़ें, खेती लाभदायक हो और किसान सुखी, संपन्न और समृद्ध हो इस उद्देश्य से हर वर्ष नागपुर में 'Agrovision' का आयोजन किया जाता है। मध्य भारत की यह एकमात्र भव्य कृषि प्रदर्शनी इस वर्ष अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। किसान, कृषि तज्ज्ञ और कृषि प्रेमी जन बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होते है। इस चार दिन के आयोजन में विभिन्न विषयों पर कार्यशाला, राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी, सेमिनार एवं अनेक महत्वपूर्ण सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 'Agrovision' की अवधारणा 'तंत्रज्ञान के साथ कृषि का विकास' है। इस वर्ष राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी में लघु उद्योगों से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक, बचत समूहों से लेकर केंद्रीय मंत्रालयों तक, अनुसंधान संस्थानों से लेकर कृषि विश्वविद्यालयों तक, 450 से अधिक संगठन सहभागी होंगे। किसान आधुनिक कृषि उत्पादों और सेवाओं के साथ-साथ स्टार्टअप के नवीन उत्पादों को भी देख सकेंगे। सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे सरकारी विभागों से प्राप्त की जा सकती है। निःशुल्क कार्यशालाओं में विभिन्न विषयों पर लगभग 30 कार्यशालाएँ होंगी। इसमें डेयरी फार्मिंग, चारा प्रबंधन, नई तकनीक और प्रसंस्करण उद्योग, कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप्स, गन्ना उत्पादन प्रबंधन और आधुनिक तकनीक, किसान उत्पादक संगठन और कृषि में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का उपयोग इन कार्यशालाओं के साथ-साथ मधुमक्खी पालन विषय पर राष्ट्र स्तरीय चर्चासत्र और निंबू वर्ग के फल उत्पादन और प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे विषयों पर परिषद का आयोजन किया गया है। प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और व्यापार पर आधारित भविष्य की समृद्ध कृषि पर विचार करते हुए इस क्षेत्र में अनुसंधान के माध्यम से एकीकृत प्रौद्योगिकियों के विकास पर व्यापक चर्चा करना 'Agrovision' का मुख्य उद्देश्य है। कृषि क्षेत्र की बड़ी और छोटी कंपनियों, राज्य के कोने-कोने से आने वाले लोग और कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण ज्ञान के कारण 'Agrovision' किसानों के लिए एक विशेष और महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में प्रस्थापित हो रहा है। #Agrovision2025

Nitin Gadkari

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