
राजस्थानी ट्वीट
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Exposing Whispers from Palaces-Secretariat-Assembly-Media. 🙏 to all who dare to stand with us; Without You, this handle is just word. #HappyToHelp | VŌX POPULĪ
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भजनलाल शर्मा ने हनुमान बेनीवाल को इमरजेंसी याद दिला दी
राजस्थानी ट्वीट16,431 görüntüleme • 3 gün önce

विकराल होते सिलिकोसिस को स्विट्जरलैंड बताती राजस्थान की सरकारें #kishangarh
राजस्थानी ट्वीट62,410 görüntüleme • 1 ay önce

मुख्यमंत्री-मंत्री अपने बेटों को काबू में रखें Ashok Gehlot
राजस्थानी ट्वीट62,497 görüntüleme • 2 ay önce

जिस FSSAI को बच्चा भी चॉकलेट के रैपर पर सीरियसली नहीं लेता था, उस FSSAI की अन-एकाउंटेबिलिटी और कारनामों से इंटरनेट भरा पड़ा है। एनिमल फीड से पनीर-पाम आयल, पैकेजिंग तक हर चीज़ पर बात हो रही है। बिना नाम-पहचान के इतना भौकाल खुरपेंच भाई। सच में FIR क्रांति के बीज बोती है।
राजस्थानी ट्वीट43,598 görüntüleme • 1 ay önce

ये कहाँ उलझ गए युवा विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, पूरा ब्रैंड डेंट हो रहा है
राजस्थानी ट्वीट41,904 görüntüleme • 2 ay önce

पुलिस मौजूदगी में करणी सेना के कार्यकर्ताओं का टाइम्स ऑफ़ इंडिया, जयपुर दफ़्तर में जबरन प्रवेश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। पत्रकारों को खुलेआम धमकाना और अख़बार की संपादकीय स्वतंत्रता पर दबाव डालना अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने की कोशिश है।अगर देश में मीडिया दफ़्तर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो यह केवल पत्रकारिता पर नहीं बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। “हिस्ट्रीशीटर” शब्द पर आपत्ति जताने पर अख़बार द्वारा स्पष्टीकरण छापने के आश्वासन के बावजूद धमकाया गया। विरोध दर्ज कराने का अधिकार सबको है, लेकिन हिंसा, धमकी या जबरन प्रवेश किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन को यह साबित करना होगा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल काग़ज़ों में नहीं, ज़मीन पर भी है। अगर ऐसे मामलों में सख़्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि माइक और कैमरा थामने वाले अब अपने ही न्यूज़रूम में असुरक्षित हैं। #PressFreedom The Times Of India Editors Guild of India
राजस्थानी ट्वीट126,393 görüntüleme • 7 ay önce