
राजस्थानी ट्वीट
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Exposing Whispers from Palaces-Secretariat-Assembly-Media. 🙏 to all who dare to stand with us; Without You, this handle is just word. #HappyToHelp | VŌX POPULĪ
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विश्व की सबसे ईमानदार पार्टी जो अपने पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग कर रही है।
राजस्थानी ट्वीट33,948 просмотров • 12 дней назад

सुप्रीमो की सेवा में आई नई प्राइवेट सिक्योरिटी टीम के वॉकी-टॉकी से निकली अमृत वाणी लाइव हो गई।
राजस्थानी ट्वीट65,788 просмотров • 29 дней назад

अशोक गहलोत पार्टी आलाकमान को मीडिया के माध्यम से संदेश दे रहे है
राजस्थानी ट्वीट78,283 просмотров • 1 месяц назад

क्या “पेपर लीक प्रूफ” भजनलाल सरकार का नैरेटिव कमजोर हो रहा है ?
राजस्थानी ट्वीट30,142 просмотров • 16 дней назад

पत्रकार :- जोधपुर में डोमेस्टिक एयरलाइंस कब शुरू होगी ? भाजपा विधायक देवेंद्र जोशी :- तुझे कहां जाना है 👋🏻
राजस्थानी ट्वीट62,912 просмотров • 1 месяц назад

गुर्जर आरक्षण आंदोलन से पाँचना बांध विवाद तक, सचिन पायलट की राजनीति ने यह दिखाया है कि नेतृत्व केवल जातीय पहचान से नहीं, बल्कि नीति, संवाद और दूरदर्शिता से परिभाषित होता है। उनकी राजनीतिक परिपक्वता उन्हें परंपरागत जातीय राजनीति से ऊपर एक नीतिगत व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती है।
राजस्थानी ट्वीट25,559 просмотров • 1 месяц назад

विकराल होते सिलिकोसिस को स्विट्जरलैंड बताती राजस्थान की सरकारें #kishangarh
राजस्थानी ट्वीट62,428 просмотров • 3 месяцев назад

मुख्यमंत्री-मंत्री अपने बेटों को काबू में रखें Ashok Gehlot
राजस्थानी ट्वीट62,497 просмотров • 3 месяцев назад

पुलिस मौजूदगी में करणी सेना के कार्यकर्ताओं का टाइम्स ऑफ़ इंडिया, जयपुर दफ़्तर में जबरन प्रवेश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। पत्रकारों को खुलेआम धमकाना और अख़बार की संपादकीय स्वतंत्रता पर दबाव डालना अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने की कोशिश है।अगर देश में मीडिया दफ़्तर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो यह केवल पत्रकारिता पर नहीं बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। “हिस्ट्रीशीटर” शब्द पर आपत्ति जताने पर अख़बार द्वारा स्पष्टीकरण छापने के आश्वासन के बावजूद धमकाया गया। विरोध दर्ज कराने का अधिकार सबको है, लेकिन हिंसा, धमकी या जबरन प्रवेश किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन को यह साबित करना होगा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल काग़ज़ों में नहीं, ज़मीन पर भी है। अगर ऐसे मामलों में सख़्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि माइक और कैमरा थामने वाले अब अपने ही न्यूज़रूम में असुरक्षित हैं। #PressFreedom The Times Of India Editors Guild of India
राजस्थानी ट्वीट126,504 просмотров • 9 месяцев назад