
Hansraj Meena
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Environmental & Socio- Political Activist with Principle of secularism, Equality, Humanity & Justice. A Tribal, Son Of Farmer. Founder of @TribalArmy.
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शाबास बेटी ! ज्ञानू जब तक जेल नहीं चला जाता है तब तक रुकना नहीं है।
Hansraj Meena244,557 views • 1 month ago

उज्जैन जैसे पवित्र धार्मिक नगर में श्मशान घाट पर जलती चिता से मानव मांस निकालकर खाने का वायरल वीडियो बेहद घृणित, अमानवीय और शर्मनाक है। आस्था, धर्म या तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसी वीभत्स हरकत किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। मृतक की गरिमा और परिजनों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर तत्काल निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
Hansraj Meena302,907 views • 2 months ago
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मध्यप्रदेश के कटनी में दलित परिवार के 15 साल के बच्चे और उसकी मां के साथ थाना प्रभारी और पुलिस स्टॉफ की क्रूरता मानवता को झकझोर कर रख देने वाली है। यह घटना ना सिर्फ मप्र पुलिस की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि समाज में व्याप्त दलितों के प्रति हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती हैं।
Hansraj Meena2,160,142 views • 2 years ago

ये तस्वीर दिल्ली की नहीं, कोलकाता की है। देश में नई क्रांति आ चुकी है !
Hansraj Meena293,410 views • 3 months ago

अंबुजा सीमेंट की पुरुँगा कोयला खदान परियोजना आदिवासियों पर विकास नहीं, विनाश थोप रही है। 2.25 मिलियन टन कोयला निकालने के नाम पर जंगल, नदी, संस्कृति और घर छीनने की साज़िश जारी है। कॉरपोरेट मुनाफ़े के लिए आदिवासियों का अस्तित्व कुचला जा रहा है। 1. अगर यह परियोजना विकास है, तो सबसे पहले उसी ज़मीन पर रहने वाले आदिवासियों को ही बेघर क्यों किया जा रहा है? विकास किसका? मुनाफ़े का या इंसानों का? 2. जब संविधान अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की सहमति को सर्वोच्च अधिकार देता है, तो आदिवासियों की स्पष्ट आपत्ति के बावजूद खनन कंपनियों को अनुमति किस अधिकार से दी जा रही है? लोकतंत्र कहाँ है? 3. जंगल, नदी, जलस्त्रोत और पर्यावरण नष्ट होने की कीमत पर 2.25 मिलियन टन कोयला निकाला जाएगा तो आने वाली पीढ़ियों की बर्बादी का बिल कौन भरेगा? सरकार, कंपनी या फिर वही आदिवासी जिनकी कोई गलती नहीं?
Hansraj Meena807,169 views • 11 months ago
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मध्यप्रदेश के सिरोंज में किसान मूलचंद की खड़ी फसल पर प्रशासन द्वारा ट्रैक्टर चला दिया गया। सदमे में किसान बेहोश हो गया। पत्नी गिड़गिड़ाती रही। लेकिन निर्दयी प्रशासन ने 8-10 दिन की फसल काटने की मोहलत नहीं दी! CM Dr Mohan Yadav आप तो स्वयं को किसान का बेटा बताते है। शर्म नहीं आती?
Hansraj Meena1,016,802 views • 1 year ago

इस साध्वी की असली जिंदगी देखिए ! धीरे धीरे सबके भरम टूटेंगे !
Hansraj Meena926,906 views • 1 year ago