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गजब का विकास! मथुरा की सड़क बनी 'छाता', स्कूटी सीधे पाताल लोक को रवाना! करोड़ों की लागत से बनी सड़कों का यह हाल है कि पहली बारिश ने ही भाजपा के 'स्मार्ट सिटी' के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। मथुरा की सड़कें अब चलने के लिए नहीं, बल्कि गाड़ियों को निगलने के लिए 'छाता' बनी हुई हैं। चारों तरफ भ्रष्टाचार के गहरे गड्ढे हैं, जहाँ गाड़ियां पलट रही हैं और एक स्कूटी तो पूरी की पूरी सड़क के अंदर ही समा गई। जनता टैक्स भर रही है और बदले में उन्हें मिल रही है जानलेवा सड़कें। 'गड्ढामुक्त उत्तर प्रदेश' का ढिंढोरा पीटने वाले जवाब दें कि जनता के पैसों से भ्रष्टाचार की यह कैसी 'वाटरप्रूफ' सड़कें बनाई जा रही हैं?
UP Congress148,847 görüntüleme • 1 ay önce

कानपुर से आया यह वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जहाँ एक 9-10 साल की मासूम बच्ची अपने घर के सामने रहने वाले रसूखदार लड़के की गंदी हरकतों और प्रताड़ना से इस कदर खौफ में है कि उसे रोते हुए न्याय की भीख मांगनी पड़ रही है। घर में माँ-बेटी अकेली हैं, और आरोपी परिवार पैसे और रसूख के दम पर पुलिस-प्रशासन को जेब में रखकर घूम रहा है। जब माँ शिकायत करने जाती है, तो उन्हें गालियाँ और धमकियाँ मिलती हैं। योगी जी, क्या यही है आपका "मिशन शक्ति"? क्या भाजपा के राज में अब 9 साल की बच्चियों को भी अपनी सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर आकर रोना पड़ेगा? बाद में मोमबत्तियाँ जलाने से बेहतर है कि आज इस मासूम के लिए आवाज़ उठाइए और इस अहंकारी रसूखदार परिवार पर बुलडोज़र वाली कार्रवाई कीजिए। आखिर कब तक बेटियां अपने ही घर के बाहर निकलने से डरती रहेंगी?
UP Congress142,592 görüntüleme • 1 ay önce

विज्ञापनों में 'सुरक्षित' एक्सप्रेसवे, हकीकत में गुंडों का अड्डा! यह है उत्तर प्रदेश के तथाकथित 'हाईटेक और सुरक्षित' एक्सप्रेसवे की जमीनी हकीकत, जिसके विज्ञापनों पर भाजपा सरकार करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी (संख्या: UP65EP9384) में 10 से 15 हथियारबंद और डंडे लिए गुंडे सरेआम तांडव मचा रहे हैं। ये गुंडे एक्सप्रेसवे पर चल रहे आम परिवारों, बहन-बेटियों की गाड़ियों के आगे जबरन ब्रेक लगाकर भयानक दुर्घटना कराने और उन्हें असंतुलित करने का जानलेवा प्रयास कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब जेवर टोल प्लाजा को ये गुंडे बिना रुके, बिना टैक्स दिए सरेआम तोड़कर भाग निकले! गाड़ी के आगे नंबर प्लेट तक नहीं है। मुख्यमंत्री जी, कहाँ है आपकी वो 'जीरो टॉलरेंस' नीति? कहाँ हैं आपके वो बड़े-बड़े दावे कि 'यूपी में अब अपराधी या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं'? तत्काल इन पर बुलेट की रफ्तार से कार्रवाई करे, वरना आपके सुरक्षा के दावे सिर्फ कागजी साबित होंगे।
UP Congress155,770 görüntüleme • 1 ay önce

मोदी जी कहते हैं "सब चंगा सी", योगी जी कहते हैं "अपराधी गले में तख्ती लटकाए घूम रहे हैं"... लेकिन कैराना (शामली) के सीसीटीवी फुटेज में अपराधी तख्ती नहीं, सरेआम अवैध कट्टा लेकर तांडव कर रहे हैं। 22 सेकंड में फायरिंग करके अपराधी गायब हैं और पुलिस अब भी 'तलाश जारी है' का रटा-रटाया जवाब दे रही है। क्या यही भाजपा सरकार का 'रामराज्य' है जहां अपराधी कट्टा फंसने पर सड़क पर ठोक-ठोक कर उसे ठीक करते हैं और पुलिस तमाशबीन बनी रहती है? 5 नामजद आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर क्यों? शर्मनाक!
UP Congress495,926 görüntüleme • 7 ay önce

रायबरेली कांग्रेस का गढ़ था, है और रहेगा! आज रायबरेली की पावन धरती पर कांग्रेस के बब्बर शेरों के आगे भाजपा के भाड़े पर लाए गए कार्यकर्ताओं की एक न चली! कांग्रेस के सिपाहियों के अटूट संकल्प, निडरता और बुलंद हौसलों के सामने भाजपाई विरोध टिक नहीं सका और उन्हें दुम दबाकर पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। नेता प्रतिपक्ष श्री Rahul Gandhi जी और कांग्रेस पार्टी के प्रति जनता का प्यार और निष्ठा अजेय है। तानाशाही और प्रायोजित विरोध की राजनीति करने वालों को रायबरेली के बब्बर शेरों ने करारा जवाब दे दिया है!
UP Congress31,100 görüntüleme • 12 gün önce

गाजियाबाद की सड़क पर अर्धनग्न अवस्था में बैठी एक औरत कह रही है, "मैं कहती रही मेरे पांच बच्चे हैं छोड़ दो मुझे... नेताजी का बेटा मुझे झाड़ियां में ले गया... दारू की बोतल खोली दारू पिया और मेरा रेप किया..." यह बात कितनी मार्मिक है! अगर यह सुन कर भी सत्ताधीश का दिल नहीं पसीजता है तो तय मानिए कि उसके सीने में हृदय नहीं पत्थर है। कौन हैं वो नेताजी, जिन्होंने इतने नीच पुत्र को जन्म दिया है? इसका पर्दाफाश होना चाहिए और उसे इतनी कठोर सजा मिलनी चाहिए कि उसे माँ के ममता की कीमत समझ में आ जाये। अगर योगी सरकार इस मामले के गुनहगार को भी बचाने की कोशिश करती है तो उसे माँ और मातृत्व का अपमान कहा जायेगा।
UP Congress1,225,464 görüntüleme • 1 yıl önce

"भारत के इतिहास में तीन ऐसी महान शख्सियतें हैं जिन्होंने सबसे लंबी पदयात्राएं की हैं - पहले तथागत बुद्ध, जिन्होंने शांति व करुणा का संदेश दिया। दूसरे महात्मा गांधी, जिन्होंने आजादी के संग्राम को नई धार दी। और तीसरे राहुल गांधी जी, जिन्होंने 4,500 km से अधिक की पदयात्रा कर देश के वंचित, शोषित वर्गों, किसानों, मजदूरों और कारीगरों का दर्द साझा किया और उन्हें यह भरोसा दिया कि - 'चाहे पूरी दुनिया आपके खिलाफ खड़ी हो जाए, मैं आपके साथ हूं।' - प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेन्द्र पाल गौतम ((समण) Rajendra Pal Gautam) जी
UP Congress21,492 görüntüleme • 11 gün önce

वीडियो मैनपुरी के पीडब्ल्यूडी कार्यालय का है.. जो पीट रहे हैं वो ठेकेदार हैं और जो पिट रहे हैं वो बड़े बाबू हैं.. बड़े बाबू दलित हैं तो जातिसूचक गालियां भी दी गईं.. बड़े बाबू की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने नियमों के अनुसार ठेकेदार के बिल को भुगतान से पहले जांच के लिए भेज दिया था। जब इस मामले पर एक्सईएन से पूछा गया, तो उन्होंने कहा: 'कोई बेवजह नहीं मारता, कुछ न कुछ बात तो होगी ही।' सत्ता और संरक्षण के नशे में चूर गुंडों को पता है कि दलित कर्मचारियों को निशाना बनाना आज बिना किसी डर के संभव है। योगीराज में जातीय नफरत का बीज कूट-कूट कर भरा हुआ है। शर्मनाक!
UP Congress419,660 görüntüleme • 1 yıl önce

हर चौराहे पर यमराज खड़ा है"... इस जुमले की असलियत देख लीजिए! मेरठ में सरेआम सड़क पर एक युवती को गाड़ी में खींचने का प्रयास किया जाता है। रोकने वालों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश होती है। यह है यूपी में महिला सुरक्षा का कड़वा सच! जब अपराधी इतने बेखौफ हों, तो समझ जाइए कि सरकार का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है। जवाब दीजिए मुख्यमंत्री जी, आखिर कब तक बेटियों की सुरक्षा दांव पर लगी रहेगी?
UP Congress46,903 görüntüleme • 1 ay önce

भाजपा का 'पोस्टर बॉय' और वसूली का खेल! खुद को भाजपा नेता बताकर होटल में 2 लाख की रंगदारी मांगना ही क्या भाजपा का 'चाल-चरित्र' है? डांसरों के साथ वीडियो और सरेआम वसूली साबित करती है कि सत्ता के संरक्षण में अपराधी बेखौफ हैं। जब अपराधी फंसता है, तो भाजपा उसे 'अपना' मानने से इनकार कर देती है—यह दोहरा मापदंड कब तक चलेगा? शहर भर में पोस्टर लगाकर खुद को नेता बताने वाले पर पुलिस तब जागी जब मामला हाथ से निकल गया।
UP Congress107,372 görüntüleme • 3 ay önce

UP में 'हिरासत' या 'हत्या'? मऊ के युवक की जेल में संदिग्ध मौत पर बवाल! मऊ के रहने वाले विक्रम को पिछले रविवार आजमगढ़ पुलिस चोरी के आरोप में उठा ले गई थी। बीती रात खबर आती है कि उसकी जेल में मौत हो गई। परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि पुलिस ने पीट-पीटकर विक्रम की हत्या की है। सोशल मीडिया पर एक दर्दनाक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें न्याय के लिए मृतक की भाभी बेबस होकर पुलिसकर्मी के पीछे दौड़ती दिख रही है। क्या यही है यूपी का 'अपराध-मुक्त' और 'सुरक्षित' राज्य, जहाँ थाने और जेल ही जान लेने के अड्डे बनते जा रहे हैं? इस 'कस्टोडियल डेथ' का जिम्मेदार कौन?
UP Congress21,805 görüntüleme • 19 gün önce

महोबा से आई ये रूह कंपा देने वाली तस्वीरें गवाह हैं कि भाजपा सरकार के खोखले नारों की हकीकत क्या है। महिलाओं को सरेआम लाठियों से पीटा जा रहा है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। कानून-व्यवस्था का ढोल पीटने वाली सरकार में आज आधी आबादी के लिए स्थितियां नर्क जैसी बना दी गई हैं। सरेआम होती यह गुंडागर्दी चीख-चीख कर कह रही है कि योगी राज में सिर्फ और सिर्फ 'जंगलराज' हावी है।
UP Congress43,259 görüntüleme • 1 ay önce

योगी के जंगलराज में नहीं सुरक्षित हैं बेटियां सहारनपुर में छेड़छाड़ से परेशान एक 10वीं की छात्रा ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। छात्रा के द्वारा ही बनाया गया आत्महत्या का यह वीडियो लानत भेज रहा है योगी आदित्यनाथ की सरकार को, जिसने एंटी रोमियो स्क्वॉड के गठन के दौरान विज्ञापन में करोड़ों खर्च करके वाह-वाही लूटी थी, लेकिन सही मायने में उनका एंटी रोमियो स्क्वॉड सिर्फ विज्ञापनों तक ही सीमित रह गया। आज प्रदेश में गुंडों का ऐसा खौफ हो गया है कि बेटियां घर से बाहर निकलने से डर रहीं हैं। शर्म करो योगी सरकार!
UP Congress309,401 görüntüleme • 1 yıl önce

अमेठी में एक महिला पत्रकार SDM मुसाफिरखाना के दफ्तर में अपने मकान पर दबंग द्वारा किए गए कब्जे की शिकायत लेकर गई थी। उसने जब SDM साहिबा से उनके द्वारा दिए गए मौखिक आदेश पर मकान पर हुए कब्जे की बात कही तो साहिबा भड़क उठीं और बोलीं, "मैं आपका काम नही कर पाऊंगी, मेरा मूड खराब हो गया" और उन्होंने पत्रकार को ऑफिस से बाहर निकलवा दिया। योगीराज में महिला पत्रकार को न्याय मांगने के लिए अपनी बूढ़ी मां के साथ दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जब जनता की समस्याओं की आवाज उठाने वाली को बेघर होकर भटकना पड़ रहा है तो क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि यहाँ आम आदमी को न्याय मिलेगा?
UP Congress447,657 görüntüleme • 1 yıl önce

अगर तुम्हें अब भी चीखें नहीं सुनाई देती हैं तो बहरा होना ही भला। अगर तुम अब भी देख नहीं सकते तो अंधा होना ही बेहतर। अगर तुम अब भी बोल नहीं सकते तो गूंगा रहना ही सबसे उचित। क्या तुम्हें अब भी शर्म नहीं आती? क्या तुमने मनुष्यता भी बेच खाई है? अब भी बोल दो मणिपुर का 'म'।
UP Congress624,952 görüntüleme • 3 yıl önce