Naveen Sharma Sikandrabad's banner
Naveen Sharma Sikandrabad's profile picture

Naveen Sharma Sikandrabad

@NaveenSirRWA38,638 subscribers

किसान पुत्र❤️ पिता-श्री वाचस्पति शर्मा सिकंदराबाद ,बुलंदशहर,उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी🚲

Shorts

अपनी जायज मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे है SSC_GD के छात्रों को सरकार अभी कहेगी ये युवा देशद्रोही है इनके साथ खड़े होने वाले अध्यापकों के ऊपर सरकार मुकदमा दर्ज करेगी और आयोग भी बयान देगा की परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई है परीक्षा एकदम निष्पक्ष और पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है अगर परीक्षा को लेकर कोई भी भ्रामक वीडियो या फिर अफवाह फैलाई जाती है और इसमें कोई छात्र सम्मिलित मिलता है तो उसके ऊपर भी मुकदमा होगा यानी उसका भविष्य खराब कर दिया जाएगा, मेरा एक सवाल है अगर सरकार और आयोग किसी भी एग्जाम को सुचारू रूप से नहीं करवा सकती तो युवाओं और छात्रों से कह दे कि हम आपके भविष्य से यूं ही खिलवाड़ करते रहेंगे क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित है हमें देश के गरीब, मजदूर के बच्चों से क्या मतलब है, अगर बेरोजगार युवाओं से ऐसी अव्यवस्था नहीं झेली जा रही है तो वह पढ़ाई लिखाई छोड़कर पकौड़े तले... #ssc_gd

अपनी जायज मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे है SSC_GD के छात्रों को सरकार अभी कहेगी ये युवा देशद्रोही है इनके साथ खड़े होने वाले अध्यापकों के ऊपर सरकार मुकदमा दर्ज करेगी और आयोग भी बयान देगा की परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई है परीक्षा एकदम निष्पक्ष और पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है अगर परीक्षा को लेकर कोई भी भ्रामक वीडियो या फिर अफवाह फैलाई जाती है और इसमें कोई छात्र सम्मिलित मिलता है तो उसके ऊपर भी मुकदमा होगा यानी उसका भविष्य खराब कर दिया जाएगा, मेरा एक सवाल है अगर सरकार और आयोग किसी भी एग्जाम को सुचारू रूप से नहीं करवा सकती तो युवाओं और छात्रों से कह दे कि हम आपके भविष्य से यूं ही खिलवाड़ करते रहेंगे क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित है हमें देश के गरीब, मजदूर के बच्चों से क्या मतलब है, अगर बेरोजगार युवाओं से ऐसी अव्यवस्था नहीं झेली जा रही है तो वह पढ़ाई लिखाई छोड़कर पकौड़े तले... #ssc_gd

53,904 次观看

जब किराए में 50% की छूट देनी ही नहीं थी, तो युवा साथियों को ऐसी उम्मीद भी नहीं दिलानी चाहिए थी। ज़रा उस विद्यार्थी के बारे में सोचिए, जिसका कुल किराया 1000 रुपये पड़ने वाला था, लेकिन वह घर से सिर्फ 700 रुपये यह सोचकर लेकर निकला कि 50% छूट मिलने पर आने-जाने का काम 500 में हो जाएगा और बचे हुए पैसों से खाने-पीने तथा अन्य जरूरी खर्च पूरे कर लेगा। साहब, विद्यार्थी जीवन बहुत संघर्षों से भरा होता है। घरवालों से 1000-500 रुपये मांगने के लिए भी एक विद्यार्थी को कितनी बार सोचना पड़ता है, कितना साहस जुटाना पड़ता है, इस बात को परीक्षाओं कि तैयारी करने वाला एक युवा ही समझ सकता है। घोषणाएं करने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि उन पर भरोसा करके लाखों विद्यार्थी अपनी योजनाएं बनाते हैं। #uppoliceexam #students

जब किराए में 50% की छूट देनी ही नहीं थी, तो युवा साथियों को ऐसी उम्मीद भी नहीं दिलानी चाहिए थी। ज़रा उस विद्यार्थी के बारे में सोचिए, जिसका कुल किराया 1000 रुपये पड़ने वाला था, लेकिन वह घर से सिर्फ 700 रुपये यह सोचकर लेकर निकला कि 50% छूट मिलने पर आने-जाने का काम 500 में हो जाएगा और बचे हुए पैसों से खाने-पीने तथा अन्य जरूरी खर्च पूरे कर लेगा। साहब, विद्यार्थी जीवन बहुत संघर्षों से भरा होता है। घरवालों से 1000-500 रुपये मांगने के लिए भी एक विद्यार्थी को कितनी बार सोचना पड़ता है, कितना साहस जुटाना पड़ता है, इस बात को परीक्षाओं कि तैयारी करने वाला एक युवा ही समझ सकता है। घोषणाएं करने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि उन पर भरोसा करके लाखों विद्यार्थी अपनी योजनाएं बनाते हैं। #uppoliceexam #students

37,030 次观看

बेरोजगार युवाओं और गरीब-मजदूर माता-पिता के बच्चों की जिंदगी से खेलना इस देश में बहुत ही आसान हो गया फिर चाहे वह सरकारी नौकरी, डॉक्टर बनने, शिक्षक बनने या CBSE बोर्ड की परीक्षाएं हो, हर एक एग्जाम में आपको धांधली, पेपर लीक या खुलेआम मोबाइल से चीटिंग करते हुए कुछ न कुछ नजारा देखने को मिल जाएगा, भारत के शिक्षा व्यवस्था को सिस्टम और सरकार ने इतना अव्यवस्थित और नाकाम बना दिया है की हर दिन बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खेला जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से पीड़ा पहुंचाई जा रही है, आप जरा सोच कर देखिए कि जब इन वीडियोस को 10वीं 12वीं में पढ़ने वाले छात्र देखते होंगे तो वह क्या सोचते होंगे कि कल हम भी जब इन परीक्षाओं की तैयारी करेंगे तो हमारे साथ भी सिस्टम और सरकार ऐसे ही खिलवाड़ करेगी ।

बेरोजगार युवाओं और गरीब-मजदूर माता-पिता के बच्चों की जिंदगी से खेलना इस देश में बहुत ही आसान हो गया फिर चाहे वह सरकारी नौकरी, डॉक्टर बनने, शिक्षक बनने या CBSE बोर्ड की परीक्षाएं हो, हर एक एग्जाम में आपको धांधली, पेपर लीक या खुलेआम मोबाइल से चीटिंग करते हुए कुछ न कुछ नजारा देखने को मिल जाएगा, भारत के शिक्षा व्यवस्था को सिस्टम और सरकार ने इतना अव्यवस्थित और नाकाम बना दिया है की हर दिन बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खेला जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से पीड़ा पहुंचाई जा रही है, आप जरा सोच कर देखिए कि जब इन वीडियोस को 10वीं 12वीं में पढ़ने वाले छात्र देखते होंगे तो वह क्या सोचते होंगे कि कल हम भी जब इन परीक्षाओं की तैयारी करेंगे तो हमारे साथ भी सिस्टम और सरकार ऐसे ही खिलवाड़ करेगी ।

33,411 次观看

सरकार और SSC आखिरकार छात्रों से चाहती क्या है लाखों छात्र 45 से 50 डिग्री तापमान की भरी दुपहरी में SSC-GD की परीक्षा देने के लिए सैकड़ो किलोमीटर से 1000-1500 खर्च करके सेंट्ररो पर पहुंचते हैं और उन्हें पता चलता है कि 25 मई की दूसरे और तीसरे शिफ्ट कि परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है छात्रों ने जब कारण पूछा तो उन्हें साफ तौर पर कोई भी कारण नहीं बताया, कुछ एक सेंटर पर यह बताकर पेपर कैंसिल कर दिया गया कि उनके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह दूसरे और तीसरे शिफ्ट के बच्चों की परीक्षा कर पाएं लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मुजफ्फरपुर बिहार ऐसे तमाम सेंटरो से वीडियोस और तस्वीरें आ रहे हैं जहां पर SSC-GD के परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है जिस वजह से छात्र हंगामा कर रहे हैं और सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं अभी कुछ दिन पहले ही यह भी खबर आ रही थी कि 13-13 लाख, 6-6 लाख में SSC-GD के पेपर आउट कराए जा रहे थे, नोएडा में भी अभी सात लोगों को इसी मामले में पकड़ा गया था, सरकार ढंग से एक पेपर भी नहीं करा सकती और विश्व गुरु बनने का खोखला दावा करती है, #SSC_GD_PAPER_CANCEL #SSC #SSC_GD

सरकार और SSC आखिरकार छात्रों से चाहती क्या है लाखों छात्र 45 से 50 डिग्री तापमान की भरी दुपहरी में SSC-GD की परीक्षा देने के लिए सैकड़ो किलोमीटर से 1000-1500 खर्च करके सेंट्ररो पर पहुंचते हैं और उन्हें पता चलता है कि 25 मई की दूसरे और तीसरे शिफ्ट कि परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है छात्रों ने जब कारण पूछा तो उन्हें साफ तौर पर कोई भी कारण नहीं बताया, कुछ एक सेंटर पर यह बताकर पेपर कैंसिल कर दिया गया कि उनके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह दूसरे और तीसरे शिफ्ट के बच्चों की परीक्षा कर पाएं लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मुजफ्फरपुर बिहार ऐसे तमाम सेंटरो से वीडियोस और तस्वीरें आ रहे हैं जहां पर SSC-GD के परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है जिस वजह से छात्र हंगामा कर रहे हैं और सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं अभी कुछ दिन पहले ही यह भी खबर आ रही थी कि 13-13 लाख, 6-6 लाख में SSC-GD के पेपर आउट कराए जा रहे थे, नोएडा में भी अभी सात लोगों को इसी मामले में पकड़ा गया था, सरकार ढंग से एक पेपर भी नहीं करा सकती और विश्व गुरु बनने का खोखला दावा करती है, #SSC_GD_PAPER_CANCEL #SSC #SSC_GD

34,791 次观看

बिहार में मद्य निषेध सिपाही कि 4200 से ज्यादा पदों की भर्ती परीक्षा के दौरान पाटलीपुत्र स्टेशन पर जो अव्यवस्था और हाहाकार देखने को मिला, वह बेहद शर्मनाक है। जब सरकार और प्रशासन को पहले से पता होता है कि लाखों अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा है तो लॉजिस्टिक्स और पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था किए बिना, जब आप अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों को उनके गृह जनपदो से सैकड़ों किलोमीटर दूर (38 जिलों में) फेंकेंगे, तो स्टेशनों पर ऐसा जनसैलाब और अराजकता होना लाज़मी है। ट्रेनों की लेटलतीफ़ी और इस कुप्रबंधन के कारण हज़ारों विद्यार्थियों की परीक्षा लेट हो गई या पूरी तरह से छूट गई। उनके सालों की मेहनत और पैसों की बर्बादी का ज़िम्मेदार आखिर कौन है, लाखों युवाओं को उनके नसीब पर छोड़कर, ट्रेनों के इंजनों पर चढ़ने को मजबूर कर के क्या हम ऐसे 'विश्व गुरु' बनेंगे साहब? परीक्षा कराने का मतलब सिर्फ टेंडर निकालना नहीं, बच्चों को सुरक्षित सेंटर तक पहुँचाने की जवाबदेही लेना भी होता है। #BiharPoliceExam #SystemFailure #PatnaRailwayStation

बिहार में मद्य निषेध सिपाही कि 4200 से ज्यादा पदों की भर्ती परीक्षा के दौरान पाटलीपुत्र स्टेशन पर जो अव्यवस्था और हाहाकार देखने को मिला, वह बेहद शर्मनाक है। जब सरकार और प्रशासन को पहले से पता होता है कि लाखों अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा है तो लॉजिस्टिक्स और पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था किए बिना, जब आप अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों को उनके गृह जनपदो से सैकड़ों किलोमीटर दूर (38 जिलों में) फेंकेंगे, तो स्टेशनों पर ऐसा जनसैलाब और अराजकता होना लाज़मी है। ट्रेनों की लेटलतीफ़ी और इस कुप्रबंधन के कारण हज़ारों विद्यार्थियों की परीक्षा लेट हो गई या पूरी तरह से छूट गई। उनके सालों की मेहनत और पैसों की बर्बादी का ज़िम्मेदार आखिर कौन है, लाखों युवाओं को उनके नसीब पर छोड़कर, ट्रेनों के इंजनों पर चढ़ने को मजबूर कर के क्या हम ऐसे 'विश्व गुरु' बनेंगे साहब? परीक्षा कराने का मतलब सिर्फ टेंडर निकालना नहीं, बच्चों को सुरक्षित सेंटर तक पहुँचाने की जवाबदेही लेना भी होता है। #BiharPoliceExam #SystemFailure #PatnaRailwayStation

11,871 次观看

Videos

NaveenSirRWA's profile picture

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस कदर गैर-गंभीर बातें करना देश की महान बौद्धिक विरासत और नीतिगत परिपक्वता का मज़ाक उड़ाना है। वैश्विक पटल पर जब भारत को एक गंभीर महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की बात हो, तब शीर्ष नेतृत्व द्वारा 2+6=8 और 1+7=8 जैसे बचकाने और निरर्थक गणित के सहारे संबंध परिभाषित करना बेहद हास्यास्पद और चिंताजनक है। विदेशी दौरों और कूटनीति का वास्तविक उद्देश्य ठोस रणनीतिक समझौतों, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक विज़न पर बात करना होता है, न कि अंकों के इस तरह के सतही खेल से सुर्खियां बटोरना। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों का यह ढुलमुल और हल्का रवैया साफ़ दिखाता है कि उनके पास वास्तविक नीतिगत विज़न और कूटनीतिक गंभीरता का पूर्ण अभाव है। देश की जनता जुमलेबाज़ी से बहुत आगे निकल चुकी है; अब समय आत्ममुग्धता से बाहर निकलकर धरातल पर गंभीर और जवाबदेह शासन देने का है!

Naveen Sharma Sikandrabad

19,205 次观看 • 7 天前

NaveenSirRWA's profile picture

विश्व गुरु बनने के लिए शायद देश और प्रदेश को शिक्षकों की जरूरत ही नहीं है, इसलिए नई भर्तियां नहीं निकाली जा रहीं। यह बात बेरोजगार युवाओं को अब समझ लेनी चाहिए। फिलहाल तो सिर्फ यह कहा जा रहा है कि ब्यौरा भेज दिया गया है। PR चल रहा है कि 60,000 पदों पर भर्ती आने वाली है। अब अगले 4-5 महीने आयोग ब्यौरा ही पूरा करेगा। फिर लेटलतीफी करते-करते चुनाव आ जाएंगे, आचार संहिता लग जाएगी, जिसमें न नई भर्तियां निकलेंगी और न ही परीक्षाएं कराई जाएंगी। उसके बाद चुनाव खत्म होंगे तो संभव है ग्राम पंचायत चुनाव आ जाएं, और फिर वही देरी, वही इंतजार। तब तक न जाने कितने बेरोजगार युवा ओवरएज हो जाएंगे। लेकिन इन सब बातों से सरकार को क्या फर्क पड़ता है? वैसे भी शिक्षक भर्ती निकले हुए 8 साल हो चुके हैं। अगर डेढ़-दो साल और भर्ती नहीं निकली तो क्या ही फर्क पड़ेगा। PR तो लगातार चल ही रहा है कि 60,000 वैकेंसी आने वाली है, बस यह कोई नहीं बता रहा कि कब आने वाली है। हजारों स्कूल पहले ही बंद किए जा चुके हैं। हो सकता है कुछ और स्कूल बंद करके 60,000 वैकेंसी का आंकड़ा भी और कम कर दिया जाए। आखिर जब 92,000 से 60,000 पर आया जा सकता है, तो 60,000 से नीचे भी तो जाया जा सकता है। शायद यही वजह है कि 8 सालों से सिर्फ ब्यौरा ही भेजा जा रहा है। लेकिन आयोग से मेरा कहना है कि, यह डिजिटल इंडिया है, AI का जमाना है। अगर आपको ब्यौरा भेजा जा चुका है, तो आधुनिक तकनीक का उपयोग करके जल्द से जल्द डेटा इकट्ठा करके भर्ती का विज्ञापन जारी कीजिए और बिना अनावश्यक लेटलतीफी के 6 महीने से 1 साल के भीतर पूरी भर्ती प्रक्रिया संपन्न कीजिए अगर आपके बस की हो तो। #UPESSC #ShikshakBharti #UPGov #TeacherRecruitment

Naveen Sharma Sikandrabad

28,091 次观看 • 21 天前

NaveenSirRWA's profile picture

एक तरफ संसद के पटल पर खड़े होकर देश के सामने यह दावा किया गया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में हमारे किसी भी जांबाज सैनिक को कोई क्षति नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ पहली बार उसी ऑपरेशन में माँ भारती के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले हमारे 6 वीर शहीदों के नाम आधिकारिक तौर पर सबके सामने आते हैं और वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाते हैं। पूरा देश आज इस विरोधाभास पर अचंभित है कि जो वीर जवान देश की आन-बान-शान और हमारी बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दे गए, उनके इस शौर्य को स्वीकारने में व्यवस्था को इतना संकोच क्यों था? क्या हमारे वीर सपूतों की शहादत का सम्मान भी राजनीतिक लाभ-हानि और नैरेटिव सेट करने के तराजू पर तौला जाएगा? सैनिकों की शहादत पर किसी भी तरह का भ्रम फैलाना या तथ्यों को छिपाना उन परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया। दिखावे की राजनीति से बड़ा देश के वीरों का सम्मान और उनके प्रति हमारी जवाबदेही होती है। कृतज्ञ राष्ट्र हमारे वीर जवानों के सर्वोच्च और अनुपम बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा।

Naveen Sharma Sikandrabad

22,623 次观看 • 17 天前

NaveenSirRWA's profile picture

अपनी जायज मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे है SSC_GD के छात्रों को सरकार अभी कहेगी ये युवा देशद्रोही है इनके साथ खड़े होने वाले अध्यापकों के ऊपर सरकार मुकदमा दर्ज करेगी और आयोग भी बयान देगा की परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई है परीक्षा एकदम निष्पक्ष और पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है अगर परीक्षा को लेकर कोई भी भ्रामक वीडियो या फिर अफवाह फैलाई जाती है और इसमें कोई छात्र सम्मिलित मिलता है तो उसके ऊपर भी मुकदमा होगा यानी उसका भविष्य खराब कर दिया जाएगा, मेरा एक सवाल है अगर सरकार और आयोग किसी भी एग्जाम को सुचारू रूप से नहीं करवा सकती तो युवाओं और छात्रों से कह दे कि हम आपके भविष्य से यूं ही खिलवाड़ करते रहेंगे क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित है हमें देश के गरीब, मजदूर के बच्चों से क्या मतलब है, अगर बेरोजगार युवाओं से ऐसी अव्यवस्था नहीं झेली जा रही है तो वह पढ़ाई लिखाई छोड़कर पकौड़े तले... #ssc_gd

Naveen Sharma Sikandrabad

53,904 次观看 • 1 个月前

NaveenSirRWA's profile picture

एक और संकल्प सिद्ध हुआ! आज से 3 महीने पहले गाँव महेपा जागीर में जिस खेल मैदान की नींव रखी थी, आज उसका पहला चरण पूर्ण होकर युवाओं को समर्पित हो चुका है। मुझे असीम प्रसन्नता है कि आप सबके सहयोग और १ लाख रुपये के इस शुरुआती योगदान से गाँव के होनहारों को अपनी प्रतिभा निखारने का एक मंच मिला है। यह केवल एक क्रिकेट पिच या मैदान नहीं है; हमारा विज़न इसे भविष्य में एक सर्वसुविधाजनक 'बहुउद्देशीय खेल परिसर' (Multipurpose Ground) के रूप में विकसित करने का है। ग्रामीण अंचल के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाना हमारी प्रतिबद्धता है। आने वाले समय में इस ग्राउंड पर एथलेटिक्स और अन्य खेलों के लिए भी बेहतरीन बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का यह कारवां रुकने वाला नहीं है।

Naveen Sharma Sikandrabad

10,912 次观看 • 8 天前

NaveenSirRWA's profile picture

जब किराए में 50% की छूट देनी ही नहीं थी, तो युवा साथियों को ऐसी उम्मीद भी नहीं दिलानी चाहिए थी। ज़रा उस विद्यार्थी के बारे में सोचिए, जिसका कुल किराया 1000 रुपये पड़ने वाला था, लेकिन वह घर से सिर्फ 700 रुपये यह सोचकर लेकर निकला कि 50% छूट मिलने पर आने-जाने का काम 500 में हो जाएगा और बचे हुए पैसों से खाने-पीने तथा अन्य जरूरी खर्च पूरे कर लेगा। साहब, विद्यार्थी जीवन बहुत संघर्षों से भरा होता है। घरवालों से 1000-500 रुपये मांगने के लिए भी एक विद्यार्थी को कितनी बार सोचना पड़ता है, कितना साहस जुटाना पड़ता है, इस बात को परीक्षाओं कि तैयारी करने वाला एक युवा ही समझ सकता है। घोषणाएं करने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि उन पर भरोसा करके लाखों विद्यार्थी अपनी योजनाएं बनाते हैं। #uppoliceexam #students

Naveen Sharma Sikandrabad

37,030 次观看 • 1 个月前

NaveenSirRWA's profile picture

शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज क्षेत्र में एक डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। हमारा उद्देश्य है कि क्षेत्र के हर होनहार युवा को बेहतरीन किताबें, प्रतियोगी परीक्षाओं के कोर्सेज और पढ़ने का एक सकारात्मक माहौल गाँव में ही मिल सके। आप सभी का यही अटूट स्नेह और साथ हमारी असली ताकत है। मिलकर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करेंगे और युवाओं को आगे बढ़ने के हर संभव अवसर और सही नेतृत्व प्रदान करेंगे। उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते इस कदम में सहयोगी बनने के लिए राजपुर गाँव के सभी सम्मानित निवासियों का हृदय से आभार!

Naveen Sharma Sikandrabad

12,847 次观看 • 13 天前

NaveenSirRWA's profile picture

UPSSSC PET_2022 के माध्यम से वर्ष 2023 में निकाले गए जूनियर असिस्टेंट के 5512 पदों और ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों पर आयोग ने पहले डेढ़ से दो वर्षों की लंबी देरी के बाद परीक्षा आयोजित कराई। अब स्थिति यह है कि इन भर्तियों का विज्ञापन जारी हुए लगभग 3 वर्ष होने वाले हैं, लेकिन आज तक आयोग ने किसी भी परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं किया है। युवा साथियों का कहना है कि पहले वैकेंसी के लिए प्रोटेस्ट, फिर एग्जाम डेट के लिए प्रोटेस्ट, एडमिट कार्ड के लिए प्रोटेस्ट, डीवी के लिए प्रोटेस्ट और अब रिजल्ट के लिए भी प्रोटेस्ट करना पड़ रहा है। छात्रों का यह भी कहना है कि वे कई बार लखनऊ आकर UPSSSC आयोग के सचिव को रिजल्ट जारी करने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई नतीजा नहीं निकला है। जब आयोग रिजल्ट जारी नहीं कर रहा, किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहा, तो सवाल उठता है कि आखिर इस आयोग को किस लिए बनाया गया है? क्या यह आयोग सिर्फ इसलिए बनाया गया है कि छात्र यहां आकर अपनी जायज़ मांगों के लिए बार-बार प्रोटेस्ट करते रहें। आयोग को जल्द से जल्द अभ्यार्थियों का रिजल्ट जारी करना चाहिए। इस तरह की लगातार लेटलतीफी लाखों युवाओं के भविष्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ है। #UPSSSC #JuniorAssistant #GramPanchayatAdhikari #Result

Naveen Sharma Sikandrabad

18,188 次观看 • 23 天前

NaveenSirRWA's profile picture

महोदय, जो मार्केट में यह इथेनॉल ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल (E22, E25, E27, E30 और E85) मौजूद हैं, इनको बंद करिए! क्योंकि जनता इनसे थोड़ा बहुत परेशान है। अभी करोड़ों पुरानी मोटर साइकिल और गाड़ियों में इथेनॉल वाला पेट्रोल इस्तेमाल करने पर—जो गाड़ी पहले 20 किलोमीटर चलती थी, वह अब सिर्फ 6 से 8 किलोमीटर का माइलेज दे रही है। जिस गाड़ी का सर्विसिंग 3 या 6 महीने पर कराया जाता था, अब उसकी सर्विसिंग हर महीने कराना पड़ रहा है। उसके इंजन बस थोड़े बहुत खराब हो रहे हैं, ज्यादा थोड़ी खराब हो रहे हैं! और हमारे देश में जिनके पास गाड़ियाँ हैं, और बहुत से ऐसे लोग जिनकी रोजी-रोटी इन्हीं गाड़ियों की वजह से चलती है, उनके पास तो बहुत पैसे हैं! उनको फर्क थोड़ी पड़ता है कि गाड़ी माइलेज कम दे रही है या हर महीने सर्विसिंग कराना पड़ रहा है। क्योंकि देश की जनता सिर्फ हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर बोलती है। भले ही हजारों लीटर पानी सिर्फ 1 लीटर इथेनॉल को बनाने में बर्बाद कर दिया जाए, लोग प्यासे मर जाएं, पर जनता महोदय जी से या सरकार से सवाल थोड़ी पूछेगी! कि महोदय, आप एक समय कहते थे कि अगर इथेनॉल वाला पेट्रोल आया तो हम ₹15 लीटर पेट्रोल देंगे। जितना एवरेज आपको ₹120 लीटर वाले पेट्रोल में मिल रहा है, उतना ही एवरेज हम आपको ₹15 रुपए लीटर वाले इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल में देंगे। लेकिन आपने ऐसा नहीं किया! आप इथेनॉल वाला पेट्रोल लाकर भी ₹100 लीटर ही दे रहे हैं और लाखों करोड़ों गाड़ियों का मेंटेनेंस खर्च बढ़ा रहे। मैं तो कह रहा हूँ कि आप शत-प्रतिशत पेट्रोल के जगह इथेनॉल को ही लागू करिए, क्योंकि इससे इनडायरेक्टली आपको ही फायदा होगा। और फायदा कैसे होगा, यह हर कोई जानता है, बताने की जरूरत नहीं है... क्योंकि हमारे देश में समझदार लोग बहुत हैं! #Ethanol #E20% #EthnolPetrol

Naveen Sharma Sikandrabad

21,994 次观看 • 29 天前

NaveenSirRWA's profile picture

बेरोजगार युवाओं और गरीब-मजदूर माता-पिता के बच्चों की जिंदगी से खेलना इस देश में बहुत ही आसान हो गया फिर चाहे वह सरकारी नौकरी, डॉक्टर बनने, शिक्षक बनने या CBSE बोर्ड की परीक्षाएं हो, हर एक एग्जाम में आपको धांधली, पेपर लीक या खुलेआम मोबाइल से चीटिंग करते हुए कुछ न कुछ नजारा देखने को मिल जाएगा, भारत के शिक्षा व्यवस्था को सिस्टम और सरकार ने इतना अव्यवस्थित और नाकाम बना दिया है की हर दिन बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खेला जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से पीड़ा पहुंचाई जा रही है, आप जरा सोच कर देखिए कि जब इन वीडियोस को 10वीं 12वीं में पढ़ने वाले छात्र देखते होंगे तो वह क्या सोचते होंगे कि कल हम भी जब इन परीक्षाओं की तैयारी करेंगे तो हमारे साथ भी सिस्टम और सरकार ऐसे ही खिलवाड़ करेगी ।

Naveen Sharma Sikandrabad

33,411 次观看 • 1 个月前

NaveenSirRWA's profile picture

सरकार और SSC आखिरकार छात्रों से चाहती क्या है लाखों छात्र 45 से 50 डिग्री तापमान की भरी दुपहरी में SSC-GD की परीक्षा देने के लिए सैकड़ो किलोमीटर से 1000-1500 खर्च करके सेंट्ररो पर पहुंचते हैं और उन्हें पता चलता है कि 25 मई की दूसरे और तीसरे शिफ्ट कि परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है छात्रों ने जब कारण पूछा तो उन्हें साफ तौर पर कोई भी कारण नहीं बताया, कुछ एक सेंटर पर यह बताकर पेपर कैंसिल कर दिया गया कि उनके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह दूसरे और तीसरे शिफ्ट के बच्चों की परीक्षा कर पाएं लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मुजफ्फरपुर बिहार ऐसे तमाम सेंटरो से वीडियोस और तस्वीरें आ रहे हैं जहां पर SSC-GD के परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है जिस वजह से छात्र हंगामा कर रहे हैं और सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं अभी कुछ दिन पहले ही यह भी खबर आ रही थी कि 13-13 लाख, 6-6 लाख में SSC-GD के पेपर आउट कराए जा रहे थे, नोएडा में भी अभी सात लोगों को इसी मामले में पकड़ा गया था, सरकार ढंग से एक पेपर भी नहीं करा सकती और विश्व गुरु बनने का खोखला दावा करती है, #SSC_GD_PAPER_CANCEL #SSC #SSC_GD

Naveen Sharma Sikandrabad

34,791 次观看 • 1 个月前

NaveenSirRWA's profile picture

28 जून को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (Maha-TET)। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले पेपर लीक हो गया जिस वजह से परीक्षा कैंसिल करनी पड़ी। कमाल का 'पेपर लीक मॉडल' विकसित कर लिया है हमारी शिक्षा व्यवस्था ने! देश का युवा महीनों-सालों तक कमरों में बंद रहकर अपनी जवानी और माता-पिता की गाढ़ी कमाई झोंक देता है। परीक्षा के एक दिन पहले सेंटर पर पहुँचने के लिए वह किसी तरह आने जाने का खर्चा जुगाड़ करता है, और ऐन वक्त पर उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया और परीक्षा कैंसिल कर दी गई। जब भविष्य के शिक्षकों को चुनने वाली बुनियादी परीक्षा का सिस्टम ही इतना खोखला और 'लीक-प्रूफ' सुरक्षा से कोसों दूर हो, तो हम आने वाली पीढ़ी को कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे। देश में परीक्षाओं की शुचिता का यह लगातार जनाजा निकलना सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों की खुली हत्या है। हर बार परीक्षा लीक होने के बाद रटा-रटाया जांच का भरोसा थमा देने से काम नहीं चलेगा। इस देश का युवा जानना चाहता है कि इन मजबूत पेपर लीक माफियाओं के सामने हमारा पूरा प्रशासनिक तंत्र हर बार इतना बौना और बेबस क्यों साबित हो जाता है। #MaharashtraTET #PaperLeak #EducationCrisis #SystemFailure

Naveen Sharma Sikandrabad

14,280 次观看 • 18 天前