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Arvind Chotia

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Journalist, Ex-Editor @DainikBhaskar Politics | Life | Food | Travel | (ट्वीट पूरी तरह मेरे निजी विचार)

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निर्दलीय विधायक बहुत देखे ऐसा रुतबा किसी का नहीं होगा हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल हैं ये। ज़मानत पर छूटकर आए हैं और शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। नगर परिषद चुनाव के बाद और सभापति के चुनाव के पहले इन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। फिर भी इनके समर्थक पार्षद टूटे नहीं। बोर्ड निर्दलियों का ही बना। निर्दलीय विधायक बहुत देखे हैं। लेकिन सत्ता से भिड़ जाने और सत्ता के जबड़े से जीत छीन लाने वाला यह बंदा अकेला ही है। जमीन पर पकड़ क्या होगी, इसका अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि इनके समर्थक निर्दलीय पार्षद बहुमत में थे। वह भी विधानसभा चुनाव के पूरे ढाई साल बाद। अगले ढाई साल इस घटनाक्रम के दौरान दिखाई गई ताकत के बूते निकल जाएंगे और अगला चुनाव भी आराम से निकाल लें तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। जनता ऐसे लड़ाकों को पसंद करती है और हनुमानगढ़-गंगानगर इलाके में तो ऐसे दबंग नेता सिर-आंखों पर रखे जाते हैं। सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा नज़र नहीं आएंगे ऐसे लोग। जरूर होगा ही, लेकिन मैंने आज तक इनका फेसबुक या ट्विटर अकाउंट नहीं देखा है। लेकिन अपनी जमीन काफी मजबूत है। राजनीति में यही चाहिए। जबकि आजकल लोग रील बनाकर लोकप्रिय होने की तमन्ना रखते हैं। अभिनंदन। लोकतंत्र ऐसे ही लोगों के बूते मुस्कुराता है

निर्दलीय विधायक बहुत देखे ऐसा रुतबा किसी का नहीं होगा हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल हैं ये। ज़मानत पर छूटकर आए हैं और शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। नगर परिषद चुनाव के बाद और सभापति के चुनाव के पहले इन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। फिर भी इनके समर्थक पार्षद टूटे नहीं। बोर्ड निर्दलियों का ही बना। निर्दलीय विधायक बहुत देखे हैं। लेकिन सत्ता से भिड़ जाने और सत्ता के जबड़े से जीत छीन लाने वाला यह बंदा अकेला ही है। जमीन पर पकड़ क्या होगी, इसका अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि इनके समर्थक निर्दलीय पार्षद बहुमत में थे। वह भी विधानसभा चुनाव के पूरे ढाई साल बाद। अगले ढाई साल इस घटनाक्रम के दौरान दिखाई गई ताकत के बूते निकल जाएंगे और अगला चुनाव भी आराम से निकाल लें तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। जनता ऐसे लड़ाकों को पसंद करती है और हनुमानगढ़-गंगानगर इलाके में तो ऐसे दबंग नेता सिर-आंखों पर रखे जाते हैं। सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा नज़र नहीं आएंगे ऐसे लोग। जरूर होगा ही, लेकिन मैंने आज तक इनका फेसबुक या ट्विटर अकाउंट नहीं देखा है। लेकिन अपनी जमीन काफी मजबूत है। राजनीति में यही चाहिए। जबकि आजकल लोग रील बनाकर लोकप्रिय होने की तमन्ना रखते हैं। अभिनंदन। लोकतंत्र ऐसे ही लोगों के बूते मुस्कुराता है

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तैयार हो रही हैं एकदम लाल लाल एपल रोज एक एपल खाओ, डॉक्टर के पास जाओ

तैयार हो रही हैं एकदम लाल लाल एपल रोज एक एपल खाओ, डॉक्टर के पास जाओ

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कथित डॉग लवर्स और माननीय सुप्रीम कोर्ट के ध्यानार्थ यह वीडियो एक मित्र ने भेजा है।

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कथित डॉग लवर्स और माननीय सुप्रीम कोर्ट के ध्यानार्थ यह वीडियो एक मित्र ने भेजा है।

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धड़कनें बढ़ाने वाला छोटा सा वीडियो कर्नाटक से इस्तीफे की घोषणा करके दिल्ली के लिए उड़े मुख्यमंत्री डॉ. के सिद्धारमैया खराब मौसम के चलते जयपुर में लैंड कर गए। सांगानेर एयरपोर्ट के वीवीआईपी लाउंज में अशोक गहलोत उनसे मिलने पहुंच गए। दिन में ही कोई कह रहा था कि जादूगर से मुलाकात नहीं हो जाए। मुलाकात का वैसे तो कोई कार्यक्रम नहीं था क्योंकि अशोक जी जयपुर में थे और सिद्धारमैया को जयपुर आने का कोई काम नहीं था लेकिन नियति उन्हें जयपुर की धरती पर ले ही आई तो मुलाकात तो हो गई। अब तो बस, इसके आगे कुछ नहीं हो जाए।

धड़कनें बढ़ाने वाला छोटा सा वीडियो कर्नाटक से इस्तीफे की घोषणा करके दिल्ली के लिए उड़े मुख्यमंत्री डॉ. के सिद्धारमैया खराब मौसम के चलते जयपुर में लैंड कर गए। सांगानेर एयरपोर्ट के वीवीआईपी लाउंज में अशोक गहलोत उनसे मिलने पहुंच गए। दिन में ही कोई कह रहा था कि जादूगर से मुलाकात नहीं हो जाए। मुलाकात का वैसे तो कोई कार्यक्रम नहीं था क्योंकि अशोक जी जयपुर में थे और सिद्धारमैया को जयपुर आने का कोई काम नहीं था लेकिन नियति उन्हें जयपुर की धरती पर ले ही आई तो मुलाकात तो हो गई। अब तो बस, इसके आगे कुछ नहीं हो जाए।

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पांचना का पानी आया, छलकी खुशी जिस बांध के गेट 20 साल से बंद पड़े थे, वे अब जाकर खुले हैं। पानी आएगा तो खुशी आएगी ही, खुशहाली भी आएगी। आप यहां मौजूद लोगों के चेहरों पर भरपूर खुशी देख सकते हैं। भजनलाल सरकार के दौरान पानी से जुड़े हर मुद्दे का निपटारा हो रहा है। यह खुशी की बात है।

पांचना का पानी आया, छलकी खुशी जिस बांध के गेट 20 साल से बंद पड़े थे, वे अब जाकर खुले हैं। पानी आएगा तो खुशी आएगी ही, खुशहाली भी आएगी। आप यहां मौजूद लोगों के चेहरों पर भरपूर खुशी देख सकते हैं। भजनलाल सरकार के दौरान पानी से जुड़े हर मुद्दे का निपटारा हो रहा है। यह खुशी की बात है।

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इतना घूमकर कौन आए? सड़क भी सरकार की, डिवाइडर भी सरकार का और बस भी सरकार की।

इतना घूमकर कौन आए? सड़क भी सरकार की, डिवाइडर भी सरकार का और बस भी सरकार की।

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राजस्थान के लिए यह दिन खास है शेखावाटी के लिए यमुना जल का समझौता हो गया है। 32 साल पुराना मुद्दा कभी सुलझ भी सकता है, इसकी उम्मीद कम थी लेकिन हम इसे आज होते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार के दिल्ली दौरों पर सवाल उठते रहे और मजाक बनते रहे लेकिन भजनलाल चुपचाप अपना काम करते रहे। नतीजा आज सबके सामने है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना जल समझौते पर दस्तखत किए हैं। 32 साल के दौरान पता नहीं कितने नेताओं ने यमुना के पानी के भरोसे चुनाव जीत लिए लेकिन पानी नहीं ला पाए। सरकार में आने के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल प्रोजेक्ट को गति देने के प्रयास शुरू किया और अब जाकर यह प्रयास रंग ला रहे हैं। बड़े काम काफी मेहनत, समर्पण और धैर्य की मांग करते हैं। Amit Shah Bhajanlal Sharma Nayab Saini C R Paatil V.Srinivas IAS

राजस्थान के लिए यह दिन खास है शेखावाटी के लिए यमुना जल का समझौता हो गया है। 32 साल पुराना मुद्दा कभी सुलझ भी सकता है, इसकी उम्मीद कम थी लेकिन हम इसे आज होते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार के दिल्ली दौरों पर सवाल उठते रहे और मजाक बनते रहे लेकिन भजनलाल चुपचाप अपना काम करते रहे। नतीजा आज सबके सामने है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना जल समझौते पर दस्तखत किए हैं। 32 साल के दौरान पता नहीं कितने नेताओं ने यमुना के पानी के भरोसे चुनाव जीत लिए लेकिन पानी नहीं ला पाए। सरकार में आने के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल प्रोजेक्ट को गति देने के प्रयास शुरू किया और अब जाकर यह प्रयास रंग ला रहे हैं। बड़े काम काफी मेहनत, समर्पण और धैर्य की मांग करते हैं। Amit Shah Bhajanlal Sharma Nayab Saini C R Paatil V.Srinivas IAS

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नेताओं का भी अलग ही मामला है भजनलाल जी ठेलों पर चाय और गन्ने का जूस पीते हैं तो अशोक जी ठेलों पर कचौरी खाते हैं। और आम आदमी को पता है कि ये आम आदमी नहीं हैं। यह बात इन नेताओं को पता नहीं है।

नेताओं का भी अलग ही मामला है भजनलाल जी ठेलों पर चाय और गन्ने का जूस पीते हैं तो अशोक जी ठेलों पर कचौरी खाते हैं। और आम आदमी को पता है कि ये आम आदमी नहीं हैं। यह बात इन नेताओं को पता नहीं है।

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सरदारशहर, जिला चूरू

सरदारशहर, जिला चूरू

122,632 Aufrufe

मध्यप्रदेश के रीवा में जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ के डी सिंह को पत्नी ने महिला मित्र के साथ पकड़ लिया। उसके बाद जो हो रहा है, उसे आपके यहां क्या कहते हैं?

मध्यप्रदेश के रीवा में जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ के डी सिंह को पत्नी ने महिला मित्र के साथ पकड़ लिया। उसके बाद जो हो रहा है, उसे आपके यहां क्या कहते हैं?

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भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुरक्षा मांगने आई थी। इस दौरान स्कॉर्पियो में आए कुछ लोग लड़की को लेकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की लेकिन...

भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुरक्षा मांगने आई थी। इस दौरान स्कॉर्पियो में आए कुछ लोग लड़की को लेकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की लेकिन...

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जब आदमी किसी पद पर नहीं होता है तो समझो सभी आडंबरों से मुक्त होता है पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जयपुर ग्रामीण लोकसभा सांसद राव राजेंद्र सिंह के पुत्र के विवाह समारोह में पहुंचे हैं। न पीछे कोई भीड़, न आगे कोई भीड़। न सुरक्षा के बड़े ताम-झाम।

जब आदमी किसी पद पर नहीं होता है तो समझो सभी आडंबरों से मुक्त होता है पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जयपुर ग्रामीण लोकसभा सांसद राव राजेंद्र सिंह के पुत्र के विवाह समारोह में पहुंचे हैं। न पीछे कोई भीड़, न आगे कोई भीड़। न सुरक्षा के बड़े ताम-झाम।

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भजनलाल जी के पास समाधान है पुराने से पुराने पानी के विवाद अटके हुए, लटके हुए प्रोजेक्ट हवाबाजी से दूर रहने के ये फायदे हैं पांचना बांध को भी आखिर खोल ही दिया

भजनलाल जी के पास समाधान है पुराने से पुराने पानी के विवाद अटके हुए, लटके हुए प्रोजेक्ट हवाबाजी से दूर रहने के ये फायदे हैं पांचना बांध को भी आखिर खोल ही दिया

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अमेरिका के बड़े उद्योगपति एलन मस्क डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार करने पहुंचे हैं। अगर अडानी-अंबानी मोदी का प्रचार करने ऐसे पहुंच जाएं तो?

अमेरिका के बड़े उद्योगपति एलन मस्क डोनाल्ड ट्रंप का प्रचार करने पहुंचे हैं। अगर अडानी-अंबानी मोदी का प्रचार करने ऐसे पहुंच जाएं तो?

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केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में जयपुर के पायलट राजवीर सिंह चौहान की अंतिम यात्रा। आर्मी यूनिफॉर्म में पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान के हाथ में पति की तस्वीर देख हर कोई भावुक हो गया।

केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में जयपुर के पायलट राजवीर सिंह चौहान की अंतिम यात्रा। आर्मी यूनिफॉर्म में पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान के हाथ में पति की तस्वीर देख हर कोई भावुक हो गया।

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छात्र संघ चुनाव बंद किसने करवाए थे? पूछ रहे हैं हनुमान बेनीवाल

छात्र संघ चुनाव बंद किसने करवाए थे? पूछ रहे हैं हनुमान बेनीवाल

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बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम बीकानेर से... बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व IPS मदन गोपाल मेघवाल के साथ टिकट वितरण में नाराज की को लेकर सार्वजनिक रूप से मारपीट की गई। असल में मदन गोपाल मेघवाल कांग्रेस प्रत्याशी नवरत्न दगा के चुनाव कार्यालय उद्घाटन के लिए गए हुए थे। इसी दौरान कुछ युवाओं ने पहले मदन गोपाल का मुंह मीठा करवाया और फिर उन्हें एक साइड में बुलाया। बहुत आराम से बातें करते हुए अचानक से "टिकट चोर, टिकट चोर" के नारे लगाते हुए उनके साथ ताबड़तोड़ मारपीट कर डाली मदन गोपाल ने आरोप लगाया है कि दीपक अरोड़ा के बेटे ने उनसे बदसलूकी की है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उन्हें अंकल कहकर अलग बुलाया और फिर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला मौके पर पहुंचे। देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है। टिकट वितरण को लेकर नाराजगी तो बहुत जगह देखने को मिली है लेकिन मारपीट की यह घटना परेशान करने वाली है। मदन गोपाल मेघवाल के साथ तो पूरी तरह धोखा देकर मारपीट हुई है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Arvind Chotia

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प्रिय लल्लनटॉप मैं "नेता नगरी" का नियमित दर्शक हूं और इस नाते अपनी एक आपत्ति दर्ज कराना चाहता हूं। आपके शो में अधिकांश एक्सपर्ट इनहाउस होते हैं लेकिन कांग्रेस के एक्सपर्ट के तौर पर आप आदेश रावल को आमंत्रित करते हैं। आदेश यहां एक्सपर्ट कम और कांग्रेस प्रवक्ता की तरह ज्यादा पेश आते हैं। जबकि आप उनका परिचय देते हैं मोलिटिक्स के डायरेक्टर के तौर पर। यह या तो आपकी बेईमानी है या आदेश की, आपके स्वयं के स्रोत सूख चुके हैं या शेष हैं, यह आप जानें और आपका काम जाने। दरअसल, हम टेलीविजन की कड़वी डिबेट्स से विमुख हुए लोगों में से हैं। हमें टीवी डिबेट जैसा कुछ नहीं चाहिए, जहां एक भाजपा का प्रवक्ता होता है, एक कांग्रेस का प्रवक्ता होता है, एक कोई दिखावटी न्यूट्रल और एंकर बैठा हुआ उन्हें लड़ाता है। भाईसाहब, बिल्कुल भी नहीं चाहिए ऐसा। आज के नेता नगरी में जिस तरह आदेश सोनिया गांधी और नवीन चावला की करीबी की बात पर भड़के हैं, वह सच में हैरान करने वाला है। इतना दिल पर क्यों लेना और दिल पर लेना है तो यहां क्यों होना? आप खोजिए पूरे आज तक और इंडिया टुडे ग्रुप में। कोई न कोई कांग्रेस को कवर करने वाला एक्सपर्ट भी मिल ही जाएगा। पूरी तरह तैयार नहीं होगा तो आपके शो में बैठे-बैठे, तैयारी करते करते तैयार हो जाएगा लेकिन ऐसे एकतरफा एक्सपर्ट को झेलना मुमकिन नहीं है। इन्हें आप आज तक की राजनीतिक बहसों में बुलाइए। सुनने वाले सुन लेंगे। आप अपने ही वीडियो को फिर से देखिए और फैसला कीजिए। आपके शो में दो विशेषज्ञों के बीच होने वाली चुहल फिर भी अच्छी लगती है लेकिन इस तरह की बेहयाई एकदम से नामंजूर करते हैं। उम्मीद है, आप दर्शकों का मोल समझते हों The Lallantop Kuldeep Mishra / sardar

Arvind Chotia

118,494 Aufrufe • vor 20 Tagen

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एक जिंदगी का दुखद अंत ससुराल वालों से तंग कांस्टेबल ने जान दे दी बाड़मेर के अनिरुद्ध सिंह ने जिंदगी को अलविदा कह दिया। वीडियो बनाकर परिजनों को भेजा, जिसमें पत्नी, सास-ससुर, साले वगैरह को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। अनिरुद्ध अपने बुजुर्ग माता-पिता के रहते मरना नहीं चाहते थे लेकिन जब अति हो गई तो रास्ता शायद बचा ही नहीं। अनिरुद्ध कोई आम आदमी नहीं थे। वे राजस्थान पुलिस के सिपाही थे। 2008 में वे पुलिस में भर्ती हुए थे। अभी आबूरोड में पोस्टिंग थी। 18 साल की पुलिस की नौकरी काफी कुछ सिखा देती है। कम से कम षड्यंत्रों से मुकाबला करना और पार पाना तो सिखा ही देती होगी। इतने बड़े पुलिस बेड़े में क्या अनिरुद्ध की मदद करने वाला कोई नहीं था? क्या कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं था कि एक पुलिस वाले को जान देनी पड़े? हैरानी की बात है। अच्छी-अच्छी नौकरियां कर रहे अनेक लोगों को मैं भी जानता हूं, जो ससुराल पक्ष से अनिरुद्ध सिंह की तरह ही परेशान हैं। लेकिन लड़ रहे हैं, जूझ रहे हैं। वे कब तक लड़ पाते हैं, कब हार मान सकते हैं, कोई नहीं जानता। लेकिन यह समस्या व्यापक है। ससुराल वालों को बेटियों के घर उजाड़कर क्या सुकून मिलता है, यह भी एक पहेली ही है। अनिरुद्ध के बेटे और परिवार के प्रति गहरी संवेदना है। राजस्थान पुलिस क्या अपने जवान और उसके माता-पिता को न्याय दिलवा पाएगी? Rajasthan Police

Arvind Chotia

48,310 Aufrufe • vor 10 Tagen