
Arvind Chotia
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Journalist, Ex-Editor @DainikBhaskar Politics | Life | Food | Travel | (ट्वीट पूरी तरह मेरे निजी विचार)
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फरीदाबाद वकील को बिना नोटिस थाने में बिठाया उसके बाद जो हुआ, वो देखने लायक है
Arvind Chotia212,830 görüntüleme • 26 gün önce

मारोगे क्या बेचारे को? पानी तो पीने दो। ये मीडिया वाले भी...
Arvind Chotia248,366 görüntüleme • 1 ay önce

अद्भुत लीला एक हादसे ने लीला कंवर के दोनों हाथ छीन लिए तो लीला ने पैरों को ही हाथ बना लिया। बाड़मेर में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को लीला ने पैरों से राखी बांधी। लीला ने अपने पैरों से बनाया हुआ भाटी का कैरिकेचर भी भेंट किया। जिनकी इच्छा शक्ति इतनी मजबूत हो, उनके लिए दिव्यांग शब्द का प्रयोग अपमान ही है।
Arvind Chotia20,808 görüntüleme • 4 gün önce

सब तेल का खेल है बाबू भैया... लेकिन जयशंकर सर ने आज दिल जीत लिया कल अमेरिका कह रहा था कि भारत को जितना तेल चाहिए, उतना अमेरिका बेचने को तैयार है। आज एस. जयशंकर ने इशारा साफ कर दिया, आपके लिए अमेरिका फर्स्ट है, तो हमारे लिए भारत फर्स्ट है। भारत की जिम्मेदारी अमेरिका को खुश करना नहीं, बल्कि 1.4 अरब लोगों को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा देना है। तेल कहां से आएगा, यह फैसला दबाव से नहीं, भारत के हित से होगा। अगर सस्ता तेल कहीं और मिलेगा, तो भारत वही देखेगा।
Arvind Chotia514,871 görüntüleme • 3 ay önce

दिल खोलकर तारीफ़ करना मुहावरे को अच्छे से समझना हो तो तीन मिनट का यह वीडियो देख सकते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उतनी ही तारीफ की है, जिससे यह मुहावरा समझाया जा सके। साथ ही शाह ने यह भी कहा कि अशोक गहलोत और विपक्ष वाले आपस में लड़ते रहते हैं। आज भजनलाल जी को नींद आएगी भी या नहीं?
Arvind Chotia71,663 görüntüleme • 16 gün önce

असली शेरनी तो ये है उत्तर प्रदेश के एटा में एक महिला को दो बाइक सवार बदमाशों ने लूटने का प्रयास किया लेकिन महिला ने गजब की दिलेरी दिखाई। वह भिड़ गई और भिड़ी ही रही जब तक कि बदमाशों ने वापस भागने का फैसला नहीं ले लिया। महिलाओं को इतना मजबूत बनाया जाना चाहिए
Arvind Chotia452,195 görüntüleme • 3 ay önce

मध्यप्रदेश के मंदसौर में वेटरनरी डॉक्टर रमेश दोस्त की पत्नी के साथ रात को बिल्लो रानी गाने पर डांस कर रहे थे। दोस्त भी मौजूद था। पड़ोसियों ने पुलिस बुलाई और कहा कि मुजरा चल रहा है। पड़ोसी परेशान हैं। पुलिस तीनों को पकड़ कर थाने ले आई। तमाशबीनों की भीड़ देखिए।
Arvind Chotia817,113 görüntüleme • 7 ay önce

असली कमाई तो ये ही है... कल राजस्थान विश्वविद्यालय के पास से गुजर रहा था। पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बोनट पर काटा हुआ केक रखा था। दो-तीन वर्दीधारी और दो-तीन सिविलियन हंसी-खुशी के माहौल में केक खा रहे थे और खिला रहे थे। एक महिला के गोद में बच्चा भी था। मैंने गाड़ी चला रहे हैं मेरे दोस्त को बोला यार थोड़ा बैक लो। बड़ा ही मस्त दृश्य लग रहा है। छोटा सा वीडियो बनाते हैं। मैं अपने हिसाब से सोच रहा था कि कोई महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और बच्चे का बर्थडे होगा इसलिए यहीं पर केक काटकर खुशी मना रहे होंगे। शायद असली बात पता ही नहीं चलती अगर उनमें से एक पुलिस का जवान हमारी गाड़ी के पास नहीं आता। जवान ने पूछा कि वीडियो क्यों बना रहे हैं? मैंने कहा, यार बड़ा अच्छा लग रहा है देखकर। बच्चे का बर्थडे पुलिस वाले ऐसे मनाते हैं, कितनी मुश्किल ड्यूटी होती होगी पुलिस वालों की? पुलिस का जवान धीरे से मुस्कुरा दिया। फिर बोला- सर जी, बात यह नहीं है। आप नीचे उतरेंगे तो बताऊंगा। मैंने कहा लो भाई, नीचे आ जाते हैं। अब बता दो क्या बात है। उसने जो कहानी बताई वह तो सच में ही दिल को छू गई। फिर हम भी गाड़ी के पास ही पहुंच गए। असल बात यह थी कि बर्थ-डे बच्चे का नहीं बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का था। केक अलवर से एक दंपती लेकर आए थे। इंस्पेक्टर गुंजन सोनी ने अपनी अलवर पोस्टिंग के दौरान इस जोड़े की शादी को टूटने से बचाया था। दोनों के बीच कुछ अनबन और गलतफहमी थी जिसे समझाईश से गुंजन ने दूर कर दिया था और दोनों तभी से खुशी-खुशी साथ रहते हैं। गुंजन के हर जन्मदिन पर दोनों केक लेकर जोड़े से आते हैं। कल गुंजन की ड्यूटी दिन भर यूनिवर्सिटी के गेट पर थी तो दोनों यहीं आ गए। मैं हैरान रह गया। आप ड्यूटी के दौरान कई बार कितने अच्छे काम कर जाते हैं और उसकी छाप कितनी गहरी पड़ती होगी? हम नौकरी और प्रोफेशन में कितना कमाते हैं, कितना बचाते हैं यह मायने नहीं रखता लेकिन अगर हम लोगों का ऐसा प्यार कमाते हैं, तो मैं समझता हूं कि असली कमाई यही है। बाकी सब कुछ इसके नीचे-नीचे ही है। Arvind Chotia Rajasthan Police
Arvind Chotia417,585 görüntüleme • 5 ay önce

यह जयपुर है... थार में बैठे लड़कों ने कपल को मिडल फ़िंगर दिखाई। फिर भी बाइक वाला लड़का कुछ नहीं बोला। थार वालों ने कपल के आगे थार गाड़ी लगा दी और लड़के को जमकर पीटा। घटना 10:45 पर मानसरोवर के धन्वंतरि हॉस्पिटल के पास की है। पुलिस को कई फोन किए मगर लगे नहीं ! मनचलों से उलझ रही यह लड़की बहादुर तो है लेकिन इसकी पीड़ा भी सुनिए। यह पूछ रही है कि तुम्हारे घर में मां-बहन नहीं है क्या? Jaipur Police इन लड़कों की पहचान करके गिरफ्तार कीजिए। इनका समुचित इलाज कीजिए। इस तरह के तत्व अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले जयपुर शहर पर बदनुमा दाग की तरह हैं। Rajasthan Police Bhajanlal Sharma
Arvind Chotia1,489,791 görüntüleme • 1 yıl önce

क्योंकि आप भारत के जिम्मेदार नागरिक हो, इसलिए सड़क पर तेल का टैंकर पलट जाए तो तेल को यूँ ही बहने देना कैसे बर्दाश्त कर सकते हो? गुना में किसी ने बाल्टी उठाई, किसी ने कनस्तर, तो कोई घर का डिब्बा ही ले आया। आखिर सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा भी तो हमारी जिम्मेदारी है! इसे लूट मत कहिए… महंगाई के दौर में लोग बस सड़क पर बहती “अर्थव्यवस्था” को अपने-अपने घर सुरक्षित पहुँचा रहे थे। पुलिस उन्हें खतरे से दूर करती रही और जिम्मेदार नागरिक पुलिस को समझाते रहे कि साहब, बचत भी तो देशहित में जरूरी है
Arvind Chotia24,807 görüntüleme • 8 gün önce
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ये बेशर्म जानवर इंदौर में विजय नगर के सी21 मॉल स्थित डी मार्ट में एक व्यक्ति पत्नी के साथ शॉपिंग करने पहुंचा था। साथ में उनका नवजात बच्चा भी था। शॉपिंग के बाद बिलिंग काउंटर पर जब वह बिलिंग के लिए पहुंचा तो उन्होंने पत्नी को साइड में जाने का कहा। तब महिला नवजात को दूध पिलाने गई थी। इस पर बिलिंग कर्मचारी महिला द्वारा बच्चे को दूध पिलाने की बात पर हंस दिया और अन्य कर्मचारियों को भी महिला की तरफ इशारा कर दूध पिएगा क्या बोलने लगा। यह बात पति ने सुनी तो तुरंत विरोध किया। वीडियो बनाने लगा लेकिन तब भी बेशर्म कर्मचारी हँसते हुए गलती नहीं मान रहा था। संस्कार पूरी तरह खत्म होते जा रहे हैं
Arvind Chotia415,645 görüntüleme • 5 ay önce

आज इस आवाज में दर्द है... राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों? क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही। राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं? वीडियो साभार Republic
Arvind Chotia112,020 görüntüleme • 1 ay önce