
Sant Shri Asharamji Bapu
@asharamjibapu_ • 106,478 subscribers
Videos

गीता में 12 विद्याऐं है और वह युद्ध के मैदान में श्रीकृष्ण ने सुनाई। 700 श्लोकों में 12 विद्या ऐसी है कि क्या कहे... शोक निवृत्ति की विद्या गीता में है, अपना कर्तव्य करे तत्परता से, ये गीता में है, त्याग की विद्या गीता में है, भोजन करने की विद्या गीता में है। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu13,959 views • 3 years ago

कर्मों में संपूर्ण कल्याण करने की शक्ति नहीं है क्योंकि कर्म कर्ता के आधीन है, वस्तु के आधीन है लेकिन कर्म जब सृष्टि कर्ता की प्रसन्नता के लिए किया जाता है तो बुद्धि में भगवान को भर दिया बुद्धि के सामने भगवान रहे तो कर्म योग बन जाएगा। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu12,475 views • 3 years ago

एक भी अंग्रेजी रंग निर्दोष नहीं है सारे रंगों में कोई न कोई बीमारी पैदा करने की दुष्टता है। मैंने कहा कि अब इतनी बड़ी टक्कर लेना #हिंदू समाज को बचाने के लिए... रंगों से #Holi नहीं खेलो तो कोई बात मानेगा नहीं, मैंने केसुडे के फूलों से #होली खेलना चालू कर दिया। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu13,237 views • 3 years ago

जीवन में मान और अपमान इसलिए आते हैं कि जीव जो परिस्थिति मिली उसमें रुका न रहे आगे बढ़े, भगवान ऐसा निमित्त बनाते हैं कि आपको सत्संग मिल जाए और आप दुःख के सिर पर पैर रखकर आगे बढ़ो, सुख के सिर पर पैर रखकर आगे बढ़ो, अपने आत्मा तक पहुँचो । #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu11,404 views • 3 years ago

पड़ा रहेगा माल खजाना, छोड़ त्रिया-सुत जाना है। कर सत्संग अभी से प्यारे, नही तो फिर पछताना है। खिला-पिला कर देह बढ़ाई, वो भी अग्नि में जलाना है। कर सत्संग अभी से प्यारे, नही तो फिर पछताना है।। तो सत एक परमात्मा है उसका संग करने के लिए बुद्धियोग की आवश्यकता है। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu10,650 views • 3 years ago
No more content to load



