
Awesh Tiwari
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Journalist, Columnist, 22 yr Exp, EX CFJ Fellow, Ex state head Swaraj Express, Rajasthan patrika, Dainik jagran, Nai Dunia, Hindustan, DNA
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यह ऐतिहासिक है अविस्मरणीय है। पूरे संघी ढांचे पर अब तक की सबसे करारी चोट है। राहुल गांधी ने धज्जियां उड़ा कर रख दी है सरकार की और सरकार के हाथ, पैर, आंख, दिमाग के तौर पर अपने अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे उसके शॉर्प शूटर्स की। राहुल गांधी ने आज जिस तरह से सरकार और भक्तों का मखौल उड़ाया हैं बिल्कुल इसी रुख की कब से जरूरत महसूस हो रही थी। जिन लोगों ने अपनी तस्वीर स्क्रीन पर देखी होगी वह समझ गए होंगे कि अब बच निकलने का और कोई रास्ता नहीं है। यह धज्जियां और कहीं न कहीं भक्तों के गढ़ इंदौर में उड़ाई गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय में परिणाम जो भी रहे हो छात्रों की इस अभूतपूर्व भीड़ ने साबित कर दिया है कि इस देश का युवा सिर्फ और सिर्फ राहुल के साथ है। शानदार राहुल
Awesh Tiwari39,509 просмотров • 4 дней назад

अब इस खबर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से पर आते हैं । जंतर मंतर प प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज अपने हाथ में स्टील का एक मोटा और भारी कड़ा पहनकर गया था। इस वीडियो में वह खुद स्वीकार कर रहा है कि मैने इसी से नीशू आजाद के पिता का सिर फाड़ा था। दिल्ली पुलिस Delhi Police यह सुबूत तो काफी होना चाहिए इसकी गिरफ्तारी और सजा के लिए? बात यही नहीं रुकती। इस वीडियो में स्वतंत्र खुलेआम धमकी दे रहा है कि सीजेपी के प्रदर्शनकारियों और वन्देमातरम कानून का विरोध करने वालों को बेल्ट और लात घूंसों से ही नहीं कट्टे से मारने में भी संकोच नहीं करेंगे। मुझे याद आता है कि हापुड़ के अल्लाबख्शपुर में सद्दाम नामक अपराधी ने हाल ही में एक ढाबे पर कट्टे से लोगों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस देश में दो तरह के कानून है एक आम आदमी के लिए एक बीजेपी समर्थकों के लिए।सोचकर देखिए यह आदमी पीएम के शपथग्रहण समारोह और स्वतंत्रता दिवस पर वीआईपी सत्कार पाता है।
Awesh Tiwari168,292 просмотров • 20 дней назад

ममता बनर्जी ने चुन चुनकर एक से एक कलाकारों को एमपी बनवाया और अब उसका खामियाजा भुगत रही हैं। सायोनी घोष जैसे लोग अपनी कथित खूबसूरती की वजह से न्यू मीडिया की आंखों के तारे रहे लेकिन उनकी योग्यता एक रीलबाज से ज्यादा कभी नहीं रही। संभवतः यह वीडियो संसद का है। अगर संसद का है तो बेहद आपत्तिजनक हैं। जिस संसद में चाय पीने पर बवाल होता हो वहां रील बनाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? कल्याण दादा और महुआ बनना सबके बस की बात नहीं है।
Awesh Tiwari443,732 просмотров • 1 месяц назад

एक छोटी सी बात समझिए। जिस जगह प्रदर्शन हो रहा है उसके पास कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर समेत कई मंदिर हैं। यह मंदिर जनता के चंदे से चलते हैं। यह दीगर है श्री राम जन्मभूमि में चंदा लूट लिया गया। जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज से बचने के लिए हजारों नौजवान हनुमान मंदिर गए, लक्ष्मी नारायण मंदिर भी गए। सभी जगह दरवाजा बंद कर दिया गया और फिर थक हार कर यह सभी गुरुद्वारे में पहुंचे। गुरुद्वारे के सेवादार दरवाजे के बाहर खड़े हो गए और पुलिस को भीतर नहीं आने दिया। अच्छा खाना दिया, सोने की जगह दी। मंदिरों ने अपना धर्म नहीं निभाया।
Awesh Tiwari389,283 просмотров • 2 месяцев назад

बेहद शर्म की बात है मोहन यादव जी अगर यूट्यूबर्स को पैसा देकर विपक्षियों का विरोधियों का आखेट कराया जा रहा है। कम से कम जो युवा, बच्चे अपने पैरों पर खड़े होने का रहे हैं उन्हें भ्रष्ट मत बनाइए। वैसे भी बीजेपी ने पत्रकारिता को नंगा करके नचवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यह वीडियो आपकी सरकार की करतूतों को जगजाहिर करता है।
Awesh Tiwari60,703 просмотров • 10 дней назад

सपा समर्थक कह रहे हैं कि राहुल गांधी को सड़क पर उतर कर जनता से मिलना चाहिए जैसे अखिलेश मिलते हैं। गजब की बात है अखिलेश जनता से मिलते भी हैं? जी नहीं, अखिलेश केवल प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। राहुल गांधी जनता हैं, जो हर वक्त जनता के बीच रहता है उनके साथ ही खाता पीता है, उनमें शामिल रहता है। ऐसा नेता कम से कम आज के वक्त में और कोई नहीं है मुझे तो उनकी सुरक्षा की चिंता होती है।
Awesh Tiwari73,952 просмотров • 14 дней назад

~ मोहतरमा को पिछले 15 सालों से 1500₹/महीना मिल रहा था..ममता बनर्जी की स्कीम थी ~ बीजेपी ने इन्हें 3000₹/महीना का वादा' किया था ~ अब इन्हें 1500₹ मिलना बंद हो चुका है..और 3000₹ की स्कीम में इन का नाम शामिल नहीं होगा..😃 ~ क्योंकि स्कीम की शर्त के मुताबिक़ इन्हें नहीं मिल सकता है..अब इन का गुज़ारा मुश्किल हो चुका है ✋ अब मोहतरमा को दीदी और मोदी का फ़र्क़ समझ आया है..फूट फूट कर रो रही है..लालच और ग़द्दारी की सज़ा मिली है KrishnanIyerForINC
Awesh Tiwari289,012 просмотров • 2 месяцев назад

एमपी गजब है, बेहद गजब। यह सिंगरौली के अमित तिवारी है। इस वीडियो में हाईकोर्ट के जज साहबान को फर्जी अधिकारी बनकर धमकाते दिख रहे हैं। यह फेसबुक पर "प्रचंड प्रहार" नाम का एक पेज चलाते हैं। कॉन्फिडेंस देखिए, रुतबा देखिए उसमें कोई कमी नहीं है। अंग्रेजी भाषा भी गजब है बेवकूफ भी नवाब दिखने लगता है।
Awesh Tiwari320,069 просмотров • 2 месяцев назад

राहुल गांधी चुनाव नहीं जीतते हैं, जीतने की चिन्ता नहीं करते हैं या प्रधानमंत्री बनने की जल्दी में नहीं हैं या चुनाव जीतने के लिए वह सब नहीं करते हैं जो आप चाहते हैं - तो यह आप की समस्या है, राहुल गांधी की नहीं। अगर राहुल गांधी को लगता है कि आरएसएस की पोल खोलना ज्यादा जरूरी है तो कोई नहीं कहता कि आप उनसे सहमत होइए या उनकी मदद कीजिए। वे अपना काम अपनी मर्जी से, जो साथ दे रहा है उसकी सहायता से अपनी योग्यता-क्षमता से कर रहे हैं। हो सकता है, नाकाम रहें लेकिन कोशिश कर रहे हैं और खुलकर कर रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। आपको नरेन्द्र मोदी या भाजपा को सत्ता से हटाने की जल्दी है यह आपकी समस्या है। आप चाहते हैं कि राहुल गांधी जल्दी से जल्दी प्रधानमंत्री बन जाएं यह आपकी जरूरत हो सकती है। लेकिन इसके लिए उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता है। वैसे भी, एक नागरिक के रूप में देश को मोदी से आजाद कराने के लिए (अगर इसकी जरूरत या संभावना है) वे अकेले जिम्मेदार नहीं हैं या वे आपको सक्षम लगते हैं इसका मतलब नहीं है वे यही काम करें। वे अपना काम कर रहे हैं जो उन्हें पसंद है या जो उन्होंने चुना है। अगर आपको गांधी परिवार से ही उम्मीद है तो कुछ वरुण गांधी से भी रखिए। राहुल गांधी जो कर रहे हैं उसमें गलत हो सकते हैं लेकिन यह तो तय लगता है कि वे प्रधानमंत्री बनने के लिए नहीं कर रहे हैं। आप उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं तो आगे आइए, जुड़िए, सलाह दीजिए, काम कीजिए। चुनाव जीतने के लिए वोट चोरी, चुनाव चोरी, सीट चोरी, उम्मीदवार चोरी एक अलग (और भारत में नई) राजनीतिक शैली है। वे इस बारे में बता चुके हैं। इस पर दूसरों को, आपको-मुझे काम करना चाहिए। अगर सब राहुल गांधी को ही करना है तो प्राथमिकता उनकी ही होगी। पसंद ना पसंद का मामला भी है। हमें यह मान लेना चाहिए कि मौजूदा व्यवस्था में राहुल गांधी चुनाव नहीं जीत सकते हैं। व्यवस्था बदलने के लिए काम कर रहे हैं। आप शॉर्ट कट जानते हैं तो आगे आइए। राहुल गांधी को सत्ता दिला दीजिए या खुद ले लीजिए। मेरे लिए यह जैसे को तैसा है। - साथी संजोय कुमार सिंह
Awesh Tiwari16,591 просмотров • 3 дней назад

अब मोदी जी के लिए युवाओं की भीड़ ऐसे थोड़े न उमड़ेगी। नाना के घर पहुंचा है नेता। हमें कहते हैं इलाहाबाद। वेलकम राहुल
Awesh Tiwari176,351 просмотров • 1 месяц назад

अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले 5 ट्रैकों में भरकर 87 हजार 400 लाठियां मंगाई थी उनमें से आधी कांग्रेस के जिला मुख्यालयों को भेजी गई थी। अजय राय ने आज गोदाम खोलकर लखनऊ में महिला कार्यकर्ताओं को थमा दिया। अब उनका कहना है कि भाजपा से जो भी आयेगा इस तेल पिलाई लाठी से स्वागत करेंगे। समाजवादी इस बात का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना कि हम लोगों को भी लाठी की जरूरत है, अखिलेश जी को भी अरेस्ट किया गया था। वो कांग्रेस से व्यवस्था करने की मांग पकड़ लिए हैं।
Awesh Tiwari236,705 просмотров • 2 месяцев назад

बिग ब्रेकिंग:- भाजपा हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। कांग्रेस से दगा करके निहित स्वार्थों के लिए भाजपा में गए राव इंद्रजीत ने जब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने सच्चाई उजागिर की तो इस बुजुर्ग नेता से माइक छीन लिया गया। ऐसी ही खबरें अन्य राज्यों से भी आएंगी। भाजपा में बड़ी बगावत की आग जल चुकी है। धर्मेंद्र प्रधान भी बड़ा खेल कर सकते हैं वहीं दतिया हारने के बाद जबरदस्त आर पार चल रहा है। छत्तीसगढ़ में बृजमोहन अग्रवाल अपनी ही सरकार के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं। एक साथ पूरा नैरेटिव ध्वस्त हो रहा है।
Awesh Tiwari140,474 просмотров • 1 месяц назад

गजब का प्रवक्ता है भाई कांग्रेस का। इसको कहते हैं धज्जियां उड़ाना। यश श्रीवास्तव को इतिहास, भूगोल, राजनीति सबकी बारीक समझ है। डिबेट में बैठी शाज़िया और एंकर का बस चले तो डिबेट शो छोड़कर भाग खड़े हों या वही धरती से गुहार लगाएं कि फट जाओ और मुझे समेट लो। चेहरा देखिए इनका और यह भी देखिए कि बीजेपी की कैसे रेल बनाई जाती है। बधाई यश।
Awesh Tiwari112,428 просмотров • 1 месяц назад

सम्राट चौधरी को सीएम बनवाकर अमित शाह ने बीजेपी के लिए बिहार में मुश्किलों का दौर शुरू कर दिया है। यह आरा के भरत तिवारी की शव यात्रा है। मनबढ़ बिहार पुलिस ने सरकार के लिए वो मुसीबत पैदा की है जो लंबे समय तक खत्म नहीं होगी। लालू के जंगलराज का दावा करने वाले अब एक सरकार का जंगलराज देख रहे हैं। हत्याओं, गैंगरेप का दौर फिर से शुरू हो चुका है। मुझे आश्चर्य हो जाता है कि जिस तरह से लालू प्रसाद यादव की सरकार को पिछड़ा विरोधी कहा जाता था अब यह सरकार सवर्ण विरोधी घोषित हो गई। नीतीश कुमार ऐसे मौकों से निपटना जानते है लेकिन सम्राट नहीं निपट पाएंगे उन्हें तत्काल मृतक के परिजनों से मिलने की जरूरत थी। समूची बिहार पुलिस को बेसिक ट्रेनिंग और जनता से संवाद की तकनीक सिखाने की जरूरत है।
Awesh Tiwari263,269 просмотров • 3 месяцев назад