
Chandra Shekhar Aazad
@BhimArmyChief • 1,589,176 subscribers
Founder @BhimArmy_BEM, National President @AzadSamajParty, Member of Parliament - Nagina Loksabha Uttar Pradesh
Shorts
Videos

उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती की नई नियमावली से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। पुरानी नियमावली के आधार पर तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। हमने 19 सितंबर को भी आमरण अनशन कर रहे छात्रों की बिगड़ती तबीयत और सरकार की ओर से ठोस पहल न किए जाने पर चिंता जताते हुए तत्काल समाधान की मांग की थी। अभ्यर्थियों के अनुसार, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी के आश्वासन पर उन्होंने 5 सितंबर से चल रहा आमरण अनशन 23 सितंबर को समाप्त किया था। मुख्यमंत्री ने पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती में एक अवसर देने के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का भरोसा दिलाया था, लेकिन पत्र लिखने के बजाय नई नियमावली के तहत भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया। मुख्यमंत्री का आश्वासन देने के बाद भी उसे पूरा न करना युवाओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ है। अपनी मांगों को लेकर प्रतियोगी छात्र-छात्राएं प्रयागराज में दूसरे दिन भी आंदोलन कर रहे हैं। Government of UP को अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी बंद कर अपना वादा पूरा करना चाहिए और टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर देने के साथ पात्रता संबंधी विसंगतियों का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। #Prayagraj #TGT_PGT #TeacherProtest
Chandra Shekhar Aazad25,461 Aufrufe • vor 23 Stunden
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद के कमलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम लुधौरा में कल शाम दलित युवक मनोज कुमार की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना बेहद दुखद, शर्मनाक और चिंताजनक है। पीड़ित परिजनों के अनुसार, जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी और बेटी के साथ भी मारपीट की गई। अस्पताल ले जाते समय मनोज कुमार की मृत्यु हो गई। इस गंभीर घटना के बावजूद अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। Government of UP हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की स्थानीय टीम घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दुःखद घड़ी में मेरी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
Chandra Shekhar Aazad241,425 Aufrufe • vor 11 Tagen
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

आगरा जिले के थाना मलपुरा क्षेत्र के धनौली में 17 वर्षीय शिवम सविता का शव पुलिस चौकी के पीछे नाले में मिलना बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक घटना है। शिवम के पिता का कहना है कि जन्मदिन का कार्यक्रम था और उनके बेटे को दुकान से पुलिस अपने साथ ले गई थी। उनका यह भी कहना है कि पुलिस ने बाकी लड़कों को पैसे लेकर छोड़ दिया, लेकिन उनका बेटा घर नहीं लौटा। रातभर तलाश करने के बाद सुबह उसका शव नाले में मिला। Government of UP से हमारी मांग है कि शिवम की मृत्यु की परिस्थितियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही, अवैध हिरासत, वसूली या किसी अन्य प्रकार की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई हो। एक 17 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही, शोकाकुल परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस कठिन समय में परिवार को कुछ राहत मिल सके। शोकाकुल परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे।
Chandra Shekhar Aazad497,720 Aufrufe • vor 1 Monat

मध्य प्रदेश के जिला दमोह के फुटेरा तालाब की घटना सिर्फ एक अधिकारी के साथ अभद्रता का मामला नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही जातिवादी मानसिकता का आईना है। 20 अक्टूबर की शाम धार्मिक आयोजन के दौरान नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी के साथ हुई अभद्रता और जातिगत अपमान की घटना बेहद चिंताजनक है। इस घटनाक्रम में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जाँच कर सच्चाई सामने लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है। यही तो जातिवाद है कि इंसान अपनी मेहनत और काबिलियत से ऊँचे पद पर पहुँच जाए, लेकिन जातिवादी सोच उसे आज भी उसकी जाति के आधार पर नीचा दिखाने और अपमानित करने से बाज न आए! हम Chief Minister, MP से माँग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। Dr Mohan Yadav
Chandra Shekhar Aazad58,978 Aufrufe • vor 5 Tagen

IIT-Bombay के बीटेक (एनर्जी साइंस) द्वितीय वर्ष के दलित छात्र साहिल वाकोड़े की असामयिक मृत्यु ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साहिल जी की आत्महत्या के अगले दिन कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी बयान में परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई। लेकिन साहिल की मृत्यु के अगले दिन प्रशासन द्वारा यह बयान जारी किया जाना और पूरे मामले को मुख्य रूप से मोबाइल मिलने की घटना से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को लेकर संदेह को और गहरा करता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा कक्ष में साहिल जी के आसपास अन्य परीक्षार्थी मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से किसी अन्य परीक्षार्थी द्वारा उनके पास मोबाइल फोन होने की बात कहे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन के नियमानुसार, यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलती है, तो संबंधित सामग्री जब्त कर परीक्षार्थी को नई उत्तरपुस्तिका देकर परीक्षा पूरी कराई जाती है और आगे की कार्रवाई के लिए मामला कमेटी के सामने रखा जाता है। साहिल के परिजनों और साथी छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रोफेसर द्वारा परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर धमकाया गया और एक वर्ष के लिए निलंबित करने की बात कही गई। परिवार ने उनके साथ पहले भी जातिगत भेदभाव और संस्थागत प्रताड़ना किए जाने की भी बात कही है। 18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे साहिल ने आत्महत्या कर ली। इसके कुछ ही समय बाद IIT Bombay के छात्र इस घटना से चिंतित होकर कैंपस में एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में IIT के निदेशक और डीन (छात्र मामले) के इस्तीफे, साहिल जी के परिवार को मुआवजा, IIT प्रशासन की सहमति से प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज करने, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और सभी छात्रों के साथ ओपन हाउस बैठक आयोजित करने की मांग रखी है। हम Ministry of Education से मांग करते हैं कि घटनाक्रम से जुड़े सभी CCTV फुटेज, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान या किसी भी प्रकार की संस्थागत प्रताड़ना की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस दुःख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएँ साहिल के शोकाकुल माता-पिता और पूरे परिवार के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे। #JusticeForSahilWakode
Chandra Shekhar Aazad258,863 Aufrufe • vor 1 Monat

IIT-Bombay द्वारा साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले के बयान के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगना महत्वपूर्ण कदम है। कल हमने कहा था कि साहिल जी की मृत्यु के अगले दिन, 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान पर गंभीर सवाल उठते हैं। अब IIT-Bombay ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। IIT-Bombay में बीटेक (एनर्जी साइंस) के द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे साहिल वाकोड़े केवल एक छात्र नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में AIR 614 हासिल करने वाले होनहार और मेहनती दलित युवा थे। प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया था। ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, समानता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। IIT-Bombay द्वारा 19 सितंबर को जारी किए गए उस बयान ने उन जातंकवादियों को एक मौका दिया, जो ऐसे दुखद क्षणों में भी दलितों को नीचा दिखाने के लिए तैयार रहते हैं। अब संस्थान की माफी से यह स्पष्ट है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। ऐसे संवेदनशील मामलों में संस्थागत जिम्मेदारी और अधिक गंभीर होनी चाहिए। सोचिए, उन माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना होनहार बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ उसी बच्चे को नकलची बताकर न केवल उन्हें, बल्कि उनके पूरे समाज को नीचा दिखाने की कोशिश होते देखी। IIT Bombay, आपकी यह माफी माफी योग्य नहीं है। यह बेहद पीड़ादायक और शर्मनाक है। हमारी टीम मौके पर डटी है। #JusticeForSahilWakode
Chandra Shekhar Aazad166,021 Aufrufe • vor 1 Monat

छह साल पहले आज ही की सुबह जब देश-दुनिया सोकर उठ रही थी, तब हाथरस से आई उस खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था। रात के अंधेरे में 2:45 बजे हाथरस की बेटी बहिन मनीषा वाल्मीकि के शव का भारी पुलिस बल द्वारा परिवार की इच्छा के विरुद्ध अमानवीय ढंग से जबरन अंतिम संस्कार करा दिया गया। जिस परिवार को अपनी बेटी को अंतिम विदाई देने का अधिकार था, उसे ही उससे वंचित कर दिया गया। यह उनके सम्मान और मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन था। छह साल बाद भी मनीषा का परिवार न्याय, सुरक्षित आवास और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। 2022 के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर अगस्त 2026 में हाईकोर्ट को फिर हस्तक्षेप करते हुए सरकार को तीन महीने के भीतर परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वासित करने और एक सदस्य को रोजगार देने का निर्देश देना पड़ा। छह साल पहले मनीषा को न्याय नहीं मिला और माननीय उच्च न्यायालय के बार-बार आदेश के बावजूद छह साल बाद भी उनका परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। जिस परिवार ने अपनी बेटी खोई, उसे न्याय और सम्मान के लिए भी वर्षों तक संघर्ष करना पड़े, इससे बड़ा सवाल सरकार की जवाबदेही पर और क्या हो सकता है? बहिन मनीषा, तुम्हारे साथ हुआ अन्याय कभी नहीं भूलेंगे।
Chandra Shekhar Aazad84,947 Aufrufe • vor 28 Tagen

पीड़ित मासूम बेटी के परिवार को बहिष्कार व सजा,आरोपियों को खुला संरक्षण-अपराध से कम नहीं! झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय मासूम कुशवाहा बेटी के साथ छेड़छाड़ के बाद उसके परिवार को जिस तरह प्रताड़ित किया गया, वह बेहद गंभीर और शर्मनाक है। 28 जुलाई की घटना के बाद परिजनों ने कानूनी कार्रवाई की। 2 अगस्त को पंचायत लगाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दूध-पानी, दुकान, खेत और रास्ते तक बंद करने का फरमान सुनाया गया। 3 अगस्त को दोबारा पंचायत लगाकर परिवार पर आरोपी को माफ करने और छेड़छाड़ की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। परिवार के अनुसार, इसी दौरान विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं। इसके बावजूद दबाव और उत्पीड़न नहीं रुका। 5 सितंबर को पीड़ित परिवार के सदस्य के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि यह हमला शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कड़ी का हिस्सा था। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, पीड़ित किसी भी बेटी के परिवार को इस तरह डराकर न्याय से वंचित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Government of UP तत्काल पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छेड़छाड़, सामाजिक बहिष्कार, धमकी, दबाव और मारपीट के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
Chandra Shekhar Aazad143,927 Aufrufe • vor 1 Monat

3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं। वहीं, पूर्व BBC News Hindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है। महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा। मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है। यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है। Government of UP Delhi Government
Chandra Shekhar Aazad130,672 Aufrufe • vor 1 Monat

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों संविदा कर्मचारियों का लखनऊ के इको गार्डेन में आंदोलन के पांचवें दिन भी धरने पर बैठे रहना गंभीर चिंता का विषय है। करीब 20 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाले ये कर्मचारी आज भी नौकरी की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के अभाव से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंताजनक है। NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा नियमितीकरण, EPF, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान शामिल है। Government of UP से मांग है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल वार्ता कर ठोस निर्णय लिया जाए और उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायी भविष्य की गारंटी दी जाए। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-भीम आर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का पूर्ण समर्थन करती है और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। CM Office, GoUP Brajesh Pathak NHM UP #UPNHM #NHM #NHMprotest #NationHealthmission #ASP_K_Mission2027 #UPMaangeChandraShekharAzad
Chandra Shekhar Aazad43,216 Aufrufe • vor 15 Tagen
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर स्थित गेस्ट हाउस में पूर्व विद्यार्थी के पिता द्वारा रिसेप्शन पर भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, महिलाओं के मुक्तिदाता, शोषितों-वंचितों के मसीहा ,महान अर्थशास्त्री, संवैधानिक विचारक, राष्ट्रवाद के चिंतक, ज्ञान और न्याय के प्रतीक, विश्वरत्न परम पूज्य बाबा साहेब के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी बेहद गंभीर ,शर्मनाक और दण्डनीय है। आरोपी द्वारा पर कहा गया कि “देश का संविधान एक भंगी ने बनाया तो भंगी के हिसाब से बनेगा।” परम पूज्य बाबा साहेब के लिए ऐसी जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल केवल एक महापुरुष का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय संविधान, सामाजिक न्याय और देश के मानवतावादी लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। परम पूज्य बाबा साहेब और संविधान का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। जय भीम! जय भारत! जय संविधान! CMO Maharashtra Devendra Fadnavis IIT Bombay
Chandra Shekhar Aazad55,717 Aufrufe • vor 21 Tagen

पुणे, महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली, कथित पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से आंदोलन के चौथे दिन, 4 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की। उनकी समस्याओं और मांगों को विस्तार से जाना। छात्रों के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों को लेकर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी आवाज़ मजबूती से उठाई जाएगी। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों पर 72 घण्टे में सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो मैं स्वयं पुणे पहुंचकर उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ा रहूँगा। छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े सवालों पर हम मजबूती से लोकतांत्रिक संघर्ष करेंगे। जय भीम! जय भारत! जय संविधान!
Chandra Shekhar Aazad57,050 Aufrufe • vor 22 Tagen

तेलंगाना के नालगोंडा जिले की देवरकोंडा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता द्वारा सरेआम दलित समुदाय की महिला ग्राम संगठन सहायक को थप्पड़ मारने और उसके बाल पकड़कर घसीटने की घटना बेहद शर्मनाक, पीड़ादायक और गंभीर है। बताया जा रहा है कि स्वयं सहायता समूह के फंड को लेकर हुए विवाद के दौरान यह घटना हुई। Telangana CMO से मांग है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी के खिलाफ सभी संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही पीड़िता को तत्काल सुरक्षा, उचित कानूनी सहायता और न्याय मिले। किसी भी राजनीतिक प्रभाव या दबाव के कारण कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। Revanth Reddy
Chandra Shekhar Aazad56,760 Aufrufe • vor 22 Tagen

2 सितंबर 2026 को उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak जी ने वेतन संबंधी शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था, जिसे 3 सितंबर तक जारी किया जाना था। लेकिन तय समयसीमा के 40 दिन बीत जाने के बावजूद शासनादेश जारी नहीं हुआ और आज अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बांड डॉक्टरों को हिरासत में ले लिया गया। वादा सरकार ने किया, लेकिन न्याय मांगने वाले डॉक्टरों को हिरासत का सामना करना पड़ रहा है! यह न केवल चिंताजनक, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। सरकार अपना वादा निभाए, वेतन विसंगति दूर करे और समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने हेतु तत्काल शासनादेश जारी करे। Government of UP #BondedDoctors #DoctorsProtest #SalaryDiscrimination
Chandra Shekhar Aazad35,852 Aufrufe • vor 14 Tagen

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार पंचायत सहायकों की आवाज़ को अनसुना करना बंद करे। लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेशभर से आए पंचायत सहायक अपने हक़, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मानदेय बढ़ाने, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान, नौकरी की सुरक्षा और अपनी अन्य जायज़ मांगों को लेकर वे लगातार आंदोलनरत हैं। सबसे दर्दनाक तस्वीर यह है कि भारी बारिश और तपती दोपहर में हमारी बहनें पेड़ों के नीचे तिरपाल के सहारे रहने को मजबूर हैं। रात होने के बाद भी उनका संघर्ष नहीं थमता। अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने के लिए उन्हें ईको गार्डन के अंदर कैंडल मार्च निकालना पड़ रहा है। दूसरी तरफ प्रशासन उनकी समस्याएँ सुनने के बजाय उन्हें वहाँ से हटाने पर आमादा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी याद रखें, बारिश में भीगते हुए और अंधेरी रात में मोमबत्तियाँ लेकर न्याय मांग रहे पंचायत सहायकों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। अगर जल्द ही पंचायत सहायकों की जायज़ मांगों पर ठोस और सम्मानजनक फैसला नहीं लिया गया, तो मैं स्वयं लखनऊ के ईको गार्डन पहुँचकर पंचायत सहायकों के बीच बैठूँगा। जरूरत पड़ी तो उनके साथ वहीं दिन-रात रहूंगा भी। बारिश हो, तपती दोपहर हो या अंधेरी रात, अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रही हमारी बहन-बेटियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। Government of UP आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश बंद करे, उनकी मांगें सुने और तत्काल समाधान निकाले। जय भीम! जय भारत! जय मंडल! जय संविधान! #पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ #पंचायत_सहायक_नियमित_करो
Chandra Shekhar Aazad100,138 Aufrufe • vor 1 Monat

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। यह बेहद चिंताजनक है कि अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।इस दौरान लगातार अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति भी गंभीर हुई। यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले 8 वर्षों से एएमयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। एएमयू प्रशासन को तत्काल संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।अनशनकारी छात्रों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए तथा छात्रसंघ की बहाली, मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और समयबद्ध चुनाव की घोषणा सुनिश्चित की जाए। 28 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर डक प्वाइंट पर हुए प्रदर्शन के बाद जिस तरह छात्रों पर कार्रवाई हुई और विवाद बढ़ा, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। President of India Aligarh Muslim University #Aligarh #AMU #AligarhMuslimUniversity #AMUProtest #StudentUnionElection
Chandra Shekhar Aazad52,171 Aufrufe • vor 24 Tagen

36,000 करोड़ रुपये का एक्सप्रेसवे बारिश में डूब गया। सड़क बनी है या सरकारी पैसों का जलमार्ग? जाता हुआ मानसून भी भाजपाई विकास की असली तस्वीर दिखा गया। सवाल यह है माननीय Nitin Gadkari जी से, बरसात में इस पर गाड़ी चलेगी या किश्ती? दावे आसमान में, सड़कें पानी में! MyGovIndia MORTHINDIA
Chandra Shekhar Aazad63,050 Aufrufe • vor 1 Monat

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है। सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
Chandra Shekhar Aazad101,656 Aufrufe • vor 1 Monat

उत्तर प्रदेश की आशा वर्कर्स बहिनें अपनी जायज मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में लखनऊ के ईको गार्डन में भी हजारों की संख्या में बहिनों ने प्रदर्शन कर सरकार से अपने अधिकारों की मांग की। आशा वर्कर्स बहिनें प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी हैं। इसके बावजूद महज 2,000 से 3,500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है। टीकाकरण के लिए 75 रुपये और प्रसव के लिए 600 रुपये जैसी प्रोत्साहन राशियों पर काम करना पड़ता है, जबकि भुगतान में लंबे समय तक देरी की शिकायतें भी सामने आती हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आशा कर्मी बहिनों का कहना है कि आज की आसमान छूती महंगाई में इतनी कम राशि में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली इन बहिनों के काम के घंटे तक तय नहीं हैं। वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें राज्य स्वास्थ्यकर्मी का दर्जा, न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, ESI, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है। Government of UP आशा वर्कर्स बहिनों की वर्षों से चली आ रही मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल संवाद करे और उनके लंबित भुगतान, उचित वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करे। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आशा वर्कर्स बहिनों की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 25,000 रुपये प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाएगा। आशा बहिनों का सम्मान, उनके अधिकार और सम्मानजनक वेतन की गारंटी हमारी प्रतिबद्धता है। #ASHAWorkers #ASHAWorkerProtest #AshaWorkersDemand #AshaWorkersStrike
Chandra Shekhar Aazad52,570 Aufrufe • vor 27 Tagen

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किए जाने से उत्पन्न हालात का निशाना छात्रों को बनाया गया है। रात के अंधेरे में पुलिस लाठीचार्ज और पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा भी छात्राओं के साथ बल प्रयोग व अभद्रता की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कुछ छात्र कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित बलात्कार के मामले को लेकर विरोध कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को तत्काल दबाने का दबाव बनाया। ऐसे संवेदनशील मामले में छात्रों की शिकायतों को सुनने, तथ्यों की जांच करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के बजाय विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। कैंपस में छात्रा के साथ कथित बलात्कार की शर्मनाक घटना ने मन में गंभीर चिंता पैदा की है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों से अपील है कि वे शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ अपनी आवाज उठाएं तथा कानून के दायरे में रहकर जवाबदेही की मांग करें।
Chandra Shekhar Aazad49,393 Aufrufe • vor 1 Monat