
Chandra Shekhar Aazad
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Founder @BhimArmy_BEM, National President @AzadSamajParty, Member of Parliament - Nagina Loksabha Uttar Pradesh
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कान खोलकर सुन लो मानसिक रोगियों... सब याद रखा जाएगा... सब कुछ याद रखा जाएगा...
Chandra Shekhar Aazad98,379 Aufrufe • vor 3 Tagen

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईएएस-पीसीएस प्री एग्जामिनेशन सेंटर छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों को अवैध बताकर जबरन छात्रावास खाली कराना, कमरों के ताले तोड़ना तथा बिजली-पानी काटना एनडीए सरकार की बहुजन विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में प्रवेश लिया था तथा 13 सितंबर 2024 को उन्हें छात्रावास आवंटित किया गया। वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने छात्रावास में नए प्रवेश की प्रक्रिया ही नहीं कराई और न ही नए आवेदन आमंत्रित किए। ऐसे में छात्रों का कहना है कि उनका आवंटन सितंबर 2026 तक वैध है। बांग्लादेश में दलितों की दिखावटी चिंता करने वाले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, क्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों के साथ हो रही ज्यादती आपको दिखाई नहीं देती? हम Government of UP से मांग करते हैं कि छात्रों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए, छात्रावास की बिजली-पानी की व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए, वर्ष 2025 से लंबित छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों की शिक्षा और सम्मान पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। University of Allahabad
Chandra Shekhar Aazad82,763 Aufrufe • vor 5 Tagen

15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।
Chandra Shekhar Aazad151,006 Aufrufe • vor 16 Tagen

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में किसान मोतीलाल कुशवाहा जी पर गोली चलाने की घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। पीड़ित किसान के अनुसार, कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और उसके साथियों द्वारा गरीब किसानों की जमीनें हथियाने की शिकायत को लेकर ज्ञापन देने पर उन पर गोली चलाई गई। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav, शालिग्राम गर्ग का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। कुछ समय पूर्व एक दलित परिवार की शादी में उत्पात मचाने और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटना प्रमुख हैं। उस मामले की जांच अभी भी जारी है। यदि उस मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता था। हम MP MyGov से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कराई जाए। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध उसकी सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी किसान को भय, हिंसा या दबाव के बल पर अपनी जमीन छोड़ने के लिए विवश करना अस्वीकार्य है। हम घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
Chandra Shekhar Aazad63,449 Aufrufe • vor 10 Tagen

उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बच्ची 22 जून से लापता थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं की और अगले दिन एफआईआर दर्ज की। 28 जून को बच्ची के मिलने के बाद, परिजनों के अनुसार, उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद यदि उसका समय पर चिकित्सीय उपचार और मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया तथा महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराने-धमकाने की भी शिकायत है। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले में प्रारंभिक स्तर पर POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू नहीं किए गए। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आखिर बेटियों को समय पर न्याय और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था कब मिलेगी? हम Government of UP से मांग करते हैं कि पीड़िता को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कर सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, जिनमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू होने वाली धाराएं भी शामिल हैं, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही, संवेदनहीनता या अनुचित व्यवहार पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले। भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की हरदोई टीम शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। CM Office, GoUP
Chandra Shekhar Aazad82,457 Aufrufe • vor 25 Tagen

भारत कोई मठ नहीं, बल्कि एक संवैधानिक गणराज्य है। और राज्य किसी धर्म-विशेष की जागीर नहीं। इस स्पष्ट उल्लेख के बावजूद एक कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा परेड और सलामी (Guard of Honour) दी जाती है—यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि संविधान पर खुला हमला है। सलामी और परेड राज्य की संप्रभु शक्ति का प्रतीक होती है। यह सम्मान संविधान, राष्ट्र और शहीदों के नाम पर दिया जाता है।किसी कथावाचक, बाबा या धर्मगुरु का रुतबा बढ़ाने के लिए नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तथाकथित रामराज्य में अब हालात ये हैं कि—आस्था को संविधान से ऊपर,धर्म को कानून से ऊपर और कथावाचकों को संवैधानिक पदों से ऊपर बैठाया जा रहा है। यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन अब संविधान के प्रति जवाबदेह नहीं, बल्कि धार्मिक सत्ता के आगे नतमस्तक है। यह एक ख़तरनाक परंपरा की ओर इशारा करता है, जहाँ राज्य धीरे-धीरे अपने संवैधानिक चरित्र को त्याग रहा है। सवाल उठते है— पुंडरीक गोस्वामी हैं कौन?, वे कौन-सा संवैधानिक पद धारण करते हैं?, किस कानून या प्रोटोकॉल के तहत उन्हें Guard of Honour दिया गया?, क्या अब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पहचान ही नया सरकारी प्रोटोकॉल है? मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को याद दिलाना ज़रूरी है— 1. संविधान की प्रस्तावना भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करती है, किसी एक धर्म का सेवक नहीं। 2. अनुच्छेद 15: धर्म के आधार पर विशेषाधिकार देना असंवैधानिक है। 3. अनुच्छेद 25–28: राज्य धर्म से दूरी बनाए रखेगा, चरणवंदना नहीं करेगा। इसका साफ़ मतलब है—संविधान सर्वोच्च है—कोई धर्म नहीं। राज्य का कोई धर्म नहीं होता। जय भीम,जय भारत,जय संविधान,जय विज्ञान Government of UP CM Office, GoUP DGP UP
Chandra Shekhar Aazad319,608 Aufrufe • vor 7 Monaten

ये जातीय कुंठा से ग्रसित एक पाखंडी है, जो सन्त के वस्त्र पहन कर भी जातिगत गाली-गलौच और जातीय ऊंच-नीच की बातें करता रहता है! इसके बयान तमाम मेहनतकश एससी, एसटी, ओबीसी वर्गों व जातियों, और हमारे महापुरुषों का भी अपमान है जिसे ये बहुजन समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। व्यक्ति कर्म से बड़ा होता है जाति से नहीं, जाति के आधार पर ऊंच-नीच की बात करने वाला स्वयं महानीच होता है। सुन पाखंडी, ये 'अभद्रता' करना बंद कर दे, वरना हम चमड़ी उतारना भी जानते हैं, उसकी जूती बनाना भी जानते हैं और वक्त पड़ने पर जूती से सेवा करना भी जानते हैं। इस ठंड में भी हमारी सेवाएं उपलब्ध हैं, गर्मी आ जायेगी और जातीय श्रेष्ठता का भूत उतर जायेगा। सरकार को चेतावनी है या तो इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर इसे तत्काल जेल में डालो वरना भीम आर्मी मौका मिलते ही इनकी 'सेवा' कर देगी। #ArrestRambhadracharya
Chandra Shekhar Aazad1,088,036 Aufrufe • vor 2 Jahren

हरियाणा के हिसार ज़िले के भारत नगर में 16 वर्षीय गणेश वाल्मीकि के जन्मदिन की खुशी मातम में बदल गई। परिवार म्यूज़िक बजाकर जन्मदिन मना रहा था — यह किसी भी इंसान का मौलिक अधिकार है। लेकिन शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी जबरन म्यूज़िक बंद करवाने आए, जातिसूचक गालियाँ दीं, कुछ और पुलिस कर्मी बुलवा कर मारपीट चालू कर दी महिलाओ को भी नहीं बक्शा।महिलाओं के साथ बदतमीज़ी की, अंततः जिस मासूम का जन्मदिन था, उसे पुलिसवालों ने छत से नीचे फेंक दिया — और गणेश की मौके पर ही मौत हो गई। यह कोई हादसा नहीं, यह साफ़ तौर पर दलित विरोधी पुलिसिया हत्या है। घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय है।मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ है। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। हम मुख्यमंत्री Nayab Saini जी से पूछते हैं: क्या हमारे वाल्मीकि समाज के बच्चों को खुशी मनाने का हक़ नहीं? क्या गणेश की हत्या पर भी प्रशासन चुप रहेगा? हम CMO Haryana से माँग करते हैं: 1. दोषी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी व हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। 2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस चले। 3. पीड़ित परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा और सरकारी नौकरी दी जाए।
Chandra Shekhar Aazad392,090 Aufrufe • vor 1 Jahr

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गाँव में पाल समाज के बुजुर्ग को जातंकवादियों द्वारा सरेआम “मुर्गा” बनाना, पैरों में माथा रगड़वाना और डंडा लेकर गाली-गलौज व धमकी देना अमानवीय और बेहद चिंताजनक है। किसी भी बुजुर्ग के साथ इस तरह का अपमान सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे भी अधिक भयावह बात यह है कि जातंकवादियों ने खुलेआम ऐलान किया है कि यदि किसी ने पीड़ित की मदद की तो उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। यह कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 7 मार्च को हुई इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित बुजुर्ग और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और समाज में कानून का भरोसा कायम रहे। CM Office, GoUP Yogi Adityanath
Chandra Shekhar Aazad145,716 Aufrufe • vor 4 Monaten

परम प्रतापी योद्धा, अद्भुत साहस, दूरदर्शी रणनीति और जनकल्याणकारी शासन के प्रतीक, बहुजन प्रतिपालक राजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज के संबंध में यह कहना कि वे युद्धों से थककर अपना मुकुट किसी और को सौंपना चाहते थे, न केवल ऐतिहासिक रूप से असत्य है, बल्कि उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान का घोर अपमान भी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के ‘मुँहबोले छोटे भाई’ धीरेन्द्र द्वारा नागपुर में ऐसे मंच से, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान दिया जाना, भाजपा-आरएसएस की उसी सोच का परिणाम है, जहाँ बहुजन नायकों के योगदान को कमतर दिखाने, उनके संघर्ष को कमजोर करने और उनके व्यक्तित्व को विकृत करने की कोशिश लगातार की जाती रही है। इतिहास साक्षी है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी।उनका जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की सर्वोच्च मिसाल है-न कि थककर पीछे हट जाने की कहानी। ऐसे भ्रामक और असत्य बयानों के माध्यम से न केवल समाज को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के सामने इतिहास की विकृत तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। यह सीधे-सीधे हमारे महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुँचाने का प्रयास है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि बहुजन समाज अपने महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। इस बयान के लिए धीरेंद्र पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और बहुजन अस्मिता के जीवंत प्रतीक हैं। उनके गौरव को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी सोच और साजिश को देश का जागरूक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
Chandra Shekhar Aazad96,481 Aufrufe • vor 3 Monaten

मध्यप्रदेश के कटनी जिले की जीआरपी थाने की वीभत्स घटना से पूरा देश शर्मिंदा है। वीडियो में एक बच्चे और बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा जा रहा है, बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला कुसुम वंशकार और उनका 15 वर्षीय पोता दीपराज दलित परिवार से आते हैं। इन दोनों को भाजपा सरकार के वर्दी वाले गुंडों ने कमरे में बंद करके एक दूसरे के सामने ही जमकर जलील करते हुए पाइप से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। यही है भाजपा के कुशासन का असली दलित प्रेम जिसमें चोरी के नाम पर किसी भी असहाय परिवार से नाबालिग बच्चे और बुजुर्ग मां को उठा लो फिर उन पर अपनी वर्दी की भड़ास निकाल दो। मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav अगर आप से प्रदेश नहीं संभल रहा तो तत्काल इस्तीफा दे दीजिए, क्योंकि न सिर्फ कटनी बल्कि इससे पहले सागर, सतना, नरसिंहपुर और अशोकनगर की घटनाएं लगातार आपकी प्रशासनिक क्षमता और नियत पर सवाल खड़े कर रही हैं। मैं, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और Aazad Samaj Party - Kanshi Ram इस हृदय विदारक घटना में इस पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। इन दोनों को इंसाफ दिलाने के लिए इस घटना में संलिप्त सभी दोषी जीआरपी पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त करके जेल में डालिए ताकि आगे से ऐसा करने की किसी की हिम्मत न पड़े। Ashwini Vaishnaw
Chandra Shekhar Aazad530,039 Aufrufe • vor 1 Jahr

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव में दलित युवक नारद की बर्बर हत्या ने पूरे बहुजन समाज को झकझोर कर रख दिया है। नारद, जो अपने मामा के घर आया हुआ था, ने सरपंच के बोरवेल से पानी भरने की "हिम्मत" की, और इसी "जुर्म" में उसे लाठी-डंडों से इतना बेरहमी से पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना न केवल दलित समाज पर बढ़ते अत्याचारों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भाजपा सरकारों के "एक है तो सेफ है" जैसे दावे, दलितों को "सेफ" करने में पूरी तरह विफल हैं। DGP MP इस जघन्य अपराध के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।
Chandra Shekhar Aazad426,737 Aufrufe • vor 1 Jahr

हरियाणा के हिसार के थाना उकलाना क्षेत्र के गांव बुड्ढा खेड़ा गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा स्वतन्त्रता दिवस का जश्न संविधान निर्माता परम् पूज्य बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर जलाकर मानने की घटना बेहद घृणित मानसिकता का परिचायक होने के साथ-साथ ये बता रहा हैं कि देश को जातिवाद की जकड़न से आजादी मिलना अभी बाक़ी हैं। इस तरह का घृणित कृत्य स्वीकार नही किया जा सकता है। Hisar Police मामले को शीघ्र संज्ञान में ले और सख़्त कार्यवाही करें!
Chandra Shekhar Aazad650,762 Aufrufe • vor 2 Jahren
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उत्तर प्रदेश में अपराधी कितने बेखौफ है कि अपराधी पुलिस को खुद फ़ोन कर कह रहे है कि "मारकर टांग दिया है, लाश ले जाओ" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यह इंद्रशेखर जाटव की लाश नही टँग रही, यह आपके राज में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था टँग रही है। उत्तर प्रदेश में दलित सम्मेलन कर रही भाजपा को अपने सम्मेलन में यह भी बताना चहिये कि हमारी सरकार में अपने पैसे मांगने पर दलितों को पीट-पीट कर, जान से मारकर पेड़ पर लटकाया जाता है। MEERUT POLICE आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही करें। जल्द मैं अपने पीड़ित परिवार से मिलूंगा।
Chandra Shekhar Aazad597,132 Aufrufe • vor 2 Jahren

सरकार के पास इतनी शक्ति होती है कि जब सरकार ठान लेती है, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। 6 महीने में रेत पर इस तरह एक शहर बसाना भी इसी शक्ति का उदाहरण है, जो दर्शाता है कि अगर सरकार चाहती है, तो किसी भी बड़ी चुनौती का समाधान किया जा सकता है। लेकिन जब बात आती है देश के गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, आदिवासी और महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की, तो सवाल उठता है कि यदि इन आयोजनों को इतने बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जा सकता है, तो शिक्षा, चिकित्सा, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और बच्चों के भविष्य के लिए क्यों नहीं इस तरह की इच्छाशक्ति दिखाई जा रही है। झांसी में आग लगने से नवजात बच्चों की मौत और ऑक्सीजन की कमी से बच्चों का दम तोड़ना—ये घटनाएँ साफ दिखाती हैं कि जनता की जान और उनके बुनियादी अधिकार हमारी प्राथमिकताओं में कहीं पीछे रह गए हैं। क्या हमारी प्राथमिकताएँ गलत हैं? क्या सामाजिक उत्थान की दिशा में गंभीरता की कमी है? क्या व्यापक जनकल्याण में सरकार से हमारे द्वारा सवाल करना गलत है? यदि समाज के वंचित तबकों के उत्थान के लिए भी उसी दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति से काम किया जाए, तो एक स्थायी बदलाव संभव है। जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
Chandra Shekhar Aazad324,838 Aufrufe • vor 1 Jahr

"मान्यवर काशीराम जी ने जब इस पार्टी की नींव 14 अप्रैल 1984 को रखी थी तो उन्होंने फैसला किया था कि यदि मुझे निस्वार्थ भाव से राजनीति में कुछ करना है तो अपने परिवार और रिश्ते-नातों को राजनीति से दूर रखना होगा। इसी प्रकार मैंने भी मान्यवर कांशीराम जी के जीवन से प्रेरणा लेकर यह फैसला लिया कि जब तक मैं जिंदा रहूंगी और राजनीति करती रहूंगी तब तक मैं अपने रिश्ते-नातों, भाई-बहनों को राजनीति से दूर रखूंगी"- मायावती जी।
Chandra Shekhar Aazad492,120 Aufrufe • vor 2 Jahren

पाखंडी बाबाओं के पंडाल हमारा बहुजन समाज भरता हैं। हमारी भीख पर पलने वाले लोग हमारे यहाँ शादी-ब्याह में तय करने आ गए कि गाना कौन सा बजेगा? हमारे लोगों को तमंचा दिखाया जा रहा है? इस गुंडे की हिम्मत कैसे हुई हमारे लोगों को गाली देने की? MP पुलिस इस गुंडे को तत्काल गिरफ़्तार करे।
Chandra Shekhar Aazad594,955 Aufrufe • vor 3 Jahren

तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी ज़िले के तेल्लापुर गाँव में सामाजिक व शैक्षणिक क्रांति के अग्रदूत, राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जी की प्रतिमा पर कानून-व्यवस्था के रखवालों की मौजूदगी में दिनदहाड़े किया गया हमला न केवल कायरतापूर्ण और आपराधिक है, बल्कि यह करोड़ों अनुयायियों तथा मानवतावादी विचारधारा में आस्था रखने वाले समाज की भावनाओं पर सीधा हमला है। राष्ट्रपिता फुले जी वही महामानव हैं जिन्होंने- • 1848 में देश का पहला बालिका विद्यालय खोला- पहली महिला शिक्षिका, क्रांति ज्योति राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले को तैयार किया • सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष किया • छूआछूत और जाति प्रथा को पाप बताते हुए शूद्रों की दासता के खिलाफ क्रांति का शंखनाद किया • सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जातिविहीन समाज की नींव रखी • दलितों, महिलाओं, पिछड़ों, किसानों और मज़दूरों को संगठित कर चेतना दी यह घटना स्पष्ट करती है कि पितृसत्तात्मक और जातिवादी सोच आज भी स्त्री-मुक्ति, शिक्षा और शूद्रोद्धार के प्रतीकों से भयभीत है। हम सवाल करते हैं- क्या स्त्रियों को शिक्षित करना अपराध है? क्या जातिवाद का विरोध गुनाह है? क्या बहुजन इतिहास और महापुरुषों का सम्मान अब भी असहनीय है? हम Telangana CMO से माँग करते हैं- • दोषियों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी की जाए और कठोरतम कार्रवाई हो। • क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र ही नयी, भव्य और सम्मानजनक प्रतिमा स्थापित की जाए। राष्ट्रपिता फुले जी का अपमान बहुजन समाज नहीं सहेगा।
Chandra Shekhar Aazad103,779 Aufrufe • vor 5 Monaten