
Chandra Shekhar Aazad
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Founder @BhimArmy_BEM, National President @AzadSamajParty, Member of Parliament - Nagina Loksabha Uttar Pradesh
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पीड़ित मासूम बेटी के परिवार को बहिष्कार व सजा,आरोपियों को खुला संरक्षण-अपराध से कम नहीं! झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय मासूम कुशवाहा बेटी के साथ छेड़छाड़ के बाद उसके परिवार को जिस तरह प्रताड़ित किया गया, वह बेहद गंभीर और शर्मनाक है। 28 जुलाई की घटना के बाद परिजनों ने कानूनी कार्रवाई की। 2 अगस्त को पंचायत लगाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दूध-पानी, दुकान, खेत और रास्ते तक बंद करने का फरमान सुनाया गया। 3 अगस्त को दोबारा पंचायत लगाकर परिवार पर आरोपी को माफ करने और छेड़छाड़ की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। परिवार के अनुसार, इसी दौरान विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं। इसके बावजूद दबाव और उत्पीड़न नहीं रुका। 5 सितंबर को पीड़ित परिवार के सदस्य के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि यह हमला शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कड़ी का हिस्सा था। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, पीड़ित किसी भी बेटी के परिवार को इस तरह डराकर न्याय से वंचित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Government of UP तत्काल पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छेड़छाड़, सामाजिक बहिष्कार, धमकी, दबाव और मारपीट के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
Chandra Shekhar Aazad124,116 görüntüleme • 1 gün önce

3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं। वहीं, पूर्व BBC News Hindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है। महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा। मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है। यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है। Government of UP Delhi Government
Chandra Shekhar Aazad112,034 görüntüleme • 1 gün önce

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है। सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
Chandra Shekhar Aazad99,418 görüntüleme • 6 gün önce
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जिला अयोध्या के थाना पूराकलंदर क्षेत्र के कन्दैला गांव में पुराने जमीन विवाद को लेकर सामंतियों ने कल शाम को पहले तो बम मारा और जब नीचे गिर गए तो राम लगन मौर्य पर फायरिंग कर दी, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में मृतक भाई राम लगन मौर्य की वृद्ध मां गंभीर रूप से घायल हैं, परिजनों के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते हमला किया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी,घटना के बाद से अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Government of UP मामले की त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही, घायल वृद्ध मां को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए उनके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घटना अत्यंत पीड़ादायक व दण्डनीय है। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक राम लगन मौर्य जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम घायल मां के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
Chandra Shekhar Aazad59,553 görüntüleme • 14 gün önce

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami जी की अपनी विधानसभा चंपावत (जिला चंपावत) का यह वीडियो बेहद डरावना और चिंताजनक है। बुंगा दुर्गा पीपल के बच्चे रोजाना करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर ककनई इंटर कॉलेज जाते हैं। बारिश आते ही रास्ते में उफनती नदी आ जाती है और यही नौनिहाल अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करने को मजबूर होते हैं। मुख्यमंत्री जी, सोचिए अगर ये आपके बच्चे होते तो क्या आप उन्हें इस तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने देते? और वैसे भी, आप मुख्यमंत्री होने के नाते हर बच्चे की सुरक्षा और शिक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। शर्मनाक विफलता!
Chandra Shekhar Aazad90,692 görüntüleme • 24 gün önce

जिला बदायूं के थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों एवं महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को शुरू हुए विवाद के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई बेहद चिंताजनक है। मेरी ग्रामीणों से बात हुई है। उनका कहना है कि अब प्रशासन बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है। रात के अंधेरे में घरों में दबिश दी जा रही है और तोड़फोड़ की जा रही है, जबकि कई घरों में केवल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद हैं। हमारा सवाल है मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी से, कि करीब एक सप्ताह से प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां चल रही थीं, तब पुलिस और एलआईयू क्या कर रही थी? प्रशासन ने समय रहते ग्रामीणों से संवाद कर इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं किया? पथराव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में निर्दोष ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डराना-धमकाना या उनके घरों में तोड़फोड़ करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राजा की सीकरी गांव पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जानेगा। Government of UP
Chandra Shekhar Aazad47,487 görüntüleme • 13 gün önce

उत्तर प्रदेश के जिला चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत विशेषरपुर नई बस्ती भरदुआ में लगभग 50 वर्षों से निवास कर रहे अनुसूचित जनजाति के गोंड/मांझी समुदाय के लोगों के साथ हुई कार्रवाई बेहद गंभीर और चिंताजनक है। पीड़ितों का कहना है कि 19 अगस्त को, स्थानीय भाजपा नेता के दबाव में प्रशासन ने उनकी खेती की भूमि पर खड़ी मिर्च व अन्य फसलों को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया, धान की रोपाई बर्बाद कर दी और खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए। उनका आरोप है कि उक्त नेता के दबाव में इन परिवारों को पहले भी कई बार परेशान किया गया है। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। महिलाओं को बाल पकड़कर घसीटा गया। ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर कुछ लोगों को जेल भेजा गया है। लगातार पुलिस दबिश से गांव में भय का माहौल है और कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर बताए जा रहे हैं। गांव का मुख्य रास्ता भी खराब कर दिया गया, जिससे लोगों को पानी भरी मेड़ से आवागमन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आदिवासी परिवारों और उनकी जमीन व फसल पर इस तरह की कार्रवाई वनाधिकार अधिनियम, 2006 का गंभीर उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। Government of UP तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराए, महिलाओं और ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार के दोषियों पर कार्रवाई करे, नष्ट फसलों का उचित मुआवजा दे, मुकदमों की समीक्षा करे और वनाधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी परिवारों के अधिकार सुनिश्चित करे। CM Office, GoUP National Commission for Scheduled Tribes NHRC India Antarsingh Arya
Chandra Shekhar Aazad65,635 görüntüleme • 20 gün önce

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था। जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊
Chandra Shekhar Aazad118,816 görüntüleme • 1 ay önce

15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।
Chandra Shekhar Aazad152,328 görüntüleme • 2 ay önce

लखनऊ के पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं का सुबह 6 बजे से मूसलाधार बारिश के बीच विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतरना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। शिक्षकों की भारी कमी, खराब भोजन और बीमार होने पर समय से इलाज न मिलना सरकार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। छात्राओं का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर सड़क से लेकर संसद तक लगातार आवाज उठाकर बार-बार सरकारों को चेताया था, लेकिन बुलडोजर के माध्यम से तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारों ने हमारी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और आज हालात यह हैं कि उन्होंने न केवल शिक्षा व्यवस्था को, बल्कि पूरी व्यवस्था को ही बुलडोज कर दिया गया है। इसी का परिणाम है कि जिस उम्र में इन Gen-Alpha बच्चों के हाथों में खिलौने, किताबें और सपने होने चाहिए थे, आज उसी उम्र में वे अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए सड़क पर लड़ने को मजबूर हैं। “जियो Gen-Alpha!”
Chandra Shekhar Aazad58,387 görüntüleme • 23 gün önce

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की डबल इंजन उत्तर प्रदेश सरकार “महिला सम्मान” के नाम पर 50,000 रुपये देने का प्लान बना रही है। चुनाव से पहले 20 हजार रुपये और चुनाव के बाद 10-10 हजार रुपये की तीन किस्तें। चुनाव से पहले भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी महिला सम्मान के नाम पर ऐसी योजनाएं लाई गईं। लेकिन बाद में कई जगह पात्रता की शर्तें कड़ी हुईं, सत्यापन के नाम पर लाभार्थियों की संख्या घटाई गई और बड़ी संख्या में महिलाएं योजनाओं के दायरे से बाहर कर दी गईं। वहीं राशि वापस न कर पाने वाली महिलाओं को थाने-कचहरी और मुकदमों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह बेहद निंदनीय है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आगरा जिले की यह तस्वीरें उत्तर प्रदेश में आपके “महिला सम्मान” के दावों की पोल खोलने वाली है। “चुनावी महिला सम्मान”अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक है!
Chandra Shekhar Aazad59,877 görüntüleme • 26 gün önce
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कान खोलकर सुन लो मानसिक रोगियों... सब याद रखा जाएगा... सब कुछ याद रखा जाएगा...
Chandra Shekhar Aazad102,639 görüntüleme • 1 ay önce

7 अगस्त, मंडल दिवस के अवसर पर लखनऊ के इको गार्डन से 'मंडल चेतना जन आंदोलन' का आगाज़। मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू कराने, पिछड़े वर्गों को राजनीतिक आरक्षण दिलाने तथा सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। मंडल कमीशन के बाकी सिफारिशें लागू करो। वर्ना कुर्सी खाली करो।। स्थान: इको गार्डन, लखनऊ तिथि: 7 अगस्त (मंडल दिवस)
Chandra Shekhar Aazad78,779 görüntüleme • 1 ay önce

अजमेर के कडैल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर छात्रा द्वारा वीडियो में बताए गए अशोभनीय व्यवहार के आरोप पर कुछ कहने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। इससे पहले भी छात्राओं और अध्यापिकाओं को आपत्तिजनक शब्द कहने और अश्लील तस्वीरें दिखाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। एक तरफ राजस्थान सरकार खुद को “In Loco Parentis” यानी अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली बताकर बच्चों की सुरक्षा, निजता और गरिमा के नाम पर स्कूलों में बिना अनुमति फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाती है, वहीं दूसरी तरफ विद्यालयों के भीतर ही छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े ऐसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। कैमरे और वीडियो पर रोक लगाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसा सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना होगा, जहां हर बच्चा सम्मान और सुरक्षा के साथ शिक्षा प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी, यदि आपके संरक्षण में पढ़ने वाली बेटियां विद्यालय में ही असुरक्षित महसूस करेंगी, तो अभिभावक के समान दायित्व निभाने वाली सरकार की इस जिम्मेदारी का आखिर क्या अर्थ रह जाता है? Government of Rajasthan तत्काल दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। बहिन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Chandra Shekhar Aazad47,282 görüntüleme • 22 gün önce

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की चंदेरी विधानसभा के ग्राम पंचायत महोली चौराहे पर साहस और शौर्य की मिसाल, 1857 के महासंग्राम की महानायिका वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी जी की प्रतिमा को पुलिस द्वारा जबरन हटाया जाना बहुजन नायकों और नायिकाओं के प्रति भाजपा की घोर असंवेदनशीलता और बहुजन इतिहास के अपमान को दर्शाता है। 16 अगस्त को वीरांगना अवंती बाई जी की जयंती है। जयंती से ठीक पहले उनकी प्रतिमा हटाया जाना अत्यंत निंदनीय है और भाजपा सरकार की बहुजन विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। MP MyGov तत्काल प्रतिमा को सम्मानपूर्वक उसी स्थान पर स्थापित करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे। बहुजन समाज अपने नायकों और नायिकाओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
Chandra Shekhar Aazad57,099 görüntüleme • 28 gün önce

उत्तर प्रदेश के जिला कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रवृत्ति न मिलने से नाराज छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सरकार की छात्र कल्याण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों का कहना है कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण उन्हें फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति कोई एहसान नहीं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा जारी रखने का जरूरी सहारा है। यदि छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए भी प्रदर्शन को मजबूर होना पड़े, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा! ” CM Office, GoUP Yogi Adityanath UP Samaj Kalyan Vibhag Asim Arun
Chandra Shekhar Aazad41,908 görüntüleme • 20 gün önce

जिला हमीरपुर में स्कूल जाने की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और बच्चियों का 5 किलोमीटर तिरंगा मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचना और 4 घंटे धरने पर बैठना बेहद चिंताजनक है। करीब 1.5 KM सड़क दलदल बनने से लगभग 3,000 लोगों और बच्चों की आवाजाही प्रभावित है। समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल बच्चों को धकियाने के लिए किया जा रहा है। बच्चियों को बार-बार “हट-हट” कहकर संबोधित किया गया। भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उत्तर प्रदेश के दो चेहरे हैं। एक तरफ पुलिस और पूरा शासन-प्रशासन खुद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी पर फूल बरसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और बच्चियों को पुलिस अपमानित कर धकिया रही है। सत्ता की देखरेख में स्वागत के लिए फूल और अपने अधिकार की मांग कर रहे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार।यह कैसा शासन और कैसी संवेदनशीलता है?
Chandra Shekhar Aazad54,825 görüntüleme • 29 gün önce

उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को पानी जैसी सब्ज़ी और जली हुई रोटियाँ परोसा जाना बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है। बच्चों की थाली में भ्रष्टाचार किसी भी सभ्य समाज के माथे पर सबसे बड़ा कलंक होता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, समय रहते अपनी शासन व्यवस्था सुधारिए। नहीं तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ देने के बजाय आपकी सरकार हर घटना में, फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की तरह, यही तलाश करती रह जाएगी कि “कहीं इसके पीछे भीम आर्मी का हाथ तो नहीं है?”
Chandra Shekhar Aazad62,315 görüntüleme • 1 ay önce
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जिला बाराबंकी के हैदरगढ़ के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान मजरे कोलवा गांव में लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद का फैसला पीड़ित पक्ष के पक्ष में आने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर फसल बोई थी। इसके बावजूद आरोपी पक्ष जुताई करने के लिए पहुंचा और विरोध करने पर पहले से घात लगाए लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान महिलाओं समेत कई लोगों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिसमें 70 वर्षीय शमशेर अली की मौत हो गई। वहीं, जब दलित समाज के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 16 अगस्त की इस घटना में लगभग 30 आरोपियों में से अभी तक केवल 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला टीम मौके-ए-वारदात से ही पीड़ित पक्ष के साथ खड़ी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कल धरना भी दिया गया। Government of UP से हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवार और घायलों को उचित न्याय एवं सहायता दी जाए। हमारी गहरी संवेदनाएँ मृतक शमशेर अली जी के शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रकृति परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही, हम सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
Chandra Shekhar Aazad40,687 görüntüleme • 23 gün önce