
Chandra Shekhar Aazad
@BhimArmyChief • 1,559,141 subscribers
Founder @BhimArmy_BEM, National President @AzadSamajParty, Member of Parliament - Nagina Loksabha Uttar Pradesh
Shorts
Videos

आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी के इशारे पर मुझे मेरे धामपुर स्थित आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक कृत्य होने के उपरांत, पुलिस-प्रशासन से वार्ता के बाद मैंने यात्रा शुरू करने से पहले जिला बिजनौर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन किया। इतने सबके बाद भी बिजनौर की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने साबित कर दिया कि परिवर्तन की यह लड़ाई अब जन-जन की आवाज़ बन चुकी है और कोई भी दमन या बाधा इस जनसंकल्प को रोक नहीं सकती। आभार बिजनौर, एक बार पुनः आभार नगीना। #ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा #UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK #AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra
Chandra Shekhar Aazad25,140 görüntüleme • 3 gün önce

परम प्रतापी योद्धा, अद्भुत साहस, दूरदर्शी रणनीति और जनकल्याणकारी शासन के प्रतीक, बहुजन प्रतिपालक राजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज के संबंध में यह कहना कि वे युद्धों से थककर अपना मुकुट किसी और को सौंपना चाहते थे, न केवल ऐतिहासिक रूप से असत्य है, बल्कि उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान का घोर अपमान भी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के ‘मुँहबोले छोटे भाई’ धीरेन्द्र द्वारा नागपुर में ऐसे मंच से, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान दिया जाना, भाजपा-आरएसएस की उसी सोच का परिणाम है, जहाँ बहुजन नायकों के योगदान को कमतर दिखाने, उनके संघर्ष को कमजोर करने और उनके व्यक्तित्व को विकृत करने की कोशिश लगातार की जाती रही है। इतिहास साक्षी है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी।उनका जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की सर्वोच्च मिसाल है-न कि थककर पीछे हट जाने की कहानी। ऐसे भ्रामक और असत्य बयानों के माध्यम से न केवल समाज को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के सामने इतिहास की विकृत तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। यह सीधे-सीधे हमारे महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुँचाने का प्रयास है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि बहुजन समाज अपने महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। इस बयान के लिए धीरेंद्र पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और बहुजन अस्मिता के जीवंत प्रतीक हैं। उनके गौरव को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी सोच और साजिश को देश का जागरूक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
Chandra Shekhar Aazad96,267 görüntüleme • 1 ay önce

भारत कोई मठ नहीं, बल्कि एक संवैधानिक गणराज्य है। और राज्य किसी धर्म-विशेष की जागीर नहीं। इस स्पष्ट उल्लेख के बावजूद एक कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा परेड और सलामी (Guard of Honour) दी जाती है—यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि संविधान पर खुला हमला है। सलामी और परेड राज्य की संप्रभु शक्ति का प्रतीक होती है। यह सम्मान संविधान, राष्ट्र और शहीदों के नाम पर दिया जाता है।किसी कथावाचक, बाबा या धर्मगुरु का रुतबा बढ़ाने के लिए नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तथाकथित रामराज्य में अब हालात ये हैं कि—आस्था को संविधान से ऊपर,धर्म को कानून से ऊपर और कथावाचकों को संवैधानिक पदों से ऊपर बैठाया जा रहा है। यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन अब संविधान के प्रति जवाबदेह नहीं, बल्कि धार्मिक सत्ता के आगे नतमस्तक है। यह एक ख़तरनाक परंपरा की ओर इशारा करता है, जहाँ राज्य धीरे-धीरे अपने संवैधानिक चरित्र को त्याग रहा है। सवाल उठते है— पुंडरीक गोस्वामी हैं कौन?, वे कौन-सा संवैधानिक पद धारण करते हैं?, किस कानून या प्रोटोकॉल के तहत उन्हें Guard of Honour दिया गया?, क्या अब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पहचान ही नया सरकारी प्रोटोकॉल है? मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को याद दिलाना ज़रूरी है— 1. संविधान की प्रस्तावना भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करती है, किसी एक धर्म का सेवक नहीं। 2. अनुच्छेद 15: धर्म के आधार पर विशेषाधिकार देना असंवैधानिक है। 3. अनुच्छेद 25–28: राज्य धर्म से दूरी बनाए रखेगा, चरणवंदना नहीं करेगा। इसका साफ़ मतलब है—संविधान सर्वोच्च है—कोई धर्म नहीं। राज्य का कोई धर्म नहीं होता। जय भीम,जय भारत,जय संविधान,जय विज्ञान Government of UP CM Office, GoUP DGP UP
Chandra Shekhar Aazad319,400 görüntüleme • 5 ay önce

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गाँव में पाल समाज के बुजुर्ग को जातंकवादियों द्वारा सरेआम “मुर्गा” बनाना, पैरों में माथा रगड़वाना और डंडा लेकर गाली-गलौज व धमकी देना अमानवीय और बेहद चिंताजनक है। किसी भी बुजुर्ग के साथ इस तरह का अपमान सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे भी अधिक भयावह बात यह है कि जातंकवादियों ने खुलेआम ऐलान किया है कि यदि किसी ने पीड़ित की मदद की तो उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। यह कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 7 मार्च को हुई इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित बुजुर्ग और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और समाज में कानून का भरोसा कायम रहे। CM Office, GoUP Yogi Adityanath
Chandra Shekhar Aazad145,470 görüntüleme • 2 ay önce

उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र की पूरा चौकी के बेरगांव में नारी शक्ति, साहस, वीरता और न्याय की अनोखी मिसाल, माता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में लगाए गए बोर्ड को एक पुलिसकर्मी द्वारा लात मारकर गिराने की घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। यह केवल एक बोर्ड नहीं, बल्कि भारत की महान विरासत, नारी सम्मान और करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि इस घटना की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। लोक माता अहिल्याबाई होल्कर जी का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Chandra Shekhar Aazad14,665 görüntüleme • 7 gün önce

ये जातीय कुंठा से ग्रसित एक पाखंडी है, जो सन्त के वस्त्र पहन कर भी जातिगत गाली-गलौच और जातीय ऊंच-नीच की बातें करता रहता है! इसके बयान तमाम मेहनतकश एससी, एसटी, ओबीसी वर्गों व जातियों, और हमारे महापुरुषों का भी अपमान है जिसे ये बहुजन समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। व्यक्ति कर्म से बड़ा होता है जाति से नहीं, जाति के आधार पर ऊंच-नीच की बात करने वाला स्वयं महानीच होता है। सुन पाखंडी, ये 'अभद्रता' करना बंद कर दे, वरना हम चमड़ी उतारना भी जानते हैं, उसकी जूती बनाना भी जानते हैं और वक्त पड़ने पर जूती से सेवा करना भी जानते हैं। इस ठंड में भी हमारी सेवाएं उपलब्ध हैं, गर्मी आ जायेगी और जातीय श्रेष्ठता का भूत उतर जायेगा। सरकार को चेतावनी है या तो इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर इसे तत्काल जेल में डालो वरना भीम आर्मी मौका मिलते ही इनकी 'सेवा' कर देगी। #ArrestRambhadracharya
Chandra Shekhar Aazad1,087,952 görüntüleme • 2 yıl önce

हरियाणा के हिसार ज़िले के भारत नगर में 16 वर्षीय गणेश वाल्मीकि के जन्मदिन की खुशी मातम में बदल गई। परिवार म्यूज़िक बजाकर जन्मदिन मना रहा था — यह किसी भी इंसान का मौलिक अधिकार है। लेकिन शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी जबरन म्यूज़िक बंद करवाने आए, जातिसूचक गालियाँ दीं, कुछ और पुलिस कर्मी बुलवा कर मारपीट चालू कर दी महिलाओ को भी नहीं बक्शा।महिलाओं के साथ बदतमीज़ी की, अंततः जिस मासूम का जन्मदिन था, उसे पुलिसवालों ने छत से नीचे फेंक दिया — और गणेश की मौके पर ही मौत हो गई। यह कोई हादसा नहीं, यह साफ़ तौर पर दलित विरोधी पुलिसिया हत्या है। घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय है।मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ है। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। हम मुख्यमंत्री Nayab Saini जी से पूछते हैं: क्या हमारे वाल्मीकि समाज के बच्चों को खुशी मनाने का हक़ नहीं? क्या गणेश की हत्या पर भी प्रशासन चुप रहेगा? हम CMO Haryana से माँग करते हैं: 1. दोषी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी व हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। 2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस चले। 3. पीड़ित परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा और सरकारी नौकरी दी जाए।
Chandra Shekhar Aazad392,046 görüntüleme • 11 ay önce

हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के महुआ कोला गांव में तीन वर्ष पूर्व बहुजन समाज ने आपसी सहयोग से अपने खेत में बुद्ध विहार का निर्माण करवाया था और तभी से वहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने हेतु अनुमति के लिए प्रयासरत थे। हार-थक कर उन्होंने बुधवार (27 मई) को प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा नेता द्वारा वहां अपने इष्ट की प्रतिमा रखकर बुद्ध विहार को मंदिर बताने का प्रयास करते हुए मामले को अलग रूप दे दिया गया। मामले में पुलिस प्रशासन से बातचीत बहस में बदल गई और भाजपा नेता पक्ष के लोगों द्वारा आगजनी किए जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए बहुजन समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं तक को नहीं छोड़ा गया तथा कम से कम 20-25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। यह घटना बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, आखिर बहुजन समाज को अपने ही खेत में बने बुद्ध विहार में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए तीन साल तक क्यों रोका गया? आखिर तीन साल तक अनुमति रोककर रखने का आधार क्या था? क्या बहुजन समाज की धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकार आपकी व्यवस्था में दोयम दर्जे के हैं? यदि प्रशासन समय पर निष्पक्ष फैसला लेता, तो न विवाद होता, न तनाव फैलता और न ही महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों पर लाठियां बरसतीं। तीन साल तक अनुमति लंबित रखना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि बहुजन समाज की आस्था की उपेक्षा का गंभीर उदाहरण है। और यह पहली बार नहीं है जब हरदोई में बहुजन महापुरुषों और प्रतीकों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली हो। लगभग एक वर्ष पूर्व जिला हरदोई के डीएम चौराहे से सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाई गई राष्ट्रनायक, अखंड भारत के निर्माता एवं मानवता के प्रतीक चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक मौर्य जी की लाट एवं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह को आज तक पुनः स्थापित नहीं किया गया। हम Government of UP से मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, निर्दोष लोगों को तत्काल रिहा किया जाए,घायलों का समुचित एवं निःशुल्क इलाज कराया जाए तथा तथा एकपक्षीय कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा मैं शीघ्र वहां पहुंचकर, अपने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होऊंगा।
Chandra Shekhar Aazad15,565 görüntüleme • 10 gün önce

उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र के चाचूपुर जटपुरा गांव में शनिवार सुबह बृजेश लोधी का शव शराब ठेके के नजदीक पुलिया के नीचे नाले में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजनों ने शराब ठेके के सेल्समैन पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के विरोध में उग्र हुए ग्रामीणों और महिलाओं ने शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया, जिससे मौके पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इसके बाद जो हुआ, वह और भी शर्मनाक है। दबिश के नाम पर पुलिस द्वारा किसी को भी नहीं बख्शा गया और पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को लाठियों से निर्ममता से पीटा, जो निंदनीय और अस्वीकार्य है। संलग्न वीडियो दबिश के दौरान दूसरे दिन का है। हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि हमारी नस्लों को बर्बाद करने के उद्देश्य से हमारी बस्तियों में लंबे समय से बड़े पैमाने पर नशे के ठेके खोले जा रहे हैं। इन ठेकों को बंद कराने के लिए जब हमारे लोग आंदोलन करते हैं, तो सरकार उन्हीं पर मुकदमे दर्ज कर देती है-यह एक कड़वी सच्चाई है। हम Government of UP से माँग करते हैं:- इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो।आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई हो।गांव के पास स्थित शराब ठेके को तुरंत हटाया जाए। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आने पर बहुजन बस्तियों से ऐसे सभी नशे के ठेकों को हटाया जाएगा और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा। CM Office, GoUP Yogi Adityanath #ASP_K_Mission2027
Chandra Shekhar Aazad35,046 görüntüleme • 27 gün önce

मध्यप्रदेश के कटनी जिले की जीआरपी थाने की वीभत्स घटना से पूरा देश शर्मिंदा है। वीडियो में एक बच्चे और बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा जा रहा है, बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला कुसुम वंशकार और उनका 15 वर्षीय पोता दीपराज दलित परिवार से आते हैं। इन दोनों को भाजपा सरकार के वर्दी वाले गुंडों ने कमरे में बंद करके एक दूसरे के सामने ही जमकर जलील करते हुए पाइप से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। यही है भाजपा के कुशासन का असली दलित प्रेम जिसमें चोरी के नाम पर किसी भी असहाय परिवार से नाबालिग बच्चे और बुजुर्ग मां को उठा लो फिर उन पर अपनी वर्दी की भड़ास निकाल दो। मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav अगर आप से प्रदेश नहीं संभल रहा तो तत्काल इस्तीफा दे दीजिए, क्योंकि न सिर्फ कटनी बल्कि इससे पहले सागर, सतना, नरसिंहपुर और अशोकनगर की घटनाएं लगातार आपकी प्रशासनिक क्षमता और नियत पर सवाल खड़े कर रही हैं। मैं, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और Aazad Samaj Party - Kanshi Ram इस हृदय विदारक घटना में इस पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। इन दोनों को इंसाफ दिलाने के लिए इस घटना में संलिप्त सभी दोषी जीआरपी पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त करके जेल में डालिए ताकि आगे से ऐसा करने की किसी की हिम्मत न पड़े। Ashwini Vaishnaw
Chandra Shekhar Aazad529,811 görüntüleme • 1 yıl önce

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव में दलित युवक नारद की बर्बर हत्या ने पूरे बहुजन समाज को झकझोर कर रख दिया है। नारद, जो अपने मामा के घर आया हुआ था, ने सरपंच के बोरवेल से पानी भरने की "हिम्मत" की, और इसी "जुर्म" में उसे लाठी-डंडों से इतना बेरहमी से पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना न केवल दलित समाज पर बढ़ते अत्याचारों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भाजपा सरकारों के "एक है तो सेफ है" जैसे दावे, दलितों को "सेफ" करने में पूरी तरह विफल हैं। DGP MP इस जघन्य अपराध के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।
Chandra Shekhar Aazad426,678 görüntüleme • 1 yıl önce

कानपुर जिले के सिविल लाइंस स्थित नाइट क्लब में एक सिख युवक के साथ हुई बर्बरता बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। दस्तार खींचकर पीटना, बाल पकड़कर घसीटना, नाक की हड्डी तोड़ देना और थप्पड़ मारना सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि इंसानियत और धार्मिक सम्मान पर हमला है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, जब पुलिस ऑफिस से चंद कदम दूर अपराधी खुलेआम हैवानियत करें, धमकियां दें और कानून का भय बिल्कुल खत्म दिखाई दे, तब प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जनता भरोसा कैसे करे? क्या यही “कानून का राज” है, जिसके दावे लगातार किए जाते हैं? Government of UP दोषियों पर सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई हो, पीड़ित युवक को न्याय मिले और ऐसी घटनाओं पर सरकार एवं प्रशासन स्पष्ट संदेश दे कि धार्मिक पहचान और मान-सम्मान पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Chandra Shekhar Aazad17,139 görüntüleme • 15 gün önce

तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी ज़िले के तेल्लापुर गाँव में सामाजिक व शैक्षणिक क्रांति के अग्रदूत, राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जी की प्रतिमा पर कानून-व्यवस्था के रखवालों की मौजूदगी में दिनदहाड़े किया गया हमला न केवल कायरतापूर्ण और आपराधिक है, बल्कि यह करोड़ों अनुयायियों तथा मानवतावादी विचारधारा में आस्था रखने वाले समाज की भावनाओं पर सीधा हमला है। राष्ट्रपिता फुले जी वही महामानव हैं जिन्होंने- • 1848 में देश का पहला बालिका विद्यालय खोला- पहली महिला शिक्षिका, क्रांति ज्योति राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले को तैयार किया • सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा उत्पीड़न के विरुद्ध संघर्ष किया • छूआछूत और जाति प्रथा को पाप बताते हुए शूद्रों की दासता के खिलाफ क्रांति का शंखनाद किया • सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जातिविहीन समाज की नींव रखी • दलितों, महिलाओं, पिछड़ों, किसानों और मज़दूरों को संगठित कर चेतना दी यह घटना स्पष्ट करती है कि पितृसत्तात्मक और जातिवादी सोच आज भी स्त्री-मुक्ति, शिक्षा और शूद्रोद्धार के प्रतीकों से भयभीत है। हम सवाल करते हैं- क्या स्त्रियों को शिक्षित करना अपराध है? क्या जातिवाद का विरोध गुनाह है? क्या बहुजन इतिहास और महापुरुषों का सम्मान अब भी असहनीय है? हम Telangana CMO से माँग करते हैं- • दोषियों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी की जाए और कठोरतम कार्रवाई हो। • क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र ही नयी, भव्य और सम्मानजनक प्रतिमा स्थापित की जाए। राष्ट्रपिता फुले जी का अपमान बहुजन समाज नहीं सहेगा।
Chandra Shekhar Aazad103,628 görüntüleme • 4 ay önce

बिहार निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी, जो बरेली शरीफ में ताजश्शरिया के सालाना उर्स में शामिल होने आए थे, उनकी उत्तर प्रदेश के बरेली रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। परिजनों के पास मौजूद मृतक की आखिरी कॉल की रिकॉर्डिंग इस मामले को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बनाती है।। कॉल के दौरान मौलाना ने स्पष्ट रूप से बताया था कि कुछ नशे में धुत लोग उनकी धार्मिक पहचान को लेकर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं तथा उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कई बार मदद की गुहार भी लगाई। वहीं दूसरी ओर, घटना पर Bareilly Police का यह बयान कि खिड़की के पास बैठने के दौरान झपकी आने से गिरने के कारण मृत्यु हुई, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जब एक ओर पीड़ित की आखिरी कॉल में हमले और प्रताड़ना की बात सामने आ रही है, और दूसरी ओर आधिकारिक बयान इसे दुर्घटना बता रहा है।तो यह स्पष्ट रूप से विरोधाभास दर्शाता है। माननीय रेलमंत्री Ashwini Vaishnaw जी, ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। Ministry of Railways
Chandra Shekhar Aazad36,468 görüntüleme • 1 ay önce
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में मामूली पार्किंग विवाद को लेकर नवी हुसैन की बीच बाज़ार गला रेतकर की गई निर्मम हत्या मानवता को शर्मसार करने वाली है। सैकड़ों लोगों के सामने इस जघन्य अपराध को अंजाम देना और आरोपी का सिर लेकर खुलेआम घूमना दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का खौफ समाप्त हो चुका है और प्रदेश में “जंगल राज” और भी गहराता जा रहा है। इसके बाद भीड़ द्वारा आरोपी की हत्या कर देना भी उतना ही चिंताजनक है। यह बताता है कि जब सरकारें समय पर और प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, तो समाज में अराजकता और भीड़तंत्र जन्म लेने लगता है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में न्यायालयों की जगह सड़कों पर ही फैसले होने लगेंगे और लोकतंत्र की जगह “जंगल राज” अपनी जड़ें और गहरी करता जाएगा। कानून का राज ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है और उसकी अनुपस्थिति सबसे बड़ा खतरा है।
Chandra Shekhar Aazad53,359 görüntüleme • 1 ay önce

हरियाणा के हिसार के थाना उकलाना क्षेत्र के गांव बुड्ढा खेड़ा गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा स्वतन्त्रता दिवस का जश्न संविधान निर्माता परम् पूज्य बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर जलाकर मानने की घटना बेहद घृणित मानसिकता का परिचायक होने के साथ-साथ ये बता रहा हैं कि देश को जातिवाद की जकड़न से आजादी मिलना अभी बाक़ी हैं। इस तरह का घृणित कृत्य स्वीकार नही किया जा सकता है। Hisar Police मामले को शीघ्र संज्ञान में ले और सख़्त कार्यवाही करें!
Chandra Shekhar Aazad650,723 görüntüleme • 2 yıl önce
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

उत्तर प्रदेश में अपराधी कितने बेखौफ है कि अपराधी पुलिस को खुद फ़ोन कर कह रहे है कि "मारकर टांग दिया है, लाश ले जाओ" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यह इंद्रशेखर जाटव की लाश नही टँग रही, यह आपके राज में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था टँग रही है। उत्तर प्रदेश में दलित सम्मेलन कर रही भाजपा को अपने सम्मेलन में यह भी बताना चहिये कि हमारी सरकार में अपने पैसे मांगने पर दलितों को पीट-पीट कर, जान से मारकर पेड़ पर लटकाया जाता है। MEERUT POLICE आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही करें। जल्द मैं अपने पीड़ित परिवार से मिलूंगा।
Chandra Shekhar Aazad597,084 görüntüleme • 2 yıl önce