
चाणक्य
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शब्दों से वार करता हूं, सच से नहीं डरता। Politics | Logic | Reality |
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उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने बच्चे को स्कूल में डांट दिया। बताया जा रहा है कि डांटने से नाराज माता पिता ने क्लासरूम में घुस कर शिक्षिका के साथ मारपीट की। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। अगर स्कूल में बच्चे बदमाशी करें या होम वर्क नहीं करके ले जाएं तो उनको अब डरा भी नहीं सकते...? क्या इस तरह से एक शिक्षिका को पीटना कानून allow करता है...? बच्चे को डांट भी नहीं सकते लेकिन टीचर को भरी क्लास में कूट सकते हैं...? आप लोगों की क्या राय है बच्चो को डराना या उनकी गलती पर उनके थप्पड़ लगाना गलत है..? आप में से कितने लोग ऐसे हैं जो स्कूल में मार नहीं खा कर आए...?
चाणक्य33,324 görüntüleme • 29 gün önce

दरभंगा AIIMS की असलियत....? 2014 में चुनाव जीतने ही मोदी जी ने घोषणाओं का दौर शुरू किया। उसी दौर में एक घोषणा हुई थी दरभंगा में AIIMS बनाने की। 2015 में घोषणा हुई। 2016 में 1264 करोड़ का बजट मिल गया। उसके बाद काम शुरू हुआ और सबसे पहले AIIIMS का मैन गेट बना। फिर शायद वो गेट मोदी जी को पसंद नहीं आया। फिर उस गेट का रंग बदला गया। रंग बदलते ही पैसे खत्म फिर 2026 में 700 करोड़ का बजट दिया गया। आज 11 साल और 1964 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी सरकार से सिर्फ एक गेट बना है। आखिर ऐसी लापरवाही और ढिलाई क्यों? आप लोगों की क्या राय है? AIIMS की घोषणा और 1964 करोड़ रुपए की क्या कहानी है?
चाणक्य42,413 görüntüleme • 3 ay önce

समय बदल गया और सुर भी बदल गया। इसी को राजनीति कहा गया है। जो विपक्ष में होते थे तब गाय को बचाने के लिए नए नियम की मांग किया करते थे। वो जब सत्ता में आए तो यूपी को बीफ निर्यात में एक नंबर पर ले आए। भाजपा के लिए गाय की रक्षा कल भी एक चुनावी मुद्दा था और आज भी सिर्फ एक चुनावी मुद्दा ही है? जो पार्टी बीफ कंपनियों से चंदा लेती हो वो क्या गौ रक्षा करेगी?
चाणक्य31,128 görüntüleme • 3 ay önce

अंजना ओम कश्यप क्यों नाराज हैं? प्रेस फ्रीडम में हमारे देश 157वीं रैंक से अंजना ओम कश्यप नाराज हैं। इसलिए अब उन्होंने बीड़ा उठाया है कि हमारी रैंक को 180 देशों में 180 पर होना चाहिए। कल ईरान के नागरिकों के लिए झूठा बयान देने की वजह से इनकी पूरी दुनिया में अब थू थू हो रही है। पहले शिक्षकों से थू थू करवाई और अब सीधा अंतर्राष्ट्रीय थू थू। भारत की विदेश नीति सिर्फ विदेश मंत्री या सरकार की वजह से खराब नहीं हुई बल्कि ऐसे चाटुकारों का भी इसमें पूरा हाथ है। क्या लगता है हम लोग कब तक अंतिम पायदान पर पहुंच जाएंगे प्रेस फ्रीडम रैंकिंग में ? अंजना जी की पत्रकारिता/चाटुकारिता को कौनसी रैंक मिलनी चाहिए देश में ?
चाणक्य12,943 görüntüleme • 3 ay önce
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