
Shivraj Singh Chouhan
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भाई और मामा | Minister of Agriculture and Farmers Welfare , Minister of Rural Development, Government of India, Former Chief Minister, MP
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प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज नई दिल्ली में पौधा रोपा। इस दौरान बाल आध्यात्मिक वक्ता भागवत दास ब्रह्मचारी जी ने भी साथ में पौधा लगाया। पेड़-पौधे वसुंधरा के साथ हमारे जीवन को भी सुखद व समृद्ध बनाते हैं। आप भी पौधरोपण करें और धरा को हरा-भरा व सुंदर बनाएं। पौधरोपण की इस मुहिम से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें #OnePlantADay
Shivraj Singh Chouhan43,129 просмотров • 5 дней назад

प्रत्येक वैज्ञानिक किसानों के सपनों को अपना मिशन बनाएं... #98foundationday
Shivraj Singh Chouhan13,953 просмотров • 2 дней назад

आज ICAR के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागी बनने का अवसर मिला। ICAR हमारे देश का गौरव है। हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत ने भारतीय कृषि को नई दिशा दी है और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उपलब्धियों से भरी यह यात्रा इसी तरह आगे बढ़ती रहे; शुभकामनाएँ। Indian Council of Agricultural Research. #98foundationday
Shivraj Singh Chouhan13,702 просмотров • 2 дней назад

सच में मामा हूँ… जो अपने लोगों को दो-दो माँ जितना प्यार करता हो, वो मामा।
Shivraj Singh Chouhan19,710 просмотров • 4 дней назад

ICAR के 100वें स्थापना वर्ष की ओर बढ़ते हुए हम कुछ संकल्प लें... • 100 क्लाइमेट स्मार्ट विलेज • 100 यंग साइंटिस्ट ग्रांट चैलेंज • वन इंस्टीट्यूट, वन ग्रैंड इनोवेशन • हर ICAR संस्थान एक आकांक्षी जिला गोद ले • KVK बनें इनोवेशन और टेक्नोलॉजी सेंटर • ICAR ओपन डिजिटल नॉलेज प्लेटफॉर्म की स्थापना • सौवें स्थापना वर्ष तक 10 करोड़ किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक कृषि समाधानों की पहुँच #98foundationday
Shivraj Singh Chouhan11,646 просмотров • 2 дней назад

जूट (पटसन) उत्पादन में नई तकनीक किसानों की मेहनत भी कम कर रही है और लागत भी। जहाँ पहले रेटिंग और रेशा निकालने में ज़्यादा समय, मेहनत और खर्च लगता था, वहीं अब नई मशीन और तकनीक से यह काम तेज़, आसान और किफायती हो रहा है। खेत से कपड़े तक, तकनीक के साथ जूट की नई यात्रा देखकर अच्छा लगा।
Shivraj Singh Chouhan17,794 просмотров • 4 дней назад

जब बारिश होती है, तो किसान को तो खेत में भीगना ही पड़ता है। मैं भी अपने खेत को देखने आया हूँ। खेत में मैंने मल्चिंग की है और अब हम यहाँ आधे हिस्से में टमाटर तथा आधे हिस्से में शिमला मिर्च लगाने वाले हैं। उसकी तैयारी चल रही है। तैयारी में कोई कसर न रहे, मल्चिंग ठीक हो, यह भी किसान को अपनी आँखों से और अपने हाथों से देखना पड़ता है। यह मल्चिंग ठीक हुई है, कहीं-कहीं फट जरूर गई है। जब ट्रैक्टर से मल्चिंग करते हैं और यह पन्नी बिछाते हैं, तो कहीं-कहीं फटने का खतरा रहता है। सब्जियों की खेती थोड़ी मेहनत की खेती है, लेकिन यह प्रॉफिट की खेती भी है। मेरी कोशिश यह है कि एक किसान के नाते खेती को गंभीरता से करूँ और खुद इस पर ध्यान दूँ। इसलिए मैं समय-समय पर अपने खेत में आता हूं और खेती देखता हूं।
Shivraj Singh Chouhan50,117 просмотров • 13 дней назад

आज कोलकाता में पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री Suvendu Adhikari जी एवं गणमान्य मंत्रीगणों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य में आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, आवास, कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एक लाख आवासों की स्वीकृति, विकसित भारत–जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ₹8,508 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। किसानों को बेहतर पौध, अच्छी पैदावार और निर्यात–गुणवत्ता के फल मिल सकें इसके लिए मालदा क्लीन प्लांट के तहत अधुनिक नर्सरी सिस्टम बनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल के 'राइस बाउल' क्षेत्रों में पोषण संवर्धन, वैल्यू चेन विकास और प्रोसेसिंग सुविधाओं के लिए विशेष प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। आलू बीज उत्पादन और हाइब्रिड मक्का बीज उत्पादन और वैल्यू चेन सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार के साथ MOU साइन साइन किया गया है। साथ ही चिनसुरा राइस रिसर्च स्टेशन को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित करने में भारत सरकार पूरा सहयोग करेगी। पश्चिम बंगाल के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तथा बंगाल को पूर्वी भारत का सीड हब बनाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने, डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत फार्मर आईडी निर्माण में तेजी लाने, प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री जी व उनकी टीम को बहुत-बहुत बधाई। पश्चिम बंगाल के विकास में भारत सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर डबल इंजन की सरकार चलेगी। पश्चिम बंगाल प्रगति एवं विकास में देश में नंबर वन बने, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
Shivraj Singh Chouhan16,860 просмотров • 4 дней назад

आज NASC कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में आयोजित 'ICAR CSR कॉन्क्लेव 2026' में सहभागिता कर देशभर के प्रबुद्ध उद्यमियों, वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के साथ आत्मीय संवाद किया। देश हमें सब कुछ देता है, तो हमारा भी कर्तव्य है कि हम समाज और देश को कुछ वापस लौटाना सीखें। इसलिए हमारी प्रगति का एक हिस्सा समाज, किसान और कृषि के भविष्य को भी समर्पित होना चाहिए। मुझे विश्वास है कि CSR के माध्यम से नवाचार, कृषि एवं ग्रामीण भारत को नई शक्ति मिलेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी और सशक्त होगी।
Shivraj Singh Chouhan12,482 просмотров • 3 дней назад

मैं आप सब से अपील करता हूँ, पुराने पेड़ों की सुरक्षा करें और नए पेड़ लगाते जाएँ, क्योंकि पेड़ ही जीवन है। अगर पेड़ रहेंगे, तो धरती हरी-भरी रहेगी, पर्यावरण सुधरेगा और यह धरती आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी रहेगी। कोलकाता स्थित आचार्य जगदीश चंद्र बोस बॉटनिकल गार्डन वाकई अद्भुत है। यहाँ की शांति और सौंदर्य को देखकर हृदय नई ऊर्जा से भर गया। चारों ओर हरियाली, शुद्ध हवा और प्रकृति की छटा बिखरी है। यहाँ विविध दुर्लभ पौधों के साथ लगभग 270 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ (The Great Banyan Tree) देखकर भी मन अभिभूत हो गया। सदियों से जीवन, हरियाली और प्रकृति की विरासत को संजोए यह विशाल वृक्ष हम सभी को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है। पेड़ निर्जीव नहीं हैं, उनमें भी जीवन होता है और वह जल, ताप, सर्दी, गर्मी, इन सब पर प्रतिक्रिया देते हैं। इनके बिना दुनिया चल नहीं सकती। आज बॉटनिकल गार्डन के संचालक और देखरेख करने वाले सभी मित्रों को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने इस महा वट वृक्ष को सुरक्षित रखा है। इस अवसर पर महान वैज्ञानिक आचार्य जगदीश चंद्र बोस जी की प्रतिमा को प्रणाम किया। साथ ही लाल चंदन का पौधा रोपकर प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के संकल्प को आगे बढ़ाया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी ऐसी ही हरी-भरी और समृद्ध धरोहर मिल सके। याद रखना, अगर जंगल ख़त्म हुए, पेड़ कम हुए, तो जीवन के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न लग जाएगा। तो आइए, पेड़ बचाइए, पेड़ लगाइए।
Shivraj Singh Chouhan16,165 просмотров • 4 дней назад

आज अयोध्या में किसान भाई-बहनों के साथ धान की रोपाई की। इस दौरान एक प्रेरक प्रयोग देखने को मिला। रोपाई से पहले खेत में ढैंचा लगाकर उसे मिट्टी में मिला दिया गया, जिससे भूमि और अधिक भुरभुरी, उपजाऊ एवं पोषक तत्वों से भरपूर बनी। हमारी परंपरागत कृषि पद्धतियों में ढैंचा और गोबर की खाद का विशेष महत्व रहा है, लेकिन समय के साथ इनका उपयोग कम होता गया। यदि हमें अपनी धरती की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना है और आने वाली पीढ़ियों के लिए खेतों को सुरक्षित रखना है, तो हरित खाद, जैविक उपायों और संतुलित खेती को अपनाना होगा। यही खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य है।
Shivraj Singh Chouhan79,909 просмотров • 23 дней назад

कोलकाता के स्वयं सहायता समूहों की हमारी बहनें जूट के माध्यम से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई कहानी लिख रही हैं। उनके हाथों से बने उत्पाद आज दुनिया भर के बाज़ारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। आज ICAR - केंद्रीय पटसन एवं समवर्गीय रेशा अनुसंधान संस्थान में अपनी बहनों से मिलकर मन गर्व से भर गया।
Shivraj Singh Chouhan14,506 просмотров • 4 дней назад

प्रिय बहनों और भाइयों, आज प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के लिए 74,212 नए आवास स्वीकृत करने का भी हम काम कर रहे हैं हैं, ताकि प्रदेश के गरीब परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिले। जो गाँव अब तक सड़क से नहीं जुड़े हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 146 नई सड़कों और 19 पुलों के निर्माण हेतु ₹422.1 करोड़ की स्वीकृति का पत्र भी माननीय मुख्यमंत्री श्री N Chandrababu Naidu जी एवं उप-मुख्यमंत्री श्री Pawan Kalyan जी को सौंप रहा हूँ। गरीबों के मकान भी बनें और गांव में सड़कें भी बनें। गांव बढ़ेगा, तो भारत बदलेगा।
Shivraj Singh Chouhan52,517 просмотров • 16 дней назад

मेरे साढ़ू भाई, रिटायर्ड कर्नल रणवीर सिंह जी हमें छोड़कर अनंत यात्रा पर चले गए हैं। आज उनकी पावन स्मृति में एक पौधा रोपा। अपने प्रियजनों की स्मृति में लगाया गया एक पौधा समय के साथ केवल वृक्ष नहीं बनता, वह उनकी यादों का जीवंत प्रतीक बन जाता है। निश्चय ही ये पौधा रणवीर सिंह जी की स्मृतियों और आदर्शों को सदा अक्षुण्ण रखेगा। कर्नल रणवीर सिंह जी ने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को समर्पित किया। उनकी असाध्य बीमारी के दौरान पुणे के कमांड अस्पताल के चिकित्सकों और सेना के साथियों ने जिस समर्पण और संवेदनशीलता से उनकी सेवा की, उसके लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूँ। इस दु:ख की घड़ी में कल्पना जी, उपासना, मयंक और विहान सहित पूरे परिवार के साथ मेरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर सभी को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। श्रद्धेय कर्नल रणवीर सिंह जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति।
Shivraj Singh Chouhan20,457 просмотров • 6 дней назад

आज ही अखबार में मैंने एक खबर पढ़ी कि कनाडा के एक शहर ने पेड़ को जीवित प्राणी का दर्जा दिया है। भारतीय संस्कृति में हम पेड़ों में एक ही चेतना मानते हैं, जो हममें है वो पेड़ों में है, हम उसे अभिन्न मानते हैं। और इसलिए प्राचीन काल से ही पेड़ों की पूजा की परंपरा है। वास्तव में, पेड़ हमारा परिवार हैं। वृक्ष लगाना, जीवन रोपना है। क्योंकि यही वृक्ष हैं, जो हमें ज़िंदगी देते हैं और सारे संसार को जीवन देते हैं, चाहे व कीट-पतंगे हों, पक्षी हों। और इसलिए रोज़ पेड़ लगाने का काम जब मैं करता हूँ, तो मुझे लगता है कि वृक्ष लगाना ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है। प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज नई दिल्ली में सांसद साथी श्री Yogender chandolia जी और बाकी मित्रों के साथ वृक्षारोपण किया है। आइए, हम भी पेड़ों को अपने परिवार का सदस्य मानें और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लें। #OnePlantADay
Shivraj Singh Chouhan71,384 просмотров • 24 дней назад