
Dayashankar Mishra
@DayashankarMi • 26,272 subscribers
Network 18 से पहले इस्तीफ़ा,फिर किताब ‘राहुल गांधी:सांप्रदायिकता,दुष्प्रचार,तानाशाही से ऐतिहासिक संघर्ष’Amazon https://t.co/eFA0uxxhKi
Shorts
Videos

क्रिकेट के बीच में भजन कहां से आया ? IPL फ़ाइनल में कैलाश खेर ‘महादेव शिव शंभु’ लेकर आ गए। देश में 51 करोड़ लोग टीवी से चिपके हुए थे । भजन के मध्यम से जनता को याद दिलाया गया ; भारत एक हिंदू राष्ट्र है । सड़क नमाज़ पढ़ने के लिए नहीं होती। क्रिकेट का मैच भजन करने के लिए होता है ? भारत में कोई खिलाड़ी, क्रिकेटर, कमेंटटेटर, अख़बार और पत्रकार इसका विरोध नहीं कर सकते । सब अपनी नौकर की चिंता में है। भारत में सांप्रदायिकता का स्पष्ट विरोध करने वाली की सीमित संख्या सरकार की सब से बड़ी ताकत है । नागरिकों को धार्मिक उन्माद में लपेटने के लिए क्रिकेट का मैदान नए सिरे से तय किया जा रहा है।
Dayashankar Mishra42,781 次观看 • 1 个月前
5:20
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

अगर मित्रों हिंदू राष्ट्र यही होने वाला है तो भगवान बचाए।हिंदुओं को भी और राष्ट्र को भी।असल में हिंदू राष्ट्र, हिंदू धर्म का सबसे बड़ा शत्रु होगा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस्लाम या अन्य धर्मों के लिए उतना बड़ा खतरा नहीं है, वो ज्यादा बड़ा खतरा हिंदू धर्म के लिए है। -अशोक वाजपेयी
Dayashankar Mishra90,706 次观看 • 1 年前

‘द वायर’ के लिए करण थापर से विशेष बातचीत में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने देश में बिगड़ते सांप्रदायिक सद्भाव और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की भूमिका के साथ ही देश और संविधान को पहुंचाए जा रहे नुकसान को लेकर चिंता जताई। इस दौरान वह बेहद भावुक हो गए और रो पड़े। उन्होंने कहा, "मस्जिदों के सर्वे की अनुमति देकर जस्टिस चंद्रचूड़ ने संविधान और देश को बहुत छति पहुंचाई है/इनका बड़ा अपमान किया है!" 'वह भाजपा के 'हाथों में खेल रहे हैं'। The Wire Siddharth
Dayashankar Mishra73,622 次观看 • 1 年前
0:33
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

गुजरात के अमरेली में दलित युवक को कथित ऊँची जातियों वालों ने जाति पूछने के बाद इतनी बुरी तरह से पिटा, उनकी अस्पताल में मौत हो गई। गुजरात से प्रकाशित होने वाले अख़बारों, देश के नेशनल मीडिया में यह ख़बर कहाँ है ? इंडियन एक्सप्रेस में यह पेज नंबर 12 पर है! इससे पहले अमरेली में ही दलित नीलेश राठौड़ की मई 2025 में एक बच्चे को बेटा कहने पर कथित ऊँची जाति वालों की पिटाई से जान चली गई थी । ‘गुजरात मॉडल’ की असली कामयाबी ख़बरों को नफ़रत और सुनहरी बाग़ के सपनों में तब्दील कर देना है । मीडिया नहीं लिखेगा लेकिन यह ‘मॉब लिंचिंग’ है। जिसके लिए भारत को लंबे समय से हिंदुत्व की आँच में पका करके तैयार किया गया है। Jignesh Mevani
Dayashankar Mishra10,314 次观看 • 3 个月前