
Nirdesh Singh
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संघर्ष की राह... बदलाव की चाह....! & scientific temperament
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बहन #हेमलता बैरवा निर्भीक, निडर, शिक्षक हैं वह गलत बात के दवाब में नही आई उन्होंने काल्पनिक सरस्वती की पूजा करने से मना कर दिया मुझे खुशी है जो लड़ाई हमने 2011 में लड़ी थी शिक्षा की देवी सरस्वती नही सावित्रीमाई है, वह अब तेजी से जीत की और बढ़ रही है। बधाई हो सच सामने आएगा।
Nirdesh Singh81,436 görüntüleme • 2 yıl önce

जेल का ताला टूटेगा #हेमंत_सोरेन छूटेगा। इन नारो के साथ लाखो आदिवासी अपने मुख्यमंत्री के लिए सड़कों पर उतर आए हैं और मीडिया सोया हुआ है। अगर यही भीड़ उनके आकाओं के लिए सड़क पर होती तो इंटरनेशनल खबर बना दी जाती अफसोस यह मुख्यमंत्री आदिवासी है जो भेदभाव का शिकार होगा ही।
Nirdesh Singh74,021 görüntüleme • 2 yıl önce

#रुचि_तिवारी ने जिस लड़की पर हमला किया था वो तीनों ब्राह्मण हैं और थाने के अंदर उनको मारने और नंगा करने की धमकी दी जा रही हैं क्या अब वो लोग अब रुचि की तरह अंजली शर्मा तनवी शर्मा नेहा शर्मा के समर्थन में भी ट्रेंड चलाएंगे, जिनका रुचि ने मुंह नोचा,क्या मीडिया अब भी आहत होगा, या सिर्फ हिंसक और जातंकी भाई बहनों का ही साथ देते हैं,,
Nirdesh Singh17,316 görüntüleme • 4 ay önce

बागेश्वर धाम पर मानव तस्करी करने का आरोप लग रहा है सबूत के तौर पर वीडियो वायरल हो रही है,वीडियो की जांच होनी चाहिए क्योंकि साफ दिखाई व सुनाई दे रहा है कि कैसे रात के अंधेरे में लड़कियों को जबरन ले जाया जा रहा है मजबूर बेबस लड़की रोते हुए कह रही है कि हमें नहीं पता कि कहां ले जा रहे हैं,,
Nirdesh Singh30,725 görüntüleme • 11 ay önce

उज्जैन में पटेल की मूर्ति तोड़ते हुए लगे जयश्रीराम के नारो को ध्यान से सुने। मूर्ति तोड़ने के बाद दूसरी मूर्ति लगाई जाएगी वह किसकी है ये भी देखे। लेकिन कुछ नफरती बदनाम करने के लिए इसमें दलितों का नाम प्रयोग कर रहे हैं अम्बेडकरवादी कभी मूर्ति तोड़ते नही और न ही वह इतने गुलाम हैं।
Nirdesh Singh53,447 görüntüleme • 2 yıl önce

बामन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पत्रकार ने एक सही सवाल क्या कर दिया उनकी हवा निकल गयी, भड़क गए क्योंकि हजारों सालों से इन्होंने जातिव्यवस्था ऐसी बनाई जिसमें खुद को ऊपर रखा ताकि इनसे कोई सवाल नहीं कर सके। भय भाग्य और डर दिखाकर ये अपनी रोजी रोटी चलाते आए हैं। अब हुआ यह की अंग्रेज आए उन्होंने इस परजीवी प्रजाति को अन्य जातियों के बराबर लाकर बिठा दिया झूठा मान सम्मान खत्म कर दिया। इससे पहले इन्होंने किसी मुस्लिम अथवा विदेशी आक्रमकारियों के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला न ही उनको भारत से भगाने की बात कही न क्रांति न आंदोलन किया बल्कि अपनी बहन बेटी खुशी खुशी बिहा दी। अंग्रेजों के बाद जब डॉ अम्बेडकर द्वारा भारत का संविधान लिखा गया तो इनकी असलियत सामने आई इनको सामान किया गया जाति व्यवस्था खत्म करने के पूरे इंतजाम किए गए। यही कारण है कि आज आम जन जिनको ब्राह्मणवादी, मनुवादी व्यवस्था ने नीच, तुलसीदास जैसे घटिया सोच के कुंठित दरबारी ने ढोल ग्वार पशु शूद्र और नारी सकल ताड़न के अधिकारी कहकर निचा दिया। आज उनकी सच्चाई सामने नजर आती है। वही ब्राह्मण जिनसे सवाल पूछना मतलब भगवान से सवाल जवाब करना समझा जाता था आज आम आदमी लोकतांत्रिक देश में अनपढ़ ब्राह्मण पांडे पुजारियों से सवाल करता है तो इनको बुरा लगता है। कारण साफ है हजारों सालों तक इन्होंने अपनी सुविधा की व्यवस्था बनाई। #shankracharyaavimukteswaranand
Nirdesh Singh16,989 görüntüleme • 9 ay önce

हिन्दू चींटियों को भी दाना डालता है बहुत दयावान है, लेकिन दलितों के लिए हिंसक और उग्र क्यों हो जाता है?
Nirdesh Singh31,598 görüntüleme • 1 yıl önce

अमेरिका में बाबा साहेब के बारे में बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जा रहा है,बच्चे जय भीम बोलकर गर्वित हैं,लेकिन भारत मे उनको छुपाया जाता है, क्योंकि,भारत जातिप्रधान देश होने के कारण अपनी कमजोरी को छोड़ नही पाता,वो हर महान व्यक्तित्व को जातिवादी के चश्मे से देखता और समझता है,,
Nirdesh Singh24,017 görüntüleme • 1 yıl önce
