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Divyanshi Sumrav

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Co-founder: कैफ़े निफ़राम (नोएडा)|A sunflower on its way home 🌻| Storyteller | For all work/business enquiries, email: [email protected]

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कौन बदन से आगे देखे औरत को सबकी आंखें गिरवी हैं इस नगरी में - हमीदा शाहीन

कौन बदन से आगे देखे औरत को सबकी आंखें गिरवी हैं इस नगरी में - हमीदा शाहीन

128,323 views

मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा - वसीम बरेलवी

मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा - वसीम बरेलवी

95,057 views

सुबह हुई और उसने सोचा दुनिया बदलने से पहले उसे बदल डालनी चाहिए अपनी चादर जो कि मैली हो गई है - केदारनाथ सिंह/मध्यमवर्गीय साखी

सुबह हुई और उसने सोचा दुनिया बदलने से पहले उसे बदल डालनी चाहिए अपनी चादर जो कि मैली हो गई है - केदारनाथ सिंह/मध्यमवर्गीय साखी

120,385 views

वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा -शाहीन अब्बास

वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा -शाहीन अब्बास

70,351 views

...कि घर वाले बदल गए हैं या अभी तक यह सोचते हैं कि मैं बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा। शरद बिलाैरे

...कि घर वाले बदल गए हैं या अभी तक यह सोचते हैं कि मैं बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा। शरद बिलाैरे

73,279 views

मैंने उसको जब-जब देखा लोहा देखा लोहे जैसा- तपते देखा- गलते देखा- ढलते देखा मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा। -केदारनाथ अग्रवाल

मैंने उसको जब-जब देखा लोहा देखा लोहे जैसा- तपते देखा- गलते देखा- ढलते देखा मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा। -केदारनाथ अग्रवाल

66,791 views

सुख के लम्हे तक पहुँचते-पहुँचते, हम उन सब लोगों से जुदा हो जाते हैं जिनके साथ हमने दुःख झेलकर, सुख का स्वप्न देखा था। - निर्मल वर्मा

सुख के लम्हे तक पहुँचते-पहुँचते, हम उन सब लोगों से जुदा हो जाते हैं जिनके साथ हमने दुःख झेलकर, सुख का स्वप्न देखा था। - निर्मल वर्मा

34,137 views

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो -बशीर बद्र

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो -बशीर बद्र

30,353 views

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ है... -कैफ़ी आज़मी

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ है... -कैफ़ी आज़मी

24,653 views

मैं जा रही हूँ – उसने कहा जाओ – मैंने उत्तर दिया यह जानते हुए कि जाना हिंदी की सबसे ख़ौफ़नाक क्रिया है। -केदारनाथ सिंह

मैं जा रही हूँ – उसने कहा जाओ – मैंने उत्तर दिया यह जानते हुए कि जाना हिंदी की सबसे ख़ौफ़नाक क्रिया है। -केदारनाथ सिंह

28,751 views

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है... - साहिर लुधियानवी

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है... - साहिर लुधियानवी

19,580 views

Expectations, अपेक्षाएं, उम्मीदें - ख़ुद से, दूसरों से...

Expectations, अपेक्षाएं, उम्मीदें - ख़ुद से, दूसरों से...

25,232 views

इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए -हफीज़ जालंधरी

इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए -हफीज़ जालंधरी

28,079 views

घर से निकल कर जाता हूँ मैं हर रोज़ कहाँ इक दिन अपना पीछा कर के देखा जाए -भारत भूषण पंत

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घर से निकल कर जाता हूँ मैं हर रोज़ कहाँ इक दिन अपना पीछा कर के देखा जाए -भारत भूषण पंत

23,055 views

...मुझे सज्जनता से डर लगता है - केदारनाथ सिंह

...मुझे सज्जनता से डर लगता है - केदारनाथ सिंह

17,030 views

...मैं हर दिन जाग तो जाता हूँ ज़िंदा क्यूँ नहीं होता ~राजेश रेड्डी

...मैं हर दिन जाग तो जाता हूँ ज़िंदा क्यूँ नहीं होता ~राजेश रेड्डी

25,436 views

...जो 'ना' था, वो छोड़ दिया -दिव्यांशी

...जो 'ना' था, वो छोड़ दिया -दिव्यांशी

19,665 views

मैं सोचने लगा हूँ समय को निकल जाने का मौक़ा मैं क्यों दूँ क्यों ना निकल जाऊँ ख़ुद किसी चमत्कार की दिशा में -भवानी प्रसाद मिश्र

मैं सोचने लगा हूँ समय को निकल जाने का मौक़ा मैं क्यों दूँ क्यों ना निकल जाऊँ ख़ुद किसी चमत्कार की दिशा में -भवानी प्रसाद मिश्र

18,074 views

...aawazo'n ke bazaaro'n me khamoshi pehchaane kaun -Nida Fazli 🌱🌸

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22,025 views

घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है - राहत इंदौरी

घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है - राहत इंदौरी

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जब मुझे एंकरिंग का A भी नहीं पता था तो एक व्यक्ति जिन्होंने मुझपर लगातार भरोसा किया, मुझे तमाम स्क्रिप्ट्स एंकर करने के लिए दीं, वो थे Mubarak सर. ये सब करते-करते सिनेमा को लेकर मेरी समझ गहरी हुई. इसका श्रेय भी उन्हीं को. और, अब मुबारक सर ने M Bole Toh के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है. 🌻 M Bole Tohh की नई-नवेली सीरीज़ "सिनेमा वाले" लेकर हम हाजिर हैं. जहाँ बात होगी सिनेमा-मेकिंग के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स से जुड़े उन लोगों की जो अक्सर पर्दे के पीछे काम करते हैं लेकिन जिनके बिना फिल्में बन ही नहीं सकतीं. इस सीरीज़ को देखने के लिए जल्दी से M Bole Tohh का यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब कर लीजिए और इंस्टाग्राम + फेसबुक पर फ़ॉलो कर लीजिए! लिंक्स ये रहीं: Youtube: Instagram: Facebook:

Divyanshi Sumrav

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