
Divyanshi Sumrav
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Co-founder: कैफ़े निफ़राम (नोएडा)|A sunflower on its way home 🌻| Storyteller | For all work/business enquiries, email: [email protected]
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मैं जब परीक्षा लिख कर वापस लौट रहा था पेपर लीक की ख़बरें उड़ने लगी थीं लगा रहा था जब नंबरों का हिसाब पेपर रद्द हो चुका था भर्तियां टाली जा चुकी थीं मैं अब गाँव की बस का इंतज़ार कर रहा हूॅं जांच के लिए कोई कमेटी बना दी गई है। - Aakash Gautam #UPPSC_ROARO_ONESHIFT #UPPSC_No_Normalization
Divyanshi Sumrav187,705 просмотров • 2 лет назад

मुझे साफ़ पानी और कम क्रूरता वाला शहर चाहिए - देवी प्रसाद मिश्र/एक कम क्रूर शहर की माँग
Divyanshi Sumrav164,129 просмотров • 2 лет назад

ख़्वाहिशों के बोझ में बशर तू क्या क्या कर रहा है इतना तो जीना भी नहीं जितना तू मर रहा है। -बशर नवाज़ 🌻
Divyanshi Sumrav156,367 просмотров • 2 лет назад

जब मुझे एंकरिंग का A भी नहीं पता था तो एक व्यक्ति जिन्होंने मुझपर लगातार भरोसा किया, मुझे तमाम स्क्रिप्ट्स एंकर करने के लिए दीं, वो थे Mubarak सर. ये सब करते-करते सिनेमा को लेकर मेरी समझ गहरी हुई. इसका श्रेय भी उन्हीं को. और, अब मुबारक सर ने M Bole Toh के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है. 🌻 M Bole Tohh की नई-नवेली सीरीज़ "सिनेमा वाले" लेकर हम हाजिर हैं. जहाँ बात होगी सिनेमा-मेकिंग के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स से जुड़े उन लोगों की जो अक्सर पर्दे के पीछे काम करते हैं लेकिन जिनके बिना फिल्में बन ही नहीं सकतीं. इस सीरीज़ को देखने के लिए जल्दी से M Bole Tohh का यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब कर लीजिए और इंस्टाग्राम + फेसबुक पर फ़ॉलो कर लीजिए! लिंक्स ये रहीं: Youtube: Instagram: Facebook:
Divyanshi Sumrav89,978 просмотров • 1 год назад

ज़माना हो गया ख़ुद से मुझे लड़ते झगड़ते... - इफ़्तिख़ार आरिफ़
Divyanshi Sumrav102,147 просмотров • 2 лет назад

मैं जिन लोगों के लिए पुल बन गया था... - सुरजीत पातर अनुवाद : चमन लाल
Divyanshi Sumrav80,511 просмотров • 2 лет назад

'90 घंटे काम': बड़े लोग कुछ भी कह सकते हैं... #90HoursWork #SNSubrahmanyan
Divyanshi Sumrav64,339 просмотров • 1 год назад

तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे लगा है कि हम असमर्थताओं से नहीं संभावनाओं से घिरे हैं -सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Divyanshi Sumrav47,426 просмотров • 1 год назад

केवल सतह छूकर तुम नहीं जान पाओगे उसका सार... -दिव्यांशी सुमराव
Divyanshi Sumrav33,217 просмотров • 1 год назад