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Divyanshi Sumrav

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Co-founder: कैफ़े निफ़राम (नोएडा)|A sunflower on its way home 🌻| Storyteller | For all work/business enquiries, email: [email protected]

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कौन बदन से आगे देखे औरत को सबकी आंखें गिरवी हैं इस नगरी में - हमीदा शाहीन

कौन बदन से आगे देखे औरत को सबकी आंखें गिरवी हैं इस नगरी में - हमीदा शाहीन

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सुबह हुई और उसने सोचा दुनिया बदलने से पहले उसे बदल डालनी चाहिए अपनी चादर जो कि मैली हो गई है - केदारनाथ सिंह/मध्यमवर्गीय साखी

सुबह हुई और उसने सोचा दुनिया बदलने से पहले उसे बदल डालनी चाहिए अपनी चादर जो कि मैली हो गई है - केदारनाथ सिंह/मध्यमवर्गीय साखी

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मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा - वसीम बरेलवी

मुझ को चलने दो अकेला है अभी मेरा सफ़र रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा - वसीम बरेलवी

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वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा -शाहीन अब्बास

वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा -शाहीन अब्बास

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...कि घर वाले बदल गए हैं या अभी तक यह सोचते हैं कि मैं बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा। शरद बिलाैरे

...कि घर वाले बदल गए हैं या अभी तक यह सोचते हैं कि मैं बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा। शरद बिलाैरे

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मैंने उसको जब-जब देखा लोहा देखा लोहे जैसा- तपते देखा- गलते देखा- ढलते देखा मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा। -केदारनाथ अग्रवाल

मैंने उसको जब-जब देखा लोहा देखा लोहे जैसा- तपते देखा- गलते देखा- ढलते देखा मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा। -केदारनाथ अग्रवाल

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सुख के लम्हे तक पहुँचते-पहुँचते, हम उन सब लोगों से जुदा हो जाते हैं जिनके साथ हमने दुःख झेलकर, सुख का स्वप्न देखा था। - निर्मल वर्मा

सुख के लम्हे तक पहुँचते-पहुँचते, हम उन सब लोगों से जुदा हो जाते हैं जिनके साथ हमने दुःख झेलकर, सुख का स्वप्न देखा था। - निर्मल वर्मा

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अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो -बशीर बद्र

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो -बशीर बद्र

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यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ है... -कैफ़ी आज़मी

यही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ है... -कैफ़ी आज़मी

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इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए -हफीज़ जालंधरी

इरादे बाँधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं ऐसा न हो जाए -हफीज़ जालंधरी

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Expectations, अपेक्षाएं, उम्मीदें - ख़ुद से, दूसरों से...

Expectations, अपेक्षाएं, उम्मीदें - ख़ुद से, दूसरों से...

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ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है... - साहिर लुधियानवी

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...मुझे सज्जनता से डर लगता है - केदारनाथ सिंह

...मुझे सज्जनता से डर लगता है - केदारनाथ सिंह

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घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है - राहत इंदौरी

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जब मुझे एंकरिंग का A भी नहीं पता था तो एक व्यक्ति जिन्होंने मुझपर लगातार भरोसा किया, मुझे तमाम स्क्रिप्ट्स एंकर करने के लिए दीं, वो थे Mubarak सर. ये सब करते-करते सिनेमा को लेकर मेरी समझ गहरी हुई. इसका श्रेय भी उन्हीं को. और, अब मुबारक सर ने M Bole Toh के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है. 🌻 M Bole Tohh की नई-नवेली सीरीज़ "सिनेमा वाले" लेकर हम हाजिर हैं. जहाँ बात होगी सिनेमा-मेकिंग के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स से जुड़े उन लोगों की जो अक्सर पर्दे के पीछे काम करते हैं लेकिन जिनके बिना फिल्में बन ही नहीं सकतीं. इस सीरीज़ को देखने के लिए जल्दी से M Bole Tohh का यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब कर लीजिए और इंस्टाग्राम + फेसबुक पर फ़ॉलो कर लीजिए! लिंक्स ये रहीं: Youtube: Instagram: Facebook:

Divyanshi Sumrav

89,978 görüntüleme • 1 yıl önce