
Dr.Anil Pachar
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(MBBS).GMC&H Raj.india. @RLPINDIAorg🔰 विरासत से तय नहीं होते सियासत के फ़ैसले, ये तो उड़ान बताएगी कि आसमान किसका है….. #Lohawat
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किसी एक की गलती कितनों की ज़िन्दगियाँ शक के दायरे में डाल देती है — यही डर बाड़मेर रेलवे ट्रेन में चेकिंग के समय और दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद भी हमें दिखा। आखिर एक इंसान को अपनी क़ौम के लिए इतना लज्जित होना क्यों पड़ता है, और हर शक के बावजूद सबूत कैसे बताए जा रहे हैं? ये दृश्य बहुत गंभीर है — सिर्फ़ उस इंसान का नहीं, हमारी पूरी व्यवस्था और हमारी संवेदनशीलता का। हमें ठहरकर सोचना होगा: क्या हम सच्चाई ढूँढ रहे हैं या किसी को किसी भी सूरत में दोषी ठहराने की जल्दी में पलक झपका रहे हैं?
Dr.Anil Pachar654,816 views • 8 months ago

यह नज़ारा न सिर्फ़ चौंकाने वाला है बल्कि सोचने पर मजबूर करता है कि हमारी युवा पीढ़ी आखिर किस दिशा में जा रही हैं ऋषिकेश AIIMS में pyrexia program चल रहा हैं, ये लड़कियाँ देश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों से MBBS कर रही हैं। ये लड़कियाँ उस Pyrexia Program में हिस्सा लेने गई थीं अभी वो नशे की हालत में हैं! MBBS की डिग्री लेने से पहले अगर समझ चली गई, तो इलाज कौन करेगा—दूसरों का या खुद का? यही हाल रहा तो आने वाला डॉक्टर भी “मरीज” ही कहलाएगा…
Dr.Anil Pachar470,605 views • 9 months ago

ट्रेन की जनरल सीट पर भाई साहब ऐसा कब्जा जमाए बैठे हैं जैसे इस डिब्बे की रजिस्ट्री इन्हीं के नाम हो! पूरी सीट पर ऐसे पसरे पड़े हैं जैसे राजस्थान वालों की ‘सीट पकड़ो’ ट्रेनिंग करके आए हों! भीड़ इतनी है कि दीवार भी जगह मांग रही है, लेकिन भाई साहब को इंसानियत दिखाने की कोई जल्दी नहीं। रेल सेवा वाले भी कहते थे– ‘हम सबका ध्यान रखेंगे’… शायद ‘सब’ से उनका मतलब सिर्फ इसी भाई साहब से था!
Dr.Anil Pachar316,398 views • 7 months ago

गुडामलानी के भाजपा नेता का ये वीडियो वाकई शर्मनाक है — इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन ज़रा सोचिए, वीडियो तो उन लोगों के भी आ सकते हैं जिन पर महिला मित्र के गंभीर आरोप लगे थे। जिन्हें SI बनवाया गया, वो आज बेरोज़गार हैं — अब सवाल ये है कि महिला मित्र, मंत्री जी को ब्लैकमेल करेंगी या मंत्री जी उन्हें किसी और जगह “सेट” करने की योजना बना रहे हैं? सियासत में रिश्ते बदलते देर नहीं लगती… मंत्री जी की शायरियाँ भी कभी खूब सुर्खियाँ बटोरती थीं, लफ़्ज़ मीठे थे, मगर मंशा कुछ और….. #Gudamalani
Dr.Anil Pachar316,369 views • 8 months ago

📍कोटा नए-नए इश्क़ के चक्कर में बच्चे अपना रास्ता भटक रहे हैं। भविष्य का कोई भरोसा नहीं— डॉक्टर और इंजीनियर बनने चले थे, कहीं इश्क़ में डूबकर अपनी मंज़िल ही न खो दें। समय रहते संभालिए, वरना पछताने का वक़्त भी नहीं मिलेगा। जिन अभिभावकों के बच्चे जहाँ भी पढ़ रहे हैं, कृपया विशेष ध्यान रखें। ये समय बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, समय रहते मार्गदर्शन दें—यही सही उम्र, सही दिशा का समय है।”
Dr.Anil Pachar212,872 views • 8 months ago

कोटा पढ़ने भेजा था, आधी रात सड़क पर ड्रामे करने नहीं! हंगामा बच्चे करते हैं, पर बदनामी तो मां-बाप की जिम्मेदारी बनकर लौटती है। पहले संस्कार दो, फिर कोटा भेजो! ये वही लड़कियाँ-लड़के हैं जो छोटे कस्बों से बड़े सपने लेकर आती हैं, फिर करते-करते पार्टी—पार्टी—पार्टी, एग्ज़ाम आते ही टेंशन—टेंशन—टेंशन और आख़िर में रिज़ल्ट — ? फिर गांव में लौटकर बोलेंगें— हम तो बस कोशिश कर रहे थे।
Dr.Anil Pachar126,858 views • 7 months ago

अक्सर सरकारी बैंकों में यही दृश्य देखने को मिलता है – एक अनपढ़ बुज़ुर्ग, चेक भरने के लिए लंबा संघर्ष कर रहा है, चेक भर नहीं पा रहा है…… हर कदम पर परेशान, हर पल थकान और तनाव से जूझता हुआ। अगर हर बैंककर्मी थोड़ी संवेदनशीलता दिखाए, तो बुज़ुर्गों की यह कठिनाई इतनी बड़ी समस्या नहीं रहेगी। सलाम है उन बुज़ुर्गों को, जो अपने संघर्ष और हिम्मत से हमें इंसानियत और धैर्य का असली मतलब सिखाते हैं।
Dr.Anil Pachar97,932 views • 7 months ago

यह राजस्थान पुलिस की गुंडागर्दी का ताज़ा चेहरा है। ट्रक चालक ने सिर्फ नाम पूछा, जवाब मिला— “जो तेरे बाप का, वही मेरा।” फिर गाड़ी जप्त, बिना वजह 29,000 का चालान—ऊपर से अपमान अलग। विडंबना देखिए… जोधपुर में वकील से बदसलूकी पर पूरा थाना निलंबित, लेकिन जयपुर में ट्रक चालक पर हुई ज्यादती पर न सस्पेंशन, न हड़ताल, न कोर्ट की पहल। एक तरफ न्याय, दूसरी तरफ खुला अन्याय— सरकार , न्यायलय और पुलिस पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली तस्वीर।
Dr.Anil Pachar79,196 views • 7 months ago

कॉन्स्टेबल चालान नहीं बना सकता, फिर भी वह चालान बना रहा है और ऊपर से 2000 रुपये की रिश्वत भी माँग ली। अब इसमें गलती उसकी भी नहीं है, क्योंकि इस देश को चलाना चाहिए पढ़े-लिखे लोगों को, लेकिन चला रहे हैं अनपढ़ लोग। इस युग में बात होनी चाहिए विज्ञान की, लेकिन चर्चा अब भी धर्म पर ही हो रही है।
Dr.Anil Pachar30,270 views • 7 months ago

मैंने पहली बार ऐसा नेता देखा है, जो खुद जनता से पूछता है — “कोई काम करवाना हो तो बताओ।” एक बुज़ुर्ग महिला ने सड़क बनाने की बात कही, और हनुमान बेनीवाल ने वहीं खड़े-खड़े उसे गारंटी देकर कहा कि “काम हो जाएगा।” राजनीति में तो मैंने हमेशा यही देखा है कि जनता फाइलें लेकर नेताओं के पीछे घूमती रहती है। घंटों घर के बाहर इंतज़ार करो, तब कहीं मुलाकात होती है, और उसमें भी काम पूरा होने की कोई गारंटी नहीं होती। लेकिन हनुमान बेनीवाल सच में न जाने किस मिट्टी के बने हैं। भगवान इन्हें और ताकत दे, ताकि वे ग़रीबों और वंचितों का भला कर सकें। HANUMAN BENIWAL
Dr.Anil Pachar25,164 views • 7 months ago

जिस व्यक्ति ने शब्द समय से पहले बोले और समय आने पर वही शब्द हकीकत बन जाएँ, तो उसे भगवान का दूसरा रूप मान लेने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग भविष्य नहीं बताते, समय को पहचानते हैं। और जिनकी पहचान समय कर दे, उन्हें प्रमाण की ज़रूरत नहीं होती। #भ्रष्टाचारी_भाजपा_विधायक
Dr.Anil Pachar11,907 views • 7 months ago

चाहे कितना ही बड़ा नुकसान क्यों न हो जाए, लेकिन हनुमान बेनीवाल जैसे नेता रहते हुए अन्याय के फैसले आसानी से लागू नहीं हो सकते। नेताओं को तो हमने बहुत देखा है—समय-समय पर अपने बयान बदल लेना उनकी आदत बन चुकी है। लेकिन हनुमान बेनीवाल पहले ऐसे नेता हैं जो अपने वचनों की खातिर किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। असल में राजनीति का असली अर्थ यही है—जनता के साथ खड़े रहना और अपने शब्दों पर कायम रहना। HANUMAN BENIWAL Rashtriya Loktantrik Party
Dr.Anil Pachar10,605 views • 8 months ago
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