
Dr Anuj Kumar
@dranuj_k • 74,182 subscribers
Craniofacial Surgeon | Public Health Expert | Campaigner for Healthy Jharkhand
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मैंने आज तक इतना अहंकारी और बदतमीज़ डॉक्टर नहीं देखा है। बताइये हुज़ूर ख़ुद खड़े हैं और ये मूर्ख बैठ कर साहब से ज़बान लड़ा रहा है। राजा आदमी हैं, UPSC पास कर के आयें हैं। हर मामले के एक्सपर्ट हैं। साहब दिन कहे तो दिन कहना चाहिए, और रात कहें तो आँख मूँद कर सो जाना चाहिए। राजशाही होती तो इसका सर कलम कर हुज़ूर को तश्तरी में पेश की जाती। लेकिन दुखद की देश में लोकतंत्र है इसलिए इस पर बस दो चार फ़र्ज़ी मुक़दमे लाद कर दंड दिया जाना चाहिए ताकि ऐसी गुस्ताखी फिर कभी ना करे।
Dr Anuj Kumar355,015 görüntüleme • 1 yıl önce

गॉल ब्लैडर स्टोन को लेकर अब तक जो स्थापित तथ्य हैं और जो आप सभी को जाननी चाहिये 1) गॉल ब्लैडर, शरीर का एक छोटा सा अंग है. यह लीवर के ठीक नीचे होता है। गॉल ब्लैडर में आमतौर पर बहुत ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल पित्त में जमा हो जाने के कारण स्टोन बनने लगते हैं। अगर ये स्टोन गॉल ब्लैडर से निकलने वाली नली को ब्लॉक कर दे तो परेशानी बढ़ जाती है। 2) गॉल ब्लैडर स्टोन होने पर लक्षण हैं पेट दर्द जो की सामान्यतः पेट के ऊपरी दाहिने भाग से शुरू हो कर बीच तक जा सकता है, गैस की शिकायत, उल्टी, बुख़ार। कई बार जोन्डिस जैसे लक्षण भी आते हैं। लेकिन ये ज़रूरी नहीं की हर मामले में मरीज़ लक्षण आएँ। कई बार स्टोन होने पर भी किसी तरह के लक्षण मरीज़ को नहीं आते। लक्षण मुख्यतः तब आते हैं जब वो स्टोन कि वजह से सूजन आ जाए या नली ब्लॉक हो जाए। 3) गॉल ब्लैडर स्टोन के कई मामलों में दवाई दिया जाता है। दवाई से स्टोन बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। कई रिसर्च में पाया गया कि स्टोन दवाई से घुल भी जाती है। लेकिन ये मुख्यतः किस तरह का स्टोन है उसपर निर्भर करता है। हर मामले में दवाई काम नहीं करती है। 4) अगर लक्षण बार बार आ रहे तो एक मात्र संपूर्ण इलाज सर्जरी है। सर्जरी में गॉल ब्लैडर को निकाल कर हटा दिया जाता है। ये एक काफ़ी हद तक सुरक्षित प्रक्रिया है। 5) अगर आपको लक्षण बार बार आ रहे हैं तो इसे बिलकुल नज़रअंदाज़ ना करें। इससे शरीर में गंभीर इन्फेक्शन, काफ़ी तेज़ दर्द और यहाँ तक की कैंसर होने तक का ख़तरा रहता है
Dr Anuj Kumar274,495 görüntüleme • 2 yıl önce

भारत रूस से करीब करीब 36 रुपये प्रति लीटर में क्रूड ऑयल खरीदता है । उसे रिफाइन करने में और पेट्रोल पम्प तक पहुँचाने में 5 रुपए प्रति लीटर और मान लीजिए । बाँकी जो पैसा है वो टैक्स और डीलर कमीशन है । वो सारा पैसा हम लोग टैक्स का इसलिए देते हैं ताकि उस पैसे से सरकारें और अधिकारी ऐसा रोड बनाये और लफ़्फ़ाज़ी झाड़ें । (वीडियो महाराष्ट्र की)
Dr Anuj Kumar80,131 görüntüleme • 1 yıl önce
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शोर यूँ ही न परिंदों ने मचाया होगा कोई जंगल की तरफ़ शहर से आया होगा…
Dr Anuj Kumar54,968 görüntüleme • 1 yıl önce
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