
Dr Dinesh Chandra Sharma
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National President:-Teachers Federation of India ,State President :- UP TeachersFederation, UP Primary teachers association, @UPPSS1921 @TFI4India
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#Justiceforschoolschildren सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी । प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए । हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये । सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
Dr Dinesh Chandra Sharma135,230 görüntüleme • 1 yıl önce

जब Sudhir Chaudhary आपके पास सही सूचना प्राप्त करने के श्रोत नहीं है तो पत्रकारिता छोड़ दो ।इस वीडियो में अटेंडेंस के जो दो माध्यम में शिक्षकों को बेईमान बता रहे हो हैं वो माध्यम उ प्र में कभीनहीं रहे शिक्षकों से माफ़ी मांगो अन्यथा मानहानि के लिए तैयार रहिये।
Dr Dinesh Chandra Sharma112,814 görüntüleme • 2 yıl önce

बंद कमरे में बैठकर मात्र संख्या के आधार पर विद्यालय बंद करने वाले जमीनी हक़ीक़त से कोसों दूर हैं ।युग्मन या पेयरिंग जैसे शब्दों का प्रयोग करके बंद विद्यालय को छिपा नहीं सकते ।अब अभिभावकों या ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर आ रहा है ।विद्यालय बंद होने से छात्र दूसरे विद्यालय में नहीं जा रहे हैं जिससे उपस्थिति गिर रही है ।जोकि विद्यालय बंद करने की नीति की विफलता बता रही है ।आँख मूँद कर काम करने वाले अधिकारी इस नीति की विफलता पर पर्दा डालने के लिये शिक्षकों पर दबाव बना रहे हैं कि वो छात्र को उसके घर से बुला कर लायें और इसके लिए शिक्षक को नोडल अधिकारी का नाम दिया जा रहा है ।शिक्षकों की मंच से आलोचना करके उन्हें अपमानित किया जाता है लेकिन जब उनसे ग़ैर शैक्षणिक कार्य लेना होता है तो उनके आगे अधिकारी लगाया जाता है जैसे नोडल अधिकारी ,बूथ लेवल अधिकारी,मतदान अधिकारी इत्यादि ।शिक्षक की नियुक्ति पढ़ाने के लिए हुई है ।घर घर से बच्चे बुलाने के लिये नहीं हुई है ।वार्ता में जिन नामचीन विद्यालयों से तुलना की जाती है क्या उन स्कूलों के प्रिंसिपल घर चक्कर लगाते हैं?शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है ।शिक्षक को 75% से कम उपस्थिति पर वेतन रोकने के पत्र जारी किए जा रहे हैं ।यह ताना शाही है ।इसके विरोध में जल्द ही शिक्षक राजधानी लखनऊ में आंदोलन करेंगे । #stopschoolmerger #justiceforschoolchildren #Harharmahadev
Dr Dinesh Chandra Sharma37,349 görüntüleme • 1 yıl önce

#NoTetBeforeRteAct यह शिक्षक वर्ग हैं ,सब समझते हैं । आरटीई में 2017 में संशोधन करके सभी कार्यरत शिक्षकों को टेट आपने अनिवार्य किया है ।तो पिछली सरकार की क्या गलती है ?पिछली सरकार ने तो 23 अगस्त 2010 के राजपत्र में आरटीई से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को स्पष्ट छूट दी है । सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अध्यादेश भारत सरकार लायेगी ,तो पश्चिम बंगाल की सरकार से इसका क्या लेना देना है? यह इस प्रकार की गारण्टी है जैसे 2014 के यूपी चुनाव में शिक्षा मित्रों के लिए ली गई थी ।जिसका परिणाम सब देख रहे हैं ।20 लाख शिक्षक तनाव में हैं,कुछ तो आत्महत्या कर चुके हैं।वकीलों की फीस हेतु शिक्षकों की मेहनत की कमाई जा रही है और आप राजनीतिक बयान दे रहे हैं । यदि इसी सत्र में यह अध्यादेश लाते हैं तो सही है ,अन्यथा शिक्षक सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए तैयार रहें ।
Dr Dinesh Chandra Sharma22,416 görüntüleme • 7 ay önce

मा मुख्यमन्त्री जी बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने सुल्तानपुर के एक शिक्षक की जान ले ली ।मृतक शिक्षक के परिजन आरोपी अधिकारी के विरुद्ध FIR की माँग कर रहे है जबकि स्थानीय प्रशासन बल पूर्वक अंतिम संस्कार कराना चाहता है कृ संज्ञान लेकर आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें
Dr Dinesh Chandra Sharma56,474 görüntüleme • 2 yıl önce

#04_अप्रैल_दिल्ली_चलो #NoTetBeforeRteAct सम्मानित साथियों हमारी भारत सरकार से माँग है कि आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु क़ानून बनाया जाये ।इस संबंध में टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने 19 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से वार्ता करके ज्ञापन सौंपा था और हमें आशा थी कि बज़ट सत्र में सरकार इस विषय पर विधेयक लाएगी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है ।अभी तक आप दो दो बार आपने जिलाधिकारी के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया साथ ही मा सांसदों को ज्ञापन सौंपा गया ।अनेक सांसदों द्वारा संसद में विषय को उठाया गया गया लेकिन भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के 20 lakhलाख शिक्षक व उनके परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है । इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा को सुरक्षित करें ।
Dr Dinesh Chandra Sharma13,804 görüntüleme • 7 ay önce

विद्यालय की साफ़ सफ़ाई के सम्बन्ध में DM Sambhal के स्पष्ट एवं सराहनीय निर्देश ।शिक्षकों के साथ यह कार्य हम सबने विद्यार्थी जीवन में किया है जोकि शिक्षा का ही एक हिस्सा है परंतु वर्तमान में छात्रों द्वारा अपने स्वयं के भोजन किए वर्तन धोने या अपने कक्षा कक्ष में कोई सफाई करने जैसी खबरों पर अनेक शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है ।अब इससे राहत मिलेगी ।जिलाधिकारी महोदय को धन्यवाद 🙏
Dr Dinesh Chandra Sharma11,309 görüntüleme • 5 ay önce

#NoTetBeforeRteAct संसद द्वारा 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के तहत देश भर में भर्ती एवं कार्यरत 20 लाख शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये निर्णय से नौकरी पर संकट आ गया है ।इसको 6 माह बीतने को हैं लेकिन भारत सरकार अभी भी सोई हुई है ।संसद में केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब से देश भर के शिक्षकों में नाराज़गी पैदा हुई है और आज पूरे देश में शिक्षक विरोध कर रहे हैं ।लेकिन देश के 20 लाख शिक्षक व उनके परिवार के करोड़ों लोगों का दर्द का निवारण न करके पुलिस द्वारा विरोध का दमन किया जा रहा है ।गाजियाबाद पुलिस द्वारा बहाँ के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा को विद्यालय में ही नजरबंद करके शिक्षण कार्य करने से भी वंचित कर दिया गया है ।हम गाजियाबाद पुलिस से अपील करते हैं कि दीपक शर्मा को तुरंत प्रभाव मुक्त करें अन्यथा पूरे प्रदेश का शिक्षक गाजियाबाद पहुंचेगा । इनकी इस प्रकार की कार्यवाही से हम डरने वाले नहीं हैं ।हम अपने शिक्षकों की रोजी रोटी बचाने के लिये हर हद तक जायेंगे ।PMO India Narendra Modi Dharmendra Pradhan Jayant Singh POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD Amitabh Agnihotri भारत समाचार | Bharat Samachar AajTak
Dr Dinesh Chandra Sharma13,315 görüntüleme • 7 ay önce
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