
Naaz Khan Habibi
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𝗖𝗿𝗲𝗮𝘁𝗼𝗿𝘀 | 𝗗𝗿𝗲𝗮𝗺𝗲𝗿𝘀 | 𝗘𝗻𝘁𝗲𝗿𝘁𝗮𝗶𝗻𝗲𝗿𝘀 𝗦𝘁𝗼𝗿𝘆 𝗪𝗿𝗶𝘁𝗲𝗿 | 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗔𝗰𝘁𝗶𝘃𝗶𝘀𝘁 ✍️
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क्या आपको लगता है कि मच्छर सिर्फ एक सुई चुभोकर खून पी जाता है? सच इससे कहीं ज्यादा है। Microscope में देखने पर पता चलता है कि मच्छर के मुंह में एक नहीं, बल्कि 6 बेहद खास needles होती हैं। सबसे पहले 2 needles आपकी skin को छोटे-छोटे दांतों की मदद से काटती हैं। फिर 2 और needles उस जगह को थोड़ा खोल देती हैं ताकि अंदर पहुंचना आसान हो जाए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि हमें तुरंत दर्द महसूस नहीं होता। इसकी वजह है 5वीं needle, जो एक खास saliva छोड़ती है। यह saliva कुछ समय के लिए उस जगह को सुन्न कर देता है। इसके बाद 6वीं needle blood vessel तक पहुंचकर खून चूसना शुरू कर देती है। कुछ ही सेकंड में मच्छर का पेट खून से भर जाता है। एक छोटा-सा मच्छर, लेकिन इसकी तकनीक किसी mini surgical tool से कम नहीं है!
Naaz Khan Habibi305,506 views • 2 months ago

रिश्तों में डबल स्टैंडर्ड क्यों? एक कड़वा लेकिन ज़रूरी सवाल आज भी हमारे समाज में रिश्ता तय करते समय सबसे पहले लड़की के रंग-रूप खूबसूरती और शरीर पर चर्चा शुरू हो जाती है। रंग साफ़ है या नहीं? दिखने में कैसी है? फोटो भेजिए ज़रा… लेकिन सवाल ये है कि जब यही कसौटी लड़के पर लागू की जाए, तो लोग असहज क्यों हो जाते हैं? जब लड़के वालों ने लड़की के रंग पर टिप्पणी की, तो लड़की वालों ने भी लड़के के फिज़िकल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा दिए। अचानक माहौल बदल गया। जो बात पहले नॉर्मल लग रही थी, वही अब गलत और अपमानजनक लगने लगी। दूसरों की कमियाँ निकालना आसान होता है, लेकिन जब वही आईना अपनी तरफ़ घुमा दिया जाए तो सच्चाई चुभने लगती है। रिश्ता कोई प्रोडक्ट नहीं रिश्ता कोई मार्केट का सामान नहीं है जिसे रंग, कद, वजन या लुक्स के आधार पर पास-फेल किया जाए। रिश्ता दो इंसानों की सोच, संस्कार, समझ और इज्ज़त से बनता है। अगर लड़की को परखा जाएगा, तो लड़का भी परखा जाएगा। बराबरी चाहिए तो सोच में भी बराबरी लानी होगी। जब तक हम सिर्फ लड़की से परफेक्ट होने की उम्मीद रखते रहेंगे तब तक रिश्ते नहीं सौदे होते रहेंगे। अब सवाल आपसे ▪️ क्या रिश्ता तय करते वक्त सिर्फ लुक्स देखना सही है? ▪️ क्या लड़की वालों का यह जवाब समाज को सोचने पर मजबूर करता है? ▪️ क्या अब समय नहीं आ गया कि हम डबल स्टैंडर्ड छोड़ें?
Naaz Khan Habibi480,586 views • 7 months ago

Breaking News या Bhakti News? आजकल कई टीवी चैनलों के thumbnails देखकर लगता है कि खबर कम और narrative ज्यादा दिखाया जा रहा है। हर international issue में भी "PM Modi ने फोन किया, मोदी ने ये किया, मोदी ने वो किया" जैसे thumbnails बनाकर TRP बटोरी जा रही है। क्या यह सच में journalism है या thumbnail journalism? आप क्या सोचते हैं? यह पोस्ट thearjuntalks द्वारा साझा की गई है, जिसमें समाचार चैनलों द्वारा सनसनीखेज थंबनेल (thumbnails) के इस्तेमाल और पत्रकारिता के गिरते स्तर पर सवाल उठाए गए हैं। सोर्स सोशल मीडिया Credit Respected creator
Naaz Khan Habibi56,217 views • 6 months ago

तीखा और बेबाक (Bold & Direct) जनता 'गंवार' रहेगी तो सिर्फ 'भेड़-बकरी' की तरह वोट देगी! इस वीडियो में रवि सिन्हा ने एक बहुत ही कड़वी सच्चाई कही है। जब तक हम अपनी 'Modality' और व्यवहार को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर नहीं लाएंगे तब तक बदलाव नामुमकिन है। क्या हम वाकई एक विकसित देश बनने के लिए तैयार हैं, या हम सिर्फ राजनीति का शिकार बने रहना चाहते हैं? नीचे कमेंट मे बताओ Credit respected owner
Naaz Khan Habibi15,449 views • 7 months ago

Queen Mary 2 (QM2) सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि पानी पर तैरता हुआ एक आलीशान महल है। यह सिर्फ एक जहाज नहीं, इंजीनियरिंग का चमत्कार है।समुद्र के बीचों-बीच तैरता हुआ प्लैनेटेरियम, दुनिया की सबसे बड़ी समुद्री लाइब्रेरी और शाही ठाठ-बाट क्या आप इस तैरते हुए महल में एक बार सफर करना चाहेंगे?
Naaz Khan Habibi15,206 views • 8 months ago

जब सिस्टम से उम्मीद खत्म हो जाए, तो 112 ही आख़िरी सहारा है! 😂 भाई ने तो लॉजिक की ही धज्जियां उड़ा दी अगर हम गलती करते हैं तो पुलिस ले जाती है, तो मच्छर गलती करे तो उसे क्यों नहीं? 🤣 भाई का कॉन्फिडेंस लेवल नेक्स्ट लेवल है! आखिर भाई की मासूमियत का कोई जवाब नहीं।
Naaz Khan Habibi13,016 views • 7 months ago
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