हिंदी सोपान's banner
हिंदी सोपान's profile picture

हिंदी सोपान

@hindisopan203,940 subscribers

साहित्य:समाज और संस्कृति (रचनाएँ भेजें:- [email protected] )

Shorts

किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा -मुनव्वर राना #रक्षा_बंधन #RakshaBandhan2025

किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा -मुनव्वर राना #रक्षा_बंधन #RakshaBandhan2025

65,461 Aufrufe

इश्क़ घुला और ज़ात ख़तम चाँद खिला और रात ख़तम नए दौर की प्रेम कथा जिस्म मिला जज़्बात ख़तम रिश्ता विश्ता तुम जानो तुम मेरे हो बात ख़तम... -कुमार विश्वास

इश्क़ घुला और ज़ात ख़तम चाँद खिला और रात ख़तम नए दौर की प्रेम कथा जिस्म मिला जज़्बात ख़तम रिश्ता विश्ता तुम जानो तुम मेरे हो बात ख़तम... -कुमार विश्वास

81,272 Aufrufe

ये हम ही हैं किसी के अगर हुए तो हुए तुम्हारा क्या है कोई होगा कोई था कोई है -इरफान सत्तार

ये हम ही हैं किसी के अगर हुए तो हुए तुम्हारा क्या है कोई होगा कोई था कोई है -इरफान सत्तार

36,598 Aufrufe

ये हम ही हैं के किसी के अगर हुए तो हुए तुम्हारा क्या है, कोई होगा, कोई था, कोई है। ~ इरफ़ान सत्तार

ये हम ही हैं के किसी के अगर हुए तो हुए तुम्हारा क्या है, कोई होगा, कोई था, कोई है। ~ इरफ़ान सत्तार

19,839 Aufrufe

इश्क़ घुला और ज़ात ख़तम चाँद खिला और रात ख़तम नए दौर की प्रेम कथा जिस्म मिला जज़्बात ख़तम रिश्ता विश्ता तुम जानो तुम मेरे हो बात ख़तम... -कुमार विश्वास

इश्क़ घुला और ज़ात ख़तम चाँद खिला और रात ख़तम नए दौर की प्रेम कथा जिस्म मिला जज़्बात ख़तम रिश्ता विश्ता तुम जानो तुम मेरे हो बात ख़तम... -कुमार विश्वास

30,793 Aufrufe

तुम तो नज़रों से गिराने के भी लायक नहीं हो तुम समझते हो किसी जंग में मारेंगे तुम्हें..!! -सलीम सिद्दीकी

तुम तो नज़रों से गिराने के भी लायक नहीं हो तुम समझते हो किसी जंग में मारेंगे तुम्हें..!! -सलीम सिद्दीकी

29,776 Aufrufe

अब दोस्त कोई लाओ मुकाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला

अब दोस्त कोई लाओ मुकाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला

25,934 Aufrufe

रहता है सिर्फ एक ही कमरे में आदमी उसका गुरूर रहता है बाकी मकान में -महशर अफ़रीदी

रहता है सिर्फ एक ही कमरे में आदमी उसका गुरूर रहता है बाकी मकान में -महशर अफ़रीदी

22,185 Aufrufe

दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन -परवीन शाकिर

दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन -परवीन शाकिर

22,576 Aufrufe

इतने बदनाम हुए हम तो इस ज़माने में, लगेंगी आपको सदियाँ हमें भुलाने में। न पीने का सलीका न पिलाने का शऊर, ऐसे भी लोग चले आये हैं मयखाने में॥ ~ गोपालदास 'नीरज'

इतने बदनाम हुए हम तो इस ज़माने में, लगेंगी आपको सदियाँ हमें भुलाने में। न पीने का सलीका न पिलाने का शऊर, ऐसे भी लोग चले आये हैं मयखाने में॥ ~ गोपालदास 'नीरज'

29,140 Aufrufe

घरों से भागने वाले बताएँ मोहब्बत से गुजारा हो गया क्या..?? ~ कुशल दौनेरिया

घरों से भागने वाले बताएँ मोहब्बत से गुजारा हो गया क्या..?? ~ कुशल दौनेरिया

22,575 Aufrufe

दर्द का साज़ दे रहा हूँ तुम्हे, दिल के सब राज़ दे रहा हूँ तुम्हे, ये ग़ज़ल-गीत सब बहाने हैं, मैं तो आवाज़ दे रहा हूँ तुम्हें.... -कुमार विश्वास

दर्द का साज़ दे रहा हूँ तुम्हे, दिल के सब राज़ दे रहा हूँ तुम्हे, ये ग़ज़ल-गीत सब बहाने हैं, मैं तो आवाज़ दे रहा हूँ तुम्हें.... -कुमार विश्वास

15,107 Aufrufe

हम ने देखा तो हम ने ये देखा जो नहीं है वो ख़ूबसूरत है -जौन एलिया

हम ने देखा तो हम ने ये देखा जो नहीं है वो ख़ूबसूरत है -जौन एलिया

22,621 Aufrufe

अब लगता है ठीक कहा था ग़ालिब ने बढ़ते-बढ़ते दर्द दवा हो जाता है -मदन मोहन दानिश

अब लगता है ठीक कहा था ग़ालिब ने बढ़ते-बढ़ते दर्द दवा हो जाता है -मदन मोहन दानिश

17,441 Aufrufe

जिनसे बरसों की पहचान की छुट गयी अजनबी आज से हम तुम्हारे हुए.... -विशाल बाग़

जिनसे बरसों की पहचान की छुट गयी अजनबी आज से हम तुम्हारे हुए.... -विशाल बाग़

14,954 Aufrufe

नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है कुछ दिन शहर में घूमे लेकिन अब घर अच्छा लगता है -निदा फ़ाज़ली

नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है कुछ दिन शहर में घूमे लेकिन अब घर अच्छा लगता है -निदा फ़ाज़ली

15,107 Aufrufe

हमको उड़ने के तरीके न सिखाओ हम लोग पेड़ से आये हैं पिंजड़े से नहीं

हमको उड़ने के तरीके न सिखाओ हम लोग पेड़ से आये हैं पिंजड़े से नहीं

13,407 Aufrufe

सबको मिल जाएगी मंज़िल ये जरूरी तो नहीं....

सबको मिल जाएगी मंज़िल ये जरूरी तो नहीं....

12,591 Aufrufe

मेरे तन के ज़ख़्म न गिन अभी, मेरी आँख में अभी नूर है मेरी बाज़ुओं पे निगाह कर, जो ग़ुरूर था वो ग़ुरूर है -अहमद फ़राज़

मेरे तन के ज़ख़्म न गिन अभी, मेरी आँख में अभी नूर है मेरी बाज़ुओं पे निगाह कर, जो ग़ुरूर था वो ग़ुरूर है -अहमद फ़राज़

15,090 Aufrufe

Videos