
Rajak Shaikh
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Remember that we will not be here forever. Good thoughts, good ideas, and good deeds have a chance to live for a very long time. Girls are not allowed in DM.
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अंकलेश्वर: पानोली स्टेशन के पास चलती ट्रेन में मोबाइल फोन छीनने की कोशिश, ट्रेन से फेंके जाने के बाद युवक की मौत 6 अगस्त को 32 साल के अशोक गुर्जर के साथ एक घटना हुई, जो जयपुर-बांद्रा ट्रेन से सूरत जा रहे थे पानोली रेलवे स्टेशन के पास जनरल कोच के दरवाज़े पर बैठे एक युवक से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई मोबाइल फोन छीनने की कोशिश के दौरान युवक ट्रेन से गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया लगभग 100 मीटर तक घिसटने के बाद, इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई इस घटना का चौंकाने वाला CCTV फुटेज सामने आया है; उन दो लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है पुलिस पानोली, अंकलेश्वर और भरूच रेलवे स्टेशनों के CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और रेलवे पुलिस आगे की जांच कर रही है !
Rajak Shaikh245,674 views • 1 month ago

वीडियो में पाकिस्तान के तीन मुस्लिम नौजवान बैठे हैं। रिपोर्टर उनसे पूछता है—क्या आप भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” सुना सकते हैं? ₹10,000 का इनाम रखा जाता है। दो लड़के कहते हैं—हमें नहीं आता। तीसरा कहता है—“मुझे आता है, लेकिन पक्का नहीं… कच्चा-पक्का आता है।” फिर जो हुआ, वह दिल छू लेने वाला है। तीनों सम्मान से खड़े होते हैं और वह नौजवान पूरे आत्मविश्वास के साथ “जन गण मन” गा देता है। ❤️🇮🇳 यह सिर्फ एक राष्ट्रगान गाने की बात नहीं है। यह उस बात की खूबसूरत मिसाल है कि सम्मान की कोई सीमा, धर्म या मजहब नहीं होता। भारत में हम भी पाकिस्तान के राष्ट्रगान का सम्मान करें, और पाकिस्तान में कोई भारतीय राष्ट्रगान का सम्मान करे—तो शायद यही वह छोटी-सी शुरुआत है, जिससे दोनों देशों के आम लोगों के बीच नफ़रत की जगह इंसानियत पैदा हो सकती है। लेकिन एक सवाल जरूर है— अगर पाकिस्तान का कोई मुस्लिम नौजवान खुलेआम भारतीय राष्ट्रगान “जन गण मन” गाए, तो उसके अपने देश में उसकी प्रतिक्रिया कैसी होगी? क्या उसे भी इसी तरह सम्मान मिलेगा? या राष्ट्रवाद के नाम पर उसे सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया जाएगा? देश अलग हो सकते हैं, सरहदें अलग हो सकती हैं… लेकिन सम्मान और इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती। ❤️ इस नौजवान को सलाम। 👏 #JanaGanaMana #IndiaPakistan #Humanity #Respect #Peace
Rajak Shaikh86,841 views • 23 days ago

दोस्तों । ये हैं sweta jaya जी मुझे विश्वास है आप इनको जानते होंगे । ये पहले zee media में journalist/ anchor थी । अब ये अपने चैनल पर podcast करती हैं । ये आपको हिंदू शेरनी रिधिमा शर्मा के बारे में कुछ बता रही हैं। आप टाइम निकाल कर लास्ट तक इनका वीडियो देखिए ।टोटल 2:48 मिनिट की वीडियो है । नोट :- मुझे इनकी एक्स आईडी नहीं पता है वरना मैं टैग कर देता ।
Rajak Shaikh277,888 views • 2 months ago

अंजना दीदी कोई मामूली स्त्री नहीं है आजतक पे है ।अंजना दीदी कह रही हैं ।तो अंजना दीदी को कहीं न कहीं से इंस्ट्रक्शन जरूर मिला है । अंजना दीदी ख़ुद से क्यों कहेंगी ?जब बाली ने सुग्रीव को मारा पटक पटक कर ,बाली भाग कर आए रामचंद्र जी के पास और कहे भैया हम तो मर जाते तुम क्या कर रहे थे । अब अवध ओझा सर भी बिल्कुल खुल कर अंजना ओम कश्यप और ख़ान सर की लड़ाई में शामिल हो चुके हैं ।वीडियो 6:47 का है तो टाइम निकाल कर देखिये ।
Rajak Shaikh317,616 views • 3 months ago

ये दल्ला इनको साल में 14 करोड़ रूपिये मिलते हैं हमारे टैक्स के पैसे से वो प्राइम टाइम में आकर ये खबर सुना रहा है ।झालमुड़ी में मिर्ची 🌶️ होती है ये तो पता था, लेकिन मेलोडी टॉफी में भी मिर्ची 🌶️ होती है ये बात पता चली है । जो इस दल्ले ने अभी जो ये न्यूज़ दिखाई है ? इसमें आपने चाटुकारिता के अलावा कहीं कोई न्यूज़ देखी , ये दो कोड़ी की न्यूज़ सुनाने वाले आके बक बक करके कह रहा है की भारत का ऑनलाइन पढ़ाने वाला टीचर दो कौड़ी का है । अरविंद सर ने सुधीर तिहाड़ी की अच्छी क्लास ले ली ।।।।
Rajak Shaikh237,396 views • 3 months ago

अभिनय सर ने अब कुमार विश्वास की रेल बना दी ।कोई पागल केहता है कोई दीवाना केहता है। #Cockroach 🪳 #Hit
Rajak Shaikh199,992 views • 3 months ago

अक्सर नगरपालिका द्वारा दबाण हटाने पर एक्शन तब लिया जाता है ? कब कोई हटाता नहीं है । तब नगरपालिका किसी का समान क़ब्ज़ा कर लेती है । लेकिन आप इस वीडियो में देख सकते हैं । ग़रीब सब्जी भाजी वाले अपना सामान रेहड़ी लेकर जा रहे हैं । फिर भी उनको ज़बरदस्ती 😫 पकड़कर उनका सामान के साथ रेहड़ी को जप्त किया जा रहा है । मतलब एक ग़रीब को और ज़्यादा ग़रीब और अपंग बनाया जा रहा है ।ये कैसा क़ानून ये कैसा न्याय ? आप वीडियो देखेंगे तो आपके दिल को धक्का लग जाएगा । ग़रीब को क़ानून का सहारा लेकर बरबाद किया जा रहा है । वीडियो सूरत शहर की है ।
Rajak Shaikh184,696 views • 4 months ago

आप जो ये कपड़े देख रहे हैं । ये पुराने कपड़े नहीं हैं। ये कपड़े सूरत मार्केट में पानी भर जाने से ख़राब हुए वो हैं। इससे भी महंगे कपड़े फुटपाथ पर बेचे जा रहे हैं । wedding showroom जो की सूरत का कपड़े का सबसे बड़ा showroom है । इसमें भी 50% discount है । मुझे आज ही व्हाट्सएप पर मैसेज आया है ।
Rajak Shaikh70,369 views • 1 month ago

रील नहीं रियल है । किस्सा हमारे यहाँ का है।भरूच में सूदखोरी का आतंक बढ़ा.. कपड़ा व्यापारी से 3 लाख के बदले 18 लाख वसूले... दुकान में घुसकर मारपीट की गाली गलौज मारने की धमकी दी । दुकानदार ने स्टिंग ऑपरेशन कर कैमरा लगवाया था दुकानदार दिलीप सुथार ने सूदखोरी के आरोपी अजय शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई । हंमारे यहाँ पहले भी बहुत सारे सूदखोर पकड़े गए थे ।
Rajak Shaikh95,825 views • 5 months ago

इस्लाम की बुनियाद 'तौहीद' (अल्लाह की एकता) पर टिकी है। इसका साफ और सीधा मतलब यह है कि पूरी कायनात को पैदा करने वाला, पालने वाला और इबादत के लायक सिर्फ और सिर्फ एक अल्लाह है। 📖 सूरह अल-फातिहा की रोशनी में: इस्लाम में दुआ, सजदा और इबादत सिर्फ अल्लाह का हक है। क़ुरआन मजीद की सबसे पहली और बुनियादी सूरह, सूरह अल-फातिहा (आयत 5) में हम हर नमाज़ की हर रकात में अल्लाह से यह वादा करते हैं: إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ "हम सिर्फ तेरी ही इबादत करते हैं और सिर्फ तुझसे ही मदद चाहते हैं।" यह आयत हमें साफ सिखाती है कि जब इबादत भी सिर्फ उसी की करनी है और मदद भी सिर्फ उसी से मांगनी है, तो किसी और के सामने झुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। शिर्क की सख्त मनाही: अल्लाह के अलावा किसी भी इंसान, नबी, वली, पीर या मज़ार को पूजना, उनके सामने सजदा-ए-ताज़ीमी (सजदा करना) या उनसे सीधे तौर पर मन्नतें मांगना 'शिर्क' के दायरे में आता है। क़ुरआन में शिर्क को सबसे बड़ा गुनाह और ज़ुल्म बताया गया है। बुजुर्गान-ए-दीन (पीर-औलिया) का सही मुकाम: इस्लाम में अल्लाह के नेक बंदों, पीर और औलिया-ए-किराम का बहुत ऊंचा मर्तबा है। उन्होंने हमेशा लोगों को सीधे अल्लाह की राह दिखाई, सुन्नत पर चलना सिखाया और इंसानियत से मोहब्बत करना सिखाया। उनका आदर-सत्कार (अदब) करना और उनके बताए नेक रास्तों पर चलना सही है। लेकिन उन्हें अल्लाह के बराबर दर्जा देना या उनकी पूजा करना, उनके खुद के सिखाए गए सबकों और तौहीद के रास्ते के बिल्कुल खिलाफ है। निष्कर्ष: एक सच्चे मुसलमान के नाते हमारा यह फर्ज है कि हम अपने अकीदे (विश्वास) को पाक-साफ रखें। बुजुर्गों का सम्मान दिल से करें, लेकिन इबादत, सजदा और अपनी परेशानियां दूर करने की पुकार सिर्फ और सिर्फ उस रब्ब-उल-आलमीन से करें जिसने हम सबको पैदा किया है। अल्लाह हम सबको दीन की सही समझ, हिदायत और सीधे रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।🤲
Rajak Shaikh12,378 views • 29 days ago