
खुरापात
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टीम-@khurpenchh | पार्ट-टाइम खुरपेंच, फुल-टाइम खुराफ़ात | दुनिया बचाने आया हूँ, एक-एक ताना मारते हुए | दुनिया पर राज करने का प्लान अभी बना रहा हूं |
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🔥 अफ़सर जो धूप से नहीं, सिस्टम की सुस्ती से लड़ती है। 🔥 नाम – Divya Mittal,(IAS-2013) पद – जिलाधिकारी >> काम का तरीका – धूप में उतरकर, कीचड़ में खड़े होकर, जनता की आँखों में आँख डालकर। >> पहचान – फर्जी फोटो नहीं, फर्जी PR नहीं, नेताओं की चापलूसी नहीं। >> मिर्जापुर में हर घर पानी पहुँचाया — तो इनाम मिला ट्रांसफर। >> देवरिया में बाढ़ के बीच खड़ी रहीं — तो बोलीं, “धूप ही तो है, पिघल थोड़ी जाएंगे।” >> और उधर काम ज़ीरो, कैमरा ऑन, नेताओं के चरण स्पर्श, और हाथ में अवॉर्ड। >> सिस्टम को दिव्या मित्तल जैसी अफ़सर इसलिए चुभती हैं,क्योंकि ये कुर्सी नहीं, कर्तव्य निभाती हैं। >> दिव्या मित्तल वहीं खड़ी मिलेंगी— जहाँ से ज़्यादातर अफ़सर “रिपोर्ट मंगवा लो” कहकर हट जाते हैं। >>काम करने वाले अफ़सर आज भी सिस्टम को असहज लगते है। >> PR करने वाले अफ़सर आज भी सिस्टम का पोस्टर बॉय है। 👉🏻 लेकिन याद रखिए - तस्वीरें फ्रेम में टंगती हैं, इतिहास में नहीं। इतिहास में वही अफ़सर दर्ज होती है, जो धूप में भी जनता के लिए खड़ी रहती है।
खुरापात405,279 views • 5 months ago

Your name is Amol Awhate. You were a Colonel in the Indian Army. One day , you decided to serve the country as an IAS officer. So you filled the UPSC form and applied under the multiple disability category. In UPSC 2021, you became an IAS officer with Rank 678. Back in 2014, while serving in Congo with the Indian Army, you injured your ankle. Even after that , you continued working till 2021. Then suddenly, you realized that you could apply for IAS using a disability certificate. In your affidavit , you clearly said that you were never hospitalized. But the UDID details we received show that you have locomotor disability, one leg affected, and also a hearing issue. Despite this you were seen riding horses and playing basketball in LBSNAA. Many social media accounts raised questions about this. After that the DoPT started an inquiry. But till now , no final decision has come. We expect you to come forward and guide people who are genuinely suffering from locomotor disabilities 👇 and tell them how they can recover and improve their condition.
खुरापात276,185 views • 4 months ago

♦️आज मौत आई थी … बस दस्तख़त नहीं हुए। पटरी पर ट्रेन नहीं, लापरवाही दौड़ रही थी। सिग्नल, निगरानी, ज़िम्मेदारी— तीनों छुट्टी पर थे, और ड्यूटी पर सिर्फ़ किस्मत थी। अगर हादसा हो जाता तो- > प्रेस नोट कहता— “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” > जांच बैठती— “कारणों का पता लगाया जा रहा है” > सिस्टम कहता— “हमने सब कुछ किया था”। नहीं। 👉🏻आपने कुछ नहीं किया,इसीलिए आज भी लोग ज़िंदा बचे हैं। 🚨ये चेतावनी नहीं, चार्जशीट है। Ministry of Railways RailwaySeva RPF INDIA
खुरापात270,284 views • 5 months ago

चुनाव के समय सारे हिंदू एक हो जाओ, मंदिर में VIP दर्शन के समय अलग लाइन लगाओ ।
खुरापात362,647 views • 11 months ago

भारतीय रेलवे ने नया सर्विस चार्ज जोड़ा है, मुँह खोलोगे तो जबड़ा खोल देंगे । रेलवे में शिकायत की तो टीटी और पुलिस ने मिलकर ऐसा समझाया ओवरचार्जिंग बताने चला था, अब आईसीयू में डिस्काउंट मिल रहा होगा। पानी ₹5 ज़्यादा में बेचें तो पूछना मत, वरना ट्रेन नहीं, तुम्हारी छाती रौंदी जाएगी। ये रेलवे नहीं, ये ‘धमकी एक्सप्रेस’ है ।
खुरापात249,178 views • 11 months ago

फर्जी हियरिंग सर्टिफिकेट बनवाओ ताकि जंगल की लाशों की चीख सुन सको। फिर IFS बनते ही अपने लोगों को सैकड़ों हेक्टेयर ज़मीन पकड़ाओ, सेवा का नया मतलब सेवा अपने बंदों की । हर साल जंगलों में आग लगवाओ, फिर उसी आग को बुझाने में हीरो बनो। CAMPA फंड खोलो,पेड़ काग़ज़ पर लगाओ, पैसा अकाउंट में उगाओ। और जब पकड़े जाओ तो पर्यावरण दिवस पर एक भाषण दे दो हम प्रकृति के रक्षक हैं । नोट ~ खैर मुझे क्या करना है मैंने तो 5 जून को 1 पौधा लगा ही दिया है ।
खुरापात217,900 views • 1 year ago

भाई के पास पूरे कागजाद दुरुस्त,गाड़ी का लाइसेंस दुरुस्त,सीट बेल्ट तक कसी हुई है, फिर भी ये तानाशाही के दलाल वर्दी ओढ़े सरकारी लुटेरे जबरन चालान ठोक रहे हैं! इतनी ही हिम्मत है तो बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट घूमते माननीयों,मलाई चाट रहे IAS/PCS अफसरों की गाड़ियों पर परचा काट के दिखाओ!
खुरापात261,736 views • 1 year ago

🚨 भारत की सबसे सुस्त Duronto - नाम फास्ट, काम स्लो! 🚨 Train 12262 Howrah–CSMT Duronto Express प्रीमियम ट्रेन… और परफॉर्मेंस लोकल पैसेंजर जैसी, >> हावड़ा से निकली +45 मिनट लेट >> टाटानगर पहुँची +1 घंटा 29 मिनट लेट >> चक्रधरपुर डिवीजन में घुसते ही +4 घंटे का बोनस पैकेज >> 624 KM = 12.5 घंटे >> एवरेज स्पीड = 49 KM/Hr > नाम Duronto, चाल बैलगाड़ी! >> सवाल बहुत सीधे हैं 👇 • प्रीमियम किराया किस बात का? • Duronto का मतलब “लेटोंतो” कब से हो गया? • South Eastern Railway देश का Late Zone HQ कब बना? • चक्रधरपुर और खड़गपुर डिवीजन में ऐसा क्या चल रहा है जो हर ट्रेन पिट जाती है? • जवाबदेही किसकी है — DRM, GM या मंत्रालय सब “फॉरवर्ड” मोड में हैं? यात्रियों से पूरा पैसा, और सेवा में आधी शर्म। ये सिर्फ देरी नहीं है, ये सिस्टम की ढीठ लापरवाही है। Ashwini Vaishnaw जी, प्रीमियम ट्रेन को पैदल चाल में क्यों चलाया जा रहा है? देश की जनता कोई ट्रायल वर्ज़न नहीं है। Ministry of Railways
खुरापात93,772 views • 5 months ago
