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Prof. Mukesh Kumar

@mukeshbudharwi • 18,367 subscribers

Four decades in Print, TV and Digital Journalism, Editor, https://t.co/RS9qlqSpu1 and Satyahindi YouTube Channel, Media Educator, Writer, Columnist, Poet.

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पूरी दिल्ली में आंदोलनकारी निकल पड़े हैं। हर जगह से ख़बरें यही आ रही हैं कि लोग पुलिस की परवाह किए बगैर प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।

पूरी दिल्ली में आंदोलनकारी निकल पड़े हैं। हर जगह से ख़बरें यही आ रही हैं कि लोग पुलिस की परवाह किए बगैर प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।

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न्यूयॉर्क में भागवत की इवेंट का जमकर विरोध हुआ है जिसमें बड़ी संख्या हिंदुस्तानियों की है। गोदी मीडिया इसे नहीं दिखा रहा, दिखाएगा भी नहीं।

न्यूयॉर्क में भागवत की इवेंट का जमकर विरोध हुआ है जिसमें बड़ी संख्या हिंदुस्तानियों की है। गोदी मीडिया इसे नहीं दिखा रहा, दिखाएगा भी नहीं।

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अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले के ख़तरनाक नतीजे निकल सकते हैं। जंग फैल सकती है। यमन ने ऐलान किया है कि वह अमेरिकी जहाजों पर हमले करेगा।

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले के ख़तरनाक नतीजे निकल सकते हैं। जंग फैल सकती है। यमन ने ऐलान किया है कि वह अमेरिकी जहाजों पर हमले करेगा।

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तमाम देशों के शासनाध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र की महासभा में हिस्सा ले रहे हैं मगर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला सबसे बड़ा लोकतंत्र का नेता नहीं पहुंचा। जानते हैं क्यों? क्योंकि उसे ट्रम्प से डर लगता है। उसे डर है कि कहीं ट्रम्प फिर से फ़ज़ीहत न कर दे। कहीं उससे आमना-सामना न हो जाए। उनसे वन टू वन मीटिंग से ख़ौफ़ होता है। उससे भी ज़्यादा इससे कि कहीं मीडिया का सामना न करना पड़ जाए। पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह मैदान छोड़कर भागा था क्या?

तमाम देशों के शासनाध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र की महासभा में हिस्सा ले रहे हैं मगर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला सबसे बड़ा लोकतंत्र का नेता नहीं पहुंचा। जानते हैं क्यों? क्योंकि उसे ट्रम्प से डर लगता है। उसे डर है कि कहीं ट्रम्प फिर से फ़ज़ीहत न कर दे। कहीं उससे आमना-सामना न हो जाए। उनसे वन टू वन मीटिंग से ख़ौफ़ होता है। उससे भी ज़्यादा इससे कि कहीं मीडिया का सामना न करना पड़ जाए। पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह मैदान छोड़कर भागा था क्या?

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ये वीडियो क्लिप संभालकर रख लीजिए। क्या पता कब भारत सरकार इसे देखने दिखाने पर प्रतिबंध लगा दे।

ये वीडियो क्लिप संभालकर रख लीजिए। क्या पता कब भारत सरकार इसे देखने दिखाने पर प्रतिबंध लगा दे।

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ये तो जन्मजात संघी लग रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर में मैं भी पढ़ा हूँ और भली-भाँति जानता हूँ कि वहाँ किस तरह मासूम मन में हिंदुत्व रोपा जाता है। अब अगर उपेंद्र द्विवेद्वी शिशु मंदिर का गुणगान कर रहे हैं तो बिल्कुल स्पष्ट है कि वे आरएसएस की पाठशाला में तैयार स्वयंसेवक हैं जो सेना के सर्वोच्च पद पर पहुँचकर सेना को भी संघी बनाने के अभियान में जुटा हुआ है। हाल में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री की ऐसी प्रशंसा की थी जैसी कोई संघी ही कर सकता है या फिर हद दर्ज़े का चाटुकार। ऐसे सैन्य अधिकारियों के रहते आप अराजनीतिक सेना की उम्मीद नहीं कर सकते और न ही ये भरोसा रख सकते हैं कि ये लोकतंत्र को बनाए रखने में योगदान देंगे।

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123,155 Aufrufe • vor 11 Monaten

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जेन ज़ी और जंतर मंतर आंदोलन के बारे में आरएसएस के नेता क्या कह रहे हैं अगर आपने इस पर गौर नहीं किया तो समझिए कि आप बहुत बड़ी गफ़लत में हैं। आरएसएस के प्रमुख नेता, सलाहकार एस गुरुमूर्ति को सुनिए। वे कह रहे हैं कि जेन ज़ी के आंदोलनकारी अपराधी, रेपिस्ट, हत्यारे, गुंडे और गैंगस्टर थे। इसके पहले केरल का एक संघी नेता कह चुका है कि मैं होता तो छात्रों पर फायरिंग करवाता। संघियों के इस बयान का सीधा सा मतलब है कि अब वे आंदोलनकारियों के साथ क्या करने जा रहे हैं। कई जगहों से वीडियो आ चुके हैं जिनमें आंदोलन में हिस्सा लेने वालों का बजरंगियों ने मारा-पीटा है। ये सरकार भी अंदरखाने तैयारी कर ही रही होगी। फेस रिक्गनीशन मशीनों के ज़रिए वह आंदोलनकारियों की शिनाख़्त कर सकती है और फिर एक ऐसा अभियान चलाया जा सकता है जिसमें चुन-चुनकर निशाना साध जाए।

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