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Prof. Mukesh Kumar

@mukeshbudharwi16,717 subscribers

Four decades in Print, TV and Digital Journalism, Editor, https://t.co/RS9qlqSpu1 and Satyahindi YouTube Channel, Media Educator, Writer, Columnist, Poet.

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अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले के ख़तरनाक नतीजे निकल सकते हैं। जंग फैल सकती है। यमन ने ऐलान किया है कि वह अमेरिकी जहाजों पर हमले करेगा।

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले के ख़तरनाक नतीजे निकल सकते हैं। जंग फैल सकती है। यमन ने ऐलान किया है कि वह अमेरिकी जहाजों पर हमले करेगा।

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तमाम देशों के शासनाध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र की महासभा में हिस्सा ले रहे हैं मगर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला सबसे बड़ा लोकतंत्र का नेता नहीं पहुंचा। जानते हैं क्यों? क्योंकि उसे ट्रम्प से डर लगता है। उसे डर है कि कहीं ट्रम्प फिर से फ़ज़ीहत न कर दे। कहीं उससे आमना-सामना न हो जाए। उनसे वन टू वन मीटिंग से ख़ौफ़ होता है। उससे भी ज़्यादा इससे कि कहीं मीडिया का सामना न करना पड़ जाए। पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह मैदान छोड़कर भागा था क्या?

तमाम देशों के शासनाध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र की महासभा में हिस्सा ले रहे हैं मगर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला सबसे बड़ा लोकतंत्र का नेता नहीं पहुंचा। जानते हैं क्यों? क्योंकि उसे ट्रम्प से डर लगता है। उसे डर है कि कहीं ट्रम्प फिर से फ़ज़ीहत न कर दे। कहीं उससे आमना-सामना न हो जाए। उनसे वन टू वन मीटिंग से ख़ौफ़ होता है। उससे भी ज़्यादा इससे कि कहीं मीडिया का सामना न करना पड़ जाए। पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह मैदान छोड़कर भागा था क्या?

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ये वीडियो क्लिप संभालकर रख लीजिए। क्या पता कब भारत सरकार इसे देखने दिखाने पर प्रतिबंध लगा दे।

ये वीडियो क्लिप संभालकर रख लीजिए। क्या पता कब भारत सरकार इसे देखने दिखाने पर प्रतिबंध लगा दे।

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भंडाफोड़ सबूतों और गवाहों के साथ। संघ परिवार के पास इनका कोई जवाब नहीं है इसलिए वे ग़ाली-गलौज़ पर उतर आए हैं। उनके पास राहुल गाँधी के निष्कर्षों का कोई जवाब नहीं है। अब वे ढिठाई दिखाएँगे, थेथरई करेंगे या नरैटिव को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

भंडाफोड़ सबूतों और गवाहों के साथ। संघ परिवार के पास इनका कोई जवाब नहीं है इसलिए वे ग़ाली-गलौज़ पर उतर आए हैं। उनके पास राहुल गाँधी के निष्कर्षों का कोई जवाब नहीं है। अब वे ढिठाई दिखाएँगे, थेथरई करेंगे या नरैटिव को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

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जेन ज़ी और जंतर मंतर आंदोलन के बारे में आरएसएस के नेता क्या कह रहे हैं अगर आपने इस पर गौर नहीं किया तो समझिए कि आप बहुत बड़ी गफ़लत में हैं। आरएसएस के प्रमुख नेता, सलाहकार एस गुरुमूर्ति को सुनिए। वे कह रहे हैं कि जेन ज़ी के आंदोलनकारी अपराधी, रेपिस्ट, हत्यारे, गुंडे और गैंगस्टर थे। इसके पहले केरल का एक संघी नेता कह चुका है कि मैं होता तो छात्रों पर फायरिंग करवाता। संघियों के इस बयान का सीधा सा मतलब है कि अब वे आंदोलनकारियों के साथ क्या करने जा रहे हैं। कई जगहों से वीडियो आ चुके हैं जिनमें आंदोलन में हिस्सा लेने वालों का बजरंगियों ने मारा-पीटा है। ये सरकार भी अंदरखाने तैयारी कर ही रही होगी। फेस रिक्गनीशन मशीनों के ज़रिए वह आंदोलनकारियों की शिनाख़्त कर सकती है और फिर एक ऐसा अभियान चलाया जा सकता है जिसमें चुन-चुनकर निशाना साध जाए।

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32,601 次观看 • 1 个月前

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ये तो जन्मजात संघी लग रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर में मैं भी पढ़ा हूँ और भली-भाँति जानता हूँ कि वहाँ किस तरह मासूम मन में हिंदुत्व रोपा जाता है। अब अगर उपेंद्र द्विवेद्वी शिशु मंदिर का गुणगान कर रहे हैं तो बिल्कुल स्पष्ट है कि वे आरएसएस की पाठशाला में तैयार स्वयंसेवक हैं जो सेना के सर्वोच्च पद पर पहुँचकर सेना को भी संघी बनाने के अभियान में जुटा हुआ है। हाल में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री की ऐसी प्रशंसा की थी जैसी कोई संघी ही कर सकता है या फिर हद दर्ज़े का चाटुकार। ऐसे सैन्य अधिकारियों के रहते आप अराजनीतिक सेना की उम्मीद नहीं कर सकते और न ही ये भरोसा रख सकते हैं कि ये लोकतंत्र को बनाए रखने में योगदान देंगे।

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123,142 次观看 • 9 个月前

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असमिया गायक और एक्टिविस्ट ज़ुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने अडानी क्यों पहुँचा इसे समझना ज़रूरी है। ये कोई श्रद्धा का मामला नहीं है और न ही ज़ुबीन से किसी भावनात्मक लगाव से उसने ऐसा किया है। मामला ये है कि असम की जनता हिमंता सरकार पर भड़की हुई है क्योंकि वह अडानी को ज़मीन लुटा रही है। वह नहीं चाहती कि अडानी वहाँ आए। वह उसका खुलकर विरोध कर रही है। ज़ुबीन गर्ग ने इस ख़तरे को लेकर असमिया लोगों को चेताया था और उसी से पैदा हुई चेतना है जो उन्हें गुजराती लॉबी से बचने के लिए प्रेरित कर रही है। अडानी ज़ुबीन को नक़ली श्रद्धांजलि देकर उनके रोष को ठंडा करने के लिए पहुँचा था। मगर असम के लोग इतने बेवकूफ़ नहीं हैं कि इसके झाँसे में आ जाएंगे।

Dr. Mukesh Kumar

133,295 次观看 • 11 个月前

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ज़ोहरान ममदानी ने डोनल्ड ट्रम्प की नींद उड़ा दी है। वे उन्हें ग़ालियाँ दे रहे हैं। उन्हें पागल, कम्युनिस्ट बता रहे हैं। कह रहे हैं कि ममदानी स्मार्ट नहीं हैं। ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार नामित हुए हैं। उनके चुने जाने की पूरी संभावना है। वे बेहद लोकप्रिय हैं। ममदानी को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट बताया जाता है। वे हेल्थकेयर, हाउसिंग आदि के पक्ष में खड़े हैं और ट्रम्प द्वारा चलाए जा रहे प्रवासियों के अभियान के विरोध में हैं। उन्होंने मोदी की तुलना नेतन्याहू से की है। हो सकता है मोदी और उनके समर्थक इस तुलना से खुश हों मगर जो लोग समझते हैं वे समझ गए होंगे कि वे क्या कह रहे हैं। उन्होंने गुजरात दंगों को नरसंहार कहा है। ये भी कहा है कि वे मोदी को न्यूयॉर्क में रैली नहीं करने देंगे।

Dr. Mukesh Kumar

86,123 次观看 • 1 年前